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मोदी सरकार ने लोगों पर ई-20 पेट्रोल थोपने के लिए ऑटो कंपनियों से बुलवाया झूठ- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लोगों पर ई-20 पेट्रोल थोपने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रही मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऑटो कंपनियों मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लाेस्कर और हीरो मोटोकॉर्प ने झूठ बुलवाया कि ई-10 वाहन में ई-20 के इस्तेमाल से कोई नुकसान नहीं होगा। जबकि टोयोटा, मारुति सहित अन्य कंपनी ने ओनर मैनुअल में माना है कि 10 फीसद से ज्यादा एथेनॉल इस्तेमाल नहीं करना है, फिर भी दिक्कत आए तो इसे भी नहीं करना है। उन्होंने कहा कि मैं सभी ऑटो कंपनियों को चिट्ठी लिखूंगा और लिखित में मांगूंगा कि ई-20 से गाड़ी की माइलेज गिरने या पार्ट्स खराब होने की भरपाई करने का आश्वासन दें। अगले हफ्ते मैं पीएम को भी चिट्ठी लिखूंगा और पूछूंगा कि अगर किसी गाड़ी में कोई दिक्कत आती है तो उसका हर्जाना सरकार देगी या कंपनी?

मंगलवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार पूरे देश पर जबरदस्ती ई-20 पेट्रोल थोप रही है। लोगों का जबरदस्त विरोध है, लेकिन इस विरोध के बावजूद केंद्र सरकार अपनी जिद्द पर अड़ी हुई है। उस जिद्द का कारण क्या है, यह तो नहीं पता, लेकिन केंद्र सरकार टस से मस नहीं हो रही है। रोज झूठ पर झूठ बोला जा रहा है, कभी एक मंत्री झूठ बोल रहा है, तो कभी दूसरा मंत्री। झूठ के पुलिंदे दिए जा रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा लोगों को मनाने और यह समझाने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं कि वे ई-20 इस्तेमाल कर लें।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 3 जुलाई को केंद्र सरकार ने छह ऑटो मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को बुलाया और कहा कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जनता को बताएं कि ई-20 ठीक है। ये छह कंपनियां मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लाेस्कर, हीरो मोटोकॉर्प, हुंडई मोटर, बजाज ऑटो और टीवीएस मोटर कंपनी हैं। इन सभी से कहा गया कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करें और जनता को बताएं कि ई20 सही पेट्रोल है। अगर किसी का व्हीकल ई-10 है, तब भी ई-20 चलेगा। उनका व्हीकल ई-20 नहीं है, तब भी चलेगा। उनका व्हीकल अगर ई-0 या ई-5 पर चलने वाला है, तब भी ई-20 पेट्रोल चलेगा।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इन छह में से तीन कंपनियों ने सरकार को यह कहते हुए मना कर दिया कि वे इतना बड़ा झूठ नहीं बोल सकतीं। लेकिन मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लाेस्कर और हीरो मोटोकॉर्प ने प्रेस कांफ्रेंस में जनता से झूठ बोला। इन तीनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि अगर किसी का व्हीकल ई-0, ई-5 या ई-10 है और अगर वे उसमें ई-20 पेट्रोल डाल दें, तो कोई दिक्कत नहीं है। सिर्फ 5-7 फीसद माइलेज गिरेगी, लेकिन फ्यूल टैंक, फ्यूल सिस्टम और इंजन को कोई भी नुकसान नहीं होगा। इन तीनों कंपनियों ने जनता से झूठ बोला। जब लोग गाड़ी खरीदते हैं, तो गाड़ी के साथ एक ओनर मैनुअल मिलता है। उसमें सारी शर्तें होती हैं। वह एक तरह से उपभोक्ता और ऑटो कंपनी के बीच का कॉन्ट्रैक्ट होता है।

अरविंद केजरीवाल ने ई-20 वाहन के बारे में बताते हुए कहा कि 2023 से पहले जितने व्हीकल बने हैं, जो एथेनॉल के लिए नहीं, बल्कि शुद्ध पेट्रोल के लिए बने थे, उनमें अगर 10 फीसद एथेनॉल इस्तेमाल भी कर लें, तो कोई दिक्कत नहीं होती। उन्हें ई-10 कंप्लायंट बोलते हैं। 2023 से पहले बने हुए व्हीकल, जिनमें या तो शून्य एथेनॉल या 10 फीसद तक एथेनॉल इस्तेमाल किया जा सकता है, उसे ई-10 बोलते हैं। 2023 के बाद से भारत में सारे व्हीकल ई-20 बनने लग गए।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जाकर ये कंपनियां कहती हैं कि ई-20 इस्तेमाल कर लें, ई-10 में कोई दिक्कत नहीं होगी। इन कंपनियों ने झूठ बोला। मैं इन तीनों से कहना चाहता हूं कि अपने ग्राहकों को धोखा मत दो। अपने ग्राहकों से झूठ मत बोलो। सरकारें आती-जाती रहती हैं। वैसे भी यह सरकार अब ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है। ग्राहक ही राजा होता है। अगर लोगों ने उनका माल खरीदना बंद कर दिया, तो उसके बाद वे कहां जाएंगे?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बुधवार को मैं झूठ बोलने वाली इन तीनों कंपनियों को चिट्ठी लिखूंगा और उनसे कहूंगा कि उनका ओनर मैनुअल तो यह कहता है और वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ और कहते हैं। वे लिखित में दे दें कि अगर किसी गाड़ी की माइलेज 10 फीसद से ज्यादा कम हो जाती है, तो क्या वे उस व्यक्ति को माइलेज के लिए मुआवजा देंगे? अगर ई-20 इस्तेमाल करने से गाड़ी खराब हो जाती है या टूट-फूट होती है, तो क्या वे उस गाड़ी के पुर्जे को बदलने का मुआवजा देंगे? वे एक बार हां कह दें, पूरे देश में उनके प्लांट के सामने गाड़ियों की लाइन लग जाएगी।

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि मैं दूसरी कंपनियों को भी चिट्ठी लिखूंगा, जिन्होंने सरकार के कहने के बावजूद झूठ नहीं बोला। उनसे बस यह पूछूंगा कि एक बार स्पष्ट कर दें कि क्या वे भी मानते हैं कि ई10 में ई20 पेट्रोल इस्तेमाल किया जा सकता? बुधवार को मैं सभी कंपनियों को एक चिट्ठी लिखूंगा और अगले हफ्ते प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखूंगा कि उनके इस गलत कदम का नुकसान जनता क्यों भुगते? वे यह बता दें कि अगर लोगों की गाड़ी का माइलेज कम होता है, तो हर्जाना उनकी सरकार देगी या कंपनी देगी? अगर लोगों की गाड़ी का इंजन या फ्यूल सिस्टम खराब होता है, तो हर्जाना तो देना ही पड़ेगा। जनता हर्जाना क्यों भुगते? हर्जाना मोदी जी की सरकार देगी या कंपनी देगी?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने एक और झूठ चला रखा है कि भारत कोई पहला देश थोड़ी है जो एथेनॉल इस्तेमाल कर रहा है। और भी बहुत से देश हैं जो एथेनॉल इस्तेमाल कर रहे हैं, वहां तो लोग शोर नहीं कर रहे। यह आधा सच है। बाकी देशों में जो एथेनॉल इस्तेमाल हो रहा है, वह ई10 से कम हो रहा है। नॉर्मल गाड़ियां भी ई10 तक तो इस्तेमाल कर लेती हैं, उससे ज्यादा नहीं कर पातीं। जर्मनी, अमेरिका, फ्रांस और थाईलैंड में अभी तक ई10 से कम इस्तेमाल होता है।

अरविंद केजरीवाल ने आगे बताया कि जापान में ई3 इस्तेमाल होता है और वहां ई10 का टारगेट 2030 रखा गया है। उन्होंने 7-8 साल का फेज आउट पीरियड दिया है। ई3 से ई10 तक जाने के लिए जापान ने 7 साल रखे हैं। ई20 का टारगेट जापान ने 2040 रखा है। आज से 16 साल बाद ई20 में जाने के लिए जापान 16 साल का समय लेगा। थाईलैंड ने 2008 में ट्रायल और पायलट बेसिस पर कुछ पेट्रोल पंपों पर ई20 ट्राई किया था। आज 2026 हो गया है, 18 साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक वहां दोनों विकल्प मौजूद हैं। लोग ई20 ले सकते हैं या ई10 ले सकते हैं। वहां 18 साल का फेज आउट पीरियड चल रहा है।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि पूरी दुनिया में ब्राजील अकेला देश है जहां ई100 इस्तेमाल होता है, यानी जीरो पेट्रोल। वहां इन गाड़ियों को फ्लैक्सी फ्यूल व्हीकल कहा जाता है। ब्राजील ने ट्रांजिशन के लिए 50 साल लिए। 1931 में ब्राजील में ई5 लाया गया था और 1985 में ई20 लाया गया। उन्हें 50 साल लग गए। 1975 में ब्राजील ने ट्रांजिशन शुरू किया और 1975 से 1985 के बीच 10 साल का समय लिया। 1985 से आज तक उन्होंने और समय लिया। अब ब्राजील में लोगों को विकल्प मिलता है कि वे ई100 ले लें, ई20 ले लें या ई30 ले लें। वहां ई30 बेसिक है। उन्होंने इतने सालों में अपने सारे वाहनों को इसके अनुकूल बना लिया है।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि भारत में 6 फरवरी 2023 को ट्रायल बेसिस पर पूरे देश के केवल 1900 पेट्रोल पंपों पर ई20 लाया गया था और मात्र 3 साल बाद, 1 अप्रैल 2026 को पूरे देश के 90 हजार पेट्रोल पंपों पर इसे जबरदस्ती थोप दिया गया। हमारे देश में 22 करोड़ मोटरसाइकिलें ऐसी हैं जो ई20 के अनुकूल नहीं हैं और वे ई20 इस्तेमाल नहीं कर सकतीं। 8 करोड़ कारें ऐसी हैं जो ई20 के अनुकूल नहीं हैं और वे ई20 इस्तेमाल नहीं कर सकतीं। सरकार की इस जिद्द की वजह से 30 करोड़ वाहन रिस्क पर हैं। इन 30 करोड़ वाहनों का कबाड़ा हो जाएगा।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मेरी मोदी जी से हाथ जोड़कर विनती है कि वे जिद्द न करें और मान जाएं। जनता केवल एक ही चीज मांग रही है कि विकल्प दे दिया जाए। वे ई20 रखें, लेकिन जब आदमी पेट्रोल पंप पर जाए तो उसे ई0 भी मिलना चाहिए, ई10 भी मिलना चाहिए और ई20 भी मिलना चाहिए। इनके अलग-अलग दाम रख दिए जाएं। जिसके जो समझ में आए, जिसकी जेब जो अनुमति दे, जिसका जो विचार बने और जिसकी जो बुद्धि अनुमति दे, वह वही पेट्रोल खरीद ले।

क्या कहता है टोयोटा का ओनर मैनुअल?

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि टोयोटा का ओनर मैनुअल कहता है कि टोयोटा 10 फीसद तक एथेनॉल वाले पेट्रोल के इस्तेमाल की अनुमति देता है। उसमें नीचे नोट में लिखा है कि अगर लोग अल्कोहल मिला पेट्रोल इस्तेमाल करते समय अपने वाहन की ड्राइव करने की क्षमता या माइलेज से संतुष्ट नहीं हैं, तो उन्हें बिना अल्कोहल वाले पेट्रोल पर वापस आ जाना चाहिए। इसका मतलब यह हुआ कि 10 फीसद से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना है। 10 फीसद इस्तेमाल करने में भी अगर दिक्कत आए, तो वह भी इस्तेमाल नहीं करना है। यह उनके ओनर मैनुअल में लिखा है। फिर भी वे सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहते हैं कि ई-10 में ई-20 पेट्रोल भी इस्तेमाल कर लें, कोई दिक्कत नहीं है। यह बात टोयोटा के इनोवा हाइक्रॉस, फॉर्च्यूनर, ग्लैंजा, अर्बन क्रूजर, इनोवा क्रिस्टा समेत उनके सभी मॉडल के ओनर मैनुअल में लिखी हुई है।

क्या कहता है मारूति का ओनर मैनुअल?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मारुति ने भी सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जाकर कहा कि ई10 व्हीकल में ई-20 इस्तेमाल कर लें। मारुति का मैनुअल कहता है कि बिना लेड वाले पेट्रोल और एथेनॉल का मिश्रण, जिसे गैसोहोल भी कहा जाता है, कुछ क्षेत्रों में व्यावसायिक रूप से उपलब्ध है। इस तरह के मिश्रण का उपयोग वाहन में किया जा सकता है, यदि उनमें 10 फीसद से अधिक एथेनॉल न हो। यानी 10 फीसद से कम एथेनॉल होना चाहिए। नोट में लिखा है कि यदि लोग अल्कोहल मिश्रण का उपयोग करते समय अपने वाहन की ड्राइव करने की क्षमता या माइलेज से संतुष्ट नहीं हैं, तो उन्हें बिना अल्कोहल वाले पेट्रोल पर वापस आ जाना चाहिए। 10 फीसद से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना है। 10 फीसद से भी दिक्कत आए, तो कोई अल्कोहल इस्तेमाल नहीं करना है। यह बात मारुति वाले कह रहे हैं। मारुति के बलेनो, डिजायर समेत सभी मॉडलों में यह लिखा हुआ है।

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छात्रों को बड़ी राहत, पंजाबी यूनिवर्सिटी ने फीस बढ़ोतरी का फैसला लिया वापस

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पंजाबी यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए फीस में की गई हालिया बढ़ोतरी को पूरी तरह वापस लेने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद छात्रों को अब बढ़ी हुई फीस का भुगतान नहीं करना पड़ेगा।

यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. जगदीप सिंह ने बताया कि यूनिवर्सिटी अथॉरिटी के वरिष्ठ अधिकारियों की एक अहम बैठक में छात्रों की मांगों और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्रों और उनके प्रतिनिधियों की ओर से लगातार चिंताएं जताई जा रही थीं।

फैसले के तहत ट्यूशन और कोर्स फीस, रजिस्ट्रेशन फीस के साथ-साथ हॉस्टल फीस में किया गया पूरा इजाफा वापस ले लिया गया है। यानी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में छात्रों को वही फीस देनी होगी, जो पिछले अकादमिक सत्र में लागू थी।

वाइस चांसलर ने कहा कि फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्रों और अन्य संबंधित पक्षों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि उसकी प्राथमिकता छात्रों को सुलभ और किफायती उच्च शिक्षा उपलब्ध करवाना है।

उन्होंने यह भी कहा कि यूनिवर्सिटी इस समय वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है, लेकिन इसके बावजूद कोशिश रहेगी कि आर्थिक परेशानियों के कारण कोई भी योग्य छात्र उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। फीस बढ़ोतरी वापस लिए जाने के फैसले से बड़ी संख्या में छात्रों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

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CM भगवंत सिंह मान ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के साथ श्री श्री रविशंकर जी का आशीर्वाद लिया

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया के साथ बेंगलुरु स्थित ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ आश्रम का दौरा कर गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी का आशीर्वाद लिया। आश्रम के शांत एवं आध्यात्मिक वातावरण में लीन होकर नेताओं ने पंजाब और पूरे देश की तरक्की, खुशहाली तथा शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान भगवंत सिंह मान ने ध्यान भी लगाया और आध्यात्मिक शांति एवं आंतरिक सुकून का अनुभव किया।

एक्स पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बेंगलुरु के ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ आश्रम में मुझे अरविंद केजरीवाल जी और मनीष सिसोदिया जी के साथ गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी का आशीर्वाद लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मुझे श्रद्धालुओं के बड़े समूह को संबोधित करने का अवसर भी मिला और आश्रम के शांतिपूर्ण वातावरण में ध्यान लगाकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव हुआ।”

इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी से मुलाकात मेरे लिए एक अलौकिक अनुभव था। श्रद्धालुओं के इस बड़े समूह को संबोधित करना और आश्रम के शांतिपूर्ण वातावरण में समय बिताना मेरे लिए बहुत गर्व की बात थी। इस अनुभव ने मुझे आध्यात्मिक शांति और आंतरिक सुकून से भर दिया है।”

पंजाब की सांस्कृतिक विशिष्टता और देश में इसके योगदान के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का देश के इतिहास में हमेशा एक विशेष स्थान रहा है। “प्राचीन काल से ही पांच नदियों की धरती पंजाब को हमारे महान देश के ताज का हीरा होने और अपनी सदियों पुरानी परंपराओं का गौरवशाली ध्वजवाहक होने का गौरव प्राप्त है। इसके गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति और शानदार परंपराओं ने भारत के निर्माण में अतुलनीय योगदान दिया है।”

पंजाब को “देश की खड़ग भुजा” बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य के लोगों ने हर चुनौती का सामना करते हुए देश की सुरक्षा के लिए बार-बार आगे बढ़कर योगदान दिया है। इसके बहादुर लोगों ने हमेशा बाहरी और आंतरिक खतरों के खिलाफ देश की ढाल बनकर पहरा दिया है और इसी ने पंजाब के लोगों को जुझारू जज्बा प्रदान किया है। हजारों वर्षों में अनेक चुनौतियों का सामना करने के बावजूद पंजाब की धरती ने अपना दृढ़ और निडर चरित्र बरकरार रखा है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के साहस और निडरता के साथ-साथ इसका धर्मनिरपेक्ष और सभी को साथ लेकर चलने वाला स्वभाव इसकी पहचान की एक अन्य महत्वपूर्ण विशेषता है। “पंजाब की एक और विशेषता इसका पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष चरित्र है, जो इसकी आत्मा में समाया हुआ है और इसके सांस्कृतिक सिद्धांतों का अभिन्न अंग है। सांप्रदायिक सद्भावना, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और आपसी सम्मान के मूल्य हमेशा पंजाब के सामाजिक ताने-बाने के केंद्र में रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार न केवल विकास को गति देने के लिए, बल्कि समाज की नैतिक और सामाजिक नींव को, विशेष रूप से युवाओं में, मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

भगवंत सिंह मान ने कहा, “विकास के प्रमुख क्षेत्रों में सर्वांगीण प्रगति करने के अलावा हमारी सरकार का एक मिशन विशेष रूप से हमारे युवाओं में सामाजिक, नैतिक और राष्ट्रीय मूल्यों को और मजबूत करना है। युवा पंजाब और देश का भविष्य हैं और उन्हें सही मूल्यों से जोड़ना एक मजबूत समाज के निर्माण के लिए बेहद जरूरी है।”

युवा पीढ़ी को प्रेरित और मार्गदर्शन करने के लिए गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी आध्यात्मिक शिक्षाओं और बौद्धिक मार्गदर्शन ने समाज के हर वर्ग के लोगों को प्रेरित किया है। “गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी अपनी आध्यात्मिक शिक्षाओं और बौद्धिक मार्गदर्शन के माध्यम से युवाओं को प्रेरित कर इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि यह आध्यात्मिक व्यक्तित्व अपने ज्ञान, मार्गदर्शन और आशीर्वाद से लोगों को राह दिखाते रहेंगे।”

समाज को मजबूत करने वाले मूल्यों को और परिपक्व करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक प्रगतिशील और संगठित राष्ट्र के लिए सांप्रदायिक सद्भावना, अमन-शांति, सामाजिक समानता और वैश्विक भाईचारा बेहद जरूरी हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बेहद जरूरी है कि हम सांप्रदायिक सद्भावना, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, सामाजिक समानता और वैश्विक भाईचारे की भावना को और मजबूत करें। ये वे मूल्य हैं, जिन्होंने हमारे समाज को एक बड़े परिवार में पिरोया है और इनका संरक्षण करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इन आदर्शों के साथ हम एक अधिक शांतिपूर्ण, सद्भावनापूर्ण और सभी को समाहित करने वाले समाज का निर्माण कर सकते हैं।”

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की पहली शेर-ए-पंजाब टी-20 क्रिकेट लीग का किया उद्घाटन; कहा, यह लीग पंजाब की क्रिकेट प्रतिभा को निखारेगी

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पहली बार फ्रेंचाइजी आधारित शेर-ए-पंजाब टी-20 क्रिकेट लीग का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट राज्य के उभरते क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पी.सी.ए.) द्वारा आयोजित किए जा रहे इस उद्घाटन संस्करण में छह टीमें भाग ले रही हैं और यह टूर्नामेंट 13 सितंबर तक पी.सी.ए. क्रिकेट स्टेडियम, मोहाली में खेला जाएगा।

खिलाड़ियों और आयोजकों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह लीग पंजाब के प्रतिभाशाली क्रिकेटरों को बड़े मंच पर प्रतिस्पर्धा करने तथा स्थापित खिलाड़ियों के साथ खेलने और उनसे सीखने का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, “शेर-ए-पंजाब टी-20 लीग पंजाब में क्रिकेट को बढ़ावा देने और प्रतिभाशाली क्रिकेटरों को खेल में आगे बढ़ने के अधिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। यह लीग पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आई.पी.एल. की तर्ज पर आयोजित की जा रही है।”

आज आयोजित उद्घाटन समारोह में टूर्नामेंट का पहला मुकाबला अमृतसर सूरमा और मोहाली किंग्स के बीच खेला गया। यह लीग दो सप्ताह तक चलेगी, जिसका फाइनल मुकाबला 13 सितंबर को होगा। सभी मैच मोहाली स्थित पी.सी.ए. क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे हैं।

पंजाब भारतीय क्रिकेट के पावरहाउस के रूप में उभर रहा है

भारतीय क्रिकेट में पंजाब के अमूल्य योगदान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य ने लगातार ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी पैदा किए हैं, जिन्होंने देश का उच्चतम स्तर पर प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने कहा, “आज पंजाब के लिए यह बेहद गर्व की बात है कि भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों के कप्तान क्रमशः शुभमन गिल और हरमनप्रीत कौर पंजाब से हैं। इस समय पंजाब के 21 खिलाड़ी आई.पी.एल. में खेल रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि इस समय भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम में पंजाब के चार खिलाड़ी हैं, जिनमें कप्तान शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा, अर्शदीप सिंह और गुरनूर बराड़ शामिल हैं।

राज्य की समृद्ध क्रिकेट विरासत का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने लाला अमरनाथ, बिशन सिंह बेदी, महेंद्र अमरनाथ, यशपाल शर्मा और युवराज सिंह जैसे महान क्रिकेटर देश को दिए हैं। उन्होंने कहा कि शेर-ए-पंजाब टी-20 लीग क्रिकेटरों की अगली पीढ़ी के लिए एक समर्पित मंच तैयार करके इस गौरवशाली विरासत को और मजबूत करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने और पंजाब भर में बेहतर खेल बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। उन्होंने कहा, “नशों के खिलाफ जंग में खेल सबसे प्रभावी हथियार हैं। इसी कारण राज्य सरकार खेलों पर विशेष जोर दे रही है और युवाओं को अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाने के अवसर उपलब्ध करा रही है।”

उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं को खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से राज्यभर में 3,100 खेल मैदान बनाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य में खेलों के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट रखा गया है, जो खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसके परिणाम पहले ही दिखाई देने लगे हैं, क्योंकि पंजाब के खिलाड़ी विभिन्न खेलों में राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं।

‘खेडां वतन पंजाब दियां’ 5 सितंबर को बठिंडा से शुरू होंगी

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि हमारी सरकार 5 सितंबर को बठिंडा से सबसे बड़े खेल महाकुंभ ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का शुभारंभ करेगी। उन्होंने कहा, “खिलाड़ियों की तीन पीढ़ियां इस खेल आयोजन में भाग लेंगी, जो इसे पंजाब की खेल भावना का अनूठा उत्सव बनाएगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार के प्रयासों का उद्देश्य पूरे राज्य में मजबूत खेल संस्कृति विकसित करना और यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब के युवाओं को खेलों में सफलता हासिल करने के लिए उपयुक्त मंच और अवसर मिलें।

इस अवसर पर लोकसभा सदस्य गुरमीत सिंह मीत हेयर और अन्य प्रमुख हस्तियां भी उपस्थित थीं।

इस उद्घाटन संस्करण में छह फ्रेंचाइजी टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें से प्रत्येक टीम की कमान पंजाब के प्रमुख क्रिकेटर संभाल रहे हैं। फाजिल्का फाल्कन्स की कप्तानी शुभमन गिल, लुधियाना लायंस की अर्शदीप सिंह, अमृतसर सूरमा की अभिषेक शर्मा, जालंधर वॉरियर्स की प्रभसिमरन सिंह, मोहाली किंग्स की रमनदीप सिंह और बठिंडा रॉयल्स की कप्तानी गुरनूर बराड़ कर रहे हैं।

इस लीग में पंजाब के प्रमुख क्रिकेटर भी शामिल हैं, जिनमें अनमोलप्रीत सिंह, मयंक मार्कंडे, नमन धीर, विहान मल्होत्रा, इमानजोत सिंह चहल, अश्वनी कुमार और कृष भगत शामिल हैं। पंजाब के 450 से अधिक खिलाड़ियों के पूल में से विभिन्न फ्रेंचाइजी टीमों का प्रतिनिधित्व करने के लिए बोली के माध्यम से 119 खिलाड़ियों का चयन किया गया है।

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