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इधर Punjab में बाढ़ से हाहाकार, उधर CM Bhagwant Mann की तबीयत बिगड़ी, Arvind Kejriwal पहुंचे हालचाल जानने

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की आज सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। लगातार कई दिनों से बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने और राहत कार्यों की निगरानी करने के कारण उनकी तबीयत खराब हो गई। जैसे ही ये खबर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मिली, वह तुरंत भगवंत मान के घर पहुंचे और उनका हालचाल जाना।

लगातार बाढ़ राहत कार्यों में जुटे थे मुख्यमंत्री

हाल ही में पंजाब के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। कई गांव पानी में डूब गए हैं, फसलें बर्बाद हो गई हैं और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।

  • मुख्यमंत्री भगवंत मान पिछले कई दिनों से लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे थे।
  • उन्होंने 3 सितंबर को फिरोजपुर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और वहां के लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
  • सीएम खुद राहत कार्यों की निगरानी कर रहे थे और अधिकारियों को लगातार निर्देश दे रहे थे।
  • लगातार दौरे और मेहनत के कारण उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।

सोशल मीडिया पर मदद की अपील

मुख्यमंत्री मान ने 3 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर पंजाब की जनता और देशवासियों से मदद की अपील की।
उन्होंने लिखा:

पंजाब हर मुश्किल घड़ी में हमेशा सबके साथ खड़ा रहा है। आज जब पंजाब इस प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है, तब हम सबको मिलकर एक-दूसरे का सहारा बनना चाहिए।”

उन्होंने लोगों से बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष (CM Relief Fund) में आर्थिक योगदान करने की अपील की।

  • इसके लिए उन्होंने QR कोड और बैंक खाता नंबर भी शेयर किया।
  • उन्होंने कहा कि लोग अपने सामर्थ्य के अनुसार राशि भेजकर इस संकट की घड़ी में मदद करें।
  • भगवंत मान का कहना था कि यह समय कठिन जरूर है, लेकिन एक-दूसरे का साथ देकर इसे पार किया जा सकता है।

इंटरव्यू में जताया भरोसा

इंडिया टुडे को दिए गए एक इंटरव्यू में भगवंत मान ने पंजाब की जज़्बे और एकजुटता की तारीफ की। उन्होंने कहा:

  • पंजाब कई बार गिरा है, लेकिन हर बार उठ खड़ा हुआ है। हर मुश्किल का सामना हमने मिलकर किया है और इस बार भी करेंगे।”
  • उन्होंने तुर्किए (Turkey) में आई प्राकृतिक आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी पंजाबी वहां जाकर लंगर चलाते थे और मदद करते थे।
  • उन्होंने बताया कि इस बार भी पंजाब के लोग ट्रॉली, राशन और जरूरी सामान लेकर बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।
  • पानी अभी भी काफी आ रहा है, लेकिन लोग हिम्मत नहीं हार रहे। सब एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं,” उन्होंने कहा।

सरकार की ओर से लगातार राहत कार्य

पंजाब सरकार ने बाढ़ राहत और पुनर्वास के लिए 71 करोड़ रुपये की राशि जारी की है।

  • पहले 35.50 करोड़ रुपये जारी किए गए थे।
  • इसके बाद 12 सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों के लिए अतिरिक्त 35.50 करोड़ रुपये को मंजूरी दी गई।
  • सरकार लगातार राहत कैंप चला रही है और अब तक 20,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है।
  • 174 राहत कैंपों में करीब 5,167 लोग रह रहे हैं।

केजरीवाल ने की मुलाकात, दी आराम करने की सलाह

सीएम भगवंत मान की तबीयत बिगड़ने की खबर सुनते ही अरविंद केजरीवाल तुरंत पंजाब पहुंचे। उन्होंने मान से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

  • केजरीवाल ने उन्हें आराम करने की सलाह दी।
  • साथ ही भरोसा दिलाया कि पार्टी और सरकार मिलकर पंजाब के लोगों की मदद के लिए पूरी ताकत झोंक देगी।

फिलहाल स्वास्थ्य स्थिर

डॉक्टरों के मुताबिक, मुख्यमंत्री भगवंत मान की तबीयत फिलहाल स्थिर है और चिंता की कोई बात नहीं है।
उन्हें फिलहाल आराम करने की सलाह दी गई है ताकि वह जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर दोबारा राहत कार्यों की निगरानी कर सकें।

इस वक्त पंजाब में राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं और सरकार प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।

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शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को ‘भारत रत्न’ दिए जाने की मांग की थी, पर भाजपा सरकार ने नहीं मानी: CM Bhagwant Singh Mann

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पंजाब के फिरोजपुर स्थित हुसैनीवाला में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ऐतिहासिक राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने शहीदों के सपनों का ‘रंगला पंजाब’ बनाने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया और 24.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हुसैनीवाला विरासती कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट शहीदों की विरासत को संजोने और आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान से प्रेरित करने का प्रयास है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह दिन केवल शहीदों को याद करने का नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपनाने का भी है। उन्होंने कहा कि इन महान क्रांतिकारियों ने कम उम्र में देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, लेकिन आज भी उन्हें उनके योगदान के अनुसार सम्मान नहीं मिला।

मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे महान शहीदों को अब तक भारत रत्न से सम्मानित क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अगर आजादी के शुरुआती दौर में देश की कमान ऐसे युवाओं के हाथ में होती, तो देश की दिशा कुछ और ही होती।

उन्होंने कहा कि कुछ नेता अपने नाम पर स्मारक और स्टेडियम बनवाते हैं, जबकि असली हकदार शहीदों को उचित सम्मान नहीं मिल पाया। उन्होंने लोगों से अपील की कि शहीदों को सिर्फ खास दिनों पर याद न करें, बल्कि उनके दिखाए रास्ते पर चलकर देश और समाज की सेवा करें।

मुख्यमंत्री ने आजादी की कीमत का जिक्र करते हुए कहा कि देश की आजादी बहुत बड़ी कुर्बानियों के बाद मिली है। विभाजन के दौरान लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई और करोड़ों लोग विस्थापित हुए।

उन्होंने कहा कि आज के समय में बदलाव लाने के लिए हथियारों की नहीं, बल्कि वोट की ताकत की जरूरत है। सही नेतृत्व का चुनाव करके ही देश को सही दिशा दी जा सकती है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने हुसैनीवाला विरासती कॉम्प्लेक्स के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसमें भव्य प्रवेश द्वार, शहीदों के जीवन पर आधारित गैलरी, दीवार चित्र, पार्क, 3-डी मैपिंग शो, म्यूजिकल फाउंटेन, बच्चों के खेलने का क्षेत्र, वरिष्ठ नागरिकों के लिए आराम स्थल और सोलर पावर प्लांट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

उन्होंने कहा कि यह पवित्र भूमि आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए आगे आएं और एक प्रगतिशील व खुशहाल पंजाब के निर्माण में अपना योगदान दें।

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नशों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, सीमा पार Drug Module का भंडाफोड़, करोड़ों की हेरोइन समेत 3 गिरफ्तार!

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पंजाब में नशों के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए एएनटीएफ (ANTF) और बीएसएफ (BSF) ने संयुक्त ऑपरेशन में एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में सीमा पार से चल रहे नेटवर्क को बेनकाब किया गया।

इस ऑपरेशन के दौरान तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान जगजीत सिंह, मनप्रीत सिंह और रोशन सिंह के रूप में हुई है। तीनों आरोपी अमृतसर जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 24.5 किलोग्राम हेरोइन, करीब 21 लाख रुपये की ड्रग मनी और एक ड्रोन बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी पाकिस्तान स्थित तस्करों के सीधे संपर्क में थे और ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। इस पूरे नेटवर्क के जरिए ड्रग्स को भारत में लाकर आगे सप्लाई किया जाता था।

इस संबंध में जानकारी देते हुए Gaurav Yadav ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!

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पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।

जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।

वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।

इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।

योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।

कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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