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पैकेज्ड फूड पर ‘100%’ दावों पर FSSAI की रोक: कंपनियों को अब बताना होगा पूरा सच।

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पैकेज्ड फूड उत्पादों में ‘100%’ जैसे दावों का प्रयोग अब भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया है। सरकार ने इसे उपभोक्ताओं के लिए भ्रामक और अस्पष्ट बताया है, जिससे गलतफहमियां उत्पन्न हो सकती हैं।

FSSAI ने 28 मई को जारी परामर्श में स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत ‘100%’ शब्द को किसी भी प्रकार से परिभाषित या संदर्भित नहीं किया गया है। इसलिए, कंपनियों को अपने खाद्य पैकेटों, लेबलों और प्रचार सामग्री से ऐसे दावे हटाने का निर्देश दिया गया है।

उदाहरण के लिए, कई ब्रांड चॉकलेट, चाय, शहद, बिस्कुट और प्रोटीन पाउडर जैसे उत्पादों को ‘100% चीनी मुक्त’ या ‘बाजरा, जई के साथ’ जैसे दावों के साथ बेचते हैं। FSSAI ने इन दावों को उपभोक्ताओं के लिए भ्रामक और अपर्याप्त बताया है।

इस निर्देश का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सटीक और स्पष्ट जानकारी प्रदान करना है, ताकि वे सूचित निर्णय ले सकें।

सभी खाद्य व्यापार संचालकों (एफबीओ) को जारी निर्देश में कहा गया है कि उन्हें अपने “खाद्य पैकेटों, लेबलों और विज्ञापनों में ‘100 प्रतिशत’ जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि ये पूरी तरह से अस्पष्ट हैं”, इसलिए नियमों के अनुसार इनसे बचना चाहिए।

देश के शीर्ष खाद्य नियामक ने कहा कि कई कंपनियां अब अपने खाद्य पैकेटों और विज्ञापनों में ‘100 प्रतिशत’ शब्द का अत्यधिक प्रयोग कर रही हैं। एफएसएसएआई ने कहा, “इस तरह की शब्दावली को लेकर नियमों में कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं है। ये शब्द लोगों को गुमराह कर सकते हैं और गलत धारणा बना सकते हैं कि यह चीज़ पूरी तरह से सही या शुद्ध है, जो ज़रूरी नहीं है। इसलिए, ये शब्द गलतफहमी पैदा करते हैं।”

एफएसएसएआई विनियमन क्या है ?

खाद्य सुरक्षा नियम (2018) के अनुसार, “100 प्रतिशत” शब्द को एफएसएस अधिनियम, 2006 या इसके नियमों में परिभाषित नहीं किया गया है। एफएसएसएआई ने कहा कि नियमों के तहत कोई भी कंपनी अपने विज्ञापन में ऐसा कोई दावा या दावा नहीं कर सकती जिससे दूसरी कंपनियों की बदनामी हो और न ही ऐसा कुछ कह सकती है जिससे उपभोक्ता गुमराह हों। जो भी दावा या जानकारी दी जाए वह सत्य, स्पष्ट और समझने में आसान होनी चाहिए, ताकि उपभोक्ता सही जानकारी समझ सके और कोई भी गुमराह न हो।

“100 प्रतिशत” शब्दों का प्रयोग, चाहे अकेले या किसी अन्य शब्द के साथ, लोगों को यह गलत धारणा दे सकता है कि कोई चीज पूरी तरह से शुद्ध या सर्वोत्तम है, जो कि सच नहीं है। एफएसएसएआई ने कहा कि इस तरह के शब्द के इस्तेमाल से लोगों को लग सकता है कि बाजार में मौजूद अन्य खाद्य पदार्थ अच्छे नहीं हैं या नियमों का पालन नहीं करते, जिससे उपभोक्ताओं को गलत जानकारी मिलती है।

उपभोक्ता को गुमराह करने वाला शब्द

खाद्य नियामक संस्था ने जून 2024 में एक अधिसूचना जारी की थी कि फलों के जूस बनाने वाली कंपनियों को अपने पैकेट में ऐसा कोई बयान नहीं देना चाहिए। और विज्ञापनों से ‘100 प्रतिशत फलों का रस’ जैसे दावे हटा दिए जाने चाहिए। इससे पहले, एफएसएसएआई ने अप्रैल में दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया था कि प्रमुख कंपनी डाबर का यह दावा कि उसके फल पेय पदार्थ ‘100 प्रतिशत’ फलों से बने हैं, नियमों के खिलाफ है। यह शब्द उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाला है।

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पंजाब CM ने शिक्षा के मुद्दे पर BJP को घेरा:बोले-गुजरात में सबसे ज्यादा पेपर लीक, देश में 2 तरह की शिक्षा व्यवस्था

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पंजाब के स्कूलों में 1 अप्रैल से नया अब्सेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके तहत यदि कोई छात्र गैरहाजिर रहता है, तो उसके माता-पिता के मोबाइल पर तुरंत मैसेज भेजा जाएगा। वहीं, किसी शिक्षक के अनुपस्थित रहने पर इसकी सूचना जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी को दी जाएगी।

इस बात की जानकारी सीएम भगवंत मान ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि नया शैक्षणिक सत्र अप्रैल से शुरू होगा और सभी स्कूलों में किताबें पहले ही पहुंचाई जा चुकी हैं। सीएम ने परीक्षा प्रणाली पर बोलते हुए कहा कि गुजरात में पेपर लीक की घटनाएं ज्यादा होती हैं, जिसे वहां “पेपर फूटा” कहा जाता है, जबकि पंजाब में अब तक ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पहले एक क्षेत्र के सभी छात्र टॉपर आए थे, जिसके बाद सरकार ने दोबारा परीक्षा करवाई।

पंजाब सीएम भगवंत और शिक्षामंत्री हरजोत सिंह बैंस जानकारी देते हुए।

पंजाब सीएम भगवंत और शिक्षामंत्री हरजोत सिंह बैंस जानकारी देते हुए।

दलियां खाने के लिए बना दी इमारते

सीएम ने कहा कि जिन देशों ने शिक्षा को प्राथमिकता दी, वे आज विकसित देशों में शामिल हैं। भारत में दो तरह की शिक्षा व्यवस्था है। एक अमीरों के लिए महंगी प्राइवेट शिक्षा और दूसरी आम लोगों के लिए सरकारी स्कूल है।

पहले सरकारी स्कूलों की इमारतें केवल मिड-डे मील (दलिया) तक सीमित कर दी गई थीं। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया और अब पंजाब में भी उसी दिशा में काम हो रहा है, ताकि सरकारी और निजी स्कूलों के बीच का अंतर खत्म किया जा सके।

जनगणना में टीचरों की डयूटी न लगाने का आग्रह

सीएम ने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों से केवल पढ़ाई का काम लिया जाएगा और उन्हें अन्य जिम्मेदारियां नहीं दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में जनगणना भी होनी है, जिसके लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है कि शिक्षकों की ड्यूटी इसमें न लगाई जाए। इसके बजाय सरकार अन्य कर्मचारियों की सेवाएं उपलब्ध करवाएगी।

25 सकूलों के नाम शहीदों के नाम पर

25 स्कूलों का नाम शहीदों और महान हस्तियों के नाम पर रखा गया है। वहीं, उनके संगरूर स्थित गांव के स्कूल का नाम जगसीर हवलदार के नाम पर है। छात्रों में उद्यमिता बढ़ाने के लिए “बिजनेस ब्लास्टर” स्कीम शुरू की गई है, जिसके तहत बच्चों ने 70 करोड़ रुपए तक की कमाई के आइडिया विकसित किए हैं।

19,279 करोड़ का बजट रखा गया

सरकार ने बीते 4 साल में शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव करते हुए सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के बराबर लाने का दावा किया है। 2026-27 के लिए शिक्षा बजट 19 हजार 279 करोड़ रुपए रखा गया है, जो पिछले साल से 7% ज्यादा है। “शिक्षा क्रांति” का दूसरा चरण भी शुरू किया गया है, जिसके तहत 3 हजार 500 करोड़ रुपए का प्रोग्राम लॉन्च किया गया है। नेशनल अचीवमेंट सर्वे 2024 में पंजाब के स्कूलों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए केरल को भी पीछे छोड़ा। साथ ही, 118 “स्कूल ऑफ एमिनेंस” स्थापित किए जा चुके हैं।

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में कैबिनेट की ओर से ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ शुरू करने को हरी झंडी; 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को हर महीने 1000–1500 रुपए सम्मान राशि मिलेगी

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Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने आज पूरे पंजाब में ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ को मंजूरी देकर इस योजना को शुरू करने का रास्ता साफ कर दिया है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए और बाकी सभी महिलाओं को 1000 रुपए सम्मान राशि मिलेगी। इस योजना से पंजाब की 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ पहुंचेगा। यह फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान लिया गया।

अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपए और बाकी सभी महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह सम्मान राशि दी जाएगी

इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ योजना पूरे राज्य में शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपए और बाकी सभी महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह सम्मान राशि दी जाएगी। यह योजना महिलाओं को स्वतंत्र और सशक्त बनाकर उनकी प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगी। यह स्कीम महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत करेगी, जिससे वे बचत और निवेश कर सकेंगी तथा घर-परिवार के लिए जरूरी इच्छाओं को पूरा करने में सक्षम बनेंगी।”
उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार ने पहले ही सामाजिक कल्याण और मानव विकास के क्षेत्र में बेमिसाल प्रगति की है, हालांकि राज्य भर में बड़ी संख्या में महिलाएं, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से संबंधित महिलाएं, वित्तीय सुरक्षा की कमी का सामना करती हैं। पारिवारिक कल्याण में सुधार करने, लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक-आर्थिक फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत करना अत्यंत जरूरी है।”


इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने आगे कहा, “इस योजना से 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की संभावना है, जो इसे देश की सबसे महिला-हितैषी सामाजिक सुरक्षा पहलों में शामिल करता है। यह योजना राज्य भर में महिलाओं को सीधी आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और महिलाओं के सशक्तिकरण के तहत उनके लिए वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के प्रति सरकार के विजन को दर्शाती है।”


यह योजना सीधा लाभ प्रदान करने के लिए तैयार की गई है, जिसमें वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इस स्कीम के तहत एक परिवार में योग्य महिलाओं की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं होगी और एक ही परिवार की कई महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकेंगी। मौजूदा सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगियों को भी इस योजना के तहत अपनी पेंशन के अलावा पूरा वित्तीय लाभ मिलेगा, जिससे इसकी पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ेगी।
पंजाब में 18 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाएं, जो वोटर के रूप में रजिस्टर्ड हैं, जिनके पास पंजाब निवास वाला आधार कार्ड और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वोटर कार्ड है, इस योजना के तहत लाभार्थी के रूप में रजिस्टर होने के योग्य होंगी।


हर महिला तक इस योजना का लाभ पहुंचाने को सुनिश्चित करने के लिए भगवंत मान सरकार व्यापक पहुंच और रजिस्ट्रेशन संबंधी हर संभव प्रयास करेगी, जिसमें महिलाओं खासकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की महिलाओं के लिए दस्तावेज पूरे करना, बैंक खाते सक्रिय करना और निर्बाध रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने में सहायता शामिल है।
इस पहल को और मजबूत करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में पहले ही 9,300 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की जा चुकी है और योजना के पैमाने व पहुंच को देखते हुए यह पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी महिला-हितैषी सामाजिक कल्याण पहलों में से एक होने की उम्मीद है।

योजनाबंदी विभाग में सीधी भर्ती के तहत 70 पद भरने को मंजूरी

कैबिनेट ने योजनाबंदी विभाग में सीधी भर्ती के तहत 70 पद भरने की मंजूरी दे दी है। आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड और सांख्यिकी विभाग, पंजाब के विलय की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। इस अभ्यास को देखते हुए भरे जाने वाले रिक्त पदों की आवश्यकता को संशोधित किया गया है। इसलिए अधिकारियों की कमेटी द्वारा सीधी भर्ती के 70 पद भरने की मंजूरी दी गई है।


पी.एस.पी.सी.एल. और पी.एस.टी.सी.एल. के सी.एम.डी. तथा डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए शर्तों में संशोधन
कैबिनेट ने पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) और पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ट्रांसको) के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सी.एम.डी.) तथा डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए जरूरी योग्यताओं और अनुभव संबंधी शर्तों में संशोधन करने की भी मंजूरी दे दी है।


पछवाड़ा कोयला खदान में मानव शक्ति एवं सहायक स्टाफ नियुक्त करने को मंजूरी
कैबिनेट ने झारखंड के जिला पाकुड़ स्थित पछवाड़ा केंद्रीय कोयला खदान (पीसीसीएम) के संचालन और रखरखाव के लिए पी.एस.पी.सी.एल. द्वारा ठेके के आधार पर मानव शक्ति और सहायक स्टाफ नियुक्त करने को भी हरी झंडी दे दी है। इसके लिए एक अधिकृत कमेटी बनाने का फैसला किया गया है, जिसमें प्रबंधकीय सचिव को चेयरमैन और चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर तथा डायरेक्टर/जनरेशन, पी.एस.पी.सी.एल. को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। इस कमेटी को पछवाड़ा केंद्रीय कोयला खदान, पाकुड़ के संचालन और रखरखाव के लिए सक्षम मानव शक्ति/सहायक स्टाफ की ठेके पर भर्ती और विस्तार संबंधी सभी मंजूरियां देने के लिए अधिकृत किया गया है।
लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए नीति में संशोधन


कैबिनेट ने लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों/शेडों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए नीति में संशोधनों को भी मंजूरी दे दी है। इन संशोधनों के अनुसार बैंकों या वित्तीय संस्थाओं के पास गिरवी रखे गए औद्योगिक प्लॉट फ्रीहोल्ड में बदले जा सकते हैं, बशर्ते संबंधित बैंक द्वारा प्राप्त ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ जमा करवाया गया हो और निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन किया गया हो। ऐसे मामलों में जहां मौजूदा टाइटल दस्तावेजों में अनार्जित वृद्धि संबंधी कोई धारा नहीं है (भले ही यह पहले के टाइटल दस्तावेजों में मौजूद हो), 5 प्रतिशत की कन्वर्जन फीस लागू होगी।

पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) (संशोधन) बिल-2026

कैबिनेट ने पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) (संशोधन) बिल, 2026 को पेश करने की मंजूरी दे दी है ताकि राज्य भर में औद्योगिक क्षेत्रों के बेहतर प्रबंधन के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (एस.पी.वी.) की प्रभावशीलता, पारदर्शिता और वित्तीय स्थिरता को मजबूत किया जा सके। प्रस्तावित संशोधन औद्योगिक पार्कों के विस्तार और औद्योगिक एस्टेटों से बाहर नए औद्योगिक क्लस्टरों के विस्तार के कारण वर्षों में उभरी प्रशासनिक और क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियों को हल करेंगे। इसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कें, स्ट्रीट लाइटें, पार्क, सुरक्षा, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य साझा सुविधाओं जैसे साझा बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए सेवा शुल्क वसूलने और इनके उपयोग के लिए सुचारू प्रणाली विकसित की जाएगी।


सभी औद्योगिक क्षेत्रों में एस.पी.वी. तैयार किए जाएंगे जो सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत रजिस्टर्ड होंगे। ये एस.पी.वी. औद्योगिक क्षेत्रों में साझे बुनियादी ढांचे के संचालन और रखरखाव के लिए बिना लाभ-बिना नुकसान के आधार पर काम करेंगे। साथ ही एस.पी.वी. के कार्यों की निगरानी और विवादों के समाधान के लिए संस्थागत व्यवस्था प्रदान करने हेतु जिला निगरानी प्राधिकरण स्थापित किया जाएगा।

एन.एच.ए.आई. प्रोजेक्ट्स के लिए सतलुज नदी से गाद निकालने को मंजूरी

कैबिनेट ने राज्य में विभिन्न हाईवे प्रोजेक्ट्स के निर्माण के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी (एन.एच.ए.आई.) को साधारण मिट्टी देने के लिए सतलुज नदी से गाद निकालने की शर्तों में ढील देने को भी मंजूरी दे दी है। यह जल संसाधन विभाग द्वारा की जा रही विभिन्न पहलों का हिस्सा है, जिसमें नदियों के प्रबंधन और बाढ़ के खतरे को कम करने के प्रयासों के रूप में राज्य भर की प्रमुख नदियों में लंबे चैनलों की खुदाई शामिल है।

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भाजपा-अकाली दल ने ही पंजाब के घर-घर में नशा पहुंचाया, Amit Shah को पंजाब से माफी मांगनी चाहिए- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पंजाब के घर-घर में नशा पहुंचाने के लिए लोगों से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने अमित शाह से कहा कि आपकी पार्टी भाजपा और अकाली दल की सरकार ने ही पंजाब के घर-घर में नशा पहुंचाया था। आज आप किस मुंह से नशा मुक्त पंजाब की बात कर रहे हैं? आज भगवंत मान की सरकार भाजपा-अकाली दल सरकार में नशा के दोषी मंत्रियों को जेल भेज रही है और उन्हें उनके गुनाहों की सजा मिल रही है। हमारी सरकार जनता के साथ मिलकर नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। अकाली और भाजपा के काले दौर को पंजाब न भूला है, न भूलेगा, न माफ़ करेगा। 

रविवार को अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृहमंत्री के नशा मुक्त पंजाब बनाने वाले बयान की वीडियो क्लिप एक्स पर साझा कर कहा कि अमित शाह जी, पंजाब के घर-घर में नशा पहुंचाने के लिए आपको तो पंजाब के लोगों से माफ़ी मांगनी चाहिए। भाजपा– अकाली दल के काले दौर को लोग भूले नहीं हैं, जब अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर मंत्रियों के घरों में पनाह लेते थे, पेडलर्स को पुलिस गाड़ियों और हथियारबंद सुरक्षा के साथ पूरे राज्य में घुमा कर नशा घर-घर पहुंचाया जाता था। आज आप किस मुँह से नशा मुक्त पंजाब की बात कर रहे हैं?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब हम उस दौर के दोषी मंत्रियों को जेल भेज रहे हैं, उन्हें उनके गुनाहों की सजा मिल रही है। आज पंजाब में आपकी सरकार का इंतज़ार जनता को नहीं है, बल्कि उन बड़े-बड़े नशा कारोबारियों को है, जिन्हें हमारी सरकार की सख्ती के बाद राज्य छोड़कर भागना पड़ा।

अरविंद केजरीवाल ने अमित शाह से कहा कि अगर आपको नशे की इतनी ही चिंता है तो पहले गुजरात में अपना “डबल इंजन” क्यों नहीं चलाते? मुंद्रा पोर्ट से 20,000 करोड़ की ड्रग्स पकड़ी गई थी, आपने पोर्ट के मालिक को जेल में क्यों नहीं डाला? उन्होंने कैग की रिपोर्ट कहा कि कैग रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात में चूहे पुलिस कस्टडी से 2300 किलो ड्रग्स खा गए। क्या ये यकीन करने वाली बात है? ज़ाहिर है कि पुलिस कस्टडी से वो चोरी करके बाज़ार में बेच दी गई और लाखों घर बर्बाद कर दिए गए। 

अंत में अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को सलाह देते हुए कहा कि पहले गुजरात संभालिए, फिर पंजाब की बात कीजिए। पंजाब में भगवंत मान की सरकार जनता के साथ मिलकर नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। अकाली- बीजेपी के काले दौर को पंजाब न भूला है, न भूलेगा, न माफ़ करेगा।

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