Connect with us

Punjab

मौसा ने अपनी भांजी को किया अगवा, आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

Published

on

तरनतारन : अपनी ही भांजी को अगवा करने वाले मौसा को थाना सरहाली की पुलिस ने नामजद कर केस दर्ज किया है। इस समय पुलिस आरोपी व पीड़िता दोनों की तलाश कर रही है।

पुलिस को अपने बयान दर्ज करवाने वाले बलजीत सिंह पुत्र गुरमेज सिंह निवासी ठठियां महंता ने बताया कि वह आर्मी से रिटायर हो चुका है। उसके बेटे सहजप्रीत सिंह की उम्र 16 साल व बेटी महकप्रीत कौर की उम्र 18 साल है, जो बाहरवीं क्लास में पढ़ती है। उसकी बेटी सुबह कचरा फैंकने के लिए घर से बाहर निकली थी, जो अचानक घर से गायब हो गई। आस-पास क्षेत्र में बेटी की तलाश करने पर पता चला कि मौसा निशान सिंह पुत्र साहिब सिंह निवासी हरीके पत्तन ने उसकी बेटी को अगवा कर लिया। उक्त आरोपी ने उसकी बेटी को किसी गुप्त स्थान पर छिपाकर रखा है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Punjab

पंजाब में ऑपरेशन प्रहार-2.0, 12000 पुलिसकर्मी फील्ड में:जगह-जगह नाकेबंदी; डीजीपी बोले- गलत राह पर निकले युवक सरेंडर करें

Published

on

पंजाब पुलिस आज (9 फरवरी को) अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन प्रहार 2.0 सुबह 8 बजे से जारी है। जो अगले 72 घंटे तक चलेगा। इस दौरान नशा तस्करों और गैंगस्टरों पर पुलिस की कड़ी नजर है। पूरे प्रदेश में जगह-जगह नाकेबंदी की हुई है।

इसके साथ ही 12 हजार पुलिसकर्मियों की 2 हजार टीमें फील्ड में उतारी गईं हैं और सभी थानों को जिला कंट्रोल रूमों से जोड़ा गया है। जहां किसी भी घटना के बाद उस पर त्वरित एक्शन प्लान बनेगा

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब में अपराधियों की कोई जगह नहीं है। जो युवा गलत राह पर निकल चुके हैं, अगर वे सरेंडर करना चाहते हैं, तो उन्हें पूरा मौका दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन से सीनियर अधिकारी, जो इंचार्ज हैं, उनकी अकाउंटेबिलिटी और रिस्पॉन्सिबिलिटी तय की जाएगी। एसएसपी की परफॉर्मेंस का भी मूल्यांकन होगा, और उनके अधीन कार्यरत स्टाफ की परफॉर्मेंस भी चेक की जाएगी।

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन प्रहार का फेज-1 20 जनवरी से शुरू हुआ था। इस दौरान 5,290 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जबकि 2,973 प्रिवेंटिव डिटेंशन हुईं। 5,413 लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था। डीजीपी ने कहा कि 7000 हथियारों के लाइसेंस कैंसिल किए जाएंगे।

अपराधियों की लिस्ट तैयार

ऑपरेशन प्रहार 2.0 के लिए पुलिस की तरफ से स्पेशल स्ट्रेटजी बनाई गई है। सभी जिलों में अपराधियों की सूची, हॉट स्पॉट एरिया, उनके करीबी और मददगारों की लिस्ट तैयार की गई है। उसी आधार पर यह ऑपरेशन चलाया जा रहा है। डीजीपी ने कहा कि अपराधियों को ग्लोरिफाई नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने जो काम किए हैं, उसके लिए उन्हें सजा दी जाएगी। हालांकि, जब ऑपरेशन प्रहार-1 चलाया गया था, उस समय शातिर लोगों ने सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्टें डालकर इसे डिरेल करने की कोशिश की थी, लेकिन ऑपरेशन काफी कामयाब रहा था।

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ऑपरेशन प्रहार 2.0 बारे जानकारी देते हुए। फाइल फोटो

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ऑपरेशन प्रहार 2.0 बारे जानकारी देते हुए। फाइल फोटो

ऑपरेशन इसलिए भी अहम

ऑपरेशन प्रहार 2.0 ऐसे समय में हो रहा है, जब हाईकोर्ट कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार से जवाब तलब कर चुका है। मोहाली में एसएसपी दफ्तर और चंडीगढ़ में हुए आप नेता की हत्या के मुख्य आरोपी अभी तक फरार हैं। विरोधी दल कानून व्यवस्था के मुद्दे पर लगातार सरकार को घेर रहे हैं। ऐसे में यह ऑपरेशन काफी अहम है।

प्रहार-1 में 13 हजार लोगों पर हुई कार्रवाई

ऑपरेशन प्रहार का फेज-1 20 जनवरी से शुरू हुआ था। इस दौरान कुल 12 हजार से अधिक लोगों पर कार्रवाई की गई। इसमें 5,290 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 2,973 प्रिवेंटिव डिटेंशन की गईं। 5,413 लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था।

Continue Reading

Punjab

सुनील जाखड़ पंजाबियों को कर रहे गुमराह; INDIA – US समझौता किसान और देश विरोधी: कुलदीप धालीवाल

Published

on

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने तथाकथित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की कड़ी निंदा करते हुए इसे किसान-विरोधी और देश-विरोधी करार दिया है। पार्टी का कहना है कि यह समझौता भारतीय कृषि को गंभीर नुकसान पहुंचाएगा और लाखों किसानों को आर्थिक बर्बादी की ओर धकेल देगा।

आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि भाजपा नेता सुनील जाखड़ इस समझौते का जश्न मना रहे हैं, जबकि वे इसके गरीब और छोटे किसानों पर पड़ने वाले विनाशकारी असर को या तो समझ नहीं रहे हैं या जानबूझकर नजरअंदाज कर रहे हैं।

धालीवाल ने कहा, “सुनील जाखड़ कह रहे हैं कि ‘आप’ चुप है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम चुप नहीं हैं। जिस दिन से यह समझौता घोषित हुआ है, उसी दिन से पिछले दस दिनों से हम लगातार आपत्तियां उठा रहे हैं। असल में भाजपा ने देश को अंधेरे में रखा। प्रधानमंत्री संसद में इस मुद्दे पर नहीं बोले और देश को इस समझौते की जानकारी डोनाल्ड ट्रंप के ट्वीट से मिली।”

उन्होंने कहा कि ट्रंप ने अपने बयानों में बार-बार ‘एग्रीकल्चर’ यानी कृषि शब्द का इस्तेमाल किया है, जो हर भारतीय किसान के लिए चिंता का विषय है। धालीवाल के अनुसार, यह समझौता भारतीय बाजारों को भारी सब्सिडी वाले अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए खोल देता है, जिससे उन भारतीय किसानों को सीधा नुकसान होगा जिन्हें पहले से ही बहुत कम या कोई सरकारी सहायता नहीं मिलती।

लाल ज्वार (रेड सॉर्गम) का उदाहरण देते हुए धालीवाल ने बताया कि इसका करीब 75 प्रतिशत उत्पादन अमेरिका में होता है, जबकि भारत में इसे महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त इलाकों के गरीब किसान बिना किसी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के उगाते हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी लाल ज्वार और अन्य अमेरिकी अनाज व डेयरी उत्पाद भारतीय बाजारों में आए, तो मक्का, बाजरा और अन्य देसी फसलें बुरी तरह प्रभावित होंगी। इसका सीधा असर पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के किसानों पर पड़ेगा।

धालीवाल ने सवाल उठाया कि अगर सब्सिडी वाली अमेरिकी कपास भारत में आई तो देश के कपास किसानों का क्या होगा? यदि अमेरिकी बादाम और अखरोट बाजार पर छा गए तो जम्मू-कश्मीर के किसान कहां जाएंगे? हिमाचल प्रदेश और कश्मीर के सेब उत्पादक सस्ते अमेरिकी सेबों के सामने कैसे टिक पाएंगे? इसके बाद डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों पर भी संकट खड़ा हो जाएगा।

भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए धालीवाल ने कहा कि पहले भारतीय उत्पादों पर 2.8 प्रतिशत टैरिफ लगता था, लेकिन ट्रंप के सत्ता में आने के बाद इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया। वर्तमान में भारतीय निर्यात पर 18 प्रतिशत टैरिफ है, जबकि भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ 60 प्रतिशत से घटाकर लगभग शून्य कर दिया है। उन्होंने इसे व्यापार समझौते के बजाय “आर्थिक समर्पण” बताया।

सुनील जाखड़ पर निशाना साधते हुए धालीवाल ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी तब जाखड़ इंदिरा गांधी की प्रशंसा करते थे और आज वे नरेंद्र मोदी की प्रशंसा कर रहे हैं, लेकिन वे कभी किसानों या पंजाबियों के हित में नहीं बोलते। उन्होंने कहा, “किसानों के लिए बोलिए, अपने राजनीतिक आकाओं के लिए नहीं।”

धालीवाल ने दोहराया कि यह समझौता भारतीय किसानों और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है और भारतीय कृषि को तबाह कर देगा। उन्होंने सवाल किया कि अमेरिका को अपने बचे हुए कृषि उत्पादों के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार मिल गया, लेकिन हमारे किसान कहां जाएंगे?

अंत में धालीवाल ने सुनील जाखड़ और भाजपा सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि देश की जनता को बताया जाए कि यह समझौता भारतीय किसानों के हित में कैसे है। उन्होंने भाजपा नेताओं को चेतावनी दी कि बोलने से पहले सोचें और देश को गुमराह करना बंद करें। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस कथित “किसान-विरोधी साजिश” का हर स्तर पर पर्दाफाश करती रहेगी।

Continue Reading

National

बाजवा की टिप्पणी पूरे दलित समुदाय का अपमान, 24 घंटे में माफी मांगे कांग्रेस, वरना होगी सख्त कार्रवाई: हरपाल चीमा

Published

on

पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा द्वारा कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. के बारे में की गई विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणी पर आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, वन मंत्री लाल चंद कटारूचक और AAP पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने संयुक्त रूप से कांग्रेस और बाजवा को चेतावनी दी कि वे 24 घंटे के भीतर माफी मांगें, अन्यथा सख्त कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई होगी।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का बयान

चीमा ने कहा कि बाजवा का बयान “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” है और यह पूरे दलित समुदाय का अपमान है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. गरीबी से उठकर मेहनत के बल पर सिविल सर्विस की परीक्षा पास कर पंजाब की अलाइड सर्विस में ई.टी.ओ. बने और बाद में AAP में शामिल होकर मंत्री बने।

चीमा ने कांग्रेस पर दलित-विरोधी मानसिकता का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता बार-बार दलितों और मेहनतकश बच्चों को निशाना बनाते रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि या तो माफी मांगो, या सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहो।

वन मंत्री लाल चंद कटारूचक की प्रतिक्रिया

कटारूचक ने कहा कि बाजवा की यह कोई नई टिप्पणी नहीं है। वे अक्सर मेहनतकश और दलित नेताओं को निशाना बनाते रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कांग्रेस ने इतिहास में बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर के पी.ए. को भी चुनाव में खड़ा कर विरोध किया था।

कटारूचक ने बाजवा को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि उनके शब्द और सामंती मानसिकता पंजाब के मेहनतकश और दलित नेताओं के खिलाफ हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यह मानसिकता छोड़ो, वरना जनता 2027 में खुद जवाब देगी।

मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू की प्रतिक्रिया

पन्नू ने कहा कि बाजवा की टिप्पणी पंजाब कांग्रेस में दलित विरोधी सोच को दिखाती है। उन्होंने कहा कि हरभजन सिंह ई.टी.ओ. का परिवार मेहनतकश है और उनके पद तक पहुंचने की कहानी गर्व की है। पन्नू ने चेतावनी दी कि किसी समुदाय पर भद्दी टिप्पणी करने पर अगली कार्रवाई के लिए तैयार रहो।

Continue Reading

Trending