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विदेश से लौटे CM मान:जापान में की गई मीटिंगों की जानकारी दी, 10 दिन के अपने दौरे की दे रहे जानकारी

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान दस दिन बाद जापान और उत्तर कोरिया से वापस लौट आए हैं। उनकी तरफ से अपने सरकारी आवास पर पत्रकारवार्ता की जा रही है। उनकी तरफ से जापान और दक्षिण कोरिया में कंपनियों और मंत्रियों से हुई मीटिंग का ब्योरा दिया जा रहा है। उनकी तरफ से कहा गया है कि वह बड़ी संख्या में कंपनियां पंजाब के मोहाली में इन्वेस्ट करने को तैयार हैं।

कई कंपनियों ने मोहाली को आईटी हब बनाने में योगदान देने के लिए कहा है। यही नहीं कंपनियां यहां पर आरएंडडी सेंटर बनाने पर भी काम करने की बात कही है।

10 दिन के विदेश दौरे पर गए थे मुख्यमंत्री सीएम भगवंत मान 10 दिन के विदेश दौरे पर जापान और उत्तर कोरिया गए थे, उनके साथ पंजाब के उद्योगपति संजीव गुप्ता, चीफ सेक्रेटरी KAP सिन्हा और इन्वेस्टमेंट प्रमोशन से जुडे़ हुए सीनियर अधिकारी भी दौरे पर गए हैं। इस दौरे का लक्ष्य पंजाब में निवेश को बढ़ाना देना रहा है।

सरकार अगले साल में मार्च महीने में प्रोग्रेसिव पंजाब बिजनेस समिट आयोजित करने की तैयारी कर रही है। इसमें पंजाब में निवेश के लिए कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है। कई कं​पनियां यहां आ रही हैं। अब तक पंजाब में टाटा स्टील जैसी कई नामी कंपनियां निवेश कर चुकी है।

जापानी कंपनियों ने निवेश में दिखाई रुचि उनकी तरफ से जापान दौरे के चौथे दिन जापानी व्यापारियों से मिले थे, इस दौरान जापानी कंपनियों ने भाग लिया और प्रदेश में निवेश करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई थी। सीएम मान ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हमारे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करना और निवेशकों के लिए एक स्थिर तथा विश्वसनीय वातावरण तैयार करना है।

इस मौके बताया गया कि इन्वेस्ट पंजाब के माध्यम से 1.4 लाख करोड़ रुपए से अधिक के ग्राउंडेड निवेश पहले ही सुरक्षित किए जा चुके हैं।

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पंजाब के हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये के टर्नओवर छिपाने का खुलासा, डेटा-आधारित जांच के माध्यम से कार्रवाई तेज: हरपाल सिंह चीमा

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पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां पंजाब के हॉस्पिटैलिटी (खाद्य एवं पेय व्यवसाय) क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये के टर्नओवर छिपाने के एक बड़े रैकेट का खुलासा करते हुए ढाबों, खाने-पीने के स्थानों, रेस्टोरेंट्स और फास्ट-फूड आउटलेट्स में गहरी जड़ें जमा चुकी और व्यवस्थित तरीके से आय कम दिखाने की प्रवृत्ति का पर्दाफाश किया। वित्त मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने सार्वजनिक राजस्व की सुरक्षा के लिए तकनीक-आधारित सख्त कार्रवाई शुरू की, जिसके तहत 882 संस्थानों को जांच के घेरे में लिया गया और अब तक 2.02 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और अधिक डेटा के विश्लेषण से टर्नओवर छिपाने का यह मामला लगभग 500 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

इस बात का उल्लेख करते हुए कि मोहाली, जालंधर और लुधियाना जैसे प्रमुख शहरी केंद्र टैक्स चोरी के मुख्य गढ़ के रूप में उभरे हैं, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जोर देकर कहा कि अधिक नकदी और हाइब्रिड भुगतान (नकद और डिजिटल दोनों) वाले क्षेत्र इस धोखाधड़ी के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि एडवांस्ड डेटा एनालिटिक्स, टैक्स इंटेलिजेंस यूनिट और स्टेट इंटेलिजेंस एवं प्रिवेंटिव यूनिट (सिपू) से प्राप्त जानकारी तथा ‘बिल लाओ, इनाम पाओ’ योजना की सफलता के आधार पर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य के राजस्व की सुरक्षा के लिए तकनीक का पूरा उपयोग सुनिश्चित करते हुए हर उल्लंघन करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “होटल, ढाबे, खाने-पीने के स्थान, बेकरी, मिठाई की दुकानें, रेस्टोरेंट्स, कैटरिंग सेवाएं और ऐसे अन्य संस्थानों को कवर करने वाले एक व्यापक, राज्य स्तरीय और डेटा-आधारित अभियान के माध्यम से हमने वित्त वर्ष 2025-26 से संबंधित कुल 882 संस्थानों की पहचान की है।”

वित्त मंत्री ने आगे कहा, “अधिक विश्लेषण और वित्त वर्ष 2023-24 तथा 2024-25 से संबंधित डेटा को शामिल करने के साथ टर्नओवर छिपाने का कुल आकार लगभग 500 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है।”

चल रही जांच के परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “अब तक की गई प्रारंभिक जांच में 239 मामलों की जांच की गई है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 50 करोड़ रुपये के टर्नओवर छिपाने का पता चला है।” उन्होंने आगे कहा, “इसमें 5 प्रतिशत की दर से 2.54 करोड़ रुपये का टैक्स शामिल है और हमारे विभाग ने अब तक 2.02 करोड़ रुपये की वसूली सुनिश्चित की है, जबकि शेष वसूली की प्रक्रिया जारी है।”

इन अनियमितताओं के स्तर को उजागर करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “हमने 3 करदाताओं द्वारा 2 करोड़ रुपये से अधिक, 6 द्वारा 1 करोड़ रुपये से अधिक, 18 द्वारा 50 लाख रुपये से अधिक, 26 करदाताओं द्वारा 25 लाख रुपये से अधिक और 91 करदाताओं द्वारा 5 लाख रुपये से अधिक का टर्नओवर छिपाने का पता लगाया है।”

क्षेत्र-विशेष रुझानों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “हमारे आगे के विश्लेषण से यह सामने आया है कि अधिक नकदी और हाइब्रिड भुगतान वाले क्षेत्रों में व्यवस्थित रूप से आय कम दिखाने का पैटर्न मौजूद है।” उन्होंने आगे कहा, “आय छिपाने में ढाबों का हिस्सा लगभग 10 करोड़ रुपये है, इसके बाद छोटे खाने-पीने के स्थानों, कॉफी और चाय बार का हिस्सा लगभग 8 करोड़ रुपये और पिज्जा एवं फास्ट-फूड आउटलेट्स का हिस्सा 6 करोड़ रुपये से अधिक है।”

जिलावार विवरण देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “मोहाली में सबसे अधिक 8.16 करोड़ रुपये के टर्नओवर छिपाने का मामला सामने आया है, इसके बाद जालंधर में 6.72 करोड़ रुपये और लुधियाना में 5.48 करोड़ रुपये सामने आए हैं, जो कि पकड़ी गई टैक्स चोरी में मुख्य योगदान देने वाले जिले हैं।” उन्होंने आगे कहा कि पटियाला और अमृतसर में तुलनात्मक रूप से कम अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनमें क्रमशः 3.83 करोड़ रुपये और 0.99 करोड़ रुपये की चोरी पकड़ी गई है।

इस कार्रवाई के पीछे अपनाई गई कार्यप्रणाली की व्याख्या करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “स्टेट इन्वेस्टिगेशन एंड प्रिवेंटिव यूनिट द्वारा व्यावसायिक डेटा की गहन जांच के दौरान यह पाया गया कि ऐसे संस्थानों की बड़ी संख्या ऑनलाइन बिलिंग एप्लिकेशन का उपयोग कर रही थी।” उन्होंने आगे कहा, “मैं टैक्स इंटेलिजेंस यूनिट, स्टेट इन्वेस्टिगेशन एंड प्रिवेंटिव यूनिट तथा हमारी ‘बिल लाओ, इनाम पाओ’ योजना की शानदार सफलता को इस बड़े स्तर की टैक्स चोरी पकड़ने का पूरा श्रेय देता हूं।”

उन्होंने आगे विस्तार से कहा, “जोखिम मानकों, डेटा एनालिटिक्स और जीएसटी रिटर्न के साथ तुलनात्मक विश्लेषण के आधार पर हमने टर्नओवर छिपाने की संभावित घटनाओं की पहचान की। हमने संबंधित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को लेन-देन का विस्तृत डेटा प्रदान करने के निर्देश दिए, जिसका उपयोग अब फील्ड टीमें जमीनी जांच और रिटर्न के मिलान के लिए कर रही हैं।”

संतुलित कार्रवाई पर जोर देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “यह ध्यान देने योग्य है कि 52 संस्थानों में कोई अनियमितता नहीं पाई गई, जो डेटा-आधारित चयन पर आधारित संतुलित प्रवर्तन और जांच को दर्शाता है।”

आगे की कार्रवाई की रूपरेखा बताते हुए उन्होंने कहा, “शेष मामलों की सक्रिय रूप से जांच और गहन पड़ताल की जा रही है और उम्मीद है कि जांच एवं वसूली की पूरी प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी।” उन्होंने आगे कहा, “जांच को और मजबूत करने के लिए विभाग यूपीआई लेन-देन और अन्य डिजिटल भुगतान के रिकॉर्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया में है, जिससे रिपोर्ट किए गए टर्नओवर और वास्तविक प्राप्तियों के बीच गहन मिलान संभव होगा और टैक्स चोरी पकड़ने की सटीकता बढ़ेगी।”

उल्लंघन करने वालों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “भगवंत मान सरकार कर अनुपालन सुनिश्चित करने और राज्य के राजस्व की सुरक्षा के लिए तकनीक, डेटा एनालिटिक्स और समन्वित फील्ड प्रवर्तन का पूरा उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

 उन्होंने जोर देकर कहा, “कर चोरी के सभी मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी, जबकि कर नियमों का पालन करने वाले करदाताओं को सुविधाएं मिलती रहेंगी।”

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कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा को बड़ा झटका, दर्जनों जमीनी स्तर नेता AAP में हुए शामिल

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पंजाब की राजनीति में एक बड़े बदलाव में, आम आदमी पार्टी (आप) को उस समय बड़ा बढ़ावा मिला जब कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल (बादल) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बड़ी संख्या में नेता अपनी पार्टियों को झटका देते हुए आप में शामिल हो गए।

इन नेताओं को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन ने पंजाब खादी वेलफेयर बोर्ड के चेयरमैन गगनदीप सिंह आहूजा की खास मौजूदगी में औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल किया और उनका स्वागत किया।

आप में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में साहिब सिंह छज्जलवडी (वाइस चेयरमैन, एससी विंग बाबा बकाला, पंजाब कांग्रेस), सर्बजीत कौर धालीवाल (जिला प्रधान विमेन विंग अमृतसर रूरल, कांग्रेस) के साथ-साथ कई दूसरे सीनियर कांग्रेसी पदाधिकारी और ज़मीनी स्तर के प्रतिनिधि शामिल हैं। शामिल होने वाले नेताओं की लिस्ट में पूर्व सरपंच, पंच, ब्लॉक लेवल के पदाधिकारी और सीनियर नेता जैसे सतजीत सिंह (डिस्ट्रिक्ट जनरल सेक्रेटरी, कांग्रेस अमृतसर रूरल), कुलदीप कौर (डिस्ट्रिक्ट महासचिल, कांग्रेस), जसकरण सिंह (महासचिव, कांग्रेस), डॉ. चरणजीत सिंह (पूर्व सिविल सर्जन, बटाला), नरिंदर शर्मा (ब्लॉक कांग्रेस प्रधान, अटारी), जोगिंदर सिंह (पूर्व पंच और भाजपा मंडल प्रधान), गुरप्रीत सिंह (मेंबर, ब्लॉक समिति), और कई मौजूदा और पूर्व सरपंच शामिल हैं, जिनमें करज सिंह (झीता कलां), कैप्टन (गांव बोहर), गुरजोबन सिंह (जहांगीर), केवल सिंह (फतेहगढ़ शुकरचक), और तरसेम सिंह (जेठूवाल) शामिल हैं।

इसके अलावा, संतोख सिंह, दिलबाग सिंह (नंबरदार), दर्शन सिंह (मेहनियां), सेठू (मालेवाल), नवजोत सिंह, गुरप्रीत सिंह (सोहियां), हरदेव सिंह (पूर्व ब्लॉक समिति सदस्य), सुरजीत सिंह, बलजिंदर सिंह और गांव मेहनियां खुराना और आस-पास के इलाकों के दूसरे नेताओं जैसे बड़ी संख्या में पंच और जमीनी स्तर के प्रतिनिधि भी आप में शामिल हुए। दलजीत सिंह (BC प्रेसिडेंट, अटारी), बलहार सिंह (ब्लॉक प्रेसिडेंट, मीरांकोट), साहिब सिंह (वाइस चेयरमैन, एससी विंग, बाबा बकाला), और गुरविंदर सिंह (एग्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट, यूथ अकाली दल, अमृतसर) समेत दूसरी पार्टियों के नेताओं ने भी आप को अपना सपोर्ट दिया।

इस मौके पर बोलते हुए, राजबीर सिंह घुम्मन ने कहा कि अलग-अलग पार्टियों के नेताओं का पार्टी में लगातार शामिल होना, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की लोगों के हित में और विकास पर आधारित नीतियों में लोगों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।

नए शामिल हुए नेताओं ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की लीडरशिप पर भरोसा जताया और कहा, “हम आप सरकार की लोगों के लिए काम करने वाली पहल और पारदर्शी शासन से बहुत प्रभावित हैं। आप ही अकेली ऐसी पार्टी है जो सही मायने में समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए काम कर रही है, जिसने हमें यह ज़रूरी राजनीतिक फैसला लेने के लिए प्रेरित किया है।

उन्होंने आगे कहा कि हम पार्टी को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करेंगे और आप सरकार की नीतियों और प्राप्तियों को हर घर तक पहुंचाने के लिए बिना थके काम करेंगे।

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पंजाब में बन रहे 118 ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’, CM भगवंत मान ने गिनाईं 4 साल की उपलब्धियां

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान राज्य के शिक्षा क्षेत्र में पिछले चार वर्षों में किए गए कार्यों का विस्तृत विवरण पेश किया। उन्होंने बताया कि नया शैक्षणिक सत्र अप्रैल से शुरू होगा और पाठ्य-पुस्तकें पहले ही सभी स्कूलों तक पहुंचा दी गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बीते चार सालों में शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव किए हैं और सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के बराबर लाने का लक्ष्य हासिल किया है। वर्ष 2026-27 के लिए शिक्षा बजट ₹19,279 करोड़ निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7% अधिक है। इसके साथ ही “शिक्षा क्रांति” के दूसरे चरण के तहत ₹3,500 करोड़ का विशेष कार्यक्रम भी शुरू किया गया है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2024 में पंजाब के स्कूलों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है और केरल जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। राज्य में 118 ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ स्थापित किए जा रहे हैं, जो शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाएंगे।

परीक्षा प्रणाली पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां कुछ राज्यों में पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं, वहीं पंजाब में ऐसी कोई स्थिति नहीं है। उन्होंने बताया कि पहले एक क्षेत्र विशेष में असामान्य रूप से अधिक टॉपर आने के बाद सरकार ने परीक्षा दोबारा करवाई थी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में शिक्षा मॉडल को सफलतापूर्वक लागू किया और अब पंजाब में भी उसी दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि सरकारी और निजी स्कूलों के बीच का अंतर खत्म किया जा सके।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूलों में शिक्षकों को केवल पढ़ाने का कार्य ही सौंपा जाएगा और उन्हें अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों से मुक्त रखा जाएगा। इसके साथ ही आगामी जनगणना को लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है कि शिक्षकों को इस कार्य में न लगाया जाए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 25 स्कूलों का नाम शहीदों और प्रमुख हस्तियों के नाम पर रखा गया है। संगरूर में उनके गांव के स्कूल का नाम भी एक शहीद के नाम पर रखा गया है।

छात्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए “बिजनेस ब्लास्टर्स” योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत छात्रों द्वारा विकसित किए गए आइडियाज से लगभग ₹70 करोड़ तक की संभावित आय सृजित होने का अनुमान है।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने और छात्रों को बेहतर अवसर देने के लिए लगातार काम कर रही है।

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