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AAP मंत्रियों और विधायकों ने ‘नशा मुक्ति यात्रा’ की शुरुआत की, सैंकड़ों गांवों में चलाया जागरूकता अभियान।

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आम आदमी पार्टी (AAP ) के विधायकों और मंत्रियों द्वारा पंजाब में चलाए जा रहे ‘नशा मुक्ति यात्रा’ का छठा दिन भी सफलता पूर्वक जारी रहा। इस अभियान के तहत, पार्टी के नेता राज्य के 90 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय रूप से जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। शुक्रवार को भी, AAP के मंत्री और विधायक अपने-अपने हलकों के इंचार्जों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ सैकड़ों गांवों का दौरा करते हुए नशे के खिलाफ जन जागरूकता अभियान चला रहे थे।

इस दौरान, लोगों को नशे से दूर रहने, नशा तस्करों का सामूहिक बहिष्कार करने और नशे के कारोबार में शामिल लोगों को कानूनी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का सहयोग न करने की शपथ दिलाई गई। उपस्थित लोगों ने भी AAP नेताओं को आश्वस्त किया कि वे अपने-अपने गांवों से नशे को समाप्त करने के लिए सरकार का सहयोग करेंगे और तस्करों की जानकारी स्थानीय पुलिस को देंगे।

पंजाब सरकार ने राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए तीन महीने की समय सीमा तय की है और इसके लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया जाएगा। साथ ही, नशे के मामलों की तेजी से सुनवाई और दोषियों को सजा दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे ।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस अभियान को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नशे के खिलाफ ठोस योजना बनाकर इसे जमीनी स्तर पर लागू करें ।

शुक्रवार को पंजाब के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के 200 से ज्यादा गांवों में नशा मुक्ति यात्रा निकाली गई। यात्रा के दौरान गांवों के लोगों में काफी उत्साह का माहौल देखने को मिला। हजारों की संख्या में स्थानीय लोग आप नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ यात्रा में शामिल हुए और सरकार के नशे के विरुद्ध अभियान को अपना समर्थन दिया।

यात्रा के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए एक आप नेता ने कहा कि अब पंजाब में नशा और नशा तस्करों के लिए कोई जगह नहीं है। हमारे पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान का स्पष्ट संदेश है कि नशे के कारोबारी या तो अपना धंधा छोड़ दे या पंजाब छोड़ दे। अगर दोनों में से कोई एक नहीं किया तो फिर जेल जाने के लिए तैयार रहें क्योंकि सरकार हर एक नशा तस्करों पर कार्रवाई करेगी। कोई भी पुलिस की चंगुल से बच नहीं सकता।

उन्होंने कहा कि आप सरकार पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए संकल्पित है। पिछले दो महीने में करीब 10 हजार नशा तस्करों को पकड़कर जेल भेजा गया है। वहीं 5 हजार से ज्यादा लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। हेरोइन, अफीम, गांजा, भुक्की समेत हजारों किलो नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं। नशे के खिलाफ रोज कार्रवाई चल रही है और आगे भी ऐसे ही जारी रहेगी। नशे के धंधे में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, ऐसे सभी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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पंजाब में 2 IAS अधिकारी सस्पेंड:आंगनबाड़ी वर्करों के लिए स्मार्टफोन खरीदने में देरी पर एक्शन, चार की ट्रांसफर

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पंजाब सरकार ने शनिवार को 2 IAS अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। सूत्रों से पता चला है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए स्मार्टफोन खरीदने में देरी के मामले में यह एक्शन हुआ है। यह मामला काफी पुराना है। हालांकि आर्डर में वजह साफ नहीं की गई है। इसके साथ एक अतिरिक्त मुख्य सचिव और एक संयुक्त सचिव का तबादला कर दिया। जबकि कुछ 4 अधिकारियों की टांसर्फर की गई।

उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और सूचना प्रौद्योगिकी प्रोत्साहन विभाग के प्रशासनिक सचिव कमल किशोर यादव और पंजाब इन्फोटेक के प्रबंध निदेशक जसप्रीत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए दोनों अधिकारियों को चंडीगढ़ स्थित राज्य मुख्यालय में तैनात किया जाएगा। वहीं, इस दौरान 2001 बैच के आईएएस अधिकारी गुरकीरत किरपाल सिंह को आखिरकार आज तैनाती दे दी गई है। उन्हें उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा विभाग का प्रमुख बनाया गया है। यह दोनों पद कमल किशोर व विकास प्रताप के पास थे। गुरकीरत पिछले करीब 11 महीनों से पोस्टिंग का इंतजार कर रहे थे। जबकि पंजाब इन्फोटेक के एमडी का अतिरिक्त प्रभार एसएस बराड़ को सौंपा गया है। इसी तरह सामाजिक सुरक्षा विभाग के विकास प्रताप और संयुक्त सचिव आनंद सागर शर्मा को भी हटा दिया गया है। विकास प्रताप को फिलहाल कोई नई पोस्टिंग नहीं दी गई है, जबकि आनंद सागर शर्मा को गुरदासपुर का अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर नियुक्त किया गया है। इसी तरह 1998 बैच के आईएएस अधिकारी एस करूणा राजू को प्रमुख रेसिडेंट कमिश्नर पंजाब भवन नई दिल्ली तैनात किया गया है।

अधिकारियों को सस्पेंड करने के ऑर्डर…

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Operation Prahar: पंजाब पुलिस शुरू करेगी ऑपरेशन प्रहार 2.0, 72 घंटे और 12 हजार जवान संभालेंगे मोर्चा

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पंजाब पुलिस कल (9 फरवरी) सुबह 8 बजे से ऑपरेशन प्रहार 2.0 शुरू करेगी। यह ऑपरेशन 72 घंटे तक चलेगा। सीनियर अधिकारियों को जिले अलॉट किए गए हैं। ऑपरेशन को लेकर पूरी एसओपी बनाई गई। 12 हजार पुलिसकर्मी मैदान में उतरेंगे।

डीजीपी गौरव यादव ने रविवार को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हमारा लक्ष्य पंजाब को गैंगस्टर व क्राइम फ्री करना है। जो गैंगस्टर बाहर बैठे हैं, उन्हें वापस लाने के लिए प्रोसेस केंद्र सरकार के माध्यम से शुरू हो गया। वहीं, अब सीनियर अधिकारियों की परफॉर्मेंस को रिव्यू किया जाएगा।

इससे पहले ऑपरेशन प्रहार का फेज-1 20 जनवरी से शुरू हुआ था। इस दौरान 5,290 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जबकि 2,973 प्रिवेंटिव डिटेंशन हुईं। 5,413 लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था।

हाई लेवल मीटिंग में स्ट्रेटजी बनी

डीजीपी ने कहा कि जो भी क्राइम पंजाब में करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। इसको लेकर हाई लेवल मीटिंग हुई। इसमें स्पेशल डीजीपी, एडीजीपी, आईजीपी मौजूद रहे, जिन्हें जिले अलॉट किए गए हैं। वह फील्ड में मौजूद रहेंगे।

12 हजार पुलिसकर्मी मैदान में उतरेंगे

उन्होंने कहा कि वांटेड क्रिमिनल को लेकर यह ऑपरेशन है। इनकी लिस्ट बनाई गई है। ऑपरेशन के दौरान 12 हजार पुलिस कर्मचारी मैदान में उतरेंगे। इनकी दो हजार टीमें बनाई गई हैं। फील्ड ऑपरेशन के लिए हिदायत दी गई है कि मुख्य क्राइम पर एसएसपी समेत सीनियर अधिकारी खुद विजिट करेंगे।

मुलाजिमों की कमी को पूरा करने के लिए नॉन कोर ड्यूटी स्टाफ को हटाकर थानों और फिल्ड में लगाया जाएगा। थानों में तैनात मुलाजिमों को वॉकी टॉकी सिस्टम दिए जा रहे हैं। वॉकी टॉकी के लिए भी पॉलिसी तैयारी की गई है।

सभी थाने जिला कंट्रोल रूम से जुड़ेंगे

डीजीपी ने बताया कि हमने वायरलेस सिस्टम की कार्यप्रणाली की समीक्षा की है। यह सुनिश्चित किया है कि थानों में तैनात सभी पुलिसकर्मियों के पास वॉकी-टॉकी सिस्टम उपलब्ध हो। सभी थाने जिला कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे। किसी भी घटना के बाद उस पर त्वरित एक्शन प्लान बनेगा। जिला कंट्रोल रूम में डिजिटल बोर्ड पर डिसप्ले होगा कि कौन-सा इलाका सील करना है या पूरे जिले को सील करना है। इसके बाद तुरंत बाद पीसीआर व मुलाजिम पहुंचे।

पंजाब पुलिस के DGP गौरव यादव ने बताया कि 72 घंटे चले ऑपरेशन प्रहार में 4871 लोगों को हिरासत में लिया गया। जिनमें से 3256 को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 80 भगोड़े अपराधी भी पकड़े गए। जबकि 25 एहतियाती गिरफ्तारियां की गईं।

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान 69 हथियार, 6.5 किलो हेरोइन, 10.5 किलो अफीम, 5092 नशीली गोलियां, 72 किलो भुक्की और 2.69 लाख रुपए ड्रग मनी बरामद की।

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Punjab: कौन हैं डॉ. पुष्पिंदर गिल? जिन्हें मिली बड़ी जिमेदारी, पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के VC नियुक्त

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पटियाला स्थित महाराजा भूपिंदर सिंह पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी को नया वाइस चांसलर (वीसी) मिल गया है। डॉ. पुष्पिंदर सिंह गिल को महाराजा भूपिंदर सिंह पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी (एमबीएसपीएसयू) का वीसी नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से तीन साल की अवधि का होगा। 

यह नियुक्ति महाराजा भूपिंदर सिंह पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी अधिनियम, 2019 की धारा 26(1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना 8 फरवरी 2026 को विवेक प्रताप सिंह, आईएएस, प्रधान सचिव, राज्यपाल पंजाब द्वारा जारी की गई।

डॉ. पुष्पिंदर सिंह गिल शिक्षा, शोध, प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय परामर्श के क्षेत्र में 36 वर्षों से अधिक का समृद्ध अनुभव रखते हैं। वे पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से सेवानिवृत्त प्रोफेसर रह चुके हैं और अपने लंबे अकादमिक व प्रशासनिक अनुभव के चलते पंजाब के प्रमुख खेल विश्वविद्यालय का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम माने जाते हैं।

डॉ. गिल ने वर्ष 1993 में पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से “मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव इफेक्टिवनेस” विषय पर पीएचडी की। उन्होंने वर्ष 1987 में एमबीए (मार्केटिंग एवं मटेरियल मैनेजमेंट) तथा 1984 में अर्थशास्त्र में बीए (ऑनर्स) प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया।

अपने अकादमिक करियर के दौरान उन्होंने पंजाबी यूनिवर्सिटी में 23 वर्षों से अधिक समय तक प्रोफेसर, 7 वर्षों तक एसोसिएट प्रोफेसर तथा 6 वर्षों से अधिक समय तक असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में सेवाएं दीं।

शिक्षा जगत के साथ-साथ डॉ. गिल को कॉर्पोरेट क्षेत्र का भी व्यापक अनुभव प्राप्त है। वे 1999 से 2001 तक अफ्रीका (युगांडा, केन्या, इथियोपिया और नाइजीरिया) में द कोका-कोला कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।

डॉ. गिल की शैक्षणिक उपलब्धियों में 84 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र, 10 पुस्तकें तथा 400 से अधिक लेख शामिल हैं। वे “इंडियन जर्नल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़” के संपादक-इन-चीफ भी रह चुके हैं। उन्होंने 30 पीएचडी शोधार्थियों का सफल मार्गदर्शन किया है।

डॉ. गिल का विज़न महाराजा भूपिंदर सिंह पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी को खेल शिक्षा, उच्च प्रदर्शन खेल और अनुप्रयुक्त शोध के क्षेत्र में भारत की अग्रणी संस्था बनाना है, जहाँ खेल विज्ञान को व्यावहारिक सफलता और करियर के अवसरों से जोड़ा जा सके।

डॉ. गिल ने कोका-कोला, पेप्सिको, कैडबरी, फिलिप्स इंडिया सहित कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों को परामर्श सेवाएं भी दी हैं और विभिन्न राज्यों की लोक सेवा आयोगों में विशेषज्ञ के रूप में भी कार्य किया है।

डॉ. गिल की नियुक्ति से जुड़े नियम व शर्तें पंजाब सरकार के युवा मामले एवं खेल विभाग द्वारा अलग से अधिसूचित की जाएंगी।

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