Punjab
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद CM Mann पहुंचे श्री चमकौर साहिब, लोगों को आ रही समस्याओं के बारे में ली जानकारी
पंजाब के CM Mann अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद लोगों की मदद करने में व्यस्त हैं। वे सीधे लोगों से बात कर उनकी समस्याओं के बारे में सुन रहे हैं। आज वे श्री चमकौर साहिब नामक स्थान पर गए, जहां उन्होंने लोगों से मुलाकात की और उनसे पूछा कि उन्हें क्या-क्या समस्याएं आ रही हैं। उन्होंने उनकी समस्याओं को दूर करने का वादा किया।
CM Mann ने सभी को एक अच्छी खबर सुनाई! उन्होंने कहा कि हड़ताल पर बैठे लोगों ने हड़ताल खत्म करने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि अब पूरे पंजाब में किसान अपनी बिना पकी हुई धान बेच सकते हैं। उन्होंने वादा किया कि जब किसान अपनी फसल घर लाएंगे, तो उन्हें तुरंत पैसे मिल जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि एक जमींदार होने के नाते उन्हें लगता है कि सभी परिवारों की देखभाल करना उनका कर्तव्य है।
जब मुख्यमंत्री भगवंत मान श्री चमकौर साहिब गए, तो लोगों ने उन्हें अपनी समस्याएं बताईं। उन्होंने ध्यान से उनकी बातें सुनीं और अपने सहायकों से समस्याओं को तुरंत ठीक करने को कहा। सभी से बात करते हुए उन्होंने यह भी बताया कि उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद से आम आदमी पार्टी की सरकार ने पंजाब में क्या-क्या अच्छा काम किया है।
मुख्यमंत्री ने शैलर एसोसिएशन और कमीशन एजेंटों के कुछ महत्वपूर्ण लोगों के साथ बैठक की। इस बैठक के बाद, कमीशन एजेंटों ने अपनी हड़ताल समाप्त करने का फैसला किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वादा किया कि अगर भारत सरकार उन्हें एक निश्चित राशि (2.5 प्रतिशत, यानी हर 100 किलोग्राम पर 12 रुपये) नहीं देती है, तो राज्य सरकार उनकी मदद करेगी। इस वादे के कारण, कमीशन एजेंटों ने अपनी हड़ताल समाप्त करने का फैसला किया। आरती ने सोमवार को मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की।
कमीशन एजेंट कहे जाने वाले कुछ लोगों ने चावल न खरीदने का फैसला किया क्योंकि केंद्र सरकार ने उनके भुगतान में थोड़ी कमी कर दी। इसका मतलब है कि चावल खरीदने में मदद करने पर उन्हें कम पैसे मिल रहे हैं, इसलिए उन्होंने बाजारों में इसे ठीक से खरीदना बंद कर दिया। मुख्यमंत्री, जो राज्य के नेता हैं, ने कमीशन एजेंटों से वादा किया कि अगर केंद्र सरकार उन्हें उनका खोया हुआ पैसा वापस नहीं देती है, तो राज्य सरकार उन्हें वह पैसा देकर उनकी मदद करेगी।
पंजाब में धान नामक चावल की खरीद 1 अक्टूबर से शुरू हो गई है, लेकिन खरीद और प्रसंस्करण में मदद करने वाले कर्मचारी हड़ताल पर हैं, इसलिए अभी तक धान नहीं खरीदा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शैलर मालिकों और धान बेचने वाले लोगों से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें हड़ताल पर गए कर्मचारियों के साथ समस्या का समाधान करना है। मुख्यमंत्री ने सामान बेचने में मदद करने वाले लोगों से वादा किया कि उनके कर्मचारी ईपीएफ अधिकारियों से बात करके समस्या का समाधान करेंगे। अगर वे सहमत नहीं होते हैं, तो पंजाब सरकार विक्रेताओं को पैसे देगी। विजय कालरा ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि सरकार को हड़ताल पर गए कर्मचारियों से बात करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा में कर्मचारियों को कम वेतन मिलेगा, जबकि पंजाब में 100 किलोग्राम पर 2.40 रुपये का अंतर है।
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पंजाब सरकार के विरोध के बाद हिमाचल ने बदला रुख, बढ़े एंट्री टैक्स पर फिर होगा विचार
एंट्री टैक्स को लेकर चल रहे विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार अब नरम रुख अपनाती नजर आ रही है। पंजाब सरकार के कड़े विरोध और प्रदर्शन के बाद हिमाचल कैबिनेट ने बढ़ाई गई एंट्री टैक्स दरों पर दोबारा विचार करने का फैसला किया है।
हिमाचल प्रदेश की कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद एक संतुलित और लोगों के हित में फैसला लेगी। उन्होंने संकेत दिया कि नई नीति को ज्यादा व्यावहारिक और जनहितैषी बनाने पर काम किया जा रहा है।
सरकार ने बताया कि एंट्री टैक्स से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन अब आम जनता और व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए इसमें सुधार की संभावनाएं देखी जा रही हैं।
इस बीच हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी बातचीत की है, जिससे दोनों राज्यों के बीच समाधान निकालने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
हालांकि, इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पंजाब चाहे तो इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जा सकता है। वहीं विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के फैसलों से राज्य की छवि प्रभावित हो रही है।
कुल मिलाकर, एंट्री टैक्स को लेकर दोनों राज्यों के बीच जारी तनातनी के बीच अब उम्मीद की जा रही है कि बातचीत के जरिए कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा।
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‘मेरे लिए पूरा पंजाब एक परिवार’, लालजीत भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद CM Bhagwant Singh Mann का सख्त संदेश
पंजाब में एक बड़े घटनाक्रम के तहत वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री Laljit Singh Bhullar को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। खास बात यह है कि गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने भुल्लर से मंत्री पद से इस्तीफा ले लिया था। जानकारी के अनुसार, भुल्लर ने मंडी गोबिंदगढ़ में खुद ही गिरफ्तारी दी।
इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ संदेश दिया। उन्होंने लिखा, “मेरे लिए पूरा पंजाब एक परिवार है। अगर कोई भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, चाहे वह किसी भी पद पर हो या कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। हमारी सरकार किसी की भी पैरवी या सिफारिश को स्वीकार नहीं करती।”

मुख्यमंत्री ने पहले भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया था कि सरकार और पार्टी में किसी भी तरह की लापरवाही या गलत काम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी दबाव के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई को सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तौर पर देखा जा रहा है, जहां कानून के सामने सभी को बराबर माना जा रहा है और किसी को भी विशेष छूट नहीं दी जा रही।
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Entry Tax को लेकर पंजाब-हिमाचल में बढ़ा विवाद, मामला Supreme Court तक ले जाएगी सरकार: Harjot Singh Bains
एंट्री टैक्स को लेकर Punjab और Himachal Pradesh के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर पंजाब सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ किया है कि यदि जरूरत पड़ी तो मामला Supreme Court of India तक ले जाया जाएगा। पंजाब के कैबिनेट मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि नेशनल हाईवे पर किसी भी तरह का एंट्री टैक्स लगाना गलत है और यह नियमों के खिलाफ है।
दरअसल, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एंट्री टैक्स की दरों में बढ़ोतरी के बाद पंजाब में इसका विरोध तेज हो गया है। इस फैसले के खिलाफ पंजाब में धरना-प्रदर्शन भी शुरू हो चुके हैं। साथ ही, पंजाब विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया गया है और हिमाचल द्वारा लगाए गए टैक्स को वापस लेने की मांग की जा रही है।
पंजाब सरकार इस मामले में जवाबी कदम उठाने की तैयारी भी कर रही है। जानकारी के मुताबिक, यदि हिमाचल सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है तो पंजाब भी हिमाचल की कमर्शियल गाड़ियों पर एंट्री टैक्स लगाने पर विचार कर सकता है।
इस पूरे विवाद पर बोलते हुए आनंदपुर साहिब के विधायक और शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि चंडीगढ़ से गुजरने वाला मार्ग एक नेशनल हाईवे है, जिस पर किसी भी राज्य का एकतरफा अधिकार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस मुद्दे को लेकर पूरी मजबूती से खड़ी है और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
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