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महिलाओं की खुशियों, सम्मान और अधिकारों को तीज के जश्न से जोड़ रही मान सरकार: डॉ. गुरप्रीत कौर मान

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तीज के पावन त्योहार पर मोगा और बाघापुराना में आयोजित विशेष समारोहों में पंजाब की लोक संस्कृति, महिलाओं के उत्साह और ‘रंगले पंजाब’ की जीवंत तस्वीर देखने को मिली। मोगा की विधायक अमनदीप कौर अरोड़ा और बाघापुराना के विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद द्वारा आयोजित इन समारोहों में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया और गिद्धा, बोलियों, लोक गीतों व पारंपरिक पंजाबी वेशभूषा के साथ तीज का जश्न मनाया।

दोनों समारोहों में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की धर्मपत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने विशेष रूप से शिरकत की। इस दौरान पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल और स्टेट ऑब्जर्वर पंजाब गायत्री बिश्नोई भी मौजूद रहीं।

इस अवसर पर डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने कहा कि “तीज सिर्फ झूले, गिद्धे और बोलियों का त्योहार नहीं, बल्कि पंजाब की महिलाओं की खुशियों, आत्मसम्मान और आपसी भाईचारे का उत्सव है।” उन्होंने कहा कि पंजाब की महिलाएं अपनी मेहनत और हिम्मत से हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और सरकार की योजनाएं उनके इस सफर को और मजबूत कर रही हैं।

डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने कहा कि मावा-धियां योजना महिलाओं के लिए आर्थिक सहारे के साथ-साथ आत्मनिर्भरता और सम्मान का माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर रही हैं और अपने छोटे-बड़े खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने की जरूरत कम हो रही है।

उन्होंने कहा कि तीज समारोहों में महिलाओं से बातचीत के दौरान यह साफ दिखाई देता है कि मावा-धियां योजना को लेकर उनमें खासा उत्साह और खुशी है। महिलाओं ने बताया कि उनके खातों में आने वाली राशि का इस्तेमाल वे अपनी व्यक्तिगत जरूरतों, बच्चों से जुड़े खर्चों और घर-परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार का उद्देश्य सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ सीधे महिलाओं तक पहुंचाना है, ताकि पंजाब की माताएं और बेटियां आर्थिक रूप से मजबूत होकर अपने फैसले खुद ले सकें।

“जब किसी मां या बेटी के हाथ में अपनी जरूरत पूरी करने के लिए अपना पैसा होता है, तो उसके आत्मविश्वास में भी फर्क दिखाई देता है। यही आर्थिक सम्मान महिलाओं के सशक्तिकरण की असली नींव है,” डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने कहा।

मोगा में विधायक अमनदीप कौर अरोड़ा तथा बाघापुराना में विधायक अमृतपाल सिंह सुखनंद द्वारा करवाए गए इन समारोहों में महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। दोनों स्थानों पर तीज के पारंपरिक झूले, गिद्धा, बोलियां और लोक गीत आकर्षण का केंद्र रहे।

राज लाली गिल ने कहा कि पंजाब की महिलाएं अपनी संस्कृति को जीवित रखने के साथ-साथ समाज के हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवा रही हैं। वहीं गायत्री बिश्नोई ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को एक-दूसरे से जुड़ने, अपनी बात साझा करने और अपनी सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर देते हैं।

मोगा और बाघापुराना में हुए इन तीज समारोहों में महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने यह संदेश दिया कि पंजाब की महिलाएं अपनी संस्कृति की वाहक होने के साथ-साथ पंजाब के सामाजिक और आर्थिक बदलाव की मजबूत ताकत भी हैं।

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शिमला समेत कई जिलों में भूकंप के झटके, लोगों में दहशत का माहौल

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हिमाचल प्रदेश में आज सुबह भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। सुबह करीब 5 बजकर 46 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.0 मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से करीब 10 किलोमीटर नीचे था और यह शिमला से लगभग 66 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण दिशा में स्थित बताया गया है।

भूकंप के झटके करीब 3 सेकंड तक महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से कई लोग घबरा गए और अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित जगहों की ओर चले गए। हालांकि कुछ समय बाद स्थिति सामान्य होने पर लोग वापस अपने घरों में लौट आए।

शिमला के अलावा सोलन, सिरमौर, बिलासपुर और मंडी के कई इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई है। राहत की बात यह है कि फिलहाल भूकंप के कारण किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

हिमाचल प्रदेश पहले से ही भूकंप के लिहाज से संवेदनशील राज्यों में शामिल है। राज्य के कई हिस्से भूकंपीय जोन-4 और जोन-5 में आते हैं। इनमें जोन-5 को सबसे ज्यादा भूकंप संभावित क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में यहां भूकंप के झटकों को लेकर प्रशासन और लोगों को हमेशा सतर्क रहने की जरूरत रहती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, कम तीव्रता वाले भूकंपों से आमतौर पर बड़ा नुकसान नहीं होता, लेकिन ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप गंभीर स्थिति पैदा कर सकते हैं। इसलिए भूकंप के दौरान घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना, लिफ्ट का इस्तेमाल न करना और खुले स्थान में रहना जरूरी है। फिलहाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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गोवा-यूपी में भाजपा को हराएं, तभी E-20 वापस लेगी मोदी सरकार- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को गोवा के मिरामार में ई-20 के खिलाफ टाउनहॉल कर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार इतनी आसानी से ई-20 वापस नहीं लेने वाली। इसके लिए भाजपा को गोवा और उत्तर प्रदेश में हराना होगा। क्योंकि इन्हें अहंकार हो गया है कि जनता कहां जाएगी, जीतना तो भाजपा को ही है। इनका यही अहंकार तोड़ना होगा। अगर इन दोनों राज्यों में भाजपा हार गई तो मोदी सरकार 5 दिन के अंदर ई-20 वापस ले लेगी। उन्होंने कहा कि भारत में 80 फीसद वाहन ई-20 के इस्तेमाल योग्य नहीं हैं। फिर भी सरकार जबरदस्ती इसे थोप रही है। भाजपा के लोग अनपढ़ हैं। ये न कोई स्टडी कराते हैं और ना ही किसी स्टडी को मानते हैं। जैसे ही ई-20 का मुद्दा शांत होगा, ये लोग ई-30 लाएंगे और डीजल में भी इथेनॉल मिलाएंगे।

गोवा आयोजित टाउनहाल में ई-20 को लेकर लोगों के अनुभवों को सुनने के उपरांत अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 से लगभग सभी गाड़ियों की माइलेज 30 से 40 फीसद कम हो गई है और 60 से 70 फीसद गाड़ियों के इंजन व फ्यूल ट्रांसमिशन सिस्टम खराब हो रहे हैं। यह समस्या केवल गोवा की नहीं है, बल्कि पूरे देश में लोग इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। लेकिन पता नहीं किन कारणों से प्रधानमंत्री देश के लोगों की बात नहीं सुन रहे हैं।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि ई20 पेट्रोल से गोवा सबसे ज्यादा प्रभावित है, क्योंकि यहां दोपहिया और चारपहिया वाहनों का घनत्व पूरे देश में सबसे ज्यादा है। गोवा में 87 फीसद परिवारों के पास दोपहिया और 47 फीसद परिवारों के पास चारपहिया वाहन हैं, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है। कुछ लोगों को गलतफहमी है कि गोवा में ई20 लागू नहीं हुआ है। असल में 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश के हर पेट्रोल पंप पर केवल ई20 पेट्रोल ही मिल रहा है और शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध नहीं है। गोवा के पेट्रोल पंपों पर लोग जो पेट्रोल भरवा रहे हैं, वह ई20 ही है, इसी वजह से गाड़ियों की माइलेज कम हो रही है।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि हमने दिल्ली में भी एक नेशनल टाउन हॉल किया था, जिसे देश भर में एक साथ 7 लाख लोगों ने लाइव देखा था। दुनिया में शायद ऐसा पहली बार हुआ कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने एक साथ कोई वर्चुअल रैली लाइव देखी हो। उसी दिन हमने तय किया था कि हम पूरे देश में ऐसे ही टाउन हॉल करेंगे। अब अलग-अलग राज्यों में ये कार्यक्रम हो रहे हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैंने 29 ऑटो मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को चिट्ठी लिखकर पूछा था कि क्या 2023 से पहले बनी उनकी कारों, स्कूटरों और मोटरसाइकिलों में ई20 का सुरक्षित इस्तेमाल किया जा सकता है? किसी कंपनी ने जवाब नहीं दिया। बाद में फोन करने पर नौ कंपनियों के अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि ई20 बहुत खतरनाक फ्यूल है और 2023 से पहले बने पेट्रोल बेस्ड वाहनों में इसका इस्तेमाल बहुत खतरनाक होगा। कंपनियों के अधिकारियों ने कहा कि वे खुलकर यह बात नहीं बोल सकते क्योंकि उन पर केंद्र की मोदी सरकार का भारी दबाव है। यदि वे ई20 के खिलाफ बोलते हैं, तो उन पर ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स की रेड हो जाएगी और उनके प्लांट बंद कर दिए जाएंगे।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश की ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों की सोसाइटी सियाम की मीटिंग में सभी कंपनियों ने ई20 को बंद करने की मांग उठाई थी। सियाम ने एक रिसर्च बेस्ड रिपोर्ट तैयार की, जिसमें ई20 को बहुत खतरनाक बताया गया था। 28 जुलाई को यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी गई और इसे बंद करने का अनुरोध किया गया। जब यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हो गई, तो सरकार ने दबाव डालकर एक हफ्ते के भीतर सियाम से वह रिपोर्ट वापस करवा ली। सियाम ने बयान दिया कि शायद उनसे कोई गलती हो गई थी। इतने बड़े संगठन की रिपोर्ट में गलती कैसे हो सकती है? जाहिर है कि ईडी और सीबीआई की धमकी देकर और दबाव डालकर वैज्ञानिक व थर्ड पार्टी रिपोर्ट वापस करवाई जा रही हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 25 लाख टन चीनी के बराबर गन्ने को इथेनॉल बनाने के लिए डाइवर्ट कर दिया गया, जिससे देश में चीनी की भारी कमी हो गई। पिछले एक महीने में चीनी के दाम 30 रुपए प्रति किलो बढ़ गए हैं। 30 जुलाई को जो चीनी 45 रुपए किलो थी, वह आज बाजार में 75 रुपए किलो है। एक तरफ बेवकूफ और अनपढ़ सरकार ने गन्ने को इथेनॉल के लिए डाइवर्ट कर पेट्रोल में मिलावट की, जिससे लोग ई20 से परेशान हैं। दूसरी तरफ चीनी भी महंगी कर दी, जिससे लोग और परेशान हैं। सरकार का दावा था कि पेट्रोल में 20 फीसद इथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल का आयात 20 फीसद कम होगा और विदेशी मुद्रा बचेगी। लेकिन चीनी की कमी के कारण अब देश चीनी का आयात कर रहा है। ऐसे में जो विदेशी मुद्रा बची थी, वह चीनी के आयात में खर्च हो गई।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ऐसी बेवकूफ सरकार मैंने अपनी जिंदगी में नहीं देखी। जब सरकार फैसले लेती है, तो विशेषज्ञों से चर्चा करती है। क्या किसी विशेषज्ञ ने यह नहीं बताया कि इतना गन्ना डाइवर्ट करने से चीनी की कमी हो जाएगी या ये लोग किसी की सुनते ही नहीं हैं? नितिन गडकरी कहते थे कि इथेनॉल मिक्स करने से पेट्रोल 15 रुपए लीटर मिलेगा, लेकिन वह सस्ता नहीं हुआ। सरकार के सभी दावे खोखले साबित हुए और देश को कोई फायदा नहीं हुआ। कुछ लोगों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप, मोदी जी पर दबाव डाल रहे हैं। अमेरिका के पास इथेनॉल सरप्लस है और सरकार द्वारा पैदा की गई इस कृत्रिम कमी के बाद अब अमेरिका से इथेनॉल आयात किया जाएगा, ताकि ई20 को बढ़ाकर ई30 और ई40 किया जा सके।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश में 80 फीसद वाहन ई20 के लायक नहीं हैं, फिर भी इसे जबरदस्ती थोपा जा रहा है। सरकार कह रही है कि वह ई30 का ट्रायल और रिसर्च कर रही है, लेकिन भाजपा वाले कोई स्टडी नहीं करते। ये अनपढ़ लोग हैं, इन्हें स्टडी करनी ही नहीं आती। ये लोग बस माहौल देख रहे हैं। जैसे ही ई20 का मामला शांत होगा, वे ई30, ई40 और ई85 तक ले आएंगे। इसलिए लोग अभी बाजार से नई गाड़ी न खरीदें, क्योंकि सरकार साल भर में ई20 गाड़ियों में ई30 और ई40 पेट्रोल थोप देगी, जिससे गाड़ियां खराब हो जाएंगी। सरकार ने डीजल और सीएनजी में भी मिलावट करने की घोषणा कर दी है।

अरविंद केजरीवाल ने अन्य देशों के उदाहरण देते हुए बताया कि जिन देशों ने इथेनॉल लागू किया, उन्होंने लंबा समय लिया। जापान में अभी ई3 लागू है और वह ई20 तक 2040 में पहुंचेगा। अमेरिका दुनिया में सबसे ज्यादा इथेनॉल बनाता है, फिर भी वहां ई10 लागू है। ब्राजील में 1931 में ई5 आया था और 55 साल बाद 1985 में ई20 आया। इथेनॉल बेस्ड फ्यूल लागू करने से पहले भारी तैयारी की जरूरत होती है। ऑयल टैंकर, पेट्रोल पंप के स्टोरेज टैंक और गाड़ियों के इंजन बदलने पड़ते हैं। नई गाड़ियों को ई20 के अनुकूल बनाना पड़ता है, जिसमें 15-20 साल का समय लगता है, लेकिन मोदी जी ने यह सब 3 साल में कर दिया।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जो कोई भी ई20 के खिलाफ आवाज उठाता है, ये लोग उसे एंटी- नेशनल बोल देते हैं। एक आम आदमी अपनी हैसियत से बढ़कर लोन लेकर या अपनी बचत लगाकर गाड़ी खरीदता है। 10,000 किमी की गारंटी के भीतर ही नई गाड़ियां खराब हो रही हैं। जब किसी की गाड़ी खराब होती है, तो उसे भारी आर्थिक और मानसिक परेशानी उठानी पड़ती है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा वालों को अहंकार है कि वे जो मर्जी कर लें, जीतना तो उन्हें ही है। जनता तो उन्हें ही वोट देगी। इन्हें यह अहंकार है कि जनता तो इनके पास ही आएगी। लेकिन अगर इस बार विधानसभा चुनाव में गोवा और उत्तर प्रदेश में भाजपा हार जाए, तो 10 मार्च को नतीजे आने के बाद 15 मार्च तक ई20 वापस हो जाएगा। गोवा में 87 फीसद लोगों के पास दोपहिया और 47 फीसद लोगों के पास चारपहिया वाहन हैं, जो ई20 से परेशान हैं। अगर सब मिलकर एक बार ठान लें कि इस बार भाजपा को वोट नहीं देना है, तो मुझे लगता है 5 दिन के अंदर अगर ई20 वापस नहीं हो जाए, तो मैं अपनी राजनीति छोड़ दूंगा। इस बार गोवा के अंदर सभी लोग भाजपा को हरा के दिखा दें। देखना, 5 दिन के अंदर ई20 वापस हो जाएगा।

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CM भगवंत सिंह मान ने आदर्श स्कूलों के शिक्षकों के वेतन में 120 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी करने को दी मंजूरी

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भगवंत सिंह मान सरकार ने आदर्श स्कूलों में सेवाएं निभा रहे शिक्षकों के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए उनके वेतन में 120 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी करने को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री के इस फैसले से लगभग 1,100 शिक्षकों को लाभ होगा, जिससे उनका मासिक वेतन लगभग 10,000 रुपये से बढ़कर 22,000 रुपये से अधिक हो जाएगा। यह फैसला सरकार की उस प्रतिबद्धता को दोहराता है कि पंजाब का भविष्य संवारने वालों को उचित लाभ, सम्मान और बनती मान्यता मिलनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार शिक्षकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करती रहेगी, क्योंकि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और प्रत्येक विद्यार्थी का भविष्य सुरक्षित करना शिक्षकों को सशक्त बनाने से शुरू होता है।

शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने पंजाब का भविष्य संवारने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका के बावजूद शिक्षक समुदाय की अनदेखी की थी। उन्होंने कहा, “शिक्षक हमारी शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। लगभग दो दशकों से ये शिक्षक कम वेतन मिलने के बावजूद समर्पण भावना के साथ सेवाएं निभा रहे हैं। हमारी सरकार ने उनके वेतन में 120 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी करके लंबे समय से चले आ रहे इस अन्याय को दूर करने का फैसला किया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों को न केवल बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा, बल्कि केंद्रीय विद्यालय स्कूलों की तर्ज पर सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी, जिससे उनकी सेवा शर्तों में सुधार होगा।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में सीबीएसई से मान्यता प्राप्त इन आदर्श स्कूलों में 15,000 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और राज्य सरकार विद्यार्थियों तथा शिक्षकों, दोनों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा, “जब शिक्षक सुरक्षित और सम्मानित महसूस करते हैं तो विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिलती है। हमारी प्राथमिकता शिक्षकों के हितों की रक्षा करना है, ताकि इन स्कूलों में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे का भविष्य सुरक्षित रहे।”

कर्मचारियों के कल्याण के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने आदर्श स्कूलों के शिक्षकों की अनदेखी की, जबकि उनकी सरकार ने उनकी हर जायज मांग को पूरा किया है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। हमने इन शिक्षकों की जायज मांगों को स्वीकार किया है और यह सुनिश्चित करना जारी रखेंगे कि वे अपनी जिम्मेदारियों को सुचारु रूप से और बिना किसी परेशानी के निभा सकें।”

बैठक के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत, स्कूल शिक्षा सचिव सोनाली गिरि तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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