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Bhagwant Singh Mann ने किया ऐलान: मार्च में आएगा पांचवां लोक-हितैषी बजट
अहमदाबाद, 21 फरवरी – पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने घोषणा की है कि पंजाब सरकार मार्च महीने में अपना लगातार पांचवां लोक-हितैषी बजट पेश करेगी। उन्होंने कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग की भलाई को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा और आम आदमी के हित सर्वोपरि रहेंगे।
हर वर्ग की भलाई पर फोकस
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा नागरिक-केंद्रित फैसले लिए हैं, जिनसे राज्य की दिशा बदली है। उन्होंने कहा कि आने वाला बजट भी जनता को बड़े लाभ देगा और सरकार की प्राथमिकता आम लोगों की आर्थिक और सामाजिक मजबूती है।
मुफ्त बिजली और किसानों को दिन में सप्लाई
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। साथ ही किसानों को अब दिन के समय निर्बाध बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है, जो एक ऐतिहासिक सुधार है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य है, जो मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का नकद रहित इलाज प्रदान कर रहा है।
- राज्य में 881 आम आदमी क्लीनिक संचालित हैं
- सरकारी अस्पतालों में मानक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध
- परिवारों पर स्वास्थ्य खर्च का बोझ कम
उन्होंने कहा कि यह योजना राज्य के हर परिवार को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
शिक्षा में ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’
सरकार ने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए शिक्षा क्रांति अभियान शुरू किया है।
- 118 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है
- स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब और खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं
- शिक्षकों और प्रिंसिपलों को विदेशों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में पंजाब ने केरल को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है।

रिकॉर्ड सड़क निर्माण
मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में 16,209 करोड़ रुपये की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया है। ये सड़कें पांच साल की रखरखाव शर्त के साथ बनाई जा रही हैं, जिससे गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
टोल प्लाजा बंद, जनता को राहत
राज्य सरकार ने 19 टोल प्लाजा बंद किए हैं, जिससे आम लोगों की जेब से रोजाना लगभग 64 लाख रुपये की बचत हो रही है।
शहीद परिवारों को आर्थिक सहायता
सरकार द्वारा:
- सेना, अर्ध-सैनिक बलों और अग्निवीरों के शहीद परिवारों को 1 करोड़ रुपये
- ड्यूटी के दौरान शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को 2 करोड़ रुपये
की आर्थिक सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने इसे देश की एकता और अखंडता की रक्षा करने वाले वीरों को सच्ची श्रद्धांजलि बताया।
केंद्र सरकार पर निशाना
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर वित्तीय भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि ग्रामीण विकास फंड में पंजाब का जायज हिस्सा रोका गया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर आवाज का सम्मान होना चाहिए और राज्यों के अधिकारों की रक्षा जरूरी है।
“करदाताओं का एक-एक पैसा जनता के लिए”
मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने कहा कि पंजाब में करदाताओं के पैसे का उपयोग पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आम लोगों की भलाई के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार के हर नीतिगत फैसले का उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना, नागरिकों को सशक्त बनाना और लोक-कल्याणकारी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
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नेताओं को हायर कर सकते हैं तो फायर क्यों नहीं? संसद में राघव चड्ढा ने की MP/MLA को बर्खास्त करने वाले नियम की मांग
संसद के बजट सत्र के दौरान आम आदमी के सांसद राघव चड्ढा ने केंद्र सरकार से मांग की, कि जैसे भारतीय वोटरों को चुनने का अधिकार है, वैसे ही उन्हें वापस बुलाने का अधिकार भी होना चाहिए। साथ ही उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बजट में मध्यम वर्ग के लिए छूट की मांग की। आप सांसद ने कहा, मध्यम वर्ग अमीर और गरीब वर्ग के बीच सैंडविच बनता जा रहा है।
बुधवार को राज्यसभा में बजट पर चर्चा के दौरान आप सांसद राघव चड्ढा ने कहा,’मैं इस सदन में ये मांग रखता हूं कि जैसे भारतीय वोटरों को चुनने का अधिकार है, वैसे ही उन्हें वापस बुलाने का अधिकार भी होना चाहिए। अगर देश का मतदाता अपने नेताओं को हायर कर सकता है, तो उन्हें उस नेता को फायर करने की भी शक्ति उसे मिलनी चाहिए।’
मतदाताओं के पास MP/MLA को बर्खास्त करने का का अधिकार क्यों नहीं?
उन्होंने कहा, यदि हमारे पास राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, जजों को हटाने और सत्ता में चल रही सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर उसे बर्खास्त करने का अधिकार है तो खराब काम करने वाले सांसद/विधायकों को बर्खास्त करने का अधिकार मतदाताओं के पास क्यों नहीं? उन्होंने मांग की मतदाताओं के पास राइट-टू-रिकॉल नियम की मांग, जिसके तहत विधायकों/सांसदों को हटाया जा सके।
राघव चड्ढा ने कहा, रिकॉल का अधिकार एक ऐसा तंत्र है जो मतदाताओं को किसी अपने कर्तव्यों का निर्वाह करने में विफल रहने वाले निर्वाचित प्रतिनिधि को उसका कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही पद से हटाने का अधिकार देता है।
मतदाताओं के पास होना चाहिए पद से हटाने का अधिकार
आप सांसद ने कहा, पांच साल बहुत लंबा समय है। ऐसा कोई पेशा नहीं है जहां आप पांच साल तक खराब प्रदर्शन करते रहें और आपको कोई परिणाम न भुगतना पड़े। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका, स्विट्जरलैंड जैसे विश्व के 24 से अधिक लोकतांत्रिक देशों में किसी न किसी रूप में पद से हटाने या मतदाता द्वारा पद से हटाने की व्यवस्था है। यदि भारतीय मतदाताओं को चुनाव का अधिकार है, तो उन्हें पद से हटाने का अधिकार भी होना चाहिए।
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हलवा सेरेमनी ‘; यूनियन बजट 2026-27 की तैयारियां अंतिम दौर में वित्त मंत्री ने ‘हलवा सेरेमनी’ के साथ बजट को दिया अंतिम रूप 1 फरवरी को खुलेगा पिटारा |
यूनियन बजट 2026-27: नॉर्थ ब्लॉक में अंतिम चरण की तैयारी, हलवा सेरेमनी के साथ शुरू हुआ ‘लॉक-इन’ पीरियड
नई दिल्ली:
नॉर्थ ब्लॉक में यूनियन बजट 2026-27 की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस मौके पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पारंपरिक हलवा सेरेमनी के जरिए बजट टीम के परिश्रम और समर्पण को सम्मानित किया। इसके साथ ही बजट से जुड़ी गोपनीय प्रक्रिया यानी ‘लॉक-इन पीरियड’ की आधिकारिक शुरुआत हो गई है।
क्या है लॉक-इन पीरियड?
लॉक-इन पीरियड के दौरान बजट से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी अगले कुछ दिनों तक नॉर्थ ब्लॉक परिसर में ही रहेंगे। इस अवधि में वे पूरी तरह बाहरी दुनिया से कटे रहते हैं, ताकि बजट की गोपनीयता बनी रहे।
वित्त मंत्री ने किया बजट प्रेस का निरीक्षण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वयं नॉर्थ ब्लॉक स्थित बजट प्रेस का दौरा किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और बजट दस्तावेजों की छपाई से जुड़ी तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि सभी इंतजाम पूरी तरह दुरुस्त हों।
डिजिटल इंडिया को मिलेगा नया बल
इस बार का यूनियन बजट ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन को और मजबूती देने वाला माना जा रहा है। 1 फरवरी, 2026 को संसद में पेश होने वाला यह बजट आम लोगों तक ‘यूनियन बजट मोबाइल ऐप’ के जरिए तुरंत पहुंच जाएगा।
मोबाइल ऐप पर मिलेगा पूरा बजट
बजट भाषण समाप्त होते ही सभी दस्तावेज डिजिटल पोर्टल और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
- बजट हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगा
- आम नागरिक, सांसद और विशेषज्ञ एक क्लिक में बजट से जुड़े सभी आंकड़े देख सकेंगे
- भारी-भरकम फाइलों की जरूरत नहीं होगी
केवल आंकड़े नहीं, अनुशासन और समर्पण की कहानी
यूनियन बजट सिर्फ आय-व्यय का ब्योरा नहीं होता, बल्कि यह उन अधिकारियों की मेहनत, अनुशासन और गोपनीयता का प्रतीक भी है, जो महीनों तक पर्दे के पीछे रहकर देश की आर्थिक दिशा तय करने में जुटे रहते हैं।
हलवे की मिठास के साथ अब पूरी बजट टीम उस दिन का इंतजार कर रही है, जब देश का नया वित्तीय खाका जनता के सामने पेश किया जाएगा। यह बजट न सिर्फ आर्थिक नीतियों की दिशा तय करेगा, बल्कि डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।
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जम्मू-कश्मीर ; की 26 साल की CRPF अधिकारी सिमरन बाला आज रिपब्लिक डे परेड में पुरुष सदस्यीय टुकड़ी का कमान संभाल रही हैं।
गणतंत्र दिवस परेड में इतिहास रचेंगी सिमरन बाला
CRPF की 26 वर्षीय अधिकारी पहली बार करेंगी 140 से अधिक पुरुष जवानों का नेतृत्व
नई दिल्ली:
आज दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में जम्मू-कश्मीर की 26 वर्षीय सिमरन बाला इतिहास रचने जा रही हैं। वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की सहायक कमांडेंट के रूप में 140 से अधिक पुरुष जवानों की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। यह पहला मौका है जब किसी महिला अधिकारी को गणतंत्र दिवस परेड में इतनी बड़ी पुरुष टुकड़ी की कमान सौंपी गई है।
कौन हैं सिमरन बाला?
सिमरन बाला जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले की रहने वाली हैं। वह अपने जिले से CRPF में अधिकारी बनने वाली पहली महिला हैं। CRPF देश का सबसे बड़ा पैरामिलिट्री बल है, जिसमें लगभग 3.25 लाख जवान कार्यरत हैं और यह भारत की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है।
CRPF मुख्य रूप से तीन अहम क्षेत्रों में काम करता है:
- नक्सल विरोधी अभियान
- जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई
- उत्तर-पूर्वी राज्यों में उग्रवाद विरोधी ऑपरेशन
शिक्षा और करियर
- स्नातक: राजनीति शास्त्र, सरकारी महिला कॉलेज, गांधी नगर (जम्मू)
- UPSC CAPF परीक्षा: वर्ष 2025 में उत्तीर्ण
- बल: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)
- पहली पोस्टिंग: छत्तीसगढ़ की ‘बस्तरिया’ बटालियन
छत्तीसगढ़ में तैनाती के दौरान सिमरन बाला को नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय रूप से काम करने का अवसर मिला।
प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन
CRPF अकादमी, गुरुग्राम में प्रशिक्षण के दौरान सिमरन बाला ने:
- उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदर्शन
- प्रभावशाली सार्वजनिक भाषण
के लिए विशेष पुरस्कार भी प्राप्त किए।
गणतंत्र दिवस परेड में महिला शक्ति का प्रदर्शन
इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में महिलाओं की भागीदारी और भी खास होगी।
CRPF और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त महिला टीम ‘डेयर डेविल्स’ के रूप में रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिलों पर रोमांचक करतब दिखाएगी।
उल्लेखनीय है कि इन दोनों बलों की महिला जवानों ने 2020 की गणतंत्र दिवस परेड में भी यह साहसिक प्रदर्शन किया था।
प्रेरणा का प्रतीक
सिमरन बाला की यह उपलब्धि न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश की युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका नेतृत्व, समर्पण और साहस यह साबित करता है कि भारतीय सुरक्षा बलों में महिलाएं किसी भी भूमिका में पीछे नहीं हैं।
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