Jammu & Kashmir
Kulgam में मुठभेड़: एक आतंकी ढेर, Army का junior commissioned officer घायल, Operation जारी
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम ज़िले में सोमवार सुबह सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया है जबकि भारतीय सेना का एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल JCO को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत नाज़ुक बताई जा रही है।
कैसे शुरू हुई मुठभेड़
गुदार जंगल क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF शामिल थे।
सुरक्षा बल जब इलाके की तलाशी ले रहे थे, तभी जवानों को संदिग्ध गतिविधि दिखाई दी। जैसे ही उन्होंने संदिग्धों को चैलेंज किया, आतंकियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद ऑपरेशन मुठभेड़ में बदल गया।
चिनार कॉर्प्स (भारतीय सेना) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी दी,
“गुदार जंगल क्षेत्र में खुफिया इनपुट के आधार पर सर्च ऑपरेशन लॉन्च किया गया था।
संदिग्ध गतिविधि देखने के बाद जब आतंकियों को रोकने की कोशिश की गई, तो उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया और एक JCO घायल हो गया। ऑपरेशन अभी जारी है।”
इलाके में सख्त घेराबंदी
मुठभेड़ वाले इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है।
- अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर भेजा गया है।
- ऑपरेशन को और तेज़ करने के लिए ड्रोन और नाइट विज़न कैमरा का इस्तेमाल हो रहा है।
- वरिष्ठ पुलिस और सेना अधिकारी लगातार हालात पर नज़र रख रहे हैं।
पिछले महीने का 8 दिन लंबा ऑपरेशन
यह मुठभेड़ ऐसे समय पर हुई है जब पिछले महीने ही कुलगाम ज़िले के अखाल (Akhal) जंगल क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने अब तक का सबसे लंबा ऑपरेशन चलाया था। यह ऑपरेशन 8 दिन तक चला था।
उस मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए थे। उनमें से एक की पहचान बागू खान के रूप में हुई थी, जिसे सुरक्षा एजेंसियां “ह्यूमन GPS” और “समुंदर चाचा” के नाम से जानती थीं।
क्यों कहा जाता था “ह्यूमन GPS”
- बागू खान 1995 से आतंकवाद से जुड़ा था।
- वह 100 से ज्यादा घुसपैठ (infiltration) ऑपरेशन में शामिल रहा।
- उसे कश्मीर और पाकिस्तान के बीच सभी घुसपैठ के रास्तों की जानकारी थी।
- वह आतंकियों को सीमा पार कराने में माहिर था, लेकिन खुद कभी पकड़ा नहीं गया।
- इसी वजह से उसे “ह्यूमन GPS” कहा जाता था।
मुठभेड़ के बाद उसकी पहचान पत्र (ID card) बरामद हुई, जिससे यह साफ हो गया कि वह पाकिस्तान का निवासी था और हिज़बुल मुजाहिदीन संगठन से जुड़ा हुआ था।
दूसरा आतंकी भी पाकिस्तान का ही था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो पाई।
इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने ड्रोन, हेलीकॉप्टर और पारा कमांडो का इस्तेमाल किया था।
दक्षिण कश्मीर में बढ़ रही आतंकी गतिविधियां
पिछले कुछ महीनों में कुलगाम और दक्षिण कश्मीर के अन्य इलाकों में आतंकी गतिविधियां लगातार बढ़ी हैं।
- सुरक्षा बल लगातार खुफिया इनपुट के आधार पर तलाशी अभियान चला रहे हैं।
- जंगल और पहाड़ी इलाकों में छिपे आतंकियों को पकड़ना मुश्किल होता है, इसलिए ड्रोन और हाई-टेक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ाया गया है।
वर्तमान स्थिति
- गुदार जंगल में मुठभेड़ जारी है।
- सुरक्षा बलों को आशंका है कि और आतंकी इलाके में छिपे हो सकते हैं।
- पूरे इलाके की कॉर्डनिंग (घेराबंदी) की गई है और किसी भी संदिग्ध को भागने नहीं दिया जा रहा है।
- सेना, पुलिस और CRPF पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं।
यह ताजा मुठभेड़ दिखाती है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियां खत्म करने के लिए सुरक्षा बल लगातार सक्रिय हैं।
पिछले महीने का 8 दिन लंबा ऑपरेशन और आज की कार्रवाई यह साबित करता है कि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी आतंकी मूवमेंट को बर्दाश्त नहीं करेंगी।
आतंकवादियों पर लगातार दबाव बनाए रखने के लिए भविष्य में और भी बड़े ऑपरेशन होने की संभावना है।
Delhi
जम्मू-कश्मीर ; की 26 साल की CRPF अधिकारी सिमरन बाला आज रिपब्लिक डे परेड में पुरुष सदस्यीय टुकड़ी का कमान संभाल रही हैं।
गणतंत्र दिवस परेड में इतिहास रचेंगी सिमरन बाला
CRPF की 26 वर्षीय अधिकारी पहली बार करेंगी 140 से अधिक पुरुष जवानों का नेतृत्व
नई दिल्ली:
आज दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में जम्मू-कश्मीर की 26 वर्षीय सिमरन बाला इतिहास रचने जा रही हैं। वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की सहायक कमांडेंट के रूप में 140 से अधिक पुरुष जवानों की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। यह पहला मौका है जब किसी महिला अधिकारी को गणतंत्र दिवस परेड में इतनी बड़ी पुरुष टुकड़ी की कमान सौंपी गई है।
कौन हैं सिमरन बाला?
सिमरन बाला जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले की रहने वाली हैं। वह अपने जिले से CRPF में अधिकारी बनने वाली पहली महिला हैं। CRPF देश का सबसे बड़ा पैरामिलिट्री बल है, जिसमें लगभग 3.25 लाख जवान कार्यरत हैं और यह भारत की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है।
CRPF मुख्य रूप से तीन अहम क्षेत्रों में काम करता है:
- नक्सल विरोधी अभियान
- जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई
- उत्तर-पूर्वी राज्यों में उग्रवाद विरोधी ऑपरेशन
शिक्षा और करियर
- स्नातक: राजनीति शास्त्र, सरकारी महिला कॉलेज, गांधी नगर (जम्मू)
- UPSC CAPF परीक्षा: वर्ष 2025 में उत्तीर्ण
- बल: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)
- पहली पोस्टिंग: छत्तीसगढ़ की ‘बस्तरिया’ बटालियन
छत्तीसगढ़ में तैनाती के दौरान सिमरन बाला को नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय रूप से काम करने का अवसर मिला।
प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन
CRPF अकादमी, गुरुग्राम में प्रशिक्षण के दौरान सिमरन बाला ने:
- उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदर्शन
- प्रभावशाली सार्वजनिक भाषण
के लिए विशेष पुरस्कार भी प्राप्त किए।
गणतंत्र दिवस परेड में महिला शक्ति का प्रदर्शन
इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में महिलाओं की भागीदारी और भी खास होगी।
CRPF और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त महिला टीम ‘डेयर डेविल्स’ के रूप में रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिलों पर रोमांचक करतब दिखाएगी।
उल्लेखनीय है कि इन दोनों बलों की महिला जवानों ने 2020 की गणतंत्र दिवस परेड में भी यह साहसिक प्रदर्शन किया था।
प्रेरणा का प्रतीक
सिमरन बाला की यह उपलब्धि न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश की युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका नेतृत्व, समर्पण और साहस यह साबित करता है कि भारतीय सुरक्षा बलों में महिलाएं किसी भी भूमिका में पीछे नहीं हैं।
Jammu & Kashmir
Shri Guru Tegh Bahadur Ji के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित विशाल Nagar Kirtan Srinagar से रवाना, बड़ी संख्या में संगत की मौजूदगी
श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित ऐतिहासिक और विशाल नगर कीर्तन आज श्रीनगर के गुरुद्वारा छठी पातशाही साहिब से रवाना हो गया। इस खास मौके पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने संगत के साथ उपस्थित होकर माथा टेका और अरदास की।
नगर कीर्तन खालसा की जन्मभूमि श्री आनंदपुर साहिब की ओर जा रहा है, जहां यह 22 नवंबर को संपन्न होगा। रास्ते में यह जम्मू, पठानकोट, दसूहा, होशियारपुर, माहिलपुर और गढ़शंकर जैसे शहरों से गुजरेगा।
रात्रि पड़ाव—
- 19 नवंबर: जम्मू
- 20 नवंबर: पठानकोट
- 21 नवंबर: होशियारपुर
संगत की सुविधा के लिए काफिले में एंबुलेंस, डिजिटल म्यूजियम, लंगर की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाएँ शामिल की गई हैं।
गुरु साहिब की शहादत—मानवता के लिए अद्वितीय मिसाल
CM भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी ने मानवता और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना जीवन कुर्बान किया। उनकी शहादत का संदेश आज भी दुनिया के लिए प्रेरणा है।
दोनों नेताओं ने कहा कि गुरु जी का शांति, प्रेम, भाईचारा और मानव अधिकारों का संदेश आज के समय में भी उतना ही जरूरी है जितना सदियों पहले था। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गुरु साहिब की बताई विचारधारा पर चलें और समाज में एकता और सद्भावना को मजबूत करें।
“अकाल पुरख की मेहर”—सेवा निभाने पर पंजाब सरकार ने जताया आभार
इस मौके पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार पर अकाल पुरख की मेहर है कि उसे इतने बड़े ऐतिहासिक आयोजन की सेवा निभाने का अवसर मिला।
CM भगवंत मान ने भी कहा कि यह अवसर सरकार के लिए सौभाग्य की बात है और इस पवित्र आयोजन में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
पंजाब सरकार के देश-भर में कार्यक्रम
शहीदी दिवस से जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत 25 अक्टूबर को दिल्ली के गुरुद्वारा सीस गंज साहिब से हुई थी। उसी दिन गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब में भी बड़ा कीर्तन दरबार हुआ।
पंजाब के सभी जिलों में 1 से 18 नवंबर तक लाइट एंड साउंड शो हुए, जिनमें गुरु साहिब के जीवन और दर्शन को दिखाया गया। जिन नगरों में गुरु साहिब के चरण पड़े, वहाँ कीर्तन दरबार आयोजित किए जा रहे हैं।
18 नवंबर को श्रीनगर में भी बड़ा कीर्तन दरबार हुआ।
चार दिशाओं से नगर कीर्तन
अधिकारी जानकारी के अनुसार इस बार चार नगर कीर्तन सजाए जा रहे हैं—
- श्रीनगर से (पहला नगर कीर्तन – जो अब रवाना हो चुका है)
- 20 नवंबर को तख्त श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो) से
- फरीदकोट से
- गुरदासपुर से
ये सभी नगर कीर्तन 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब पहुँचकर एक साथ मिलेंगे।
23 से 25 नवंबर: श्री आनंदपुर साहिब में भव्य समागम
इन तीन दिनों के लिए श्री आनंदपुर साहिब में “चक्क नानकी” नाम की बड़ी टेंट सिटी लगाई गई है, जहाँ हजारों श्रद्धालु ठहर सकेंगे। समागम में शामिल हैं—
- गुरु साहिब की शिक्षाओं पर प्रदर्शनियां
- ड्रोन शो
- अंतर-धर्म सम्मेलन
- 24 नवंबर को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र
- 25 नवंबर को
- राज्य स्तरीय रक्तदान शिविर
- पौधारोपण अभियान
- विशाल “सरबत दा भला” एकत्रीकरण
दुनिया भर के प्रमुख आध्यात्मिक नेताओं और संतों को भी इन आयोजनों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।
सिख संगत का गर्मजोशी भरा स्वागत
मुख्यमंत्री मान और केजरीवाल ने कहा कि वे जम्मू-कश्मीर की सिख संगत के समर्पण और श्रद्धा से बेहद प्रभावित हुए हैं। उन्होंने खासतौर पर CM उमर अब्दुल्ला का धन्यवाद किया, जिन्होंने खुद संगत के साथ खड़े होकर इस ऐतिहासिक पल को साझा किया।
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख हस्तियाँ
इस मौके पर संत बाबा सेवा सिंह रामपुर खेड़ा वाले, गुरुद्वारा छठी पातशाही के प्रधान जसपाल सिंह, सचिव गुरमीत सिंह सहित कई संत महापुरुष मौजूद थे।
इसके साथ ही पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां, मंत्री हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा, तरुणप्रीत सिंह सौंद, डॉ. बलजीत कौर, हरभजन सिंह ETO, बरिंदर गोयल, डॉ. रवजोत, हरदीप मुंडियां, सांसद बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल और अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल रहे।
Jammu & Kashmir
Srinagar के Nowgam Police Station में धमाका : आठ की मौत 27 Injured, कई की हालत गंभीर
श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार रात एक जोरदार धमाका हुआ, जिसमें 8 लोग मारे गए और 27 अन्य घायल हुए। यह हादसा उस समय हुआ जब पुलिस अधिकारी ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल से जब्त किए गए विस्फोटक सामग्री के नमूने निकाल रहे थे।
धमाका रात करीब 11:20 बजे हुआ और इतना तेज था कि इसकी आवाज़ आसपास के कई इलाकों—राजबाग, पुराना सचिवालय, छानपोरा, सनतनगर, रावलपोरा और पंथा चौक—तक सुनाई दी। धमाके की वजह से पुलिस स्टेशन और आसपास खड़े वाहन जल गए, और कई इमारतों की खिड़कियां टूट गई।
धमाके का कारण
पुलिस के अनुसार, धमाका उस समय हुआ जब अधिकारी फरीदाबाद से लाई गई विस्फोटक सामग्री से सैंपल निकाल रहे थे। जब्त विस्फोटक में अमोनियम नाइट्रेट और एनपीएस शामिल थे।
यह विस्फोट उसी मॉड्यूल से जुड़ा है, जिसका भंडाफोड़ नौगाम पुलिस स्टेशन में 19 अक्टूबर को हुआ था। इस मामले में अब तक 9 संदिग्ध गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें डॉ. मुजम्मिल गनई भी शामिल हैं। फरीदाबाद से कुल 2,910 किलो विस्फोटक बरामद किया गया था, जिसे पुलिस ने नौगाम स्टेशन में लाकर रखा था।
घायलों का इलाज और बचाव कार्य
घायलों को तुरंत अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
- उजाला सिग्नस अस्पताल: 10 घायल
- SMHS (श्री महाराजा हरि सिंह) अस्पताल
- सेना का 92 बेस अस्पताल (अलर्ट पर)
घायलों में ज्यादातर पुलिसकर्मी और फोरेंसिक अधिकारी शामिल हैं। धमाके के तुरंत बाद इलाके को पुलिस ने सील कर दिया, और रास्ते बंद कर दिए गए। बम निरोधक दस्ते के कारण तत्काल बचाव अभियान शुरू नहीं हो सका।
धमाके का असर और सुरक्षा इंतजाम
- धमाका इतना तेज था कि आस-पास के घरों को भी नुकसान पहुंचा।
- इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आग की लपटें दूर तक दिखाई दीं।
- आईजी सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर के डीजीपी ने घटनास्थल का दौरा किया।
- सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया है और इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
धमाके की तुलना
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह धमाका दिल्ली के लाल किले विस्फोट जैसा खौफनाक था। घटना के वीडियो और फुटेज देखकर भी वैसा ही दृश्य नजर आया, जैसे दिल्ली धमाके के बाद दिखाई दिया था।
जानकारी का सार
- स्थान: नौगाम पुलिस स्टेशन, श्रीनगर
- समय: शुक्रवार रात 11:20 बजे
- मृतक: 8
- घायल: 27 (ज्यादातर पुलिसकर्मी और फोरेंसिक अधिकारी)
- कारण: जब्त विस्फोटक सामग्री से नमूने निकालते समय विस्फोट
- सुरक्षा एजेंसियां: पूरी तरह सतर्क, जांच जारी
इस धमाके ने न सिर्फ पुलिस स्टेशन बल्कि आसपास के इलाके को हिला दिया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अभी पूरी तरह से जांच कर रही हैं कि विस्फोट कैसे हुआ और क्या किसी तरह की सुरक्षा चूक हुई।
-
Religious2 years agoकब है तुलसी विवाह? इस दिन तुलसी माता का विवाह करने से मिलेगा लाभ
-
Religious2 years agoजानिए गोवर्धन पूजा का महत्व, कौनसा समय रहेगा पूजा के लिए सही
-
Religious2 years agoआखिर क्यों लिखा जाता है घर के बाहर शुभ लाभ, जानिए क्या है इन चिह्न का मतलब
-
Religious2 years agoपैरों के निशान, बनावट, रंग, साइज से पता लागए की आप कितने है भागयशाली
-
Punjab2 years agoपंजाब में अमरूद के बगीचे के मुआवजे के घोटाले में ED ने 26 स्थानों पर छापे मारे
-
Chandigarh2 years agoChandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?
-
Punjab2 years agoLudhiana में पुलिस स्टेशन के पास शव मिला। एक आदमी सड़क के बीच में पड़ा था; पास में कपड़ों से भरा एक बोरे भी मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी
-
Punjab2 years agoBJP पंजाब में अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी, शिअद (SAD) के साथ कोई गठबंधन नहीं: प्रदेश भाजपा प्रमुख सुनील जाखड़