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Artificial Sweeteners से बने केक-आइसक्रीम: सेहत के लिए कितने मिठे और कितने खराब

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जीवन के इस दौर में, हर कोई अच्छे स्वास्थ्य की खोज में रहता है, लेकिन जब बात मीठे की आती है, तो कहानी कुछ और हो जाती है। ज्यादा मीठा खाना हमारे दिल, डायबिटीज, और स्किन प्रॉब्लम्स जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए खतरा बन सकता है। यही कारण है कि लोग चीनी को छोड़ने की चुनौती को स्वीकार तो कर रहे हैं लकिन उसकी जगह Artificial Sweeteners को अपने जीवन में जगह दे रहे हैं जो ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं।

आर्टिफिशियल स्वीटनर्स की मात्रा उत्पादों में अधिक होने से संबंधित खतरे की संभावना है, जैसा कि पिछले महीने पटियाला में केक खाने के बाद एक 10 साल की बच्ची की जान चली गई, इसके बाद केक की जांच की गई जिसमें काफी अधिक मात्रा में नकली मिठास की मात्रा पाई गई। इस घटना ने सभी को चौंका दिया साथ ही कई सवाल भी खड़े किए की क्या ज्यादा मात्रा में आर्टिफिशल स्वीटनर का सेवन आपकी जान ले सकता है?

क्या होते हैं आर्टिफिशल स्वीटनर्स (Artificial Sweeteners)?

आर्टिफिशल स्वीटनर्स स्वाद के साथ, मिठास तो प्रदान करते हैं, लेकिन इसकी असलियत कुछ और है। ये केमिकल होते है जो खाद्य पदार्थों में मिठास उत्पन्न करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं, जैसे कि सुक्रालोस को सबसे ज्यादा कृत्रिम मिठास के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसकी मात्रा किसी भी खाद्य पदार्थ में अगर ज्यादा हो जाए तो इससे होने वाले नुकसान आगे जाकर गंभीर परिणाम दे सकते हैं।

कुछ अध्ययनों में आर्टिफिशल स्वीटनर्स कैंसर, मोटापा, मधुमेह, हृदय रोग, मस्तिष्क संबंधी समस्याओं और हार्मोनल असंतुलन जैसी गंभीर समस्याओं को शरीर में पैदा कर सकते है। ये केमिकल्स शरीर के अंदर कैमिकल रिएक्शन को बदल सकते हैं और इससे नकारात्मक प्रभाव पैदा हो सकता है।

क्यों खाते है लोग आर्टिफिशियल स्वीटनर्स ?

आर्टिफिशियल स्वीटनर्स को चुनने के पीछे की वजह भी समझना आवश्यक है। लोग आमतौर पर इनको कम कैलोरी, बढ़ते वजन को रोकने, और डायबीटिज को रोकने के लिए उपयोग करते हैं। लेकिन यह समझना महत्वपूर्ण है कि ये स्वीटनर्स भी आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

आर्टिफिशियल स्वीटनर के सेवन से आपका वजन नहीं बढ़ेगा यह दावा भी पूरी तरह सही नहीं है। लेकिन, एक कप चाय में एक छोटी सी गोली आपको एक या दो चम्मच की चीनी जितना स्वाद देती है, इससे आप खुद अंदाजा लगा सकते है कि ये शरीर के लिए ठीक नहीं है।

भारत में कितनी तरह के आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का हो रहा है इस्तेमाल

आर्टिफिशियल मिठास कई प्रकार के होते हैं, जिनमें से कुछ मुख्य हैं – सैकरीन, एस्पार्टेम, सुक्रालोज, नियोटेम, आइसोमेल्टोल, और एसेसुल्फेम। ये सभी आर्टिफिशियल स्वीटनर्स भारत में उपयोग में लाए जाते हैं, विशेष रूप से सस्ते खाद्य पदार्थों में। यह स्वीटनर्स पेय पदार्थों, केक, कैंडी, आइसक्रीम, फ्रोजन डेजर्ट, योगर्ट, च्यूइंगम, आदि में प्रयोग किए जाते हैं।

भारतीय खाद्य एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा ये सभी आर्टिफिशियल स्वीटनर्स के उपयोग की अनुमति है, लेकिन FSSAI द्वारा इनकी मात्रा को नियंत्रित किया जाता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि लोगों को अधिकतम सुरक्षित और गुणवत्ता के साथ खाद्य पदार्थ मिलते रहें।

सरकारी गाइडलाइंस और नियम

हालांकि, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा संबंधी मुद्दों को ध्यान में रखते हुए, सरकारें विभिन्न गाइडलाइंस और नियम बनाती हैं ताकि लोग स्वस्थ और सुरक्षित खाद्य उत्पादों का सेवन कर सकें। इसी तरह, आर्टिफिशियल स्वीटनर्स के उपयोग पर भी नियम बनाए गए हैं ताकि लोग उनका सही और सुरक्षित उपयोग कर सकें। अधिकतम मात्रा में सेवन करने पर ये हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।

सही मात्रा का पालन: आमतौर पर आर्टिफिशियल स्वीटनर्स की सही मात्रा को सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिया जाता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि लोग इनका सेवन ज्यादा मात्रा में न करें।

उत्पादन और मानक: स्वीकृत और मान्यता प्राप्त उत्पादन प्रक्रिया के लिए नियम बनाए गए हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि उत्पाद उच्च गुणवत्ता वाला हो और लोगों के लिए सुरक्षित हों।

लेबलिंग और सूचना: उत्पादों पर सही सूचना और लेबलिंग की व्यवस्था की जाती है ताकि उपभोक्ता जान सकें कि उत्पाद में कौन-कौन से स्वीटनर्स हैं और कितनी मात्रा में हैं।

इसलिए, आर्टिफिशियल स्वीटनर्स की मात्रा को संयंत्रित रूप से लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है। व्यक्तिगत स्वास्थ्य सलाहकार की सलाह लेना और सावधानी बरतना जरूरी है। यह भी ध्यान देना जरूरी है कि इन स्वीटनर्स का उपयोग आप अपनी किस जरूरत के लिए कर रहे हैं और कैसे यह स्वीटनर्स आपके लिए सहायक हो सकते हैं या नुकसान पहुंचा सकते हैं।

इसके अलावा, सामाजिक जागरूकता भी बढ़ानी चाहिए कि लोग स्वस्थ और संतुलित आहार चुनें जो प्राकृतिक रूप से मिलने वाले पदार्थों से बना हो जैसे कि शहद, गुड़, या फल। स्वस्थ और संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ, स्वीटनर्स के सेवन को सीमित रखना हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सेहतमंद जीवनशैली को अपनाने से हम अपने स्वास्थ्य को सुरक्षित रख सकते हैं।

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