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Punjab Assembly में बेअदबी पर कल आएगा बिल,Mann बोले- CISF हटाने का प्रस्ताव करेंगे पास

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पंजाब विधानसभा में कल, शुक्रवार को बेअदबी पर बिल पेश किया जाएगा। इसके बाद इस बिल पर सभी संस्थाओं और लोगों से राय ली जाएगी। वहीं, पंजाब के सभी लोगों को दस लाख तक फ्री इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, अच्छा काम करने वाली महिला सरपंचों को नादेड़ स्थित हजूर साहिब की सैर करवाई जाएगी। वहां पर उनकी ट्रेनिंग होगी। सारा खर्च पंजाब सरकार द्वारा उठाया जाएगा।

यह जानकारी पंजाब सरकार की कैबिनेट के बाद सीएम भगवंत मान ने दी। उन्होंने बताया कि पंजाब के डैमों से सीआईएसएफ को हटाने के लिए भी प्रस्ताव पारित किया गया। वहीं, उन्होंने सुनील जाखड़ को सलाह दी कि वह अपनी पार्टी संभाल लो या प्रधानगी। लुधियाना में उनकी पार्टी तीसरे नंबर पर आई। वह कभी भी प्रधानगी छोड़ देते हैं।

मीटिंग में लिए गए 4 फैसले इस प्रकार हैं –

1. सीएम भगवंत मान ने कहा कि, आज कैबिनेट में काफी गंभीर फैसले पंजाब के लोगों के पक्ष में लिए गए हैं। 10 लाख रुपए तक के सेहत कार्ड पर मोहर लगी। इसके लिए काेई फार्म नहीं भरना, कोई औपचारिकता नहीं है। पंजाब के हर निवासी को दस लाख के इलाज की सुविधा मिलेगी।

बाकि हिसाब- किताब कुछ नहीं है। सिर्फ आधार कार्ड और वोटर कार्ड लेकर जाना होाग। बहुत बड़ी हेल्थ केयर स्कीम है। हरेक आदमी जो पंजाबी है, वह स्कीम का लाभपात्र होगा। 552 निजी अस्पतालों को इनपैनल किया गया है। इन्हें बढ़ाकर एक हजार तक ले जाएंगे।

2. महिलाओं को शक्तिशाली बनाने की बातें सब करते है। हम इस दिशा में कदम उठाने लगे हैं। हमारे यहां 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व है। जो महिला सरपंच चुनी गई हैं और अच्छा काम कर रही हैं। उन्हें हजूर साहिब नादेड़ के दर्शन करवाने के लिए लेकर जाएंगे।

चार पांच ट्रेन हमें बुक करनी पड़ेंगी। इन्हें अलग-अलग बैचों में भेजा जाएगा। खर्च सारा पंजाब सरकार उठाएगी। सरपंचों व पंचों का ट्रेनिंग कैंप भी महाराष्ट्र भी लगेगा। पांच दिन का टूर रहेगा। रेलवे से बात करके इस बारे में आपको बता दिया जाएगा।

3. सीए मान ने कहा कि कल, 11 जुलाई को पंजाब विधानसभा का का सत्र है। कैप्टन अमरिंदर सिंह के समय में एक फैसला हुआ था। सीआईएसएफ पंजाब में आ सकती है। कांग्रेस सरकार के समय हुआ था। हम उन्हें पैसे भी देंगे। हम कल प्रस्ताव लेकर आ रहे कि इस कानून को रद्द करे। पंजाब पुलिस डैमों व बॉर्डरों की सुरक्षा में सक्षम है। कल इसे रद्द कर देंगे। केंद्र को पैसा देना होगा, पंजाब पुलिस यह काम आसानी से कर सकती है।

4. बेअदबी रोकने लिए बहुत बड़ा कानून बनना जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग संस्थाओं से सलाह करेंगे। उसमें क्या संशोधन करना है। इसके लिए चर्चा कर राय लेंगे। यह कानून सदा के लिए रहेगा। जल्दबाजी में कोई चीज रह न जाए। हम हर धर्म के लोगों से बात करेंगे। बिल बनाकर कंसल्टेंट कमेटी के पास भेज दिया जाएगा।

सुनील जाखड़ अपनी प्रधानगी संभाल ले

सीएम ने एक सवाल के जवाब में पहले पूछा कि सुनील जाखड़ कहां है, पत्रकारों ने जवाब दिया कि भाजपा में है। सीएम ने कहा कि उन्हें कहें कि अपनी पार्टी संभाल ले। लुधियाना में तीसरे नंबर पर आई हैं। इसके साथ ही उन्हें प्रधानगी संभालने की नसीहत दी। खबरें आती हैं, कभी वह नहीं मानते, कभी यह नहीं मानते है।

जब पूछा गया कि बाजवा कहते हैं सीएम भगवंत मान की अमित शाह से दोस्ती है। ऐसे में उन पर चंडीगढ़ में केस दर्ज नहीं होगा। इस पर सीएम ने कहा, अमित शाह देश के गृहमंत्री ऐसे है। ऐसे में काम के लिए जाना पड़ जाता है। चिट्‌टे के सवाल पर जवाब दिया कि उसके लिए नाभा जाना पडे़गा।

वहीं, उन्होंने कहा कि सुनील जाखड़ हमेशा उन्हें कोसते रहते है। कोई अच्छी चीज भी उनमें होगी। एसकेएम के प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि यह कौन है, पत्रकारों का जवाब था किसान। इस पर सीएम ने दाेबारा पूछा पत्रकारों ने कहा किसान नेता । इसके बाद सीएम ने पत्रकारों से उन्होंने पूछा कि आखिरी बार वह खेत कब गए थे।

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13 साल के संघर्ष के बाद हरीश राणा को मिली अंतिम विदाई — इच्छा मृत्यु के बाद अंगदान से 6 लोगों को मिलेगी नई जिंदगी

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13 वर्षों तक कोमा में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे गाजियाबाद निवासी हरीश राणा ने आखिरकार इस दुनिया को अलविदा कह दिया। सुप्रीम कोर्ट से इच्छा मृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की अनुमति मिलने के बाद 24 मार्च को दिल्ली के एम्स में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद आज उनका अंतिम संस्कार दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट में किया गया।

सुबह करीब 9:40 बजे हरीश के छोटे भाई आशीष ने मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवार का माहौल बेहद भावुक रहा। हरीश के पिता अशोक राणा ने नम आंखों से बेटे को अंतिम विदाई दी और लोगों से अपील करते हुए कहा, “कोई न रोए, मेरा बेटा शांति से जाए। जहां भी जन्म ले, उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” उनके शब्दों ने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया।

31 वर्षीय हरीश पिछले 13 सालों से कोमा में थे। उनकी हालत को देखते हुए परिवार ने लंबे समय से इच्छा मृत्यु की अनुमति की मांग की थी। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने इस ऐतिहासिक मामले में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दी थी, जो देश के लिए एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला माना जा रहा है।

इसके बाद 14 मार्च को हरीश को गाजियाबाद स्थित उनके घर से एम्स, दिल्ली में शिफ्ट किया गया था। 16 मार्च को उनकी फीडिंग ट्यूब हटा दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे प्राकृतिक रूप से जीवन त्याग दिया।

डॉक्टरों के अनुसार, हरीश के परिवार ने एक सराहनीय निर्णय लेते हुए उनके अंगदान का फैसला किया। उनके फेफड़े, दोनों किडनी और कॉर्निया दान किए गए हैं, जिससे कम से कम 6 लोगों को नई जिंदगी मिलने की उम्मीद है। इस कदम की समाज में व्यापक सराहना हो रही है।

यह मामला न सिर्फ एक परिवार के दर्द और संघर्ष की कहानी है, बल्कि इच्छा मृत्यु और अंगदान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर देशभर में नई बहस को भी जन्म दे रहा है।

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Sonia Gandhi की तबीयत बिगड़ी, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती — ICU में डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी

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कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की तबीयत एक बार फिर बिगड़ गई है। उन्हें मंगलवार रात करीब 11:15 बजे दिल्ली के प्रसिद्ध Sir Ganga Ram Hospital में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार, उन्हें छाती में संक्रमण (चेस्ट इंफेक्शन) की शिकायत थी, जिसके बाद परिवार और डॉक्टरों की सलाह पर तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, भर्ती के तुरंत बाद उनका प्राथमिक मेडिकल चेकअप किया गया, जिसके बाद एहतियातन उन्हें इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में शिफ्ट कर दिया गया। फिलहाल विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम उनकी सेहत की लगातार निगरानी कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्थिति अभी स्थिर है, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए उन्हें निगरानी में रखा गया है।

सूत्रों के अनुसार, उनकी तबीयत को लेकर अस्पताल प्रशासन जल्द ही एक विस्तृत मेडिकल बुलेटिन जारी कर सकता है, जिसमें उनकी सेहत की ताजा स्थिति, जांच रिपोर्ट और आगे के इलाज की जानकारी दी जाएगी। इस खबर के सामने आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं, नेताओं और समर्थकों में चिंता की लहर दौड़ गई है। देशभर से उनके जल्द स्वस्थ होने की कामनाएं की जा रही हैं।

यह पहली बार नहीं है जब सोनिया गांधी को स्वास्थ्य संबंधी समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है। इससे पहले 19 जून को भी उन्हें पेट से जुड़ी गंभीर समस्या के कारण इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उन्हें 15 जून को पेट में संक्रमण की शिकायत के बाद एडमिट किया गया था और करीब चार दिनों तक लगातार निगरानी में रखने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें छुट्टी दे दी थी।

सोनिया गांधी लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही हैं और समय-समय पर उनका इलाज चलता रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए किसी भी संक्रमण को गंभीरता से लेना जरूरी होता है, इसलिए इस बार भी पूरी सावधानी बरती जा रही है।

फिलहाल देश की नजरें उनके स्वास्थ्य अपडेट पर टिकी हुई हैं और हर कोई उनके जल्द स्वस्थ होकर सार्वजनिक जीवन में वापसी की उम्मीद कर रहा है।

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Punjab की सबसे कम उम्र की लाभार्थी: 1 साल की बच्ची को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत मिला जीवनरक्षक इलाज!

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मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत नवजात और छोटे बच्चों के इलाज के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि गंभीर स्थिति में मरीजों को बिना किसी देरी के तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके।

श्री मुक्तसर साहिब में 1 साल की बच्ची ख्वाहिश को निमोनिया होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसे तत्काल इलाज की जरूरत थी। पहले ऐसे मामलों में परिवारों को इलाज शुरू होने से पहले पैसे जुटाने, दस्तावेज पूरे करने और मंजूरी का इंतजार करना पड़ता था। लेकिन मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना ने इस प्रक्रिया को आसान बना दिया है।

बच्ची का स्वास्थ्य कार्ड पहले से बना होने के कारण दीप अस्पताल में डॉ. मोनिका गर्ग की देखरेख में बिना किसी अग्रिम भुगतान के तुरंत इलाज शुरू कर दिया गया। परिवार को न तो पैसों की चिंता करनी पड़ी और न ही किसी तरह की औपचारिकता में समय गंवाना पड़ा। समय पर इलाज मिलने से बच्ची पूरी तरह स्वस्थ हो गई।

इसी तरह के कई मामले संगरूर और मानसा जिलों से भी सामने आए हैं, जहां कम वजन और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे नवजात बच्चों को भी बिना किसी आर्थिक बाधा के इलाज मिल रहा है। यह दर्शाता है कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच अब पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो गई है।

योजना के प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना यह सुनिश्चित करती है कि किसी भी मरीज का इलाज पैसे या प्रक्रिया की वजह से न रुके। खासकर बच्चों के मामलों में समय पर इलाज बेहद जरूरी होता है और यह योजना उस जोखिम को खत्म करती है।

यह योजना प्रति परिवार सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा प्रदान करती है, जिसके तहत सरकारी और निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज कराया जा सकता है। अब तक 26 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं और मरीज 900 से ज्यादा अस्पतालों में 2300 से अधिक मेडिकल पैकेजों के तहत इलाज करवा रहे हैं।

योजना के तहत बढ़ते बाल चिकित्सा मामलों से यह साफ है कि पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा मजबूत हो रहा है, जहां बिना किसी आर्थिक बोझ के तुरंत इलाज संभव हो रहा है। सरकार लोगों को लगातार प्रेरित कर रही है कि वे इस योजना का लाभ लेने के लिए स्वास्थ्य कार्ड बनवाएं और जरूरत पड़ने पर समय पर इलाज प्राप्त करें।

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