Connect with us

Punjab

AAP Punjabप्रभारी Manish Sisodiaने नवनियुक्त पार्टी पदाधिकारियों के साथ की रणनीतिक बैठक

Published

on

मिशन 2027 की तैयारी में जुटी AAP: Manish Sisodia  ने पंजाब नेतृत्व को लोकसेवा के लिए किया प्रेरित

जिला प्रभारियों को आगे आकर करना चाहिए नेतृत्व, हर दिन दो ब्लॉक का करें दौरा : सिसोदिया

हमारा विज़न है एक मज़बूत संगठन का निर्माण करना, जो जमीनी स्तर पर सशक्त हो — मनीष सिसोदिया

अमन अरोड़ा और शेरी कालसी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से की अपील – जनता की सेवा करें और सभी स्तरों पर पार्टी को मज़बूत बनाएं

आम आदमी पार्टी (AAP) के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने आज नवनियुक्त पार्टी पदाधिकारियों के साथ मीटिंग की। बैठक में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों सहित उपचुनाव की तैयारियों पर चर्चा की गई।

बैठक के दौरान सिसोदिया ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी और उन्हें तुरंत अपनी जिम्मेदारियां शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया। सिसोदिया ने कहा, “ AAP राज्य के पार्टी नेतृत्व के साथ मिशन-2027 की भी टीम हैं।” उन्होंने पार्टी के विजन और रणनीति को आगे बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया और कहा कि इस टीम के प्रयास Punjab में AAP की सफलता को परिभाषित करेंगे।

AAP Punjab अध्यक्ष अमन अरोड़ा, कार्यकारी अध्यक्ष अमनशेर सिंह शैरी कलसी, सभी राज्य सचिव, महासचिव, लोकसभा प्रभारी और जिला प्रभारियों ने बैठक में सक्रिय रूप से भाग लिया।

मनीष सिसोदिया ने हर स्तर पर एक मजबूत संगठन बनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने टीम से पार्टी की पहुंच का विस्तार करने और पंजाब के लिए AAP की उपलब्धियों और विजन पर केंद्रित सकारात्मक माहौल बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।

सिसोदिया ने कहा, “हमारी सरकार लोगों के लिए समर्पित है। आपकी भूमिका सरकार के परिवर्तनकारी कार्यों को सीधे लोगों तक ले जाना है।” उन्होंने पदाधिकारियों को विशेष रूप से “युद्ध नशयां विरुद्ध” (ड्रग्स के खिलाफ युद्ध) जैसी सरकारी पहलों का समर्थन करने और जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

सिसोदिया ने जिला प्रभारियों, ब्लॉक नेताओं, राज्य सचिवों और महासचिवों सहित पार्टी के विभिन्न पदों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर चर्चा की। उन्होंने निर्बाध कामकाज सुनिश्चित करने के लिए इन भूमिकाओं में स्पष्टता और जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हम जल्द ही जिम्मेदारियों को और अधिक परिभाषित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए अनुवर्ती बैठकें करेंगे कि प्रत्येक सदस्य पार्टी और सरकार दोनों में अपनी भूमिका के बारे में स्पष्ट हो। वह अपने विचार साझा करें क्योंकि प्रत्येक योगदान हमें एक इकाई के रूप में मजबूत होने में मदद करेगा।” 

मीटिंग के दौरान जिला प्रभारियों ने टीम वर्क में सुधार और पार्टी की जमीनी स्तर पर उपस्थिति को मजबूत करने के लिए बहुमूल्य सुझाव साझा किए। सिसोदिया ने उनके विचारों की प्रशंसा की और सभी सदस्यों से इस बात पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया कि वे लोगों की सेवा में कैसे योगदान दे सकते हैं, न कि इस बात पर कि पार्टी या सरकार उनके लिए क्या कर सकती है। सिसोदिया ने संगठनात्मक लक्ष्यों के प्रति एकीकृत और सुव्यवस्थित दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए पार्टी के मुख्य विंग और इसके अन्य विभिन्न विंग के बीच समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। 

उन्होंने पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को पंजाब के हर कोने तक विस्तारित करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला, जिससे जमीनी स्तर पर पार्टी की उपस्थिति मजबूत होगी और जनता के साथ गहन जुड़ाव संभव होगा। सिसोदिया ने सरकार की उपलब्धियों और जन कल्याण के प्रति पार्टी की अटूट प्रतिबद्धता को सक्रिय रूप से संप्रेषित करके लोगों के साथ मजबूत संबंध बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने संगठन के भीतर सकारात्मक और सक्रिय माहौल को बढ़ावा देने का आह्वान किया तथा सदस्यों को पंजाब की प्रगति के लिए समर्पण और एकता के साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। 

बैठक का समापन कड़ी मेहनत और समर्पण के संदेश के साथ हुआ, जिसमें सिसोदिया ने कहा, “लुधियाना उपचुनाव से लेकर मिशन-2027 तक, यह हमारी यात्रा है। अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के नेतृत्व में हम मिलकर पंजाब के लिए नई उपलब्धियां हासिल करेंगे।

मनीष सिसोदिया ने आप के जिला प्रभारियों के लिए प्रमुख निर्देशों को भी रेखांकित किया, जिसमें पंजाब भर में सक्रिय, जमीनी स्तर पर मौजूदगी की आवश्यकता पर जोर दिया गया। उन्होंने निर्देश दिया कि पार्टी का काम वातानुकूलित बैठकों और सोशल मीडिया पोस्ट से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने सभी जिला इंचार्जों से रोजाना मैदान में रहने का आग्रह किया। इसमें स्वयंसेवकों से सीधे जुड़ना, उनकी चिंताओं को दूर करना और मिशन-संचालित नेतृत्व के माध्यम से उत्साह को बढ़ावा देना शामिल है। जमीनी स्तर पर पार्टी की दृश्यता और ऊर्जा सुनिश्चित करने के लिए डीआई को अब रोजाना कम से कम दो ब्लॉक का दौरा करना अनिवार्य है। इन यात्राओं का उद्देश्य स्थानीय टीमों को सशक्त बनाना, संगठनात्मक चुनौतियों का समाधान करना और हर बूथ व ब्लॉक में पार्टी इकाइयों की निगरानी करना है।

सिसोदिया ने जिला इंचार्जों, विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत समन्वय के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी इंचार्जों से आग्रह किया कि वे निर्वाचित प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच संयोजक के रूप में कार्य करें, संयुक्त अभियान चलाएं और सार्थक संवाद की सुविधा प्रदान करें।

उन्होंने कहा, “पंजाब की सियासत का नया मॉडल बन रहा है – जहां नेता लोगों के बीच होते हैं और जहां पार्टी के ज़िम्मेदार लोग पंजाब के हर कोने में जनता से मिलते हैं।”

आप पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा और कार्यकारी अध्यक्ष अमनशेर सिंह शैरी कलसी ने भी बैठक के दौरान अपने विचार साझा किए और मनीष सिसोदिया द्वारा बताए गए एजेंडे को अपना समर्थन दिया। दोनों नेताओं ने सिसोदिया के संदेश को दोहराया और पार्टी के लक्ष्यों को प्राप्त करने में एकता, समर्पण और सामूहिक प्रयास के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से पंजाब को बेहतर बनाने के साझा दृष्टिकोण के साथ एक इकाई के रूप में एकजुट होकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सकारात्मक बदलाव लाने की जिम्मेदारी टीम के हर सदस्य की है, इसलिए हमें मिलकर संगठन को मजबूत करने और लोगों की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।

Punjab

धनौला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नकली पुलिस बनकर ठगी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

Published

on

पंजाब के बरनाला जिले में धनौला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नकली पुलिस कर्मी बनकर लोगों को ठगने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस की वर्दी और एक इनोवा कार भी बरामद की गई है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग पुलिस की वर्दी पहनकर भोले-भाले लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर धनौला पुलिस ने नाका लगाकर चेकिंग शुरू की।

चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक इनोवा कार को रोका, जिसमें तीन व्यक्ति पुलिस की वर्दी में बैठे हुए थे। शक होने पर पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप कुमार (चक्क महंता वाला), अजय (मुनके उताड़) और गुरप्रीत सिंह (मुनके उताड़) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी फिरोजपुर जिले के रहने वाले हैं।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना धनौला में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान इस गिरोह से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

Continue Reading

Blog

राजनेताओं ने अपने नेताओं के नाम पर भव्य स्मारक बनाए, लेकिन शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को नजरअंदाज किया: CM भगवंत मान

Published

on

शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह दिन देश के लिए दी गई उनकी महान कुर्बानी को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि शहीदों के आदर्शों पर चलकर ही एक मजबूत और खुशहाल पंजाब का निर्माण किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं, बल्कि उनके विचारों और अन्याय के खिलाफ संघर्ष की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने शहीदों को भारत रत्न न दिए जाने पर भी सवाल उठाया और कहा कि अगर देश की बागडोर आजादी के शुरुआती वर्षों में ऐसे नौजवानों के हाथ में होती, तो भारत की तस्वीर अलग होती।

उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत हमें अन्याय और अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े होने की प्रेरणा देती है। समाज से बुराइयों को खत्म करना हर नागरिक का कर्तव्य है।

शिक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी और सामाजिक बुराइयों को खत्म करने का सबसे बड़ा हथियार शिक्षा है। पंजाब सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों ने सत्ता या लाभ के लिए नहीं, बल्कि देश की आजादी के लिए अपनी जान न्यौछावर की। उनकी कुर्बानी के कारण ही आज हमें वोट देने का अधिकार मिला है, इसलिए हर नागरिक को अपने मताधिकार का सही उपयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पंजाब ने देश की आजादी और एकता के लिए सबसे अधिक कुर्बानियां दी हैं। देश की कुल आबादी का केवल 2% होने के बावजूद, आजादी की लड़ाई में 80% शहीद पंजाब से थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शहीदों की विरासत को संभालने और उनके सपनों का पंजाब बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि हुसैनीवाला में 24.99 करोड़ रुपये की लागत से ‘विरासत प्रोजेक्ट’ शुरू किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियां शहीदों के इतिहास और बलिदान से प्रेरणा ले सकेंगी।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के रास्ते पर चलें और देश की सेवा में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वोट की ताकत सबसे बड़ी ताकत है और सही नेतृत्व चुनकर ही देश में असली बदलाव लाया जा सकता है।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार शहीद भगत सिंह के सपनों को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी और राज्य को तरक्की और खुशहाली की राह पर आगे बढ़ाती रहेगी।

Continue Reading

Blog

नशे के खिलाफ मुहिम में नया कदम: इलाज और रोजगार से युवाओं को मिल रहा दूसरा मौका

Published

on

पंजाब में नशों के खिलाफ जारी जंग अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। भगवंत मान सरकार की ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम अब केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे पुनर्वास (rehabilitation) और समाज में दोबारा जोड़ने (reintegration) तक बढ़ा दिया गया है। सरकार अब नशा तस्करी के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ प्रभावित लोगों को इलाज, काउंसलिंग और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करवा रही है, ताकि वे एक नई और बेहतर जिंदगी शुरू कर सकें।

इस बदलाव की एक मिसाल जुगराज सिंह (बदला हुआ नाम) है। कॉलेज के दिनों में वह अपने साथियों के प्रभाव में आकर नशे की लत का शिकार हो गया था। शुरुआत में केवल जिज्ञासा के तौर पर शुरू हुई यह आदत जल्द ही उसकी जिंदगी पर हावी हो गई। लेकिन अब सरकारी सहायता और काउंसलिंग के जरिए उसने खुद को संभाला है और अपनी जिंदगी को नई दिशा दी है।

जुगराज सिंह का कहना है कि अब उसका पूरा ध्यान अपनी पढ़ाई पूरी करने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने पर है। उसने बताया कि वह अब पहले से ज्यादा आत्मविश्वासी है और उसे लगता है कि वह एक बेहतर इंसान बन गया है।

सरकार द्वारा चलाए जा रहे पुनर्वास कार्यक्रमों के तहत ऐसे युवाओं को मानसिक समर्थन, इलाज और स्किल डेवलपमेंट की सुविधा दी जा रही है। इससे वे न केवल नशे की लत से बाहर निकल रहे हैं, बल्कि समाज में दोबारा सम्मान के साथ अपनी पहचान भी बना रहे हैं।

पंजाब सरकार का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सख्त कार्रवाई से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए प्रभावित लोगों को दूसरा मौका देना भी उतना ही जरूरी है। यही कारण है कि अब इस मुहिम में मानवीय दृष्टिकोण को भी शामिल किया गया है।

इस पहल के जरिए सरकार युवाओं को एक नई शुरुआत का मौका दे रही है, जिससे वे अपने जीवन को सही दिशा में ले जाकर समाज के लिए सकारात्मक योगदान दे सकें।

Continue Reading

Trending