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पंजाब को फिर काले दौर में ले जाना चाहते हैं अकाली? मुख्यमंत्री मान का SGPC मुखिया पर तीखा वार
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मजीठा में राज्य स्तरीय समागम के दौरान 23 ग्रामीण लिंक सड़कों का नींव पत्थर रखते हुए घोषणा की कि पंजाब में डर का दौर, “परची का दौर” (जबरन वसूली) और अकालियों की धक्केशाही का दौर खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लोगों ने डराने-धमकाने वाली राजनीति को पूरी तरह नकार दिया है और विकास, जवाबदेही तथा लोक कल्याण पर केंद्रित मॉडल को अपनाया है।
राज्य के प्रति बताया विश्वासघात
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि अकालियों की सत्ता में वापसी का मतलब बेअदबियों और निर्दोष लोगों पर गोलीबारी की ओर वापसी होगी। उन्होंने जलियांवाला बाग नरसंहार के बाद जनरल डायर को रात के खाने पर मेहमान बनाने को राज्य के प्रति विश्वासघात बताया, जिसे पंजाब के लोग कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि धार्मिक संस्थाओं को गुरु साहिब की सेवा करनी चाहिए, न कि किसी राजनीतिक परिवार का पक्ष पूरा करना चाहिए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुफ्त बिजली, सड़कों का नवीनीकरण और लोक पक्षी प्रशासन ने सड़ी राजनीति की जगह ले ली है, जिससे मजीठिया में 11.32 करोड़ रुपए की लागत वाले प्रोजेक्ट्स से विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है
संकीर्ण राजनीति को दिखाया बाहर का रास्ता
मजीठा में 23 नई ग्रामीण लिंक सड़कों का नींव पत्थर रखने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहले यह इलाका लगातार डर के साये में रहता था। इस क्षेत्र के खुद को ‘जरनैल’ बताने वाले व्यक्ति ने आम लोगों के खिलाफ झूठे केसों को हथियार की तरह इस्तेमाल किया। कांग्रेस और अकाली, दोनों सरकारों की आपसी मिलीभगत से दहशत भरे राज की शुरुआत हुई और लोग सरकार के खिलाफ बोलने से डरते थे।” उन्होंने कहा कि यह डर अब पूरी तरह खत्म हो गया है क्योंकि अब लोगों का राज है और उन्होंने ऐसी संकीर्ण राजनीति को निर्णायक तौर पर राज्य से बाहर का रास्ता दिखाया है।
जनरल डायर को बुलाया था रात के खाने पर
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों ने मजीठिया और बादल परिवारों द्वारा चलाई जा रही डराने-धमकाने वाली राजनीति को दरकिनार करके एक नया रास्ता चुना है। उन्होंने कहा, “यही मजीठा इलाका कभी उन लोगों के कब्जे में था जिन्होंने 1919 में जलियांवाला बाग नरसंहार वाले दिन जनरल डायर को रात के खाने पर बुलाया था। ऐसे विश्वासघात भरे गुनाहों को कभी नहीं भुलाया जा सकता। पंजाब के लोग उन लोगों को कभी माफ नहीं करेंगे जिनके हाथ मासूम लोगों के खून से रंगे हुए थे।”
भगवंत सिंह ने दी चेतावनी
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चेतावनी दी कि अकाली दल को सत्ता में वापस लाना पंजाब को अंधेरे युग में वापस धकेलने के बराबर होगा। उन्होंने कहा, “इसका मतलब गुरु ग्रंथ साहिब जी की दोबारा ‘बेअदबी’, निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी और आम लोगों के खिलाफ अत्याचार की ओर बढ़ना होगा।”
गुम सरूपों का पता लगाना है उद्देश्य
उन्होंने आगे कहा कि अकालियों और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एस.जी.पी.सी.) के बुरे कामों के कारण ही राज्य सरकार को गुरु ग्रंथ साहिब जी के लापता 328 सरूपों की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एस.आई.टी.) गठित करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा, “हमारा एकमात्र उद्देश्य गुम हुए सरूपों का पता लगाना है। हमारा धार्मिक संस्थाओं में दखल देने का कोई इरादा नहीं है।”
अपनी हरकतों से पंजाब को किया बर्बाद
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपनी मूल जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय एस.जी.पी.सी. प्रमुख राजनीतिक रैलियों के प्रबंध में व्यस्त रहे। उन्होंने कहा, “खुद को गुरु गोबिंद सिंह जी के सच्चे सिपाही कहने की बजाय, वे गर्व से खुद को सुखबीर सिंह बादल का सिपाही कहते हैं। ऐसे व्यक्ति से भलाई की क्या उम्मीद की जा सकती है, जो किसी ऐसे व्यक्ति की सेवा करने पर गर्व करता है जिसने अपनी हरकतों से पंजाब को बर्बाद कर दिया हो।”
अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता का जिक्र करते हुए कहा, “ अकाल तख्त साहिब हम सब से ऊपर हैं। इसी लिए मैं भारत के राष्ट्रपति के समागम में शामिल होने की बजाय तख्त साहिब के आगे पेश हुआ।” उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के उलट, अकालियों ने बार-बार अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को ठेस पहुंचाई। उन्होंने कहा, “जत्थेदारों को अपनी मर्जी से नियुक्त किया और पद से हटाया, जिससे इन संस्थाओं की पवित्रता को भारी चोट पहुंची है।” उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि कांग्रेस नेता लगातार हारों का सामना करने के बाद अपना राजनीतिक संतुलन खो चुके हैं।
भगवंत सिंह मान ने किया बड़ा ऐलान
मजीठा से एक बड़ा ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 2027 की विधानसभा चुनावों में मजीठा से आप नेता तलबीर सिंह गिल आप के उम्मीदवार होंगे। उन्होंने कहा, “समय आ गया है कि मजीठा के लोग मांग पत्र सौंपने से आगे बढ़कर खुद फैसले लेना शुरू कर दें।” भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप एक नई राजनीति का प्रतिनिधित्व करते है जहां लोग सत्ता के आगे याचिकाकर्ता नहीं होते बल्कि प्रशासन में भागीदार बनते हैं।” उन्होंने कहा कि वे मजीठा में ऐसा प्रतिनिधि भेजेंगे जो फैसला लेने, विकास और जवाबदेही में विश्वास रखता है, डराने-धमकाने और लोगों के हकों पर डाका मारने में नहीं।
किसानों को मिल रही बिजली की आपूर्ति
अपनी सरकार की लोक-पक्षी पहलों को उजागर करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मार्च 2022 में सत्ता संभालने के बाद, हमारा पहला फैसला 90 फीसदी घरों को मुफ्त बिजली प्रदान करना था।” उन्होंने कहा कि किसानों को अब निर्विघ्न बिजली आपूर्ति मिल रही है, जिससे उन्हें ठंडी रातों में अपने खेतों की सिंचाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता। उन्होंने कहा, “पंजाब आज बिजली की प्रचुरता वाला राज्य है। जरूरी कोयले की आपूर्ति और पूरी तरह कार्यशील थर्मल प्लांटों के साथ, पंजाब देश में अग्रणी राज्य बनकर उभर रहा है।”
राहुल गांधी पर साधा निशााना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ नेता गरीब व्यक्ति के घर एक रात रहना एक नई बात समझते हैं। मैं खुद एक आम आदमी हूं और मैं आम लोगों के रोजमर्रा के संघर्षों को अच्छी तरह समझता हूं।” उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस को समर्पित हाल ही में हुए समागमों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य सरकार पंजाब की महान विरासत को संभालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य के अमीर विरसे से विद्यार्थियों को परिचित करवाने के लिए ऐसी और पहलें की जाएंगी।
सीमावर्ती निवासियों को बोला सच्चा भक्त
सीमावर्ती निवासियों को सच्चे देशभक्त बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी भलाई की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “सीमावर्ती पट्टी के किसानों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में, केंद्र सरकार ने सीमावर्ती बाड़ को अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थानांतरित करने के लिए सैद्धांतिक रूप से अनुमति दे दी है।” उन्होंने कहा कि इससे किसान बाड़ से परे हजारों एकड़ जमीन पर बिना रुकावट खेती कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष उठाते हुए किसानों को पेश आने वाली रोजमर्रा की मुश्किलों की ओर ध्यान दिलाया, जिन्हें 532 किलोमीटर लंबी भारत-पाकिस्तान सीमा पर अपने खेतों तक जाने के लिए बी.एस.एफ. की सुरक्षा के तहत बाड़ पार करने के लिए मजबूर होना पड़ता था।
ग्रामीण लिंक सड़कों का होगा नवीनीकरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजीठा हलके में 11.32 करोड़ रुपए की लागत से 23 ग्रामीण लिंक सड़कों का नवीनीकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा “मजीठा हलके के कई गांवों में लिंक सड़कों के नवीनीकरण के लिए 11.32 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। इसमें से अगले पांच सालों में 9.94 करोड़ रुपए सड़कों के नवीनीकरण पर और 1.38 करोड़ रुपए उनकी देखभाल पर खर्च किए जाएंगे। इन सड़कों की हालत बहुत खस्ता थी, जिस कारण आने-जाने वालों और किसानों को अपनी उपज मंडियों में ले जाने के लिए भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था।” उन्होंने आशा जताई कि इन सड़कों के नवीनीकरण से मजीठा और आसपास के इलाकों के निवासियों को काफी लाभ होगा।
इतने रुपए की हुई बचत
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य भर में लिंक सड़कों की मरम्मत और अपग्रेड करने संबंधी एक व्यापक कार्यक्रम शुरू किया है। उन्होंने कहा, “पंजाब में लगभग 43,000 किलोमीटर लिंक सड़कें हैं। इनकी मरम्मत के साथ-साथ, हम अगले पांच सालों के लिए उनकी देखभाल को सुनिश्चित बनाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।” उन्होंने कहा कि गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए, एक मुख्यमंत्री फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किया गया है और अनुमतियां देने से पहले एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-आधारित सर्वेक्षण किया गया था जिससे 226.89 करोड़ रुपए की बचत हुई।
प्रशासन जनकल्याण पर केंद्रित है
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह पैसा पहले पिछली सरकारों के नेताओं द्वारा लूटा गया था।” उन्होंने कहा, “इस पर रोक लगाकर हम अब इन फंडों का उपयोग पंजाब के विकास और इसके लोगों की खुशहाली के लिए कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी क्लिनिक, स्कूल ऑफ एमिनेंस और मुफ्त बिजली जैसी पहलों के कारण पंजाब में प्रशासन अब पूरी तरह जनकल्याण पर केंद्रित है। इससे पहले लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्यों का स्वागत किया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ., विधायक सरवन सिंह धुन्न, सीनियर आप नेता तलबीर सिंह गिल और अन्य नेता मौजूद थे।
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केंद्रीय बजट पर आई आम आदमी पार्टी पंजाब की प्रतिक्रिया, जानिए क्या बोले CM भगवंत मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह बजट एक बार फिर पंजाब के साथ नाइंसाफ़ी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बजट में न तो किसानों के लिए एमएसपी की कोई कानूनी गारंटी है, न युवाओं के लिए रोज़गार का भरोसा और न ही उद्योग या टैक्स प्रणाली को कोई राहत दी गई है।
सीएम मान ने कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब की आर्थिक स्थिति को मज़बूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इससे साफ़ है कि राज्य और यहां के लोगों की जरूरतों को एक बार फिर नज़रअंदाज़ किया गया है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र की लगातार अनदेखी के बावजूद आम आदमी पार्टी सरकार और पंजाब के लोग मिलकर अपने दम पर राज्य को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाएंगे।
केंद्रीय बजट ने पंजाब-हरियाणा के किसानों को फिर दिया धोखा: हरपाल चीमा
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्रीय बजट ने एक बार फिर पंजाब और हरियाणा के किसानों की जायज़ चिंताओं को अनसुना किया है। उन्होंने बताया कि न तो एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में कोई बढ़ोतरी की गई है और न ही मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के लिए कोई मदद दी गई है।
चीमा ने कहा कि बजट में नारियल, काजू, चंदन और सूखे मेवों जैसी फसलों का ज़िक्र तो है, लेकिन उत्तर भारत के किसानों के लिए कुछ भी नहीं, जो गेहूं-धान जैसी फसलों पर निर्भर हैं। यह साफ़ तौर पर अनाज उत्पादक राज्यों के प्रति केंद्र की उदासीनता को दिखाता है।
केंद्रीय बजट ने पंजाब के अन्नदाता से मुंह मोड़ा: कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां
पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने बजट को “बड़ी निराशा” बताते हुए कहा कि इसमें न तो एमएसपी का कोई स्पष्ट रोडमैप है, न फसल विविधीकरण के लिए कोई सहायता और न ही बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए कोई राहत पैकेज।
उन्होंने कहा कि पंजाब देश का अन्न भंडार भरता है, फिर भी किसानों की आय सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार गंभीर नहीं दिखती।
केंद्रीय बजट लोगों के लिए सिर्फ निराशा लेकर आया: अमन अरोड़ा
मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि भाजपा ने एक बार फिर पंजाब के साथ सौतेली माँ जैसा व्यवहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों के लिए बजट में कोई ठोस घोषणा नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि आज़ादी से लेकर देश को भोजन उपलब्ध कराने तक पंजाब का योगदान ऐतिहासिक रहा है, लेकिन इसके बावजूद राज्य के लिए कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं दिया गया।
केंद्रीय बजट पंजाब के साथ खुला भेदभाव दिखाता है: कुलदीप सिंह धालीवाल
आप के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि बजट में न एमएसपी की गारंटी है, न रोजगार और न ही पंजाब के लिए कोई बड़ा विकास प्रोजेक्ट।
उन्होंने कहा कि देश के लिए सबसे ज़्यादा कुर्बानियां देने वाले पंजाब को बार-बार उसके हक से वंचित किया जा रहा है।
किसानों के अधिकारों से मुंह मोड़ता बजट: लालजीत सिंह भुल्लर
मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि केंद्रीय बजट में एमएसपी, फसल विविधीकरण और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए कोई गंभीर प्रावधान नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह बजट केंद्र सरकार की किसान विरोधी सोच को उजागर करता है।
बजट में पंजाब के किसानों के लिए कोई विज़न नहीं: लाल चंद कटारुचक
मंत्री लाल चंद कटारुचक ने कहा कि जिस राज्य ने देश के अन्न भंडार भरे हैं, उसे बजट में कोई दिशा या ठोस सहायता नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि यह बजट केंद्र की पंजाब-विरोधी मानसिकता को साफ़ दर्शाता है।
बड़े दावे, लेकिन ज़मीनी हकीकत में खोखला बजट: नील गर्ग
आप के वरिष्ठ नेता नील गर्ग ने बजट की तुलना पंजाबी कहावत “पटिया पहाड़, निकलेआ चूहा” से करते हुए कहा कि बड़ी घोषणाओं के बावजूद पंजाब, किसान, युवा और आम आदमी के लिए कोई राहत नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट बड़े कॉर्पोरेट घरानों के पक्ष में है, जबकि देश का पेट भरने वाले किसान और आम लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
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गैंगस्टरों के परिवारों की शादियों में जा रहे अकाली नेता, क्या गैंगस्टरों के जरिए सत्ता में आना चाहते हैं सुखबीर बादल?: Dhaliwal
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और हलका अजनाला से विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और अन्य अकाली नेताओं पर गैंगस्टरों के परिवारों के समारोहों में शामिल होने को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार गैंगस्टरवाद और ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, तब अकाली दल गैंगस्टरों से संबंध बनाता नजर आ रहा है।
समारोहों में मौजूदगी पर उठाए सवाल
विधायक धालीवाल ने अमृतसर में अमृतपाल सिंह बाठ की बहन की शादी समारोह में अकाली नेताओं की मौजूदगी से जुड़ी तस्वीरें सामने रखीं। इन तस्वीरों में सुखबीर सिंह बादल, विरसा सिंह वलटोहा, गनीव कौर मजीठिया, रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा और शिरोमणि कमेटी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी की शमूलियत दिखाई देती है। धालीवाल ने कहा कि ये तस्वीरें अकाली दल की नीयत और प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।
दोहरे मापदंडों का आरोप
धालीवाल ने कहा कि एक ओर सुखबीर बादल बार-बार बयान देते हैं कि पंजाब में गैंगस्टरवाद खत्म नहीं हो रहा, वहीं दूसरी ओर वे स्वयं गैंगस्टरों के परिवारों के कार्यक्रमों में शामिल होकर यह संकेत दे रहे हैं कि उनकी सियासी लड़ाई गैंगस्टरों के सहारे है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल गैंगस्टरों का इस्तेमाल कर सत्ता में वापसी करना चाहता है।
युवाओं को गलत दिशा में धकेलने का आरोप
‘आप’ नेता ने कहा कि पहले अकाली दल ने पंजाब के युवाओं को आतंकवाद की आग में झोंका था और आज वही दल युवाओं को गैंगस्टर बनाकर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पूरी करना चाहता है। उन्होंने कहा कि उस काले दौर के लिए जहां कांग्रेस जिम्मेदार थी, वहीं अकाली दल भी बराबर का दोषी रहा है।
जनता से अपील
धालीवाल ने पंजाब के लोगों से अपील करते हुए कहा कि ऐसे तत्वों से सतर्क और चौकन्ना रहने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अकाली दल ने पहले भी पंजाब को हिंसा की आग में धकेला था और अब गैंगस्टरों को बढ़ावा देकर प्रदेश का माहौल खराब किया जा रहा है।
AAP सरकार का संकल्प
विधायक धालीवाल ने दोहराया कि चाहे विपक्ष जो भी करे, आम आदमी पार्टी की सरकार का संकल्प अडिग है। उन्होंने कहा कि पंजाब से गैंगस्टरवाद और ड्रग माफिया को जड़ से खत्म किया जाएगा और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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पंजाब की मान सरकार का ‘मिशन रोज़गार’, युवाओं को दीं 63,943 सरकारी नौकरियां
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोहाली में आयोजित एक समारोह में विभिन्न विभागों के 916 नव-नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये नियुक्तियाँ ‘मिशन रोज़गार’ के तहत बिना किसी रिश्वत, सिफ़ारिश या दबाव के की गई हैं, जो आम आदमी पार्टी सरकार की पारदर्शी और ईमानदार प्रशासनिक सोच को दर्शाती हैं.
चार साल में करीब 64 हजार सरकारी नौकरियां
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक राज्य में 63,943 युवाओं को सरकारी नौकरियाँ दी जा चुकी हैं और आने वाले समय में यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी. उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले योग्यता से ज़्यादा रिश्वत और रिश्तेदारी को महत्व दिया जाता था, जिससे लाखों होनहार युवाओं का भविष्य अंधकार में चला गया. मौजूदा सरकार ने इस व्यवस्था को बदलने का संकल्प लिया है.
भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद पर करारा प्रहार
विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों तक सत्ता में बैठे लोगों ने अपने चहेतों को नौकरियाँ देकर आम युवाओं के हक छीने. उन्होंने कहा कि शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने के लिए उनकी सरकार पूरी ईमानदारी से काम कर रही है और युवाओं को उनका अधिकार दिला रही है.
पारदर्शिता का रिकॉर्ड, अदालत में कोई चुनौती नहीं
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि लगभग 64 हजार नियुक्तियों में से एक भी भर्ती को अदालत में चुनौती नहीं दी गई है. यह इस बात का प्रमाण है कि सभी भर्तियाँ पूरी तरह मेरिट के आधार पर और पारदर्शी प्रक्रिया से की गई हैं. उन्होंने नव-नियुक्त युवाओं को जनता की सेवा में पूरी निष्ठा और पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ काम करने का आह्वान किया.
कल्याणकारी योजनाओं का भी ज़िक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सरकार की अन्य उपलब्धियों का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत अब हर पंजाबी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा. राज्य में 19 टोल प्लाज़ा बंद किए गए हैं, जिससे लोगों की रोज़ाना बड़ी बचत हो रही है. इसके अलावा 881 आम आदमी क्लिनिक और 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली जैसी योजनाएँ जनता को राहत दे रही हैं.
नव-नियुक्त युवाओं में दिखा उत्साह
कार्यक्रम में शामिल कई नव-नियुक्त उम्मीदवारों ने भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता की सराहना की. उन्होंने कहा कि बिना किसी सिफ़ारिश के सरकारी नौकरी मिलना उनके लिए गर्व और आत्मसम्मान की बात है. मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि ये युवा अब पंजाब सरकार के परिवार का हिस्सा हैं और उनके कंधों पर राज्य के उज्ज्वल भविष्य की जिम्मेदारी है.
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