Punjab
1,279 नई सरकारी बसों के शामिल होने से पंजाब सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना के क्षेत्र में भारत का नंबर-1 राज्य बनेगा : हरपाल सिंह चीमा
पंजाब के वित्त एवं परिवहन मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां घोषणा की कि पंजाब 1,279 नई सरकारी बसों को शामिल कर अपने सार्वजनिक परिवहन बेड़े का व्यापक विस्तार करेगा, जिससे सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना के क्षेत्र में राज्य देश का नंबर-1 राज्य बनने की दिशा में अग्रसर होगा। इस विस्तार के साथ राज्य में सरकारी बसों की संख्या 2,267 से बढ़कर 3,546 हो जाएगी, जो 56 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि होगी तथा पिछले दो दशकों में सबसे बड़ा विस्तार माना जाएगा।
बेड़े के विस्तार के साथ-साथ भगवंत मान सरकार यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा तथा अंतिम छोर (लास्ट माइल) तक बेहतर संपर्क सुनिश्चित करने के लिए डैशकैम, आंतरिक सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग प्रणाली तथा यूपीआई क्यूआर कोड आधारित इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को भी लागू करेगी।
पंजाब भवन में आयोजित एक प्रेस सम्मेलन को संबोधित करते हुए परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पंजाब पिछले दो दशकों से भी अधिक समय के दौरान अपने सरकारी बस बेड़े का सबसे बड़ा विस्तार कर रहा है। 1,279 नई बसों के शामिल होने के बाद हमारी सरकारी बसों की कुल संख्या 2,267 से बढ़कर 3,546 हो जाएगी, जिससे पंजाब सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना के क्षेत्र में देश का नंबर-1 राज्य बन जाएगा।”
सरकारी बसों की प्रत्यक्ष खरीद के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार पहले ही 696 साधारण बसों की खरीद का आदेश जारी कर चुकी है। इनमें से 387 बसें पनबस तथा 309 बसें पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (पीआरटीसी) में शामिल की जाएंगी। इनमें से लगभग 300 बसों के नवंबर 2026 तक सड़क पर उतरने की संभावना है, जबकि शेष बसों को दिसंबर 2026 के अंत तक चरणबद्ध ढंग से शामिल किया जाएगा।”
उन्होंने आगे बताया कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पीआरटीसी हेतु 100 मिडी बसें पहले ही खरीदी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा, “ये बसें सितंबर 2026 तक सेवा में आ जाएंगी, जिससे प्रत्यक्ष रूप से खरीदी गई बसों की कुल संख्या 796 हो जाएगी।”
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि विस्तारित बस बेड़े की तैनाती वैज्ञानिक योजना के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा, “राज्यभर में कम बस सुविधा वाले मार्गों की पहचान करने तथा यह सुनिश्चित करने के लिए कि बसों की तैनाती वहीं हो, जहां लोगों को उनकी सबसे अधिक आवश्यकता है, उपग्रह आधारित यात्रा पैटर्न सर्वेक्षण शुरू किए जा रहे हैं। यह साक्ष्य-आधारित व्यवस्था वर्तमान संपर्क अंतराल (कनेक्टिविटी गैप) को दूर करने में सहायक सिद्ध होगी।”
एक बड़े तकनीकी उन्नयन की घोषणा करते हुए परिवहन मंत्री ने कहा, “नई बसें पूर्ण निगरानी सुनिश्चित करने तथा यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए डैशकैम, आंतरिक सीसीटीवी कैमरों तथा अत्याधुनिक जीपीएस ट्रैकिंग प्रणालियों से सुसज्जित होंगी।”
महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के प्रति भगवंत मान सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “वर्तमान में सरकारी बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों में लगभग 54 प्रतिशत महिलाएं हैं। सभी नई बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने से उनकी सुरक्षा और अधिक सुदृढ़ होगी तथा उन्हें सुरक्षित एवं भरोसेमंद यात्रा का वातावरण उपलब्ध होगा।”
परिवहन मंत्री ने यह भी घोषणा की कि परिवहन विभाग परिचालकों (कंडक्टरों) को ऐसी अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीनें उपलब्ध करा रहा है, जिनके माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन कर यूपीआई भुगतान स्वीकार किया जा सकेगा। उन्होंने कहा, “इस आधुनिक प्रणाली को डिजिटल भुगतान के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है, जिससे टिकटिंग व्यवस्था अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और दक्ष बनेगी।”
इस विस्तार के संरचनात्मक प्रभाव की व्याख्या करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “वर्तमान में पंजाब में प्रति एक लाख आबादी पर लगभग सात सरकारी बसें उपलब्ध हैं। इस विस्तार के बाद यह अनुपात बढ़कर प्रति एक लाख आबादी पर लगभग 12 बसें हो जाएगा, जिससे पंजाब राज्य परिवहन उपक्रमों के राष्ट्रीय औसत से कहीं आगे निकल जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा, “सरकारी बसों की बढ़ी हुई संख्या से पनबस तथा पीआरटीसी को अधिक मांग वाले मार्गों पर बसों के फेरे बढ़ाने में सहायता मिलेगी। साथ ही, उन गांवों और कस्बों तक भी सरकारी बस सेवा का विस्तार किया जाएगा, जहां वर्तमान में कोई नियमित सरकारी बस सुविधा उपलब्ध नहीं है।”
प्रेस सम्मेलन के समापन पर वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “यह सुदृढ़ और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क राज्य के प्रत्येक नागरिक को किफायती, विश्वसनीय, सुरक्षित तथा सुलभ परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पंजाब सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”
भगवंत मान सरकार द्वारा पंजाब के सार्वजनिक परिवहन का बड़ा विस्तार
वर्तमान सरकारी बसों की संख्या: 2,267 बसें
कुल नई बसें शामिल की जा रही हैं: 1,279
विस्तार के बाद सरकारी बसों की कुल संख्या: 3,546
बस बेड़े में कुल वृद्धि: 56 प्रतिशत — दो दशकों से अधिक समय में सबसे बड़ा विस्तार
बसों की प्रत्यक्ष खरीद (796)
696 साधारण बसों का ऑर्डर दिया गया:
पनबस के लिए 387 बसें
पी.आर.टी.सी. के लिए 309 बसें
ग्रामीण और शहरी संपर्क को
बेहतर बनाने के लिए पी.आर.टी.सी. के लिए 100 मिडी बसें पहले ही खरीदी जा चुकी हैं।
प्रत्यक्ष रूप से खरीदी गई कुल बसें: 796
प्रारंभिक समय-सीमा:
लगभग 300 साधारण बसें नवंबर 2026 तक सड़कों पर उतरेंगी।
शेष साधारण बसों को दिसंबर 2026 तक शामिल कर लिया जाएगा।
100 मिडी बसें सितंबर 2026 तक सेवा में आ जाएंगी।
बसों की बेहतर उपलब्धता:
वर्तमान उपलब्धता: प्रति लाख आबादी पर लगभग 7 सरकारी बसें
विस्तार के बाद: प्रति लाख आबादी पर लगभग 12 सरकारी बसें
बेहतर संपर्क (कनेक्टिविटी):
व्यस्त मार्गों पर बस सेवाओं में वृद्धि।
उन गांवों और कस्बों को सरकारी बस सेवा से जोड़ना, जहां वर्तमान में कोई निर्धारित सेवा उपलब्ध नहीं है।
पूरे पंजाब में अंतिम छोर (लास्ट माइल) तक बेहतर कनेक्टिविटी।
कम सेवा वाले मार्गों की पहचान करने तथा जहां बसों की सबसे अधिक आवश्यकता है, वहां उन्हें तैनात करने के लिए सैटेलाइट आधारित सर्वेक्षण।
कुशल संचालन:
वार्षिक निर्धारित माइलेज: 3,842 लाख किलोमीटर
प्रति बस औसत दैनिक परिचालन: लगभग 300 किलोमीटर, जिसे सर्वोत्तम उपयोग स्तर माना जाता है
विस्तार क्यों?
यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, विशेषकर महिलाओं के लिए निःशुल्क बस यात्रा शुरू होने के बाद।
पूरे पंजाब में किफायती, विश्वसनीय और सुलभ सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए।
Punjab
पंजाब में बारिश कम होने से बढ़ी गर्मी और उमस, आज कई जिलों में बारिश के आसार
पंजाब और चंडीगढ़ में पिछले कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियां कम रहने के कारण गर्मी के साथ-साथ उमस भी बढ़ गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज पंजाब के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि, फिलहाल पूरे राज्य में व्यापक बारिश के आसार कम हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। वहीं चंडीगढ़ में आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है और कुछ जगहों पर बारिश के साथ गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।
बारिश की कमी का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। पंजाब के बठिंडा में सबसे अधिक 37.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2 डिग्री अधिक है। वहीं मानसून सीजन के दौरान अब तक पंजाब में सामान्य से करीब 32 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।
पिछले कई दिनों से राज्य के ज्यादातर इलाकों में बारिश नहीं होने के कारण लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। तापमान बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग में भी लगातार इजाफा हो रहा है। दिन के समय पंजाब में बिजली की मांग 15 हजार मेगावाट से ऊपर पहुंच रही है।
वर्तमान में पंजाब करीब 4,500 मेगावाट बिजली खुद पैदा कर रहा है, जबकि लगभग 10,500 मेगावाट बिजली बाहरी स्रोतों, खासकर केंद्रीय ग्रिड से ली जा रही है। गर्मी बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में बिजली की मांग में और बढ़ोतरी हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते पंजाब के कुछ हिस्सों में बादल छाने और बारिश होने की संभावना है। हालांकि, अभी पूरे राज्य में तेज या लगातार बारिश का कोई बड़ा सिस्टम सक्रिय नहीं है। ऐसे में लोगों को फिलहाल गर्मी और उमस से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद कम है।
public
रक्षा बंधन ने पंजाब के नशा मुक्ति केंद्रों में परिवारों को जोड़ा, नशामुक्ति और उम्मीद के संदेश को किया मज़बूत
शुक्रवार को पंजाब के विभिन्न सरकारी नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में रक्षा बंधन मनाया गया, जहां परिवारों ने अपने उन प्रियजनों के साथ समय बिताया जो नशे की समस्या से उबरने के लिए उपचार और नशामुक्ति की प्रक्रिया से गुज़र रहे हैं।
भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत आयोजित इन समारोहों ने भाई-बहन के बीच प्रेम और सहयोग के संदेश को मज़बूत किया। साथ ही, उपचार ले रहे लोगों को नशामुक्ति के प्रति प्रतिबद्ध रहने, अपने प्रियजनों के पास लौटने और एक स्वस्थ एवं सार्थक जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
परिवारों के साथ-साथ, विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और पंजाब के सूरमाओं, यानी ऐसे पीयर एंबेसेडरों, जिन्होंने स्वयं नशे की लत से बाहर निकलकर नशामुक्त जीवन अपनाया है और अब इसी राह पर आगे बढ़ रहे अन्य लोगों को प्रेरित करते हैं, ने भी इन कार्यक्रमों में भाग लिया।
गुरदासपुर स्थित ज़िला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में सूरमा पंकज महाजन, जो स्वयं नशे की लत से उबर चुके हैं, ने मरीज़ों और उनके परिवारों से बातचीत की तथा अपनी व्यक्तिगत यात्रा साझा करते हुए उपचार ले रहे मरीज़ों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, “हम ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत आप सभी का हौसला बढ़ाने के लिए यहाँ आए हैं। सरकार आपकी मदद के लिए बहुत बड़ी भूमिका निभा रही है और हम भी आपको सहयोग और प्रोत्साहन देने के लिए यहाँ हैं। मैं स्वयं नशे की लत से गुज़र चुका हूँ और अपने अनुभव से कह सकता हूँ कि इससे बाहर निकला जा सकता है। मैं अब पिछले 10 वर्षों से नशामुक्त हूँ और चाहता हूँ कि आप भी इसी राह पर चलें। रक्षा बंधन के अवसर पर हमारी बहनें भी आपके इस प्रयास में आपका साथ देने के लिए यहाँ मौजूद हैं। आइए, उनसे यह वादा करें कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे।”
विभिन्न केंद्रों में पत्र-लेखन और रचनात्मक कला से जुड़ी गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से मरीज़ों को अपनी भावनाएँ व्यक्त करने, परिवारों से जुड़ने और अपनी नशामुक्ति की यात्रा पर आत्ममंथन करने का अवसर मिला।
कपूरथला के ज़िला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में उपचार ले रहे एक मरीज़ राजविंदर सिंह (बदला हुआ नाम) ने पत्र-लेखन गतिविधि के माध्यम से नशे की लत से अपने संघर्ष के दौरान मज़बूती से साथ देने के लिए अपनी बहन और परिवार के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। राजविंदर ने लिखा, “जब मैं यहाँ आया, तो मुझे एहसास हुआ कि मैं कितना गलत था। अब मैंने नशा छोड़ दिया है और अपनी पुरानी ज़िंदगी में लौट आया हूँ।”
कपूरथला के ज़िला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में उपचार ले रहे एक अन्य मरीज़ ने अपनी बहन को पत्र लिखा। पत्र के एक अंश में उसने कहा, “मेरी प्यारी बहन, मैंने जो भी किया, उसका मुझे बहुत अफ़सोस है। कृपया मुझे माफ़ कर दो। मुझे अपनी गलतियों का एहसास हो गया है। मैं आप सभी से प्यार करता हूँ और आप सभी को बहुत याद करता हूँ और मैं फिर कभी इस नरक की राह पर नहीं चलूँगा।”
पंजाब भर के अन्य नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में भी इसी तरह रक्षा बंधन मनाया गया। कपूरथला और एसएएस नगर में, ब्रह्माकुमारीज़ के सहयोग से ज़िला पुनर्वास केंद्रों में रक्षा बंधन समारोह आयोजित किए गए।
पटियाला में, सर्व प्रेम फाउंडेशन और सूरमाओं ने मिलकर ज़िला नशामुक्ति केंद्र में रक्षा बंधन मनाया। सर्व प्रेम फाउंडेशन के माध्यम से समुदाय की युवा लड़कियों ने मरीज़ों के लिए हाथ से बनाई गई राखियाँ और प्रोत्साहन के संदेश भेजे।
इसके अलावा, बठिंडा, पठानकोट, नवांशहर, मानसा, फतेहगढ़ साहिब, फरीदकोट, अमृतसर और पंजाब के अन्य ज़िलों में स्थित सरकारी नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में भी रक्षा बंधन मनाया गया, जिसमें नशे की लत से उबर रहे लोगों के परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पुनर्वास प्रक्रिया में परिवार की भूमिका को विशेषज्ञों द्वारा व्यापक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। सरकारी केंद्रों में काउंसलर परिवारों को बड़ी संख्या में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, ताकि वे अपने प्रियजनों की नशामुक्ति यात्रा के दौरान उनका समर्थन और हौसला बढ़ा सकें। राज्य के विभिन्न केंद्रों पर परिवार परामर्श सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य में पायलट आधार पर चलाए जा रहे कम्युनिटी ब्रिज मॉडल (CBM) के तहत परिवारों के लिए मनो-शैक्षिक सत्र में भाग लेना अनिवार्य है, ताकि उन्हें मरीज़ की घर पर नशामुक्ति एवं पुनर्वास प्रक्रिया में प्रभावी सहयोग देने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान की जा सके।
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि नशामुक्ति प्रक्रिया में परिवारों की भागीदारी नशे की समस्या के खिलाफ राज्य की लड़ाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा, “रक्षा बंधन जैसे त्योहार हमें याद दिलाते हैं कि नशामुक्ति अकेले व्यक्ति की यात्रा नहीं है। परिवार का प्रेम, प्रोत्साहन और विश्वास व्यक्ति को जीवन के सबसे कठिन दौर में से एक से बाहर निकलने की शक्ति दे सकता है। हमारे नशा मुक्ति केंद्र उम्मीद, गरिमा और पुनर्वास के केंद्र बने रहने चाहिए, जहां मरीज़ों को केवल चिकित्सकीय ही नहीं, बल्कि भावनात्मक और सामाजिक सहयोग भी मिले।”
इस पहल का उद्देश्य रक्षा बंधन की भावना का उपयोग करते हुए परिवार के सहयोग, निरंतर नशामुक्ति, रिश्तों की बहाली और पंजाब के लिए नशामुक्त भविष्य के व्यापक संदेश को मजबूत करना है।
Politics
‘मिशन क्लीन पंजाब’: भगवंत मान सरकार द्वारा राज्य-स्तरीय सफ़ाई अभियान की शुरूआत, मंत्रियों, विधायकों, मेयरों और पार्षदों ने राज्यभर में संभाली कमान
पंजाब के शहरों को साफ़, हरा-भरा और हेल्दी बनाने के मकसद से, भगवंत मान सरकार ने आज राज्य के शहरी इलाकों में ‘मिशन क्लीन पंजाब’ अभियान शुरू किया। 29 अगस्त से 7 सितंबर तक चलने वाले इस 10 दिन के खास सफाई अभियान के तहत, कैबिनेट मंत्री, विधायक, मेयर, नगर पार्षद और बड़े अधिकारी हर सुबह खुद जाकर सफाई के इंतज़ामों का जायज़ा ले रहे हैं और सफाई के काम को तेज़ कर रहे हैं।
‘क्लीन पंजाब, प्राउड पंजाब’ के संकल्प पर आधारित यह अभियान खास तौर पर उन जगहों (कचरे के हॉटस्पॉट) की पहचान करके उन्हें हटाने पर फोकस करेगा, जहाँ बार-बार कचरा फेंका जाता है। खास टीमें इन जगहों को अच्छी तरह से साफ करेंगी, साथ ही यह भी पक्का करेंगी कि वहाँ दोबारा कचरा जमा न हो।
हरजोत सिंह बैंस ने नंगल में सफाई अभियान का किया नेतृत्व
स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने श्री आनंदपुर साहिब के नंगल में इस अभियान को लीड किया। उन्होंने खुद सफाई की गतिविधियों में हिस्सा लिया और सफाई कर्मचारियों और स्थानीय लोगों से बातचीत की।
इस बीच, स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा कि ‘मिशन क्लीन पंजाब’ अभियान पंजाब सरकार का अपने लोगों को एक साफ और हेल्दी शहर देने का कमिटमेंट दिखाता है। उन्होंने कहा, “सफ़ाई की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ सफ़ाई कर्मचारियों की नहीं हो सकती, बल्कि आम नागरिकों, दुकानदारों और लोकल कम्युनिटी को भी अपने आस-पास की जगह को साफ़ रखने के लिए इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।”
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “यह अभियान सिर्फ़ एक बार की सफ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका फ़ोकस एक टिकाऊ सफ़ाई सिस्टम बनाने पर होगा, जिसमें रेगुलर मॉनिटरिंग और बार-बार कचरा डंप करने वाली जगहों पर कार्रवाई होगी।” उन्होंने नागरिकों से प्रशासन के साथ सहयोग करने और सार्वजनिक जगहों पर कचरा न फेंकने की भी अपील की।
स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कोटकपूरा में सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया
पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने भी कोटकपूरा में इस अभियान की शुरुआत की। यहां, उन्होंने शहर को साफ रखने में योगदान देने वाले सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया और बाद में उनके साथ सफाई के काम में शामिल हुए। उन्होंने कहा, “मिशन क्लीन पंजाब के तहत, कोटकपूरा और फरीदकोट जिले के दूसरे हिस्सों में सेकेंडरी वेस्ट कलेक्शन सेंटर और कचरा डंपिंग पॉइंट की पूरी सफाई की जाएगी। यह अभियान न केवल सफाई कर्मचारियों बल्कि जिला प्रशासन, नगर परिषदों और सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों की मिली-जुली कोशिश है।”
स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा, “अलग-अलग वार्ड में तैनात सफाई कर्मचारियों और उनके साथ काम करने वाले उनके साथियों/सुपरवाइजरों की लिस्ट तैयार कर ली गई है और ज़्यादा पारदर्शी और अकाउंटेबिलिटी पक्का करने के लिए इसे सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा।”
लोगों से सफाई अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने की अपील करते हुए, कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि इस अभियान के नतीजे इसके पूरा होने के बाद भी बने रहें, यह पक्का करने के लिए जनता का सपोर्ट ज़रूरी है।
पूरा पंजाब अभियान में शामिल हुआ: मंत्रियों और विधायकों ने संभाली कमान
राज्य स्तर के इस अभियान में कई शहरों में मंत्रियों और चुने हुए प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, जहाँ पब्लिक प्रतिनिधियों ने खुद सफाई एक्टिविटी में हिस्सा लिया और ग्राउंड स्तर पर सफाई के इंतज़ाम का निरीक्षण किया।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला के थापर चौक पर खुद सफाई करके अभियान को लीड किया। सफाई और पब्लिक हेल्थ के बीच लिंक पर ज़ोर देते हुए, डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि गंदगी और कूड़े के ढेर कई बीमारियों के फैलने की वजह हैं।
कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने जालंधर में नकोदर चौक के पास सफाई अभियान में हिस्सा लिया, जबकि कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने जंडियाला गुरु में नगर परिषद अध्यक्ष, पार्षदों और सफाई कर्मचारियों के साथ अभियान का नेतृत्व किया। हरभजन सिंह ईटीओ ने निवासियों और दुकानदारों से अपील की कि वे सफाई बनाए रखना एक साझा नागरिक जिम्मेदारी समझें।
कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध ने खन्ना नगर परिषद कार्यालय से सफाई अभियान की शुरुआत की, जबकि विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने बलटाना (ज़ीरकपुर) में नगर पार्षदों, वार्ड इंचार्जों और अधिकारियों के साथ अभियान की शुरुआत की। ज़ीरकपुर को साफ और कूड़ा-मुक्त बनाने के संदेश के साथ अभियान को आगे बढ़ाया गया।
अमृतसर में, विधायक डॉ. अजय गुप्ता और मेयर जतिंदर पाल सिंह मोती भाटिया ने सफाई अभियान का नेतृत्व किया। फतेहगढ़ साहिब में, विधायक एडवोकेट लखबीर सिंह राय ने सरहिंद नगर परिषद द्वारा शुरू किए गए अभियान का नेतृत्व किया।

विधायक नरिंदर कौर भारज ने संगरूर में खंडा चौक से हरिपुरा होते हुए पुनिया टावर तक के रास्ते पर सफाई अभियान में हिस्सा लिया और भवानीगढ़ में तूर पत्ती पार्क में भी अभियान में शामिल हुईं।
मोगा में विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा और डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने सफ़ाई अभियान को लीड किया। विधायक रूपिंदर सिंह हैप्पी और एसडीएम दीपजोत कौर ने बस्सी पठाना में अभियान का इंस्पेक्शन किया, जबकि सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने फगवाड़ा में सफ़ाई के काम की देखरेख की।
अजनाला में विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने सफ़ाई अभियान को लीड किया, जिसमें एसडीएम, ईओ और आप वॉलंटियर्स ने हिस्सा लिया। अभियान के दौरान अलग-अलग जगहों से कचरे के ढेर हटाए गए।
लोग M-Seva ऐप के ज़रिए कचरे वाली जगहों की रिपोर्ट कर सकते हैं
पंजाब सरकार ने ‘मिशन क्लीन पंजाब’ में आम जनता से भी एक्टिव सहयोग मांगा है। नागरिक M-Seva ऐप के ज़रिए अपने इलाके में कचरे और गंदी जगहों की तस्वीरें भेज सकेंगे, जिससे प्रशासन को प्रॉब्लम वाली जगहों को पहचानने और समय पर एक्शन लेने में मदद मिलेगी।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे पब्लिक जगहों पर कचरा न फेंकें और अपने घरों और बिज़नेस की जगहों के आसपास सफ़ाई बनाए रखने में म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन/काउंसिल का सहयोग करें।
‘मिशन क्लीन पंजाब’ अभियान का मकसद सिर्फ 10 दिनों के लिए शहरों को साफ करना नहीं है, बल्कि शहरी सफाई सिस्टम को मजबूत करना और पूरे पंजाब में हमेशा के लिए सफाई का कल्चर बनाना है।
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