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फगवाड़ा में दर्दनाक हादसा, अनियंत्रित कार के छप्पड़ में गिरने से कई घायल

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फगवाड़ा : फगवाड़ा में एक गाड़ी सवार परिवार के साथ भीषण हादसा होने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि फगवाड़ा के नजदीक बंगा जी.टी. रोड पर एक क्रूज गाड़ी अनियंत्रित हो गई तथा छप्पड़ में जा गिरी। जिससे कि कार सवार कई लोग घायल हुए, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तथा बड़ी मुश्किल से लोगों को छप्पड़ से बाहर निकाला गया है। 

घटना बारे जानकारी देते थाना प्रभारी राधा कृष्ण का कहना है कि बंगा जी.टी. रोड पर एक गाड़ी अनियंत्रित होकर छप्पड़ में जा गिरी, जिसमें की लगभग 4-5 लोग सवार थे। बताया गया है कि चालक इंद्रजीत की अचानक तबीयत बिगड़ने से उक्त हादसा हुआ है, जिस कारण कि गाड़ी छप्पड़ में जा गिरी। इस घटना में घायल हुए लोगों को अस्पताल दाखिल करवाया गया है, जहां पर इंद्रजीत और मासी सीरियस बताए जा रहे हैं। वहीं हादसे में कई बच्चों को भी चोटें आई हैं, जिनका इलाज चल रहा है। 

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‘गैंगस्टरां ते वार’ ने ख़ुफ़िया-आधारित पुलिसिंग की प्रभावशीलता सिद्ध की; गैंगस्टरों के लिए कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं : DGP गौरव यादव

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पंजाब पुलिस का प्रमुख एंटी-गैंगस्टर अभियान ‘गैंगस्टरां ते वार’ संगठित अपराध के विरुद्ध राज्य में चलाए जा रहे सबसे व्यापक और निरंतर अभियानों में से एक के रूप में उभरते हुए अपने 200 दिन पूरे कर चुका है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने पूरे पंजाब में 1,09,087 छापेमारियाँ कीं, 1,532 घोषित अपराधियों (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर्स) को गिरफ़्तार किया, 58,212 अपराधियों एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध कार्रवाई की, भारी मात्रा में अवैध हथियार और मादक पदार्थ बरामद किए तथा संगठित आपराधिक गिरोहों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के मार्गदर्शन में शुरू किया गया ‘गैंगस्टरां ते वार’ एक ख़ुफ़िया सूचना-आधारित अभियान है, जिसका उद्देश्य लक्षित कार्रवाई, अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय समन्वय, वित्तीय जाँच तथा तकनीक-आधारित पुलिसिंग के माध्यम से संगठित अपराध गिरोहों का पूरी तरह सफाया करना है।

इस अवसर पर, डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि यह अभियान अब बहुआयामी कार्रवाई का रूप ले चुका है, जो केवल गैंगस्टरों ही नहीं, बल्कि संगठित अपराध को बढ़ावा देने वाले पूरे तंत्र को भी निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा, “‘गैंगस्टरां ते वार’ के पहले 200 दिनों ने निरंतर और ख़ुफ़िया-आधारित पुलिसिंग की प्रभावशीलता को सिद्ध किया है। हमारी रणनीति केवल गिरफ़्तारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठित अपराध को सक्षम बनाने वाले पूरे नेटवर्क—सहयोगियों, वित्तीय स्रोतों, रसद व्यवस्था, संचार माध्यमों और विदेशों में मौजूद संपर्कों—को ध्वस्त करने पर केंद्रित है। पंजाब पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि देश के भीतर या बाहर कहीं भी संचालित होने वाले गैंगस्टरों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना न बचे।”

इन 200 दिनों के दौरान 1,532 घोषित अपराधियों (पीओ) को गिरफ़्तार किया गया, जबकि 58,212 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई, जिनमें 853 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 57,359 वांछित अपराधी शामिल हैं।

निवारक पुलिसिंग के तहत 28,201 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 577 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 27,624 वांछित अपराधी शामिल थे; वहीं 18,514 व्यक्तियों का वेरिफिकेशन कर उन्हें बाद में रिहा किया गया, जिनमें 1,529 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 16,985 वांछित अपराधी शामिल थे। कुल मिलाकर अभियान के दौरान 1,04,927 व्यक्ति अभियान के दौरान पुलिस कार्रवाई के दायरे में आए जिनमें 2,959 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 1,01,968 वांछित अपराधी शामिल हैं।

गिरफ़्तारियों के अतिरिक्त अभियान का मुख्य उद्देश्य संगठित गिरोहों की हथियारों, मादक पदार्थों, वित्तीय संसाधनों और रसद व्यवस्था तक पहुँच को समाप्त कर उनकी अपराध करने की क्षमता को कमज़ोर करना भी रहा।

इस अभियान ने संगठित अपराध गिरोहों की मारक क्षमता को भी बड़ा झटका दिया।अभियान के दौरान पंजाब पुलिस ने 990 अवैध हथियार, 242 धारदार हथियार, 2,739 कारतूस, 315 मैगज़ीन, 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और 15 हैंड ग्रेनेड बरामद किए, जिससे आपराधिक गिरोहों की मारक क्षमता को गंभीर रूप से कमज़ोर किया गया।

साथ ही, पंजाब पुलिस ने संगठित अपराध और नशा तस्करी के गठजोड़ के विरुद्ध कार्रवाई तेज़ करते हुए 774.38 किलोग्राम हेरोइन, 480.23 किलोग्राम अफीम, 7,266.26 किलोग्राम पोस्त भूसी तथा 26,91,455 नशीली गोलियाँ बरामद कीं। पुलिस ने 1,73,41,965 रुपये की ड्रग मनी, 1,80,54,446 रुपये नकद तथा 413.85 ग्राम सोना भी ज़ब्त किया, जिससे संगठित अपराध और मादक पदार्थों के कारोबार को वित्तीय सहायता देने वाले स्रोतों पर प्रभावी प्रहार हुआ।

एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस प्रमोद बान ने कहा कि अब अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल अपराधियों की गिरफ़्तारी नहीं, बल्कि संगठित अपराध के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है। उन्होंने कहा, “आज का संगठित अपराध वित्तीय नेटवर्क, डिजिटल संचार और विदेशों में बैठे संचालकों के माध्यम से संचालित होता है। इसी कारण हमारी जाँच में फील्ड ऑपरेशन के साथ-साथ वित्तीय ट्रैकिंग, डिजिटल इंटेलिजेंस तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय शामिल है। इसी रणनीति के कारण पंजाब पुलिस रंगदारी गिरोहों का पर्दाफाश करने, विदेशों में बैठे संचालकों की पहचान करने तथा वांछित अपराधियों के निर्वासन (डीपोर्टेशन) और प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सफल रही है। साथ ही यह अभियान युवाओं को यह संदेश भी देता है कि गैंगस्टर संस्कृति का तथाकथित आकर्षण केवल एक भ्रम है, जिसका अंत अपराध और विनाश में होता है।”

अभियान को पड़ोसी राज्यों तथा केंद्रीय जाँच एवं ख़ुफ़िया एजेंसियों के साथ नियमित समन्वय का भी भरपूर सहयोग मिला, जिससे सूचनाओं के तुरंत आदान-प्रदान और संगठित अपराध के विरुद्ध संयुक्त अभियानों को गति मिली।

अभियान की प्रमुख उपलब्धियों में से एक फरार गैंगस्टर भुवनेश चोपड़ा उर्फ आशीष चोपड़ा, पुत्र हीरा लाल, निवासी मकान नंबर 15, अंदरूनी दिल्ली गेट, फिरोज़पुर, को मध्य एशिया से तथा गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला को जकार्ता (इंडोनेशिया) से सफलतापूर्वक भारत वापस लाना रहा। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने ओएफटीईसी पंजाब तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इससे यह सिद्ध हुआ कि पंजाब पुलिस अब राष्ट्रीय सीमाओं से परे जाकर भी वांछित अपराधियों को कानून के कटघरे में लाने में सक्षम है।

गैंगस्टरों एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध कार्रवाई के अतिरिक्त अभियान के दौरान 64,402.77 लीटर अवैध शराब, 34,840 बोतलें तथा 926 पेटियाँ बरामद कर नष्ट की गईं। इसके अलावा अपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे 4,978 मोबाइल फोन, 1,781 वाहन और 61 ड्रोन भी ज़ब्त किए गए। इन कार्रवाइयों ने आपराधिक ढाँचे को कमज़ोर करने, संगठित अपराध के नेटवर्क को बाधित करने और पूरे पंजाब में सार्वजनिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 93946-93946 नंबर पर एक समर्पित टिपलाइन भी शुरू की है, जिसके माध्यम से लोग वांछित अपराधियों, गैंगस्टरों और उनसे संबंधित आपराधिक गतिविधियों की जानकारी गोपनीय और गुमनाम रूप से साझा कर सकते हैं। इस पहल के ज़रिए लोग अपनी पहचान उजागर होने के डर के बिना गोपनीय रूप से महत्त्वपूर्ण जानकारी साझा कर सकते हैं, जिससे एजीटीएफ को गैंगस्टरों और अन्य अपराधियों का जल्द पता लगाकर उन्हें गिरफ़्तार करने में मदद मिलेगी।

जनसहभागिता को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से एजीटीएफ ने एक इनाम नीति भी लागू की है, जिसके तहत वांछित गैंगस्टरों और अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई में सहायक विश्वसनीय सूचना देने वालों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा तथा उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इस पहल से पंजाब में संगठित अपराध के विरुद्ध ख़ुफ़िया-आधारित अभियानों को और अधिक मज़बूती मिलने की उम्मीद है।

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मोहाली से ‘हमारे राम’ नाट्य मंचन का आगाज, पंजाब में 41 शो कराएगी भगवंत मान सरकार

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान शुक्रवार को मोहाली में प्रसिद्ध नाटक ‘हमारे राम’ के पहले शो में दर्शकों के साथ शामिल हुए। इस नाटक में मशहूर अभिनेता आशुतोष राणा ने मुख्य भूमिका में दमदार अभिनय पेश किया। यह शो राज्य स्तरीय सांस्कृतिक अभियान की शुरुआत है, जिसके तहत पंजाब सरकार द्वारा अगस्त और सितंबर माह के दौरान 12 शहरों में 41 निःशुल्क शो करवाए जाएंगे। इस प्रयास को भगवान श्री राम के शाश्वत उपदेशों को जनता तक पहुँचाने का प्रयास बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य थिएटर के प्रभावशाली माध्यम से सत्य, धर्म, दया और एकता का संदेश फैलाने के साथ-साथ सनातन धर्म के मूल्यों को मजबूत करना है।

पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये शो पूरी तरह से निःशुल्क रखे गए हैं ताकि समाज के हर वर्ग के लोग भगवान श्री राम के जीवन और आदर्शों से प्रेरणा ले सकें।

पहले शो के दौरान दर्शकों से खचाखच भरे ऑडिटोरियम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार द्वारा राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए अगस्त और सितंबर के दौरान राज्य के 12 शहरों में इस प्रसिद्ध नाटक के 41 शो करवाए जा रहे हैं।”

इस प्रयास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब एक पवित्र और ऐतिहासिक धरती है और राज्य सरकार इसकी शानदार विरासत को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। पंजाब सरकार ‘हमारे राम’ शो का आयोजन कर रही है, जो भगवान श्री राम के शाश्वत उपदेशों और आदर्शों को बहुत ही खूबसूरत तरीके से पेश करता है। इस नाटक की खास बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर अभिनेता आशुतोष राणा इस शो के मुख्य आकर्षण हैं, जिनकी दमदार अभिनय इस शो के आकर्षण को और बढ़ाती है।”

राज्य स्तरीय अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार द्वारा अगस्त और सितंबर के महीनों के दौरान ‘हमारे राम’ के 41 शो करवाए जाएंगे, जिसकी शुरुआत आज मोहाली से हुई है। ये शो पंजाब के 12 शहरों – मोहाली, बठिंडा, जालंधर, फिरोजपुर, होशियारपुर, अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर, पटियाला, लुधियाना, संगरूर और खन्ना तथा अन्य शहरों में करवाए जाएंगे। इस प्रयास के माध्यम से राज्य सरकार का उद्देश्य पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देना है।”

इस नाटक के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार रामायण के ऐतिहासिक महाकाव्य के माध्यम से सनातन धर्म के शाश्वत संदेश को जनता तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। नाटक ‘हमारे राम’ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, खासकर युवा पीढ़ी द्वारा भरपूर समर्थन मिला है। यह शो रामायण को अनोखे और अनछुए पहलुओं से पेश करता है, जिससे दर्शकों को एक नया और ज्ञानवर्धक अनुभव मिलता है।”

कार्यक्रम के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा, “मुख्य उद्देश्य विश्व स्तरीय थिएटर के माध्यम से भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक विरासत को बढ़ावा देकर युवा पीढ़ी को प्रेरित करना है। मुझे उम्मीद है कि यह अनोखा प्रयास सनातन धर्म के मूल्यों को मजबूत करने और समाज में सत्य, धर्म, दया और एकता के संदेश को और मजबूत करने में मदद करेगा। ये शो जनता तक भगवान श्री राम के सत्य, धर्म, दया और सद्भावना के आदर्शों को पहुँचाने का सबसे प्रभावशाली माध्यम हैं।”

वर्तमान समय में भगवान श्री राम के उपदेशों की प्रासंगिकता पर बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज के दौर में, जहाँ प्यार, आपसी सम्मान और सामाजिक सद्भावना को लगातार चुनौतियाँ मिल रही हैं, भगवान श्री राम के उपदेश मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। ये उपदेश सामाजिक साझेदारी और सांप्रदायिक सद्भावना को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं। यह कार्यक्रम न केवल हमारे धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को उजागर करेगा, बल्कि थिएटर और कला के प्रभावशाली माध्यम से युवाओं को प्रेरित भी करेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि ऐसे कार्यक्रम सनातन धर्म की शिक्षाओं को लोगों के करीब लाएँ और युवा पीढ़ी को इन शाश्वत मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करें।”

सरकार के ऐसे अन्य सांस्कृतिक प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इससे पहले हमारी सरकार ने राज्य के सभी जिलों में ‘एक शाम शिव के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन भी किया था, जिसे जनता से भरपूर समर्थन मिला था। सरकार श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित कार्यक्रम भी आयोजित कर रही है, जो सभी समुदायों की आध्यात्मिक विरासत का सम्मान करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” उन्होंने पंजाब के लोगों के लिए शाश्वत शांति, सांप्रदायिक सद्भावना, एकता, प्रगति और समृद्धि की कामना भी की।

कलाकारों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, “मैं 150 कलाकारों की पूरी टीम का पंजाब की इस पवित्र और महान धरती पर हार्दिक स्वागत करता हूँ। यह बहुत खुशी की बात है कि सभी धर्मों के लोग इस आयोजन में एक साथ भाग ले रहे हैं, जो एकता और सद्भावना की भावना को दर्शाता है। आने वाली पीढ़ियों को हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े रहना चाहिए और इसके बारे में जागरूक होना चाहिए।”

सांस्कृतिक संरक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार ने संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बजट में वृद्धि की है, जो हमारी शानदार विरासत को संरक्षित करने और विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पंजाबियों ने दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बनाई है और अपनी समृद्ध विरासत को संरक्षित करना, बढ़ावा देना और इसका जश्न मनाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। भविष्य की पीढ़ियों को हमारी समृद्ध विरासत से अवगत कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।”

इस अवसर पर पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने भी संबोधित किया।

भगवान श्री राम की शाश्वत विरासत को शानदार नाट्य श्रद्धांजलि

‘हमारे राम’ महान महाकाव्य रामायण पर आधारित एक बड़े स्तर का नाटक है, जो वाल्मीकि रामायण के आध्यात्मिक तत्व से जुड़े भगवान श्री राम के जीवन और आदर्शों को आधुनिक नाट्य रूप में पेश करता है। गौरव भारद्वाज द्वारा निर्देशित और फेलिसिटी थिएटर द्वारा निर्मित इस नाटक में मशहूर अभिनेता आशुतोष राणा रावण की भूमिका में हैं, जिनके साथ कई अन्य प्रमुख कलाकार शामिल हैं। यह नाटक एक आध्यात्मिक अनुभव सृजित करने के लिए शानदार कहानी, बड़े सेट, प्रभावशाली एलईडी विज़ुअल्स, मूल संगीत, कोरियोग्राफी, पारंपरिक वेशभूषा और विशेष प्रभावों का सम्मिश्रण प्रस्तुत करता है। वर्ष 2024 में अपनी शुरुआत के बाद से, ‘हमारे राम’ के भारत और विदेशों में सैकड़ों शो किए जा चुके हैं। इस नाटक ने रामायण के कम ज्ञात पहलुओं को पेश करने और सत्य, धर्म, दया और भलाई के शाश्वत मूल्यों को मजबूत करने के लिए व्यापक प्रशंसा अर्जित की है।

दिलकश अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया

मोहाली में हुए पहले शो ने शुरुआती दृश्य से लेकर अंतिम पर्दे तक खचाखच भरे ऑडिटोरियम को बाँधे रखा और दर्शक पूरे नाटक के दौरान लीन रहे। दमदार अभिनय, प्रभावशाली संवाद, रूहानी संगीत, शानदार विज़ुअल्स और विश्व स्तरीय स्टेज कला के संयोजन ने एक बहुत ही भावुक और आध्यात्मिक माहौल सृजित किया। आशुतोष राणा द्वारा रावण के निभाए गए दमदार किरदार ने खूब तालियाँ बटोरीं, जबकि बाकी कलाकारों ने भी महाकाव्य के हर किरदार को पूरी शिद्दत के साथ जीवंत किया। नाटक की भावनात्मक गहराई, श्रद्धापूर्ण माहौल और कलात्मक उत्कृष्टता ने दर्शकों के दिलों को छू लिया, जिससे यह शाम भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का यादगार अवसर बन गई।

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कनाडा में भारतीयों पर बढ़ी सख्ती, 2026 के पहले 6 महीनों में 3,323 नागरिक डिपोर्ट

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कनाडा से भारतीय नागरिकों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 के पहले छह महीनों में कनाडा ने 3,323 भारतीय नागरिकों को देश से डिपोर्ट किया है। यह संख्या पूरे साल 2025 में डिपोर्ट किए गए 3,779 भारतीयों के करीब 88 प्रतिशत के बराबर है। ऐसे में अगर डिपोर्टेशन की यही रफ्तार आगे भी जारी रहती है, तो 2026 में पिछले साल का आंकड़ा पार होने की संभावना जताई जा रही है।

कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी यानी CBSA के आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय नागरिकों की डिपोर्टेशन संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब कनाडा सरकार अपनी इमिग्रेशन नीतियों को लगातार सख्त कर रही है। सरकार की ओर से अंतरराष्ट्रीय छात्रों, अस्थायी विदेशी कामगारों और अन्य अस्थायी निवासियों की संख्या को नियंत्रित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा से भारतीय नागरिकों को कई अलग-अलग कारणों से डिपोर्ट किया जाता है। इनमें इमिग्रेशन नियमों का उल्लंघन, शरण या रिफ्यूजी दावे का खारिज होना, वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी देश में रहना और वीजा से संबंधित धोखाधड़ी जैसे मामले शामिल हैं। हालांकि, हर मामले की परिस्थितियां अलग होती हैं और डिपोर्टेशन संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही किया जाता है।

आंकड़ों के मुताबिक, कनाडा से भारतीयों की डिपोर्टेशन संख्या पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है। वर्ष 2020 में 1,424 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया गया था। 2021 में यह संख्या घटकर 603 रही, जबकि 2022 में 786 और 2023 में 1,132 भारतीयों को कनाडा से वापस भेजा गया। वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 2,004 हो गई और 2025 में डिपोर्ट किए गए भारतीयों की संख्या 3,779 तक पहुंच गई।

2026 के पहले छह महीनों के आंकड़े इस बढ़ती प्रवृत्ति को और स्पष्ट करते हैं। इस अवधि में भारतीय नागरिक कनाडा से डिपोर्ट किए जाने वाली सबसे बड़ी राष्ट्रीयता बनकर सामने आए हैं। जनवरी से जून के दौरान 1,573 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया गया, जिससे भारत ने मैक्सिको को पीछे छोड़ दिया। पिछले कुछ वर्षों में कनाडा से डिपोर्ट किए जाने के मामले में मैक्सिको शीर्ष पर रहा था, जबकि भारत दूसरे स्थान पर था।

इसके अलावा, CBSA की ‘Removal in Progress Inventory’ में भी भारतीय नागरिकों की संख्या सबसे अधिक बताई गई है। इस सूची में करीब 7,669 भारतीय नागरिक रिमूवल प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। इसका मतलब है कि इन मामलों में कनाडा की संबंधित एजेंसी की ओर से आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।

कनाडा में किसी व्यक्ति को देश से बाहर भेजने के लिए अलग-अलग प्रकार के रिमूवल ऑर्डर जारी किए जा सकते हैं। डिपार्चर ऑर्डर के तहत व्यक्ति को निर्धारित समय, आम तौर पर 30 दिनों के भीतर, कनाडा छोड़ना होता है। अगर व्यक्ति तय समय के भीतर देश नहीं छोड़ता, तो यह मामला डिपोर्टेशन ऑर्डर में बदल सकता है। डिपोर्टेशन ऑर्डर के बाद कनाडा में दोबारा प्रवेश पर प्रतिबंध लग सकता है और कुछ परिस्थितियों में वापस जाने के लिए सरकार से लिखित अनुमति की आवश्यकता पड़ सकती है।

कनाडा से भारतीयों की बढ़ती डिपोर्टेशन संख्या की तुलना अमेरिका से भी की जा रही है। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, 1 जनवरी से 22 जुलाई 2026 तक अमेरिका से 1,273 भारतीय नागरिकों को भारत डिपोर्ट किया गया। इस लिहाज से 2026 के पहले छह महीनों में कनाडा से डिपोर्ट किए गए भारतीयों की संख्या काफी अधिक रही है।

कनाडा में बढ़ती डिपोर्टेशन और सख्त होती इमिग्रेशन नीति का असर वहां पढ़ाई और नौकरी के लिए जाने की योजना बना रहे भारतीयों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में छात्रों और कामगारों के लिए जरूरी है कि वे कनाडा के वीजा, इमिग्रेशन और रहने से जुड़े नियमों को अच्छी तरह समझें और उनकी शर्तों का पालन करें। नियमों की अनदेखी करने पर भविष्य में कानूनी कार्रवाई या देश से बाहर भेजे जाने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, 2026 के शुरुआती महीनों में भारतीय नागरिकों की डिपोर्टेशन संख्या में हुई तेज बढ़ोतरी कनाडा की बदलती इमिग्रेशन नीति की ओर इशारा करती है। आने वाले महीनों में यह आंकड़ा किस स्तर तक पहुंचता है, इस पर भारतीय छात्रों, कामगारों और कनाडा जाने की तैयारी कर रहे लोगों की नजर बनी रहेगी।

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