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जालंधर में ‘AAP’ को मिला नया सहयोग: उद्योगपति नितिन कोहली पार्टी में शामिल, बनाए गए जालंधर सेंट्रल के प्रभारी।

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आम आदमी पार्टी (AAP) को जालंधर में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक समर्थन मिला है। शहर के प्रमुख स्पोर्ट्स कारोबारी और हॉकी इंडिया के उपाध्यक्ष नितिन कोहली ने गुरुवार को आप में शामिल होकर पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।

आज एक प्रेस कांफ्रेंस में पंजाब के पार्टी प्रभारी मनीष सिसोदिया और प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने नितिन कोहली का पार्टी में स्वागत किया। इस अवसर पर आप पंजाब के कार्यकारी प्रधान अमनशेर सिंह शैरी कलसी और अन्य पार्टी नेता भी उपस्थित थे।

पार्टी में शामिल होने के बाद नितिन कोहली ने कहा, “मैं आप सरकार की उद्योगों के प्रति समर्पण और पंजाब के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धता से प्रभावित हूं। यह वही पार्टी है जो नागरिकों के कल्याण को प्राथमिकता देती है। मैं अरविंद केजरीवाल जी और भगवंत मान जी के नेतृत्व में राज्य के उद्योगों के विकास और जालंधर के कल्याण में योगदान देने के लिए उत्सुक हूं।”

पार्टी में शामिल होने के तुरंत बाद, मनीष सिसोदिया ने नितिन कोहली को जालंधर सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र का हलका इंचार्ज नियुक्त करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कोहली स्थानीय जनता की शिकायतों को दूर करने और हर समुदाय तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए यहां एक कार्यालय भी स्थापित करेंगे।

यह कदम आम आदमी पार्टी के लिए जालंधर में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उद्योगपति नितिन कोहली को व्यापार, खेल, शिक्षा और स्थानीय शासन में उनके योगदान के लिए जाना जाता है। वह हाइक शू प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और स्पोर्ट्स शू ब्रांड ‘ट्रेसर’ के संस्थापक हैं। उन्होंने किफायती और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद प्रदान करने की हमेशा कोशिश की है। कोहली पंजाब लेदर फेडरेशन और स्पोर्ट्स एंड टॉयज एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन एवं ”SPORTTX” के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया हैं, जो इन उद्योगों में हितधारकों के बीच सहयोग को बढ़ावा देते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने काफी काम किया है। वह जालंधर के कैम्ब्रिज इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन हैं।

वहीं खेल के क्षेत्र में, कोहली ने स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपने परिवार के ब्रांड विजयंती से शुरुआत करते हुए, उन्होंने इसे हॉकी उपकरण निर्माण में वैश्विक पहचान दिलाई। उन्होंने हॉकी पंजाब और हॉकी इंडिया के उपाध्यक्ष सहित प्रमुख जिम्मेदारी निभाई है, जहां उन्होंने प्रतिभाओं को पोषित करने और सुधारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए मनीष सिसोदिया ने नितिन कोहली के शामिल होने को आप पंजाब के लिए गौरव का क्षण बताया। सिसोदिया ने कहा, “नितिन कोहली जालंधर या आप के लिए नए नहीं हैं। वे पार्टी की स्थापना के समय से ही पंजाब के लिए हमारे विजन का समर्थन करते रहे हैं। आज उनका औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल होना जालंधर में पार्टी के लिए एक नया अध्याय है।” सिसोदिया ने कहा कि नितिन कोहली का आप में शामिल होना पंजाब के औद्योगिक समुदाय का आप सरकार की नीतियों में विश्वास को दर्शाता है।

सिसोदिया ने भ्रष्टाचार के प्रति आम आदमी पार्टी की जीरो टॉलरेंस की नीति पर भी जोर दिया। विजिलेंस मामले में जालंधर सेंट्रल के विधायक रमन अरोड़ा की हाल ही में हुई गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए सिसोदिया ने कहा, “आप एकमात्र ऐसी पार्टी है जो किसी भी तरह के भ्रष्टाचार के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करती है, चाहे वह व्यक्ति पार्टी का हो या बाहरी। दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाता है।”

सिसोदिया ने गुजरात का उदाहरण देते हुए भाजपा पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों गुजरात के पंचायती राज मंत्री के बेटा का नाम 71 करोड़ रुपये के घोटाले में सामने आया। उन्होंने कहा, “जहां अन्य पार्टियां गलत काम करने वालों को बचाती हैं, वहीं आप सख्त कार्रवाई करके एक मिसाल कायम करती है।”

नितिन कोहली का स्वागत करते हुए आप पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने जालंधर और पंजाब में पार्टी की उपस्थिति को मजबूत करने की उनकी क्षमता को सराहा। अरोड़ा ने कहा, “नितिन कोहली की स्वच्छ छवि, उद्यमशीलता की भावना और जन कल्याण के प्रति समर्पण आप के सिद्धांतों के साथ पूरी तरह मेल खाता है। उनके शामिल होने से पार्टी में नई ऊर्जा और ताकत आएगी।” उन्होंने गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि के व्यक्तियों को सशक्त बनाने के आप के अनूठे दृष्टिकोण की भी प्रशंसा की और कहा, “आम आदमी पार्टी लोगों को सेवा करने वाले के इच्छुक सभी लोगों को बेहतर राजनीतिक मंच प्रदान करती है।

उन्होंने पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पार्टी द्वारा स्वच्छ राजनीति को बढ़ावा देने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने सीएम भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब के विकास के लिए लगातार बड़े फैसले ले रही है। उन्होंने आप सरकार द्वारा नशा और भ्रष्टाचार को खत्म करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, रोजगार पैदा करने और व्यापार के अनुकूल माहौल बनाने के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया और पंजाब को फिर से खुशहाल और समृद्ध राज्य बनाने का वादा किया।

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सेना के वेरका का सूखा दूध खारिज किए जाने के बाद एक्शन; Ludhiana इकाई के महाप्रबंधक निलंबित

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सेना को आपूर्ति किए गए सूखे दूध की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद पंजाब के दुग्ध सहकारी संस्थान वेरका की लुधियाना इकाई में बड़ा कदम उठाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इकाई के महाप्रबंधक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, सेना की आपूर्ति शाखा की जम्मू स्थित इकाई ने लुधियाना जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ को पत्र भेजकर सूचित किया कि वेरका की लुधियाना इकाई से भेजा गया पूरा दूध चूर्ण निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा। इस कारण दो अलग-अलग खेपों को अस्वीकार कर दिया गया।

बताया जा रहा है कि एक खेप लगभग 58.338 मीट्रिक टन और दूसरी करीब 66.654 मीट्रिक टन की थी। इस तरह कुल मिलाकर करीब 125 मीट्रिक टन सूखा दूध सेना द्वारा खारिज किया गया है।

गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई

पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उत्पाद की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया। इस मामले की जानकारी रक्षा मंत्रालय के खरीद और खाद्य निरीक्षण संगठन के मुख्य निदेशक को भी भेजी गई है, ताकि उच्च स्तर पर इसकी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

वहीं, मिल्कफैड के प्रबंध निदेशक राहुल गुप्ता ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आते ही तुरंत जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वेरका देश के प्रमुख दुग्ध ब्रांडों में शामिल है और यहां उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सख्त मानक अपनाए जाते हैं।

दोबारा नमूनों की जांच का किया अनुरोध

राहुल गुप्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रारंभिक स्तर पर किसी बड़ी कमी की पुष्टि नहीं हुई है। संस्थान ने सेना से दोबारा नमूने लेने का अनुरोध किया है, जिसे सैन्य अधिकारियों ने स्वीकार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि समस्या उत्पादन, भंडारण या आपूर्ति के किस चरण में उत्पन्न हुई। फिलहाल, इस घटनाक्रम ने दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

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मुफ्त बिजली, सड़कें और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार! 4 वर्षों में Bhagwant Mann सरकार ने बदली पंजाब की तस्वीर, लाभान्वित हुए लोग

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 पंजाब में जनहित को प्राथमिकता देते हुए मान सरकार सुविधाओं का विस्तार लगातार कर रही है। सीएम भगवंत मान को पंजाब की सत्ता में आए 4 वर्ष पूरे हो चुके हैं।

इन चार वर्षों में सरकार की ओर से पंजाबकी जनता तक सीधा लाभ पहुंचाने की कोशिश हुई है।

बात चाहें मुफ्त बिजली की हो या सड़क निर्माण, शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार आदि से जुड़ी। सीएम भगवंत मान की सरकार हर मोर्चे पर खरी उतरी है। शासन स्तर से ऐसी नीतियां बनाई गई हैं जो सीधे तौर पर जनता को लाभान्वित करते हुए पंजाब की तस्वीर बदलने का काम करें।

पिछले 4 वर्षों में Bhagwant Mann सरकार ने बदली पंजाब की तस्वीर!

मान सरकार ने पिछले चार वर्षों में पंजाब की तस्वीर बदलने का काम किया है। इस क्रम में अब पंजाब के मंत्री लोगों से संवाद कर रहे हैं।

इस मुहिम को निरंतरता प्रदान करते हुए कैबिनेट मंत्रियों ने लेहरागागा निर्वाचन क्षेत्र के कई इलाकों का दौरा किया। इस दौरान लोगों से संवाद कर भगवंत मान सरकार द्वारा पिछले चार वर्षों में जनता के हर वर्ग के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई।

कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि कैसे सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के छात्रों को छात्रवृत्ति, दलित समुदाय की ऋण माफी, शिक्षा, बिजली, नशा विरोधी अभियान और औद्योगिक निवेश आदि कर पंजाब की तस्वीर बदली जा रही है।

मुफ्त बिजली के साथ सड़क निर्माण और स्वास्थ्य सुविधाओं का हुआ विस्तार!

पंजाब के आम लोगों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की गई है। पिछले चार वर्षों में सीएम भगवंत मान के प्रयासों से घरेलू बिजली बिल शून्य हुआ है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक नई सड़कों का जाल बिछा है। इससे कनेक्टिविटी को गति मिली है और अवसरों के द्वार खुले हैं। इससे इतर मान सरकार ने मुख्यमंत्री सेहय योजना लागू कर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया है।

आम आदमी क्लीनिक भी पंजाब की जनता तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच आसान कर रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी शासन स्तर से कई पहल की गई है। ये सारे प्रयास दर्शाते हैं कि कैसे भगवंत मान सरकार ने लोगों को लाभान्वित करने की दिशा में काम किया है।

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नशे से नौकरी तक का सफर: Punjab में ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान से बदल रही जिंदगियां

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Punjab News: पंजाब में नशों के खिलाफ चल रही जंग के चलते स्पष्ट बदलाव सामने आ रहे हैं, क्योंकि भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान के तहत सिर्फ कानून लागू करने तक सीमित न रहकर पुनर्वास और पुनः एकीकरण पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. जिलों में नशे की दलदल में फंसे लोग अब स्थिर जीवन की ओर लौट रहे हैं और नशे से उबरने में रोजगार अहम भूमिका निभा रहा है.

अभिषेक कुमार (नाम बदला गया) उन लोगों में से एक हैं जिसने इस बदलाव को खुद अनुभव किया है. कुछ साल पहले नशे ने उसकी जिंदगी को इस कदर तबाह कर दिया था कि रोजमर्रा के काम भी मुश्किल हो गए थे और उसके परिवार को डर था कि वह नशे की भेंट चढ़ जाएंगा. आज, वह एक स्थिर नौकरी कर रहा हैं और अपने परिवार के साथ फिर से जुड़ गया है. उसने कहा, “नौकरी दोबारा मिलने से सब कुछ बदल गया. इसने मुझे सही रास्ता अपनाने का कारण दिया.”

नशे से उबरने का संघर्ष और रोजगार की नई शुरुआत

वह नशे से अचानक नहीं उभरा. उसके परिवार के निरंतर प्रोत्साहन, व्यवस्थित चिकित्सीय इलाज, परामर्श, और ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’’ अभियान से जुड़ी पहलों के तहत मिले पुनर्वास के बाद रोजगार सहायता की बदौलत अभिषेक स्थिरता और आत्मविश्वास दोनों वापस हासिल कर सका.

नवदीप कुमार (बदला हुआ नाम) के लिए उसके जीवन का निर्णायक मोड़ उसके घर से ही शुरू हुआ. लगातार झगड़ों और भावनात्मक दूरी ने उसे उस नुकसान का एहसास कराया जो नशे की वजह से हुआ था. उसने कहा, “मेरी मां मुझे सही रास्ते पर वापस लेकर आयी है.”

इलाज पूरा करने के बाद, नवदीप को रोजगार सहायता मिली और अब वह निजी क्षेत्र में काम कर रहा है. वह दोबारा रोजगार मिलने को उस पल के रूप में बताता है जिसने उनके जीवन में अनुशासन लाया और उसे अपना मकसद फिर से तय करने में मदद की.

समर्थन और पुनर्वास से नई शुरुआत

गुरजिंदर सिंह (बदला हुआ नाम) की कहानी रिकवरी के एक और पहलू को दर्शाती है. नशे ने न केवल उसके स्वास्थ्य को प्रभावित किया, बल्कि उसके परिवार में उसकी आर्थिक स्थिरता और भरोसेयोग्यता को भी खत्म कर दिया था. पुनर्वास सेवाओं और उसके माता-पिता के निरंतर समर्थन से, वह धीरे-धीरे रिकवरी की ओर बढ़ा. आज, वह फिर से नौकरी कर रहा है और उनकी सेहत में सुधार हुआ है तथा पारिवारिक संबंध भी बेहतर हुए हैं.

नशा पीड़ितों का रिकवरी की ओर यह सफर ‘आप’ सरकार द्वारा अपनाई गई व्यापक रणनीति को दर्शाता है, जिसके तहत नशों के खिलाफ जंग केवल तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नशे की दलदल में फंसे लोगों को सामाजिक और आर्थिक मुख्यधारा में वापस लाया जाए.

इस अभियान से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि पुनर्वास, परामर्श और संरचित सहायता प्रणालियों को रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा रहा है, क्योंकि यह माना गया है कि आर्थिक स्थिरता के बिना रिकवरी अधूरी रहती है.

स्थिर नौकरी से नशा मुक्त जीवन संभव

सभी मामलों में यह देखा गया है कि रोजगार केवल रिकवरी के बाद का एक कदम नहीं है, बल्कि यह नशा-मुक्त जीवन को सुनिश्चित करने की नींव है. एक स्थिर नौकरी वित्तीय स्वतंत्रता देती है, सम्मान को बहाल करती है और व्यक्तियों को अपने परिवारों और समुदायों से फिर से जुड़ने में सक्षम बनाती है. अभिषेक ने कहा, “कभी भी नशों का सेवन न करें. यह नुकसानदेय लग सकता है, लेकिन यह सब कुछ बर्बाद कर सकता है.”

जैसे-जैसे ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान का विस्तार हो रहा है, नशा पीड़ितों की ये कहानियां व्यापक बदलाव को दर्शाती हैं, जहां नशे से रिकवरी को अब अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि एक स्थिर और सम्मानजनक जीवन की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है.

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