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बीजेपी के 30 सालों में भ्रष्टाचार का रेट 10 हजार रुपये हुआ, गुजरात में केजरीवाल ने भगवंत मान के साथ खोला मोर्चा

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान के साथ गुजरात के अमरेली में ‘विजय विश्वास सभा’ में बीजेपी सरकार पर जमकर कर हमला बोला. उन्होंने कहा कि बीजेपी के कुशासन से गुजरात की जनता परेशान है. अब आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में जनता की सरकार बनेगी.

अरविंद केजरीवाल ने जनता का आह्वान करते हुए कहा, “इस बार किसी पार्टी या नेता के नाम पर वोट मत दो, बल्कि अपने आपको वोट दो और अपनी सरकार बनाओ.” उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी कोई पार्टी नहीं, बल्कि आंदोलन, क्रांति, स्वतंत्रता और देश को तरक्की देने का नाम है. पंजाब में जनता की सरकार है और जनता के लिए काम कर रही है. अगर गुजरात में भी ‘‘आप’’ के नेतृत्व में जनता की सरकार बन गई तो पूरे राज्य का नक्शा बदल जाएगा. 

केजरीवाल ने बीजेपी पर क्या-क्या आरोप लगाए?

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पिछले 30 साल से बीजेपी ने गुजरात पर कब्जा कर रखा है. भगवान बीजेपी का भ्रष्टाचार और कुशासन से गुजरात के लोगों को मुक्ति दिलाएं. सौराष्ट्र 48 विधानसभा सीटें हैं. 2022 में सौराष्ट्र की जनता ने 48 में से 40 सीटें बीजेपी को दी. सौराष्ट्र की जनता ने बीजेपी को प्यार, सम्मान देने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन बदले में बीजेपी ने भ्रष्टाचार, धक्के, गालियां, अपमान, डंडा और जेल दिया. जनता को वोट लेकर बीजेपी के लोग विधायक, मंत्री बन गए. उनके पास बड़ी-बड़ी गाड़ियां आ गईं, बड़े-बड़े बंगले, प्रॉपर्टी और दुकानें बनवा ली. इन्होंने अथाह पैसा कमा लिया. 30 साल में बीजेपी ने गुजरात को लूट लिया.”

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “बीजेपी सरकार द्वारा बनवाई गई सड़क तीन दिन में टूट जाती है. मोरबी और बड़ौदा का पूल टूट गया. सारा पैसा कहां जाता है? यहां के किसानों ने बताया कि कुछ महीने पहले उनकी मुगफली की फसल खराब हो गई. गुजरात सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए मुआवजे का एलान किया, लेकिन किसानों को नहीं मिला. ये लोग 10 हजार करोड़ रुपए खा गए. राशन कार्ड बनवाने, बिजली का गलत बिल ठीक कराने, जाति-जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र समेत सभी तरह के काम करवाने के बदले पैसे देने पड़ते हैं. 30 साल में गुजरात के अंदर भ्रष्टाचार के रेट जरूर बढ़ गए हैं. पहले जो काम 100 रुपए में होता था, अब 10 हजार रुपए में हो रहा है.”

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पिछले 30 साल से गुजरात की जनता नेताओं को वोट देती आई, लेकिन कुछ नहीं मिला. ये नेता किसी के सगे नहीं हैं. इस बार गुजरात की जनता अपने आपको को वोट दो, जनता की सरकार बनाओ. इस बार किसी पार्टी या नेता के नाम पर वोट मत दो. पंजाब के लोगों ने अपनी सरकार बनाई है. आम आदमी पार्टी कोई पार्टी नहीं है, बल्कि आंदोलन, क्रांति, स्वतंत्रता आंदोलन और इस देश को तरक्की देने का नाम है. भगवंत मान किसान के बेटे हैं. मेरे पिता भी नेता नहीं थे. ईशुदान गढ़ी, गोपाल इटालिया, चैतर वसावा, विनोद सोहरठिया समेत ‘‘आप’’ के सभी नेताओं के घर में पहले कोई नेता नहीं था. हम आम लोग हैं. इसलिए पंजाब में आम आदमी पार्टी के आम लोगों की सरकार है और किसान का बेटा मुख्यमंत्री है.”

पंजाब में आप को क्यों मिली सफलता? केजरीवाल ने बताया

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पंजाब में 117 में से आम आदमी पार्टी के 96 विधायक हैं. इनमें 80 से ज्यादा पहली बार आम घरों के लड़के-लड़कियां विधायक बने हैं. वहीं, गुजरात में विधायक की पत्नी, बेटा विधायक बनता है. बीजेपी और कांग्रेस में आम घरों के बच्चों को नहीं, बलिक नेताओं के बच्चों को ही टिकक मिलता है. लेकिन आम आदमी पार्टी सिर्फ आम घरों के बच्चों को टिकट देती है. आम लोगों के मुद्दे उठाती है और आम लोगों की सरकार बनाती है.

गुजरात की तरह पंजाब भी किसानों की धरती है. पंजाब में किसानों के लिए काम होता है. गुजरात में आधी रात में किसानों को बिजली मिलती है, लेकिन पंजाब में दिन में 8 घंटे बिजली मिलती है. सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली आती है. पहले नहीं आती थी, लेकिन किसान के बेटे ने मुख्यमंत्री बनते ही सारा सिस्टम बदल दिया.”

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पहले पंजाब की कुल कृषि भूमि में से सिर्फ 20 फीसद ही नहर से सिंचाई होती थी. लेकिन अब 70 फीसद खेतों तक नहरी पानी पहुंच रहा है और अगले साल तक 90 फीसद खेतों तक पानी पहुंच जाएगा. पूरे देश में पंजाब इकलौता राज्य है, जहां खेती के लिए बिजली मुफ्त मिलती है. गुजरात में नेताओं-अमीरों की सरकार है, इसलिए खेती की बिजली मुफ्त नहीं है.

पंजाब में जनता की सरकार है, जो 24 घंटे जनता के बारे में सोचती है. पंजाब में मंडी में आने वाली किसानों की सारी फसल सरकार खरीदती है, किसी को वापस नहीं भेजती है और घर पहुंचने से पहले उसके खाते में पैसे आ जाते हैं. लेकिन गुजरात में तीन-तीन महीने तक किसानों को फसल का पैसा नहीं मिलता है. क्योंकि नेताओं को किसानों की परवाह ही नहीं है.”

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “सौरष्ट्र में आम की खेती होती है. हर साल आम की खेती बर्बाद होती है, लेकिन सरकार ने आज तक इस नुकसान की भरपाई के लिए कोई पॉलिसी ही नहीं बनाई. गुजरात सरकार ने ईको जोन कानून बनाया, आज इस कानून से पूरा किसान परेशान है. यह कानून खत्म होना चाहिए. बीजेपी को किसानों से कोई लेना-देना होता तो यह कानून नहीं बनाते. वन विभाग वाले भी किसानों को परेशान करते हैं. पंजाब की तरह गुजरात में भी किसानो के लिए काम होना चाहिए. 

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “2022 में सौराष्ट्र की जनता ने 48 में से 40 सीट बीजेपी को दी तो 4 सीट आम आदमी पार्टी को भी दी और गुजरात में ‘‘आप’’ का खाता खोला. आज बीजेपी के लोग आम जनता को डंडे मारते हैं तो उन्हें बचाने के लिए ‘‘आप’’ के नेता डंडे खाने, जेल जान के लिए आगे आते हैं. सौराष्ट्र में 40 सीट पाने वाली बीजेपी जनता को डंडे मारती है और 4 सीट पाने वाली ‘‘आप’’ के नेता अपनी छाती के उपर डंडे खाकर जेल जाते हैं.

चैतर वसावा, प्रवीण राम समेत हमारे तमाम नेता जेल गए. लेकिन हम डरने वाले हैं. जब इन्होंने मुझे जेल में डाल दिया और मैं नहीं डरा तो हमारी पार्टी के लोग इनके डंडों और जेल से डरने वाले नहीं है. सौराष्ट्र ने ‘‘आप’’ सिर्फ 4 सीट दी, तब भी हम जनता के लिए लड़ रहे हैं. अगर गुजरात के लोग आम आदमी पार्टी की अपनी सरकार बना लेंगे तो गुजरात का नक्शा बदल जाएगा.”

AAP एक रुपए का भ्रष्टाचार नहीं होने देती- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पंजाब में इतने काम इसलिए हो रहे हैं, क्योंकि एक रुपए का भ्रष्टाचार नहीं होने देते हैं. बुधवार सुबह ही मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपनी ही पार्टी के एक विधायक को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया, क्योंकि वह भ्रष्टाचार कर रहा था. कभी नहीं सुना गया था कि कोई पार्टी अपने ही विधायक को गलत काम करने पर जेल में डालती है.

अगर किसी विधायक के भ्रष्टाचार के बारे में पता चलता है तो मुख्यमंत्री बुलाकर कहता है कि कमाई का हिस्सा मुझे क्यों नहीं दिया? लेकिन भगवंत मान ऐसे विधायक को पकड़ कर जेल में डालते हैं कि उसने जनता का पैसा चोरी करने की हिम्मत कैसे की? पंजाब में ‘‘आप’’ सरकार ने भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म कर दिया. सरकार का एक-एक पैसा जनता के उपर खर्च हो रहा है. 

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “हम 24 घंटे जनता के बारे में सोचते हैं कि और क्या काम करें? आज इलाज बहुत महंगा हो गया है. सिटी स्कैन समेत कई जांचें बहुत महंगी हैं. दवाई और एमआरआई में हजारों रुपए खर्च होते हैं. कैंसर में लाखों रुपए लग जाते हैं. गरीब आदमी कहां से पैसे लाएगा? भगवंत मान ने ऐसी व्यवस्था कर दी है कि अब जिस अस्पताल में मुख्यमंत्री का इलाज होता है, उसी में आम आदमी का भी इलाज हो रहा है. क्योंकि पंजाब के 63 लाख परिवारों को 10 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा कर दिया. ये नेता गुजरात की जनता को 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा नही ंदेने वाला है, इसके लिए अपनी सरकार बनानी होगी. बीजेपी और कांग्रेस ने देश का बेड़ा गर्क कर दिया है.”

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “अहमदाबाद के केडी अस्पताल में अमित शाह अपना इलाज कराते हैं. गुजरात की जनता आम आदमी पार्टी सरकार बनाए, सबका इलाज केडी अस्पताल में फ्री में करवाएंगे. दूसरी पार्टी वाले आकर गालियां देते हैं. लेकिन मैं किसी को गाली नहीं देता, सिर्फ आम लोगों के परिवार, उनके बच्चों और गुजरात के भविष्य और तरक्की की बात करता हूं.

हम पंजाब में 18 साल से अधिक उम्र की हर महिला को 1 हजार रुपए और दलित समाज की महिला को 1500 रुपए देने जा रहे हैं. एक घर में तीन महिलाएं हैं तो उसके परिवार को तीन हजार रुपए प्रतिमाह मिलेगा. कांग्रेस और बीजेपी वाले हमें गालियां दे रहे हैं कि महिलाओं को पैसे की देने की क्या जरूरत है? महिलाएं बिगड़ जाएंगी. ये लोग जनता के करोड़ों रुपए डकार गए, ये नहीं बिगड़े. आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर गुजरात की हर महिला के खाते में हजार रुपए आएंगे. 

क्यों जरूरी है गुजरात में आप सरकार? केजरीवाल ने बताया

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुजरात में जिला परिषद के चुनाव है. इस चुनाव में आम घरों के बच्चों को टिकट देंगे. ‘‘आप’’ के नेताओं के बच्चों, भाई या रिश्तेदार को टिकट नहीं मिलेगा. आम लोगों को आम आदमी पार्टी चलानी है और अपनी सरकार बनानी है. जिला परिषद का चुनाव विधानसभा का सेमीफाइनल है. डेढ़ साल बाद विधानसभा का चुनाव है. इससे पहले जिला परिषद में आम आदमी पार्टी को जिताकर अपनी सरकार बनानी है और अपने बच्चों को पंचायतों और नगर पालिका में भेजा है और हम सभी को मिलकर गुजरात को तरक्की के रास्ते पर लेकर जाना है. 

वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “आम लोगों की भलाई के लिए आम आदमी पार्टी बनी है. जब दिल्ली में ‘‘आप’’ की सरकार थी, तब वहां सरकारी स्कूल बहुत अच्छे हो गए थे. मोहल्ला क्लीनिक में मुफ्त दवाई और गरीबों को मुफ्त इलाज मिलता था. झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों की जिंदगी में सुधार आ गया था और लोगों को रोजगार मिल रहे थे. उसके बाद बीजेपी की सरकार आ गई और सब कुछ बंद कर दिया गया. सब कुछ उठाकर बड़े उद्योगपतियों को दे दिया गया. प्राइवेट स्कूल मनमर्जी कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि पंजाब में ‘‘आप’’ की सरकार है. पंजाब में हर परिवार का 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनाया जा रहा है, जिससे लोग अपनी पसंद के किसी भी बड़े प्राइवेट या सरकारी अस्पताल में इलाज करवा सकते हैं. पंजाब के सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपए और दलित समाज की महिलाओं को 1500 रुपए प्रति माह दिए जाएंगे.”

भगवंत मान ने जनता से अपील की कि आने वाले चुनाव में वे इस बात का ख्याल रखें कि बीजेपी पिछले 30 साल से लूट रही है और कांग्रेस भी उनके साथ मिली हुई है. ऐसे में लोग किसके पास जाएं? अब आम आदमी पार्टी आ गई है, इसलिए लोगों को झाड़ू चुनाव चिह्न का बटन दबाना चाहिए. यह झाड़ू राजनीतिक तौर पर 30 साल से फैली सारी गंदगी की सफाई कर देगा.

अगर लोग झाड़ू वाला बटन दबाएंगे तो किस्मत चमक जाएगी, लेकिन अगर वे पहले वाले बटन दबाएंगे तो अपनी किस्मत को अगले पांच या 10 साल के लिए इन लुटेरों के पास गिरवी रख देंगे. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने गुजरात को बर्बाद कर दिया है. देश में गुजरात का झूठा मॉडल बेचे गए. इसलिए जिला परिषद चुनाव में आम आदमी पार्टी को वोट दें. बीजेपी-कांग्रेस वाले लोगों केा धर्म और जाति के नाम पर लड़ाएंगे, लेकिन अरविंद केजरीवाल आपके बच्चों को पढ़ाएंगे.

वादे नहीं गारंटियां देती है आप- सीएम मान

भगवंत मान ने कहा, “आम आदमी पार्टी केवल वादे नहीं करती, बल्कि गारंटियां देती है और उन्हें पूरा भी करती है. आज पंजाब में 90 फीसदी घरों का बिजली बिल जीरो आता है. पंजाब में किसानों को बिल्कुल मुफ्त बिजली मिलती है और वह भी दिन के समय. किसान सुबह 10 बजे खेत में जाता है और शाम को छह बजे अपना ट्यूबवेल बंद करके घर आ जाता है, जैसे किसी दफ्तर की छुट्टी हो गई हो. हम किसानों को यही इज्जत और सम्मान देते हैं.”

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पंजाब CM ने शिक्षा के मुद्दे पर BJP को घेरा:बोले-गुजरात में सबसे ज्यादा पेपर लीक, देश में 2 तरह की शिक्षा व्यवस्था

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पंजाब के स्कूलों में 1 अप्रैल से नया अब्सेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके तहत यदि कोई छात्र गैरहाजिर रहता है, तो उसके माता-पिता के मोबाइल पर तुरंत मैसेज भेजा जाएगा। वहीं, किसी शिक्षक के अनुपस्थित रहने पर इसकी सूचना जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी को दी जाएगी।

इस बात की जानकारी सीएम भगवंत मान ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि नया शैक्षणिक सत्र अप्रैल से शुरू होगा और सभी स्कूलों में किताबें पहले ही पहुंचाई जा चुकी हैं। सीएम ने परीक्षा प्रणाली पर बोलते हुए कहा कि गुजरात में पेपर लीक की घटनाएं ज्यादा होती हैं, जिसे वहां “पेपर फूटा” कहा जाता है, जबकि पंजाब में अब तक ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पहले एक क्षेत्र के सभी छात्र टॉपर आए थे, जिसके बाद सरकार ने दोबारा परीक्षा करवाई।

पंजाब सीएम भगवंत और शिक्षामंत्री हरजोत सिंह बैंस जानकारी देते हुए।

पंजाब सीएम भगवंत और शिक्षामंत्री हरजोत सिंह बैंस जानकारी देते हुए।

दलियां खाने के लिए बना दी इमारते

सीएम ने कहा कि जिन देशों ने शिक्षा को प्राथमिकता दी, वे आज विकसित देशों में शामिल हैं। भारत में दो तरह की शिक्षा व्यवस्था है। एक अमीरों के लिए महंगी प्राइवेट शिक्षा और दूसरी आम लोगों के लिए सरकारी स्कूल है।

पहले सरकारी स्कूलों की इमारतें केवल मिड-डे मील (दलिया) तक सीमित कर दी गई थीं। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया और अब पंजाब में भी उसी दिशा में काम हो रहा है, ताकि सरकारी और निजी स्कूलों के बीच का अंतर खत्म किया जा सके।

जनगणना में टीचरों की डयूटी न लगाने का आग्रह

सीएम ने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों से केवल पढ़ाई का काम लिया जाएगा और उन्हें अन्य जिम्मेदारियां नहीं दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में जनगणना भी होनी है, जिसके लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है कि शिक्षकों की ड्यूटी इसमें न लगाई जाए। इसके बजाय सरकार अन्य कर्मचारियों की सेवाएं उपलब्ध करवाएगी।

25 सकूलों के नाम शहीदों के नाम पर

25 स्कूलों का नाम शहीदों और महान हस्तियों के नाम पर रखा गया है। वहीं, उनके संगरूर स्थित गांव के स्कूल का नाम जगसीर हवलदार के नाम पर है। छात्रों में उद्यमिता बढ़ाने के लिए “बिजनेस ब्लास्टर” स्कीम शुरू की गई है, जिसके तहत बच्चों ने 70 करोड़ रुपए तक की कमाई के आइडिया विकसित किए हैं।

19,279 करोड़ का बजट रखा गया

सरकार ने बीते 4 साल में शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव करते हुए सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के बराबर लाने का दावा किया है। 2026-27 के लिए शिक्षा बजट 19 हजार 279 करोड़ रुपए रखा गया है, जो पिछले साल से 7% ज्यादा है। “शिक्षा क्रांति” का दूसरा चरण भी शुरू किया गया है, जिसके तहत 3 हजार 500 करोड़ रुपए का प्रोग्राम लॉन्च किया गया है। नेशनल अचीवमेंट सर्वे 2024 में पंजाब के स्कूलों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए केरल को भी पीछे छोड़ा। साथ ही, 118 “स्कूल ऑफ एमिनेंस” स्थापित किए जा चुके हैं।

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में कैबिनेट की ओर से ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ शुरू करने को हरी झंडी; 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को हर महीने 1000–1500 रुपए सम्मान राशि मिलेगी

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Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने आज पूरे पंजाब में ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ को मंजूरी देकर इस योजना को शुरू करने का रास्ता साफ कर दिया है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए और बाकी सभी महिलाओं को 1000 रुपए सम्मान राशि मिलेगी। इस योजना से पंजाब की 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ पहुंचेगा। यह फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान लिया गया।

अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपए और बाकी सभी महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह सम्मान राशि दी जाएगी

इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ योजना पूरे राज्य में शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपए और बाकी सभी महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह सम्मान राशि दी जाएगी। यह योजना महिलाओं को स्वतंत्र और सशक्त बनाकर उनकी प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगी। यह स्कीम महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत करेगी, जिससे वे बचत और निवेश कर सकेंगी तथा घर-परिवार के लिए जरूरी इच्छाओं को पूरा करने में सक्षम बनेंगी।”
उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार ने पहले ही सामाजिक कल्याण और मानव विकास के क्षेत्र में बेमिसाल प्रगति की है, हालांकि राज्य भर में बड़ी संख्या में महिलाएं, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से संबंधित महिलाएं, वित्तीय सुरक्षा की कमी का सामना करती हैं। पारिवारिक कल्याण में सुधार करने, लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक-आर्थिक फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत करना अत्यंत जरूरी है।”


इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने आगे कहा, “इस योजना से 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की संभावना है, जो इसे देश की सबसे महिला-हितैषी सामाजिक सुरक्षा पहलों में शामिल करता है। यह योजना राज्य भर में महिलाओं को सीधी आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और महिलाओं के सशक्तिकरण के तहत उनके लिए वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के प्रति सरकार के विजन को दर्शाती है।”


यह योजना सीधा लाभ प्रदान करने के लिए तैयार की गई है, जिसमें वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इस स्कीम के तहत एक परिवार में योग्य महिलाओं की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं होगी और एक ही परिवार की कई महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकेंगी। मौजूदा सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगियों को भी इस योजना के तहत अपनी पेंशन के अलावा पूरा वित्तीय लाभ मिलेगा, जिससे इसकी पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ेगी।
पंजाब में 18 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाएं, जो वोटर के रूप में रजिस्टर्ड हैं, जिनके पास पंजाब निवास वाला आधार कार्ड और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वोटर कार्ड है, इस योजना के तहत लाभार्थी के रूप में रजिस्टर होने के योग्य होंगी।


हर महिला तक इस योजना का लाभ पहुंचाने को सुनिश्चित करने के लिए भगवंत मान सरकार व्यापक पहुंच और रजिस्ट्रेशन संबंधी हर संभव प्रयास करेगी, जिसमें महिलाओं खासकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की महिलाओं के लिए दस्तावेज पूरे करना, बैंक खाते सक्रिय करना और निर्बाध रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने में सहायता शामिल है।
इस पहल को और मजबूत करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में पहले ही 9,300 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की जा चुकी है और योजना के पैमाने व पहुंच को देखते हुए यह पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी महिला-हितैषी सामाजिक कल्याण पहलों में से एक होने की उम्मीद है।

योजनाबंदी विभाग में सीधी भर्ती के तहत 70 पद भरने को मंजूरी

कैबिनेट ने योजनाबंदी विभाग में सीधी भर्ती के तहत 70 पद भरने की मंजूरी दे दी है। आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड और सांख्यिकी विभाग, पंजाब के विलय की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। इस अभ्यास को देखते हुए भरे जाने वाले रिक्त पदों की आवश्यकता को संशोधित किया गया है। इसलिए अधिकारियों की कमेटी द्वारा सीधी भर्ती के 70 पद भरने की मंजूरी दी गई है।


पी.एस.पी.सी.एल. और पी.एस.टी.सी.एल. के सी.एम.डी. तथा डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए शर्तों में संशोधन
कैबिनेट ने पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) और पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ट्रांसको) के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सी.एम.डी.) तथा डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए जरूरी योग्यताओं और अनुभव संबंधी शर्तों में संशोधन करने की भी मंजूरी दे दी है।


पछवाड़ा कोयला खदान में मानव शक्ति एवं सहायक स्टाफ नियुक्त करने को मंजूरी
कैबिनेट ने झारखंड के जिला पाकुड़ स्थित पछवाड़ा केंद्रीय कोयला खदान (पीसीसीएम) के संचालन और रखरखाव के लिए पी.एस.पी.सी.एल. द्वारा ठेके के आधार पर मानव शक्ति और सहायक स्टाफ नियुक्त करने को भी हरी झंडी दे दी है। इसके लिए एक अधिकृत कमेटी बनाने का फैसला किया गया है, जिसमें प्रबंधकीय सचिव को चेयरमैन और चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर तथा डायरेक्टर/जनरेशन, पी.एस.पी.सी.एल. को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। इस कमेटी को पछवाड़ा केंद्रीय कोयला खदान, पाकुड़ के संचालन और रखरखाव के लिए सक्षम मानव शक्ति/सहायक स्टाफ की ठेके पर भर्ती और विस्तार संबंधी सभी मंजूरियां देने के लिए अधिकृत किया गया है।
लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए नीति में संशोधन


कैबिनेट ने लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों/शेडों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए नीति में संशोधनों को भी मंजूरी दे दी है। इन संशोधनों के अनुसार बैंकों या वित्तीय संस्थाओं के पास गिरवी रखे गए औद्योगिक प्लॉट फ्रीहोल्ड में बदले जा सकते हैं, बशर्ते संबंधित बैंक द्वारा प्राप्त ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ जमा करवाया गया हो और निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन किया गया हो। ऐसे मामलों में जहां मौजूदा टाइटल दस्तावेजों में अनार्जित वृद्धि संबंधी कोई धारा नहीं है (भले ही यह पहले के टाइटल दस्तावेजों में मौजूद हो), 5 प्रतिशत की कन्वर्जन फीस लागू होगी।

पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) (संशोधन) बिल-2026

कैबिनेट ने पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) (संशोधन) बिल, 2026 को पेश करने की मंजूरी दे दी है ताकि राज्य भर में औद्योगिक क्षेत्रों के बेहतर प्रबंधन के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (एस.पी.वी.) की प्रभावशीलता, पारदर्शिता और वित्तीय स्थिरता को मजबूत किया जा सके। प्रस्तावित संशोधन औद्योगिक पार्कों के विस्तार और औद्योगिक एस्टेटों से बाहर नए औद्योगिक क्लस्टरों के विस्तार के कारण वर्षों में उभरी प्रशासनिक और क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियों को हल करेंगे। इसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कें, स्ट्रीट लाइटें, पार्क, सुरक्षा, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य साझा सुविधाओं जैसे साझा बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए सेवा शुल्क वसूलने और इनके उपयोग के लिए सुचारू प्रणाली विकसित की जाएगी।


सभी औद्योगिक क्षेत्रों में एस.पी.वी. तैयार किए जाएंगे जो सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत रजिस्टर्ड होंगे। ये एस.पी.वी. औद्योगिक क्षेत्रों में साझे बुनियादी ढांचे के संचालन और रखरखाव के लिए बिना लाभ-बिना नुकसान के आधार पर काम करेंगे। साथ ही एस.पी.वी. के कार्यों की निगरानी और विवादों के समाधान के लिए संस्थागत व्यवस्था प्रदान करने हेतु जिला निगरानी प्राधिकरण स्थापित किया जाएगा।

एन.एच.ए.आई. प्रोजेक्ट्स के लिए सतलुज नदी से गाद निकालने को मंजूरी

कैबिनेट ने राज्य में विभिन्न हाईवे प्रोजेक्ट्स के निर्माण के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी (एन.एच.ए.आई.) को साधारण मिट्टी देने के लिए सतलुज नदी से गाद निकालने की शर्तों में ढील देने को भी मंजूरी दे दी है। यह जल संसाधन विभाग द्वारा की जा रही विभिन्न पहलों का हिस्सा है, जिसमें नदियों के प्रबंधन और बाढ़ के खतरे को कम करने के प्रयासों के रूप में राज्य भर की प्रमुख नदियों में लंबे चैनलों की खुदाई शामिल है।

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भाजपा-अकाली दल ने ही पंजाब के घर-घर में नशा पहुंचाया, Amit Shah को पंजाब से माफी मांगनी चाहिए- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पंजाब के घर-घर में नशा पहुंचाने के लिए लोगों से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने अमित शाह से कहा कि आपकी पार्टी भाजपा और अकाली दल की सरकार ने ही पंजाब के घर-घर में नशा पहुंचाया था। आज आप किस मुंह से नशा मुक्त पंजाब की बात कर रहे हैं? आज भगवंत मान की सरकार भाजपा-अकाली दल सरकार में नशा के दोषी मंत्रियों को जेल भेज रही है और उन्हें उनके गुनाहों की सजा मिल रही है। हमारी सरकार जनता के साथ मिलकर नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। अकाली और भाजपा के काले दौर को पंजाब न भूला है, न भूलेगा, न माफ़ करेगा। 

रविवार को अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृहमंत्री के नशा मुक्त पंजाब बनाने वाले बयान की वीडियो क्लिप एक्स पर साझा कर कहा कि अमित शाह जी, पंजाब के घर-घर में नशा पहुंचाने के लिए आपको तो पंजाब के लोगों से माफ़ी मांगनी चाहिए। भाजपा– अकाली दल के काले दौर को लोग भूले नहीं हैं, जब अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर मंत्रियों के घरों में पनाह लेते थे, पेडलर्स को पुलिस गाड़ियों और हथियारबंद सुरक्षा के साथ पूरे राज्य में घुमा कर नशा घर-घर पहुंचाया जाता था। आज आप किस मुँह से नशा मुक्त पंजाब की बात कर रहे हैं?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब हम उस दौर के दोषी मंत्रियों को जेल भेज रहे हैं, उन्हें उनके गुनाहों की सजा मिल रही है। आज पंजाब में आपकी सरकार का इंतज़ार जनता को नहीं है, बल्कि उन बड़े-बड़े नशा कारोबारियों को है, जिन्हें हमारी सरकार की सख्ती के बाद राज्य छोड़कर भागना पड़ा।

अरविंद केजरीवाल ने अमित शाह से कहा कि अगर आपको नशे की इतनी ही चिंता है तो पहले गुजरात में अपना “डबल इंजन” क्यों नहीं चलाते? मुंद्रा पोर्ट से 20,000 करोड़ की ड्रग्स पकड़ी गई थी, आपने पोर्ट के मालिक को जेल में क्यों नहीं डाला? उन्होंने कैग की रिपोर्ट कहा कि कैग रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात में चूहे पुलिस कस्टडी से 2300 किलो ड्रग्स खा गए। क्या ये यकीन करने वाली बात है? ज़ाहिर है कि पुलिस कस्टडी से वो चोरी करके बाज़ार में बेच दी गई और लाखों घर बर्बाद कर दिए गए। 

अंत में अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को सलाह देते हुए कहा कि पहले गुजरात संभालिए, फिर पंजाब की बात कीजिए। पंजाब में भगवंत मान की सरकार जनता के साथ मिलकर नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। अकाली- बीजेपी के काले दौर को पंजाब न भूला है, न भूलेगा, न माफ़ करेगा।

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