Connect with us

National

Punjab की सड़कों पर दुर्घटनाओं पर Brake – SSF और ‘Farishte’ Scheme ने बचाई 37,000 से ज्यादा जिंदगियां, Road Mishaps में 78% की गिरावट

Published

on

पंजाब की सड़कों पर कभी ऐसा माहौल था कि हर रोज़ अख़बार की सुर्खियों में किसी न किसी सड़क हादसे की दर्दनाक खबर ज़रूर होती थी। हर दिन औसतन 15 से 16 लोग अपनी जान गंवा देते थे। ये मौतें सिर्फ आंकड़े नहीं थीं, बल्कि किसी परिवार का टूटता सपना, किसी मां की सूनी गोद और किसी बच्चे के सिर से पिता का साया उठ जाने की सच्चाई थीं।

इस दर्द को समझते हुए, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सड़क सुरक्षा के लिए ऐसा कदम उठाया जिसने पूरे राज्य की तस्वीर बदल दी। मान सरकार ने 2024 में दो बड़े मिशन शुरू किए – सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) और फरिश्तेस्कीम। इन दोनों योजनाओं का मकसद पंजाब की सड़कों को सुरक्षित बनाना और सड़क हादसों में घायल लोगों को तुरंत मदद पहुंचाना था।

देश का पहला राज्य जहां सड़क सुरक्षा के लिए समर्पित फोर्स

पंजाब आज देश का पहला राज्य बन गया है जिसने सड़क हादसों को रोकने के लिए एक समर्पित फोर्स सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) बनाई।

  • SSF की शुरुआत साल 2024 में हुई।
  • शुरुआत में किसी ने नहीं सोचा था कि ये फोर्स इतने कम समय में इतना बड़ा बदलाव लाएगी, लेकिन नतीजे सबके सामने हैं।

आज पंजाब की 4100 किलोमीटर लंबी सड़क पर हर 30 किलोमीटर पर SSF की टीम तैनात है।

  • कुल वाहन: 144 हाई-टेक गाड़ियां
    • 116 टोयोटा हिलक्स
    • 28 इंटरसेप्टर स्कॉर्पियो
  • टीम में कुल जवान: 1,477
    • इनमें 287 महिलाएं भी शामिल हैं, जो सड़क सुरक्षा के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की मिसाल हैं।

हादसे की सूचना मिलते ही SSF की टीमें सिर्फ 5 से 7 मिनट में मौके पर पहुंच जाती हैं।
इनका काम सिर्फ घायल को अस्पताल पहुंचाना ही नहीं है, बल्कि सड़क पर ट्रैफिक को सही तरीके से चलाना, लोगों को ट्रैफिक रूल्स का पालन करवाना और नशे की तस्करी व अन्य अपराधों को रोकने में पुलिस की मदद करना भी है।

हाई-टेक सिस्टम से लैस फोर्स

SSF पूरी तरह से टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इसमें कई मॉडर्न डिवाइस और सिस्टम का इस्तेमाल हो रहा है:

  • स्पीड गन – तेज़ गाड़ी पर नज़र रखने के लिए।
  • बॉडी कैमरा – ट्रांसपेरेंसी बनाए रखने के लिए।
  • ई-चालान सिस्टम – डिजिटल फाइन सिस्टम।
  • मोबाइल डेटा और AI तकनीक – स्मार्ट और तेज़ पुलिसिंग के लिए।

इससे सड़क पर सुरक्षा बढ़ी है और लोगों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।

SSF की अब तक की बड़ी उपलब्धियां

SSF की मेहनत और मान सरकार की सोच का नतीजा है कि पंजाब में सड़क हादसों में इतिहासिक गिरावट आई है।

  • अब तक 37,110 जिंदगियां बचाई गईं।
  • फरवरी से अक्टूबर 2024 के बीच 768 लोगों की जान बचाई गई।
  • फरवरी-अक्टूबर 2024 में, 2023 की तुलना में सड़क हादसों में 45.55% की कमी आई।
  • फरवरी-अप्रैल 2024 में, 2019 से 2022 के मुकाबले 78% की गिरावट, जो अब तक का सबसे कम आंकड़ा है।
  • सबसे बड़ी उपलब्धि – 2024 में SSF की तैनाती वाले इलाकों में स्कूल जाने या लौटने वाले किसी भी बच्चे की सड़क हादसे में मौत नहीं हुई।

फरिश्तेस्कीम इंसानियत की मिसाल

पंजाब सरकार ने 2024 में एक और पहल शुरू की – फरिश्तेस्कीम
पहले लोग सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को देखकर मदद करने से डरते थे। डर था कि पुलिस केस में फंस जाएंगे या कानूनी परेशानी होगी। इस वजह से कई लोग अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते थे।

इस डर को खत्म करने के लिए मान सरकार ने फरिश्तेस्कीम शुरू की।

इस योजना के तहत:

  • हादसे में घायल व्यक्ति का पूरा इलाज फ्री होगा, जब तक वह पूरी तरह ठीक न हो जाए।
  • घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को कहा जाएगा फरिश्ता
  • सरकार उस ‘फरिश्ते’ को देगी:
    • ₹2,000 का इनाम
    • प्रशंसा प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट)
  • सबसे महत्वपूर्ण बात – मदद करने वाले व्यक्ति से पुलिस या अस्पताल में कोई पूछताछ नहीं होगी

इससे लोग अब निडर होकर घायलों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।

SSF + फरिश्ते = Complete सुरक्षा चक्र

ये दोनों योजनाएं मिलकर पंजाब की सड़कों पर एक सुरक्षा कवच तैयार करती हैं।

  • SSF – सड़क हादसों को होने से पहले रोकती है।
  • फरिश्ते स्कीम – हादसे के बाद घायल को बचाने के लिए तुरंत मदद देती है।

इसका असर साफ दिख रहा है। सड़क हादसे लगातार कम हो रहे हैं और लोगों का सरकार व सिस्टम पर भरोसा बढ़ा है।

मान सरकार की सोच सिर्फ़ योजना नहीं, एक सामाजिक क्रांति

इस पहल ने साबित कर दिया है कि सरकार सिर्फ़ कानून बनाने के लिए नहीं होती, बल्कि लोगों की ज़िंदगी बचाने और उन्हें सुरक्षा देने के लिए भी होती है।

  • SSF हमें सुरक्षा का एहसास दिलाती है।
  • ‘फरिश्ते’ स्कीम हमें इंसानियत और भरोसे का रिश्ता सिखाती है।

आज पंजाब की सड़कों पर गाड़ियां सिर्फ मंज़िल तक नहीं दौड़तीं, बल्कि साथ में सुरक्षा और इंसानियत का संदेश भी लेकर चलती हैं।

भगवंत मान सरकार की यह पहल पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल बन सकती है।

  • 37,000+ जिंदगियां बचाई गईं।
  • सड़क हादसों में 78% की ऐतिहासिक कमी।
  • देश का पहला राज्य जहां सड़क सुरक्षा के लिए समर्पित फोर्स।
  • लोगों में जागरूकता और इंसानियत का जज़्बा बढ़ा।

अब पंजाब की सड़कें सिर्फ सफर का ज़रिया नहीं, बल्कि सुरक्षा और इंसानियत की नई पहचान बन चुकी हैं।
यही असली बदलाव है, यही असली पंजाबियत है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Blog

नशों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, सीमा पार Drug Module का भंडाफोड़, करोड़ों की हेरोइन समेत 3 गिरफ्तार!

Published

on

पंजाब में नशों के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए एएनटीएफ (ANTF) और बीएसएफ (BSF) ने संयुक्त ऑपरेशन में एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में सीमा पार से चल रहे नेटवर्क को बेनकाब किया गया।

इस ऑपरेशन के दौरान तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान जगजीत सिंह, मनप्रीत सिंह और रोशन सिंह के रूप में हुई है। तीनों आरोपी अमृतसर जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 24.5 किलोग्राम हेरोइन, करीब 21 लाख रुपये की ड्रग मनी और एक ड्रोन बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी पाकिस्तान स्थित तस्करों के सीधे संपर्क में थे और ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। इस पूरे नेटवर्क के जरिए ड्रग्स को भारत में लाकर आगे सप्लाई किया जाता था।

इस संबंध में जानकारी देते हुए Gaurav Yadav ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

Continue Reading

Chandigarh

पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!

Published

on

पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।

जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।

वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।

इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।

योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।

कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

Continue Reading

Blog

O.T.S स्कीम को मिला जोरदार समर्थन: 111.16 करोड़ की वसूली, 31 मार्च के बाद सख्त कार्रवाई की चेतावनी!

Published

on

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि वैट बकाये के लिए शुरू की गई एकमुश्त निपटान (OTS) स्कीम को व्यापारियों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इस योजना के तहत अब तक करीब 7,845 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें कुल 298.39 करोड़ रुपये के बकाये शामिल हैं। इनमें से सरकार 111.16 करोड़ रुपये की वसूली भी कर चुकी है।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह स्कीम पुराने टैक्स बोझ को खत्म करने और राज्य के राजस्व को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला और रोपड़ जैसे प्रमुख जिलों से इस योजना को अच्छा समर्थन मिला है, जो यह दर्शाता है कि कारोबारियों में इसके प्रति जागरूकता बढ़ रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राहत योजना 31 मार्च 2026 तक ही लागू है। इसके बाद सरकार सख्त रुख अपनाएगी और बकाया वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई तेज की जाएगी। इसके लिए पहले ही करीब 8,000 संपत्तियों की पहचान कर ली गई है, जिन पर जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कारोबारियों से अपील करते हुए कहा कि वे इस अंतिम मौके का लाभ उठाएं और अपने लंबित वैट बकाये का निपटान कर लें। उन्होंने कहा कि OTS स्कीम के तहत ब्याज और जुर्माने में बड़ी छूट दी जा रही है, जिससे व्यापारियों को राहत मिल रही है और वे अपने वित्तीय रिकॉर्ड को साफ कर सकते हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि समय सीमा खत्म होने के बाद सरकार का मौजूदा रियायती रुख समाप्त हो जाएगा और बिना किसी छूट के सख्त वसूली प्रक्रिया लागू की जाएगी। ऐसे मामलों में सामान्य कानूनी जांच और कार्रवाई की जाएगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना को मिला समर्थन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही पारदर्शी और व्यापार-समर्थक नीतियों पर लोगों के भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य न केवल राजस्व बढ़ाना है, बल्कि मुकदमेबाजी को कम करना और व्यापारियों को नई शुरुआत का अवसर देना भी है।

Continue Reading

Trending