Punjab
पंजाब में पशु बीमा योजना होगी शुरू, 50 हजार पशुओं का बीमा किया जाएगा
चंडीगढ़: पंजाब में पशु बीमा योजना शुरू होने जा रही है। दरअसल, राज्य में किसी भी बीमारी या प्राकृतिक आपदा के दौरान पशुपालकों के पशुधन की हानि को रोकने के लिए यह योजना शुरू की जा रही है। बताया जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में इस योजना के तहत 50 हजार पशुओं का बीमा किया जाएगा। इसमें लुधियाना से सबसे ज्यादा 4000 और सबसे कम मोहाली से 800 पशुओं को बीमा के दायरे में लाया जाएगा।
अगले साल इस आंकड़े को बढ़ाया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक यह योजना पंजाब में पहली बार राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत रिसक मैनेजमेंट और पशुधन बीमा के तहत शुरू की जा रही है, जिसे पंजाब के 23 जिलों में लागू करने की बात कही जा रही है। बताया यह भी जा रहा है कि केंद्र सरकार की योजना के तहत बी. पी.एल, एस. सी.और एस. टी. परिवार के 5 पशुओं तक के परिवारों के बीमा प्रीमियम का 40 प्रतिशत केंद्र, 30 प्रतिशत राज्य सरकार और 30 प्रतिशत उन्हें स्वयं देना होगा।
वहीं, गरीबी रेखा से ऊपर 5 पशुओं तक के परिवारों के लिए बीमा प्रीमियम का 25 प्रतिशत केंद्र, 25 प्रतिशत राज्य सरकार और 50 प्रतिशत स्वयं देगी। इसके अलावा अगर कोई परिवार 5 से अधिक जानवरों का बीमा कराना चाहता है तो उसे पूरा प्रीमियम खुद ही भरना होगा।
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देश की स्टार्टअप हब के रूप में उभर रहा पंजाब, 31 स्टार्टअप्स को 1.07 करोड़ रुपए की सीड ग्रांट वितरित की गई – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
वर्तमान समय में पंजाब नवीन विचारों, विशिष्ट सोच और उद्यमी युवाओं द्वारा लीक से हटकर पहलकदमियां करने के कारण विकास की नई कहानी रच रहा है, जिसकी वजह से राज्य देश भर में सबसे पसंदीदा स्टार्टअप स्थल के रूप में उभर रहा है जहां युवा अपने विचारों को व्यवसाय और रोजगार के अवसरों में बदल रहे हैं।
इस सोच की पैरवी करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 31 स्टार्टअप्स और उनके संस्थापकों को 1.07 करोड़ रुपए की सीड ग्रांट वितरित की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सफल उद्यमियों की अगली पीढ़ी न सिर्फ पंजाब से आए बल्कि पंजाब में अपनी कंपनियां भी स्थापित करे, जिससे राज्य के अंदर ही नौकरियों और कमाई के अवसर पैदा हों।
स्टार्टअप को पंजाब के भविष्य के आर्थिक विकास का मुख्य स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है कि किसी भी शानदार उद्यम को वित्तीय सहायता की कमी के कारण छोड़ा न जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पंजाब स्टार्टअप और इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026’ के तहत सीड ग्रांट को 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया गया है, जिसमें 7 स्टार्टअप्स को 5-5 लाख रुपये और 24 स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपए की ग्रांट मिल रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये उद्यम रोजगार के हजारों अवसर पैदा करेंगे और युवाओं में नौकरियों की तलाश में विदेश जाने के रुझान को कम करने में मदद करेंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुफ्त बिजली, किसानों को दिन में बिजली सप्लाई और कई अन्य सुधारों जैसी पहलकदमियों से यह पता चलता है कि कैसे नए विचार लोगों को सीधा लाभ पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमिता और नवाचार में मिल रहे भरपूर समर्थन के साथ पंजाब, भारत का स्टार्टअप हब बनने के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ रहा है।
स्टार्टअप्स को सीड ग्रांट वितरित करने संबंधी समारोह के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज पंजाब के उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक दिन है, खासकर हमारे युवा उद्यमियों के लिए जो नए विचारों के साथ अपना कारोबारी सफर शुरू कर रहे हैं। 31 स्टार्टअप्स को 1.07 करोड़ रुपए की सीड ग्रांट दी जा रही है। 7 स्टार्टअप्स को 5-5 लाख रुपए की ग्रांट मिल रही है, जबकि 24 स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपए की ग्रांट मिल रही है। ये युवा उद्यमी अपने विचारों के माध्यम से सपनों को साकार कर रहे हैं और वे इस सहयोग के हकदार हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आम आदमी पार्टी (आप) खुद एक ऐसे विचार से पैदा हुई थी जब देश में परिवारवाद की राजनीति का दबदबा था और आम आदमी को अनदेखा कर दिया गया था। कई पहलुओं से ‘आप’ एक स्टार्टअप भी थी जिसने झाड़ू के अपने प्रतीक के साथ राजनीतिक व्यवस्था को साफ किया। 2022 के विधानसभा चुनाव में पंजाब के लोगों ने 7 पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को बाहर का रास्ता दिखाया और ईमानदार सरकार को मौका दिया। उस फैसले ने पंजाब को बदल दिया है और इसे देश का एक अग्रणी राज्य बना दिया है।”

पंजाबियों की उद्यमी भावना को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाबी अपनी मेहनत, जज्बे और उद्यम के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। उसी भावना से प्रेरित होकर हमारे युवा नए उद्यम शुरू कर रहे हैं और नए अवसर पैदा कर रहे हैं। वे सिर्फ कारोबार नहीं चला रहे, वे पंजाब के भविष्य को नया रूप दे रहे हैं।”
पंजाबी मूल के सफल उद्यमियों के उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “भारत और दुनिया भर में बहुत सी सफल कंपनियां पंजाबियों द्वारा स्थापित या सह-स्थापित की गई हैं। जोमैटो, ओला और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां इसकी उदाहरण हैं कि कैसे पंजाबियों ने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। पंजाब हमेशा उद्यमियों की धरती रहा है। पंजाबी जहां भी जाते हैं, वे कारोबार स्थापित करते हैं, रोजगार पैदा करते हैं और अपनी अलग छाप छोड़ते हैं। हमारा लक्ष्य है कि सफल संस्थापकों की अगली पीढ़ी न सिर्फ पंजाब से आए बल्कि पंजाब में अपनी कंपनियां भी स्थापित करे।”
इनोवेशन इको-सिस्टम (नवीनतम प्रणाली) की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सीड मनी ( स्टार्टअप के लिए सहायता राशि) प्रदान करने का उद्देश्य स्टार्टअप्स पर आने वाले शुरुआती बोझ को कम करना और उन्हें अपने विचारों को हकीकत में बदलने तथा आगे बढ़ने का भरोसा देना है। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को नवाचार के केंद्र बनना चाहिए जहां विचार क्लासरूम से परे उत्पाद, सेवाएं, कंपनियां और समाधान की नींव बनते हैं।”
अपने विदेशी दौरों को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दक्षिण कोरिया के पैंगयो टेक्नो वैली और नीदरलैंड्स के वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर में उन्होंने देखा कि कैसे एक योजनाबद्ध इनोवेशन इको-सिस्टम पूरे क्षेत्र को बदल सकता है। इस मॉडल से पता लगता है कि जब इको-सिस्टम को सही ढंग से डिज़ाइन किया जाता है तो विचार विश्व स्तरीय कंपनियों की नींव बन सकते हैं। इसी तरह नीदरलैंड्स में वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर के अपने दौरे के दौरान मैंने देखा कि कैसे इनोवेशन नई तकनीकों की टेस्टिंग, लागूकरण और व्यावसायीकरण के माध्यम से खेतीबाड़ी और बागबानी को बदल सकती है।”
पंजाब की कृषि क्षमता के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब में भविष्य का विकास उच्च-मूल्य वाली खेतीबाड़ी, एग्री-टेक, फूड प्रोसेसिंग, सुरक्षित खेती, कोल्ड चेन और एग्री-लॉजिस्टिक्स के माध्यम से होना चाहिए। हमारे किसान हमेशा प्रगतिशील रहे हैं और पंजाब सरकार उन्हें आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और नए कारोबारी मॉडलों तक पहुंच प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये स्टार्टअप्स रोजगार के अवसर पैदा करके और युवाओं में भरोसा बहाल करके पंजाब में सार्थक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि हर उद्यमी पंजाब का ब्रांड एंबेसडर बने। आप जहां भी जाएं, पंजाब का नाम रोशन करें और दुनिया को बताएं कि पंजाब नवाचार के लिए तैयार है, पंजाब स्टार्टअप के लिए तैयार है और पंजाब भविष्य के लिए तैयार है।”
पंजाब सरकार की ओर से पूर्ण समर्थन का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम आपका साथ देंगे, आपकी बात सुनेंगे, आपका समर्थन करेंगे और आपके सामने आने वाली हर मुश्किल का समाधान करेंगे। जिस तरह एक छोटे बीज को स्वस्थ पौधे में बदलने के लिए पानी, पोषण और देखभाल की जरूरत होती है, उसी तरह एक उद्यमी के विचार को सफल कारोबार में बदलने के लिए शुरुआती वित्तीय सहायता की जरूरत होती है। बहुत से शानदार विचार असफल हो जाते हैं क्योंकि उद्यमियों के पास शुरुआती चरणों में संसाधनों की कमी होती है, लेकिन पंजाब सरकार फंडों की कमी के कारण युवा उद्यमियों के सपनों को टूटने नहीं देगी।”
नीतिगत पहलकदमियों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये सीड ग्रांट्स पंजाब के युवाओं के सपनों को साकार करने में मदद करेंगी। ‘स्टार्टअप और इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026’ के तहत सीड ग्रांट की राशि 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी गई है। हमारा लक्ष्य है कि युवाओं को नौकरी ढूंढने वालों की बजाय नौकरी पैदा करने वाले बनाया जाए।”
युवा उद्यमियों के साथ भावनात्मक जुड़ाव व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कभी भी छोटा मत सोचो। बड़े सपने देखो। अपनी नजरें विश्व स्तर पर मुकाबला करने वाली वैश्विक कंपनियां बनाने पर रखो। जब तुम सफल होगे, तो तुम अकेले सफल नहीं होगे। तुम अपने माता-पिता, अपने समुदाय और पंजाब का मान बढ़ाओगे।”
पंजाब के स्टार्टअप इको-सिस्टम में भरोसा जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुझे खेतीबाड़ी, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, गवर्नेंस, टेक्सटाइल और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में और स्टार्टअप्स उभरते देखकर खुशी हो रही है। ये 31 स्टार्टअप्स नए रोजगार के अवसर पैदा करेंगे और पूरे पंजाब के हजारों युवाओं के लिए तरक्की के नए रास्ते खोलेंगे।”
नवाचार-आधारित विकास के प्रति सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “नवाचार, दृढ़ता और उद्यमिता आर्थिक विकास की प्रेरक शक्तियां हैं। साथ मिलकर हम एक खुशहाल, नवाचारी और विश्व स्तर पर मुकाबले वाला पंजाब बनाएंगे। यह सहायता सिर्फ वित्तीय सहायता नहीं है बल्कि यह आपके विचारों, आपकी हिम्मत और अपने भविष्य के लिए पंजाब सरकार के विश्वास को दर्शाती है। दुनिया की हर बड़ी कंपनी ने एक छोटे स्तर से शुरुआत की। पूर्ण विश्वास, सख्त मेहनत, सही समर्थन और जोखिम लेने की हिम्मत ने उन विचारों को वैश्विक स्तर के उद्यमों में बदल दिया।”
पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ऐसे कार्यक्रम कभी भी पिछली सरकारों के एजेंडे पर नहीं थे, जिन्होंने पंजाब को बर्बाद किया और हमारे राज्य के संसाधनों को लूटा। पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है कि युवा ऐसी पहलकदमियों से लाभ उठाएं और पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने में मदद करें। पंजाब पहले ही स्वास्थ्य, शिक्षा और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में मानदंड स्थापित कर रहा है। सड़क सुरक्षा फोर्स, किसानों को दिन में बिजली प्रदान करना, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और हाई-टेंशन पावर केबलों का भूमिगत बिछाना जैसी पहलकदमियां, ये सभी नवाचारी विचारों के उदाहरण हैं जो पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं।”
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, पंजाब विकास आयोग की वाइस चेयरपर्सन सीमा बांसल, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, प्रशासनिक सचिव उद्योग एवं वाणिज्य गुरकिरत कृपाल सिंह, निदेशक उद्योग एवं वाणिज्य जसप्रीत सिंह और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
युवा उद्यमियों के लिए ‘स्टार्टअप पंजाब सीड ग्रांट’ पहल का क्या अर्थ है?
भगवंत मान सरकार ने राज्य के स्टार्टअप इको-सिस्टम को मजबूत करने और युवाओं के नेतृत्व वाले उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के प्रयासों के तहत 31 स्टार्टअप्स को 1.07 करोड़ रुपए की सीड ग्रांट्स वितरित कीं। इस पहल के तहत 7 स्टार्टअप्स को 5 लाख रुपए की ग्रांट मिली, जबकि 24 स्टार्टअप्स को 3 लाख रुपए की ग्रांट मिली ताकि नवाचारी विचारों को व्यावहारिक कारोबारों में बदला जा सके।
इस सहायता का उद्देश्य उद्यमियों को उनके उद्यमों के शुरुआती चरणों के दौरान आने वाले वित्तीय बोझ को कम करना है।
यह सहायता ‘पंजाब स्टार्टअप और उद्योग नीति-2026’ के तहत प्रदान की जा रही है, जिसने योग्य स्टार्टअप्स के लिए सीड ग्रांट सहायता को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है। यह नीति युवाओं को नौकरी ढूंढने वालों की बजाय नौकरी पैदा करने वाले बनाने और विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार-आधारित विकास को प्रोत्साहित करने की कोशिश पर आधारित है।
चयनित स्टार्टअप्स खेतीबाड़ी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीक, शासन, टेक्सटाइल और विनिर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो क्षेत्र राज्य के आर्थिक विकास को अगले चरण की ओर ले जाने की क्षमता रखते हैं।
इस पहल का उद्देश्य राज्य में ही अवसर पैदा करके युवाओं के पलायन की चुनौती का समाधान करना भी है। पंजाब सरकार को उम्मीद है कि ये स्टार्टअप्स रोजगार पैदा करेंगे, अन्य युवाओं को उद्यमिता को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेंगे और राज्य में मजबूत नवाचार-पक्षी व्यवस्था बनाने में योगदान देंगे। दक्षिण कोरिया की पैंगयो टेक्नो वैली और नीदरलैंड के वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर जैसे वैश्विक इनोवेशन हबों से प्रेरणा लेकर पंजाब सरकार ऐसा माहौल बनाने के लिए काम कर रही है, जहां पंजाब में विकसित किए गए विचार राष्ट्रीय और विश्व स्तर पर मुकाबले वाले उद्यम में विकसित हो सकें।
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ED की रेड करा पंजाब के हिन्दू व्यापारियों को तंग कर रही ईडी पार्टी- केजरीवाल
पंजाब के हिन्दू व्यापारियों के यहां मंगलवार को एक बार फिर ईडी की रेड पड़ने पर आम आदमी पार्टी और उसकी पंजाब सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पंजाब सरकार ने व्यापारियों को पंजाब के विकास की रीढ़ की हड्डी बताते हुए उनके साथ खड़े होने की बात कही है। उधर, ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ईडी पार्टी पंजाब के हिन्दू व्यापारियों पर ईडी की रेड कराकर उन्हें तंग कर रही है। उन्होंने सभी व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यापारी घबराए नहीं, पूरा पंजाब आपके साथ खड़ा है। हम सब मिलकर ईडी पार्टी का मुकाबला करेंगे।
अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि ईडी पार्टी मंगलवार को एक बार फिर पंजाब के हिंदू व्यापारियों पर ईडी की रेड कर रही है। ईडी पार्टी पंजाब के छोटे-छोटे हिंदू व्यापारियों को तंग कर रही है। मेरी सभी व्यापारियों से अपील है कि घबराने की कोई बात नहीं है, पूरा पंजाब और पंजाब सरकार आपके साथ है। हम सब मिलकर ईडी पार्टी का मुकाबला करेंगे।
अरविंद केजरीवाल ने अकाली दल और भाजपा के बीच गठबंधन को लेकर चल रही चर्चा पर कहा कि सुना है कि ईडी पार्टी पंजाब की बेअदबी पार्टी/चिट्टा पार्टी से गठबन्धन करने को बहुत बेचौन है, पर बेअदबी पार्टी/चिट्टा पार्टी उनको घास नहीं डाल रही है।
उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ईडी की रेड पर कहा कि पंजाब के हिंदू व्यापारी हमारे राज्य के आर्थिक विकास की रीढ़ की हड्डी हैं और ‘रंगला पंजाब’ बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान है। ईडी पार्टी सेंट्रल एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करके हमारे व्यापारियों को परेशान करना चाहती है। ऐसा करके वे राजनीतिक दबाव डालकर उन्हें अपने साथ मिलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसको पंजाबी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम अपने व्यापारियों के साथ खड़े हैं।
इस दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मेरे द्वारा ‘ईडी पार्टी’ और बेअदबी पार्टी / चिट्टा पार्टी के खिलाफ बोलने पर इतनी तकलीफ क्यों हो रही है? कांग्रेस खुलकर उनके बचाव में सामने आ गई है।
वहीं, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि व्यापारियों को ईडी रेड से बर्बाद कर दिया और युवाओं को परीक्षा घोटालों से, मोदी जी आप महान हैं। लेकिन देश को इनोवेशन इकोनॉमी चाहिए, ईडी इकोनॉमी नहीं। लच्छेदार भाषण और मीडिया मैनेजमेंट से अर्थव्यवस्था का सच ज्यादा दिन तक नहीं छिप सकता।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि 26 साल में पहली बार एमएससीआई इमर्जिंग मर्केट्स इंडेक्स की टॉन 10 कंपनियों में से भारत की कंपनियां बाहर हो गई हैं। एमएससीआई इमरर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स दुनिया के सबसे बड़े निवेश सूचकांकों में से एक है। दुनिया भर के सैकड़ों अरब डॉलर के फंड इसी इंडेक्स को देखकर निवेश करते हैं। और दुनिया का पैसा कहां जा रहा है- एआई, सेमीकंडक्टर्स, फ्यूचर टेक्नोलॉजी, टीएसएमसी, एसके हाइनिक्स और मीडिया टेक जैसी कंपनियां आगे बढ़ रही हैं।
लेकिन भारत में नई सोच – नई तकनीक और नए उद्यमों को बढ़ावा देने की जगह एक अलग ही मॉडल चल रहा है। जो भी कंपनी आगे बढ़ती है, उसके यहाँ पहले ईडी की रेड कराओ, फिर पार्टी के लिए चंदा वसूलो। नतीजा – निवेश घट रहा है। नई नौकरियां कम पैदा हो रही हैं। अच्छी सैलरी वाली नौकरियों के अवसर सिमट रहे हैं।
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आप सांसद मालविंदर कंग ने पंजाब यूनिवर्सिटी में पंजाबी साइनबोर्ड फिर से लगाने के फैसले का किया स्वागत
आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने पंजाब यूनिवर्सिटी के अपने कैंपस में पंजाबी साइनबोर्ड और नेमप्लेट फिर से लगाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे पंजाब की भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को बचाने की दिशा में एक ज़रूरी कदम बताया।
कंग ने पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में साइनबोर्ड और नेमप्लेट से पंजाबी (गुरुमुखी) हटाने पर कड़ा एतराज़ जताया था। उन्होंने इस कदम को पंजाब के इतिहास, संस्कृति और पहचान को दिखाने वाली भाषा का अपमान बताया।
इस मामले को भारत के माननीय उपराष्ट्रपति और पंजाब यूनिवर्सिटी के चांसलर, सीपी राधाकृष्णन के सामने उठाते हुए, कंग ने उनसे तुरंत दखल देने की मांग की ताकि पंजाबी को उसकी सही जगह और सम्मान मिले, खासकर एक ऐसे संस्थान में जो पंजाब के नाम और विरासत को बनाए रखता है।
इस बारे में जानकारी सांझा करते हुए, कंग ने कहा कि उन्हें पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर से एक ऑफिशियल लेटर मिला है, जिसमें कन्फर्म किया गया है कि पंजाबी साइनबोर्ड लगाने का प्रोसेस शुरू हो चुका है। लेटर के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ने पंजाबी साइनबोर्ड के लिए ऑर्डर दे दिया है और उन्हें लगाने का काम जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
इस फैसले का स्वागत करते हुए, कंग ने कहा कि इससे एक मजबूत संदेस जाता है कि पंजाब के वजूद और पंजाबी भाषा की इज्ज़त को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि पंजाबी सिर्फ एक भाषा नहीं है, बल्कि पंजाब की रिच कल्चरल विरासत और सामूहिक पहचान की निशानी है, जिसका हर लेवल पर सम्मान किया जाना चाहिए और उसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
कंग ने इस मामले पर तुरंत ध्यान देने के लिए भारत के माननीय उपराष्ट्रपति और पंजाब यूनिवर्सिटी के चांसलर, श्री सी. पी. राधाकृष्णन का धन्यवाद किया। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन की भी तारीफ़ की कि उन्होंने सुधार के कदम उठाए और पंजाब के लोगों की चिंताओं पर पॉज़िटिव जवाब दिया।
आप सांसद ने कहा कि पंजाब से जुड़े हर संस्थान में पंजाबी के सम्मान, अहमियत और हक की हमेशा रक्षा होनी चाहिए।
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