Chandigarh
हर पंजाबी को मिलेगा 10 Lakh रुपये तक का Cashless Treatment, पहले दिन 1,480 परिवारों ने कराया Registration
पंजाब सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री सेहत योजना की शुरुआत कर दी है। इस योजना के तहत अब हर पंजाबी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर (Health Insurance Cover) मिलेगा। इसका मतलब यह है कि किसी भी बड़े से बड़े इलाज या ऑपरेशन का खर्चा लोगों को अपनी जेब से नहीं देना पड़ेगा। सरकार पूरा खर्च उठाएगी।
योजना की शुरुआत और उद्देश्य
इस योजना का औपचारिक शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने किया। शुरुआत फिलहाल दो जिलों — तरनतारन (Tarn Taran) और बरनाला (Barnala) — से की गई है। आने वाले समय में इसे पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह योजना पंजाब को स्वस्थ और सुरक्षित राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने इसे पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल योजना बताया।
कब शुरू हुआ पंजीकरण
पंजीकरण की प्रक्रिया 23 सितंबर, 2025 को शुरू हुई। पहले ही दिन 1,480 परिवारों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया, जिससे साफ है कि लोग इस योजना के प्रति काफी उत्साहित हैं।
कौन ले सकता है लाभ
- इस योजना का सबसे खास पहलू यह है कि आय की कोई सीमा नहीं है।
- अमीर हो या गरीब, हर नागरिक को इसका फायदा मिलेगा।
- पंजीकरण के लिए सिर्फ आधार कार्ड और वोटर आईडी की जरूरत होगी।
इससे प्रक्रिया बेहद आसान और पारदर्शी हो जाती है, ताकि कोई भी आसानी से योजना से जुड़ सके।
सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज
योजना के तहत न सिर्फ सरकारी अस्पतालों में बल्कि 500 से ज्यादा निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज मिलेगा।
इसका मतलब यह है कि लोग अपने नजदीकी अस्पताल में भी इलाज करवा सकते हैं और उन्हें किसी भी तरह का बिल नहीं चुकाना पड़ेगा।
किन बीमारियों का इलाज होगा
इस योजना में करीब 2,300 हेल्थ पैकेज शामिल किए गए हैं। इसमें शामिल हैं:
- कैंसर का इलाज और सर्जरी
- दिल (Heart) की बीमारियां
- गुर्दा (Kidney) और लीवर (Liver) से जुड़ी जटिल सर्जरी
- सड़क हादसों और अन्य गंभीर चोटों का इलाज
- सामान्य बीमारियों और ऑपरेशनों का इलाज
सरकार चाहती है कि किसी परिवार को अपने इलाज के लिए न तो कर्ज लेना पड़े और न ही अपनी संपत्ति बेचनी पड़े।
आगे का प्लान
- पंजाब सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के करीब 65 लाख परिवारों को इस योजना में शामिल किया जाए।
- अभी दो जिलों से शुरुआत हुई है, जल्द ही यह पूरे राज्य में लागू होगी।
- सरकार पंजीकरण कैंप भी लगा रही है, ताकि हर व्यक्ति आसानी से रजिस्टर कर सके।
चुनौतियां और सवाल
कुछ नेताओं और विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं कि इतनी बड़ी योजना के लिए सरकार फंड कहां से लाएगी।
वित्तीय प्रबंधन और अस्पतालों की तैयारियों को लेकर भी चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
हालांकि सरकार का कहना है कि वह इसे पूरी मजबूती से लागू करेगी और किसी भी नागरिक को इलाज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
लोगों के लिए उम्मीद की किरण
इस योजना से अब पंजाब के लोगों को यह भरोसा मिलेगा कि अगर घर में कोई गंभीर बीमारी या दुर्घटना हो जाए तो उन्हें पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू हुई यह योजना पंजाब को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल कर सकती है।
मुख्यमंत्री सेहत योजना सिर्फ एक स्वास्थ्य बीमा योजना नहीं है, बल्कि यह लोगों के जीवन को सुरक्षित और निश्चिंत बनाने का प्रयास है। पहले दिन की प्रतिक्रिया बताती है कि लोग इस पहल को लेकर काफी उत्साहित हैं। आने वाले समय में यह योजना पंजाब के हर परिवार तक पहुंचेगी और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई दिशा तय करेगी।
Chandigarh
पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!
पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।
जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।
वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।
इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।
योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।
कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
Chandigarh
चंडीगढ़ में देर रात दहशत: सेक्टर-29 के रिहायशी इलाके में दिखा तेंदुए जैसा जानवर, सीसीटीवी में कैद
चंडीगढ़ के सेक्टर-29 में बुधवार रात तेंदुआ दिखाई देने की खबर से इलाके में दहशत फैल गई। लोगों ने पूरी रात घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला। हालांकि, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में एक तेंदुआ पीर दरगाह के पास पानी पीते हुए कैद हुआ है।
पार्क में महिला ने सबसे पहले देखा
जानकारी के अनुसार बुधवार शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच सेक्टर-29 के एक पार्क में एक महिला अपने बच्चों के साथ टहल रही थी। इसी दौरान उसकी नजर झाड़ियों के पास घूमते हुए एक तेंदुए पर पड़ी। यह देखते ही महिला घबरा गई और तुरंत बच्चों को लेकर पार्क से बाहर निकल गई।
घर पहुंचकर महिला ने इस बारे में अपने पति को बताया। इसके बाद उसके पति ने यह जानकारी पास में स्थित पीर दरगाह के लोगों को दी।
CCTV में कैद हुआ तेंदुआ
सूचना मिलने के बाद जब दरगाह परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई तो उसमें साफ दिखाई दिया कि एक तेंदुआ दरगाह के पास बने स्थान पर पानी पी रहा है। इसके बाद तुरंत पुलिस और फॉरेस्ट विभाग को सूचना दी गई।
सूचना के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आसपास के इलाके में पूरी रात तलाशी अभियान चलाया। हालांकि देर रात तक चलाए गए सर्च ऑपरेशन में तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिल पाया।
फिलहाल पुलिस और फॉरेस्ट विभाग दोनों ही तेंदुए की मौजूदगी को लेकर आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इलाके के लोग काफी दहशत में हैं और सतर्कता बरत रहे हैं।

पुलिसकर्मी हाथ में डंडा लेकर खड़ा हुआ।
Chandigarh
चंडीगढ़ में अगले माह से महंगी होंगी जमीनें:कलेक्टर रेट में 30 से 60% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव, 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी
चंडीगढ़ में एक बार फिर प्रॉपर्टी महंगी होने जा रही है। चंडीगढ़ प्रशासन ने कलेक्टर रेट बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। डीसी निशांत यादव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कलेक्टर रेट संशोधित करने के लिए एक कमेटी गठित की गई।
प्रशासन ने शहर के अलग-अलग इलाकों के अनुसार कलेक्टर रेट में 30 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित नए रेटों को लेकर अगले सप्ताह ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिसमें आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी।
1 अप्रैल से लागू हो सकते हैं नए रेट
प्रशासन के अनुसार, लोगों से सुझाव लेने के बाद अंतिम नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। योजना है कि नए कलेक्टर रेट 1 अप्रैल से लागू कर दिए जाएं। पिछले साल भी कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी की गई थी। इससे पहले वर्ष 2021 और 2017 में संशोधन हुआ था।
ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से चार गुना तक बढ़ोतरी
सूत्रों के मुताबिक, नए प्रस्ताव के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के रेट तीन से चार गुना तक बढ़ सकते हैं। वहीं कई सेक्टरों में रेट डेढ़ गुना तक बढ़ाने की तैयारी है। कलेक्टर रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी होगी, क्योंकि स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क इन्हीं रेटों के आधार पर तय होते हैं। ऐसे में रियल एस्टेट बाजार और आम लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
संभावना है कि रेट बढ़ाने के प्रस्ताव पर कुछ संगठनों और प्रॉपर्टी मालिकों की ओर से विरोध भी किया जा सकता है।
-
Religious2 years agoकब है तुलसी विवाह? इस दिन तुलसी माता का विवाह करने से मिलेगा लाभ
-
Religious2 years agoजानिए गोवर्धन पूजा का महत्व, कौनसा समय रहेगा पूजा के लिए सही
-
Religious2 years agoआखिर क्यों लिखा जाता है घर के बाहर शुभ लाभ, जानिए क्या है इन चिह्न का मतलब
-
Religious2 years agoपैरों के निशान, बनावट, रंग, साइज से पता लागए की आप कितने है भागयशाली
-
Punjab2 years agoपंजाब में अमरूद के बगीचे के मुआवजे के घोटाले में ED ने 26 स्थानों पर छापे मारे
-
Chandigarh2 years agoChandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?
-
Punjab2 years agoLudhiana में पुलिस स्टेशन के पास शव मिला। एक आदमी सड़क के बीच में पड़ा था; पास में कपड़ों से भरा एक बोरे भी मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी
-
Punjab2 years agoBJP पंजाब में अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी, शिअद (SAD) के साथ कोई गठबंधन नहीं: प्रदेश भाजपा प्रमुख सुनील जाखड़