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अजय चौटाला के परिवार ने राजस्थान चुनाव में 20 सीटों पर जीत को लेकर झोंकी ताकत

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चंडीगढ़(संजय अरोड़ा): राजस्थान में 25 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर जननायक जनता पार्टी के सभी बड़े नेता अब पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं। खासतौर पर इस बार 20 विधानसभा पर अपनी किस्मत आजमा रही जजपा के बड़े नेताओं ने पूरी ताकत लगा दी है। डा. अजय सिंह चौटाला के अलावा उनके दोनों बेटे व पत्नी भी चुनाव प्रचार अभियान में पूरे दमखक के साथ जुट गए हैं। इसी कड़ी में हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला राजस्थान के खंडेला विधानसभा क्षेत्र के बरसिंहपुरा गांव में पहुंचे। इस दौरान दुष्यंत चौटाला ने जजपा प्रत्याशी सरदार सिंह आर्य के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित किया,  जबकि पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव दिग्विजय सिंह चौटाला ने राजस्थान के हिंडोन विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार गायत्री कोली के पक्ष में रेवई गांव में वोटों की अपील की। इसी प्रकार से बाढड़ा की विधायक नैना चौटाला ने दांतारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से जजपा प्रत्याशी डा. रीटा सिंह के पक्ष में वोटों की अपील की।

अजय चौटाला व नैना चौटाला ने मांगे वोट

उल्लेखनीय है कि जननायक जनता पार्टी राजस्थान की 20 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है और प्रचार अभियान के तहत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. अजय सिंह चौटाला ने शुक्रवार को सूरतगढ़ विधानसभा सीट से जजपा प्रत्याशी पृथ्वीराज मील के पक्ष में गुरुसर मोडिया व मानेवाला गांव में चुनावी सभाओं को संबोधित किया।  इस दौरान उन्होंने कहा कि आज प्रदेश का प्रत्येक वर्ग कांग्रेस की राज्य सरकार से परेशान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने बदलाव का मन बना लिया है और इसमें खंडेला विधानसभा की जागरूक जनता बढ़-चढक़र अपना योगदान देगी। नैना चौटाला ने दांताराम गढ़ से पार्टी की प्रत्याशी डा. रीटा सिंह के पक्ष में चुनाव प्रचार करते हुए कहा कि जजपा की हिस्सेदारी से बनने वाली सरकार में राजस्थान की जनता को हरियाणा की तर्ज पर सुविधाएं दी जाएंगी। गौरतलब है कि जननायक जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. अजय सिंह चौटाला, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव दिग्विजय सिंह चौटाला लगातार राजस्थान में सक्रिय नजर आ रहे हैं। वैसे राजस्थान से चौधरी देवीलाल परिवार का पुराना नाता रहा है। खुद चौधरी देवीलाल साल 1989 में सीकर लोकसभा सीट से सांसद बने थे और बाद में देश के उपप्र्रधानमंत्री बने। डा. अजय सिंह चौटाला सबसे पहले 1990 में दांतारामगढ़ से विधायक चुने गए और 1993 में वे नोहर से विधायक बने थे।

हरियाणा की तर्ज पर राजस्थान की जनता को देंगे सुविधाएं: दुष्यंत चौटाला

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने खंडेला विधानसभा क्षेत्र के गांव बरसिंहपुरा में चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यहां उमड़ा जनसमूह बता रहा है कि जजपा प्रत्याशी भारी बहुमत से जीत दर्ज करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि हरियाणा की तर्ज पर राजस्थान के लोगों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राजस्थान में बुजुर्गों को मात्र एक हजार रुपए बुढ़ापा पैंशन दी जाती है जबकि हरियाणा में तीन हजार रुपए कर दी गई है जो कि देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि जजपा की राजस्थान की सरकार में हिस्सेदारी होने पर यहां 75 प्रतिशत रोजगार कानून, पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की 50 प्रतिशत और राशन डिपो में 33 प्रतिशत हिस्सेदारी देने, बेटियों के लिए निशुल्क बस पास की सुविधा देने जैसे अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए जाएंगे। इसके बाद शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने राजस्थान के नीम का थाना विधानसभा क्षेत्र के गांव चला तथा सिरोही में चुनावी सभाओं को संबोधित किया।  उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राजस्थान की जनता  बदलाव चाहती है।  बीते 5 साल का कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड बहुत खराब रहा है और यहां माफिया का राज कायम हुआ है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक माफिया, टोल माफिया, माइनिंग माफिया, सडक़ माफिया और थाना माफिया राजस्थान में हावी है और माफिया राज से राजस्थान की जनता दुखी है।

दिग्विजय सिंह ने जजपा प्रत्याशी गायत्री कोली के पक्ष में किया प्रचार

जननायक जनता पार्टी के प्रधान महासचिव व राजस्थान प्रभारी दिग्विजय सिंह चौटाला ने शुक्रवार को हिंडौन विधानसभा क्षेत्र से जजपा प्रत्याशी गायत्री कोली के पक्ष में रेवई,महू,बजाना खुर्द, विजयपुर,वाईजट्ट, जटवाड़ा इत्यादि गांवों में जोरदार चुनाव प्रचार किया। उनके साथ चुनाव प्रभारी व हरियाणा सरकार में श्रम मंत्री अनूप धानक मौजूद रहे। जजपा नेता दिग्विजय सिंह चौटाला ने महू गांव में जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि यहां के लोगों की आंखों में चमक और युवाओं का भरोसा देखकर वह कह सकते हंै कि 25 नवंबर को आप लोगों द्वारा डाली गई वोट की 3 दिसंबर को जब वोटों की गिनती होगी तो गायत्री कोली जरूर चुनी जाएंगी। उन्होंने मतदान को सबसे बड़ा दान बताते हुए वोट का सही इस्तेमाल करने की अपील करते हुए कहा कि ऐसे प्रत्याशी को वोट कीजिए जो आपके बीच का हो और आपके लिए काम करने को तैयार रहे। उन्होंने जनता को आगाह करते हुए कहा कि कुछ लोग बाहर से आकर चुनाव लडेंग़े, कुछ डरा धमका कर आपकी वोट लेंगे तो कुछ पैसे के दाम पर वोट खरीदने का काम करेंगे, लेकिन चुनाव जीतने के बाद ये लोग आपका साथ नहीं देंगे। इसलिए गायत्री कोली को वोट देकर चुनाव जितवाएं। वह विश्वास दिलाते हैं कि गायत्री कोली हमेशा उनके बीच ही रहेंगी।

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‘बेअदबी’ पार्टी (अकाली दल) अपनी प्रतिष्ठा खो चुकी है, अब वह राजनीति में वापसी के लिए भाजपा से समझौता करने की कोशिश कर रही है: बलतेज पन्नू

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शनिवार को कहा कि बेअदबी पार्टी (अकाली दल) और उसके प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राजनीतिक फायदे के लिए बार-बार अपने राजनीतिक स्टैंड से समझौता किया है और अब वे भाजपा से समझौता करने की कोशिश कर रहे हैं।

सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, “आज सुखबीर सिंह बादल कह रहे हैं कि वह केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लाए जा रहे कुछ बिलों से पूरी तरह सहमत हैं। लेकिन पंजाब के लोगों को अच्छी तरह याद है कि जब कृषि कानून लाए गए थे, तो पूरा बादल परिवार उन कानूनों के पक्ष में वीडियो बनाता हुआ नजर आया था।”

बलतेज पन्नू ने कहा कि बड़े स्तर पर लोगों के गुस्से का सामना करने के बाद ही बादलों ने अपना रुख बदला और खुद को किसानों का हमदर्द दिखाने की कोशिश में कृषि कानूनों के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया।

अकाली दल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर निशाना साधते हुए आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा, “‘बेअदबी’ अकाली दल पंजाब के लोगों के दिलों से पूरी तरह गायब हो चुका है। अब वह भाजपा के साथ समझौता करके अपनी राजनीति को फिर से ज़िंदा करने की हर मुमकिन कोशिश कर रहा है।”

सुखबीर बादल के भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं के बारे में पहले दिए गए बयान को याद करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा, “मैं सुखबीर सिंह बादल को उनकी ही बातें याद दिलाना चाहता हूं। उन्होंने कहा था कि जो लोग भाजपा में शामिल हो रहे हैं, उन्हें अपना डीएनए टेस्ट करवाना चाहिए। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि किसी को अपना डीएनए टेस्ट करवाना चाहिए, लेकिन जब सुखबीर बादल ने खुद यह बयान दिया, तो आज इसका जिक्र करना बनता है।”

उन्होंने कहा कि बादल परिवार के बार-बार लिए गए यू-टर्न ने अकाली दल की राजनीति का असली चेहरा सामने ला दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग उन लोगों के बीच साफ फर्क समझ सकते हैं जो अपने उसूलों पर अड़े रहते हैं और जो राजनीतिक सुविधा के हिसाब से अपना रुख बदलते हैं।

बलतेज पन्नू ने दावा किया कि पंजाब के लोग पहले ही अकाली दल की राजनीति को नकार चुके हैं और भाजपा के साथ राजनीतिक समझौता करने की उसकी नई कोशिशों से गुमराह नहीं होंगे।

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मुक्तसर की तियां में पहुंचीं डॉ. गुरप्रीत कौर मान, महिलाओं ने चुनाव की तारीख पूछनी शुरू कर दी

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मुक्तसर विधानसभा में आज पंजाबी संस्कृति और महिलाओं के उत्साह से सराबोर तियां का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान जी की धर्मपत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुक्तसर की बड़ी संख्या में माताओं और बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने महिलाओं से बातचीत की और उनके अनुभव जाने। बातचीत में मावा दीया योजना को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने बताया कि उनके खातों में ₹4,500 और ₹3,000 की राशि पहुंचने से उन्हें काफी राहत और खुशी मिली है।

महिलाओं के साथ बातचीत के दौरान सरकार की योजनाओं को लेकर उनका उत्साह इतना स्पष्ट था कि बात सिर्फ योजना के लाभ तक सीमित नहीं रही—महिलाएं चुनाव की तारीख और अगला चुनाव कब होगा, यह पूछने लगीं।

माहौल ऐसा था कि मान साहब से ज्यादा अब पंजाब की इन माताओं-बहनों को चुनाव की जल्दी दिखाई दी, क्योंकि उनका कहना था कि वे जल्द से जल्द चुनाव चाहती हैं, ताकि उन्हें एक बार फिर भगवंत मान जी को अपना समर्थन देकर पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने और उनकी सरकार को दोबारा सत्ता में लाने का मौका मिले।

मुक्तसर की तियां में आज पंजाबी संस्कृति और महिलाओं की खुशियों के साथ-साथ महिलाओं के मन की राजनीतिक इच्छा भी खुलकर सामने आई—उन्हें अब चुनाव का इंतजार है।

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‘गैंगस्टरां ते वार’ ने ख़ुफ़िया-आधारित पुलिसिंग की प्रभावशीलता सिद्ध की; गैंगस्टरों के लिए कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं : DGP गौरव यादव

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पंजाब पुलिस का प्रमुख एंटी-गैंगस्टर अभियान ‘गैंगस्टरां ते वार’ संगठित अपराध के विरुद्ध राज्य में चलाए जा रहे सबसे व्यापक और निरंतर अभियानों में से एक के रूप में उभरते हुए अपने 200 दिन पूरे कर चुका है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने पूरे पंजाब में 1,09,087 छापेमारियाँ कीं, 1,532 घोषित अपराधियों (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर्स) को गिरफ़्तार किया, 58,212 अपराधियों एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध कार्रवाई की, भारी मात्रा में अवैध हथियार और मादक पदार्थ बरामद किए तथा संगठित आपराधिक गिरोहों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के मार्गदर्शन में शुरू किया गया ‘गैंगस्टरां ते वार’ एक ख़ुफ़िया सूचना-आधारित अभियान है, जिसका उद्देश्य लक्षित कार्रवाई, अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय समन्वय, वित्तीय जाँच तथा तकनीक-आधारित पुलिसिंग के माध्यम से संगठित अपराध गिरोहों का पूरी तरह सफाया करना है।

इस अवसर पर, डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि यह अभियान अब बहुआयामी कार्रवाई का रूप ले चुका है, जो केवल गैंगस्टरों ही नहीं, बल्कि संगठित अपराध को बढ़ावा देने वाले पूरे तंत्र को भी निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा, “‘गैंगस्टरां ते वार’ के पहले 200 दिनों ने निरंतर और ख़ुफ़िया-आधारित पुलिसिंग की प्रभावशीलता को सिद्ध किया है। हमारी रणनीति केवल गिरफ़्तारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठित अपराध को सक्षम बनाने वाले पूरे नेटवर्क—सहयोगियों, वित्तीय स्रोतों, रसद व्यवस्था, संचार माध्यमों और विदेशों में मौजूद संपर्कों—को ध्वस्त करने पर केंद्रित है। पंजाब पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि देश के भीतर या बाहर कहीं भी संचालित होने वाले गैंगस्टरों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना न बचे।”

इन 200 दिनों के दौरान 1,532 घोषित अपराधियों (पीओ) को गिरफ़्तार किया गया, जबकि 58,212 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई, जिनमें 853 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 57,359 वांछित अपराधी शामिल हैं।

निवारक पुलिसिंग के तहत 28,201 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 577 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 27,624 वांछित अपराधी शामिल थे; वहीं 18,514 व्यक्तियों का वेरिफिकेशन कर उन्हें बाद में रिहा किया गया, जिनमें 1,529 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 16,985 वांछित अपराधी शामिल थे। कुल मिलाकर अभियान के दौरान 1,04,927 व्यक्ति अभियान के दौरान पुलिस कार्रवाई के दायरे में आए जिनमें 2,959 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 1,01,968 वांछित अपराधी शामिल हैं।

गिरफ़्तारियों के अतिरिक्त अभियान का मुख्य उद्देश्य संगठित गिरोहों की हथियारों, मादक पदार्थों, वित्तीय संसाधनों और रसद व्यवस्था तक पहुँच को समाप्त कर उनकी अपराध करने की क्षमता को कमज़ोर करना भी रहा।

इस अभियान ने संगठित अपराध गिरोहों की मारक क्षमता को भी बड़ा झटका दिया।अभियान के दौरान पंजाब पुलिस ने 990 अवैध हथियार, 242 धारदार हथियार, 2,739 कारतूस, 315 मैगज़ीन, 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और 15 हैंड ग्रेनेड बरामद किए, जिससे आपराधिक गिरोहों की मारक क्षमता को गंभीर रूप से कमज़ोर किया गया।

साथ ही, पंजाब पुलिस ने संगठित अपराध और नशा तस्करी के गठजोड़ के विरुद्ध कार्रवाई तेज़ करते हुए 774.38 किलोग्राम हेरोइन, 480.23 किलोग्राम अफीम, 7,266.26 किलोग्राम पोस्त भूसी तथा 26,91,455 नशीली गोलियाँ बरामद कीं। पुलिस ने 1,73,41,965 रुपये की ड्रग मनी, 1,80,54,446 रुपये नकद तथा 413.85 ग्राम सोना भी ज़ब्त किया, जिससे संगठित अपराध और मादक पदार्थों के कारोबार को वित्तीय सहायता देने वाले स्रोतों पर प्रभावी प्रहार हुआ।

एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस प्रमोद बान ने कहा कि अब अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल अपराधियों की गिरफ़्तारी नहीं, बल्कि संगठित अपराध के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है। उन्होंने कहा, “आज का संगठित अपराध वित्तीय नेटवर्क, डिजिटल संचार और विदेशों में बैठे संचालकों के माध्यम से संचालित होता है। इसी कारण हमारी जाँच में फील्ड ऑपरेशन के साथ-साथ वित्तीय ट्रैकिंग, डिजिटल इंटेलिजेंस तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय शामिल है। इसी रणनीति के कारण पंजाब पुलिस रंगदारी गिरोहों का पर्दाफाश करने, विदेशों में बैठे संचालकों की पहचान करने तथा वांछित अपराधियों के निर्वासन (डीपोर्टेशन) और प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सफल रही है। साथ ही यह अभियान युवाओं को यह संदेश भी देता है कि गैंगस्टर संस्कृति का तथाकथित आकर्षण केवल एक भ्रम है, जिसका अंत अपराध और विनाश में होता है।”

अभियान को पड़ोसी राज्यों तथा केंद्रीय जाँच एवं ख़ुफ़िया एजेंसियों के साथ नियमित समन्वय का भी भरपूर सहयोग मिला, जिससे सूचनाओं के तुरंत आदान-प्रदान और संगठित अपराध के विरुद्ध संयुक्त अभियानों को गति मिली।

अभियान की प्रमुख उपलब्धियों में से एक फरार गैंगस्टर भुवनेश चोपड़ा उर्फ आशीष चोपड़ा, पुत्र हीरा लाल, निवासी मकान नंबर 15, अंदरूनी दिल्ली गेट, फिरोज़पुर, को मध्य एशिया से तथा गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला को जकार्ता (इंडोनेशिया) से सफलतापूर्वक भारत वापस लाना रहा। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने ओएफटीईसी पंजाब तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इससे यह सिद्ध हुआ कि पंजाब पुलिस अब राष्ट्रीय सीमाओं से परे जाकर भी वांछित अपराधियों को कानून के कटघरे में लाने में सक्षम है।

गैंगस्टरों एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध कार्रवाई के अतिरिक्त अभियान के दौरान 64,402.77 लीटर अवैध शराब, 34,840 बोतलें तथा 926 पेटियाँ बरामद कर नष्ट की गईं। इसके अलावा अपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे 4,978 मोबाइल फोन, 1,781 वाहन और 61 ड्रोन भी ज़ब्त किए गए। इन कार्रवाइयों ने आपराधिक ढाँचे को कमज़ोर करने, संगठित अपराध के नेटवर्क को बाधित करने और पूरे पंजाब में सार्वजनिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 93946-93946 नंबर पर एक समर्पित टिपलाइन भी शुरू की है, जिसके माध्यम से लोग वांछित अपराधियों, गैंगस्टरों और उनसे संबंधित आपराधिक गतिविधियों की जानकारी गोपनीय और गुमनाम रूप से साझा कर सकते हैं। इस पहल के ज़रिए लोग अपनी पहचान उजागर होने के डर के बिना गोपनीय रूप से महत्त्वपूर्ण जानकारी साझा कर सकते हैं, जिससे एजीटीएफ को गैंगस्टरों और अन्य अपराधियों का जल्द पता लगाकर उन्हें गिरफ़्तार करने में मदद मिलेगी।

जनसहभागिता को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से एजीटीएफ ने एक इनाम नीति भी लागू की है, जिसके तहत वांछित गैंगस्टरों और अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई में सहायक विश्वसनीय सूचना देने वालों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा तथा उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इस पहल से पंजाब में संगठित अपराध के विरुद्ध ख़ुफ़िया-आधारित अभियानों को और अधिक मज़बूती मिलने की उम्मीद है।

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