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Punjab

हिंदू धर्म का जितना नुकसान और अपमान भाजपा ने किया, उतना बाहर से आए आतताइयों ने भी नहीं किया- केजरीवाल

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लखनऊ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के काफिले के आगे हनुमान जी के भेष में नृत्य कर रहे व्यक्ति की वायरल वीडियो पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत तमाम वरिष्ठ नेताओं ने तीखा हमला बोला है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जितना नुकसान और अपमान भाजपा के लोगों ने हिंदू धर्म का किया है, शायद भारत के 5000 वर्ष के इतिहास में बाहर से आने वाले आतताइयों ने भी नहीं किया। जितना इन लोगों ने हिंदुओं को लूटा है, आज तक किसी ने नहीं लूटा। हिंदू धर्म पर भाजपा के लोग कलंक हैं। उन्होंने नितिन नवीन से कहा कि आप क्या कर रहे हैं। आपको शर्म आती है? पूरे हिंदू समाज से माफी मांगिए।

अरविंद केजरीवाल ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की रैली में उनकी गाड़ी के आगे भगवान हनुमान के भेष में भाजपा का झंडा लिए नृत्य कर रहे व्यक्ति की और हनुमान जी पूजा करते हुए अपना वीडियो साझा कर कहा कि ये दोनों तस्वीरें हिंदू आस्था के प्रति दो विचारधाराओं की प्रतीक हैं। हमारी विचारधारा – हम भगवान राम और हनुमान जी के भक्त हैं और उन मे हमारी श्रद्धा और आस्था है। हम उन्हें पूजते हैं, उनके सामने सर झुकते हैं, उनका आशीर्वाद लेते हैं। वहीं इनकी विचारधारा – ये लोग हनुमान जी और रामचन्द्र जी को भगवान ही नहीं मानते। इनके लिए राम और हनुमान सत्ता और पैसा पाने का ज़रिया हैं। इन्हें भगवान का अपमान करने में कोई संकोच नहीं होता।

यही हाल रहा तो भाजपा, “हिंदू धर्म” खत्म करके “भाजपा धर्म” लागू कर देगी- संजय सिंह

उधर, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि ये क्या मजाक बना रखा है? भाजपा के नेता अपने जुलूस में भगवान बजरंग बली को हाथ में भाजपा का झंडा देकर नचवा रहे हैं। यही हाल रहा तो भाजपा, “हिंदू धर्म” खत्म करके “भाजपा धर्म” लागू कर देगी। अपने नेताओं को भगवान घोषित कर उनका मंदिर बनवाएगी और देश वासियों से उनकी पूजा करवाएगी।

हनुमान जी के अपमान से लाखों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं- सौरभ भारद्वाज

इस वीडियो को साझा कर “आप” के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने नितिन नबीन से कहा कि इससे लाखों हिंदुओं की तरह मेरी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। ये सीधे मेरे हिंदू धर्म का और मेरे आराध्य हनुमान जी का अपमान है। कृपया आप अपने इस कृत्य की क्षमा मांग लीजिए। हनुमान जी के मंदिर जाकर कृपया माफी मांग लें। इससे आप छोटे नहीं हो जाएंगे। मैं भाजपा से भी कहूंगा कि पार्टी के तौर पर आप इस कृत्य की माफी मांग लीजिए ।

क्या बजरंग बली के अपमान पर भाजपा के लोग अपना मुंह खोलने की हिम्मत रखते हैं?- आतिशी

इसी वीडियो को रिपोस्ट कर आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि जो भाजपा के नेता कल से भिनभिना रहे हैं कि नितिन नबीन का अपमान हो गया, क्या आज बजरंग बली के अपमान के बारे में अपना मुंह खोलने की हिम्मत रखते हैं? रेखा गुप्ता, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन अपने आप को हनुमान से भी बड़ा मानते हैं और भगवान को अपने सामने पार्टी के झंडे के साथ नचाते हैं। नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सवाल किया कि नितिन नबीन के इस अहंकार पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कुछ टिप्पणी करना चाहेंगी या हनुमान के अपमान पर उनको बोलने से मना किया गया है?

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छात्रों को बड़ी राहत, पंजाबी यूनिवर्सिटी ने फीस बढ़ोतरी का फैसला लिया वापस

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पंजाबी यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए फीस में की गई हालिया बढ़ोतरी को पूरी तरह वापस लेने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद छात्रों को अब बढ़ी हुई फीस का भुगतान नहीं करना पड़ेगा।

यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. जगदीप सिंह ने बताया कि यूनिवर्सिटी अथॉरिटी के वरिष्ठ अधिकारियों की एक अहम बैठक में छात्रों की मांगों और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्रों और उनके प्रतिनिधियों की ओर से लगातार चिंताएं जताई जा रही थीं।

फैसले के तहत ट्यूशन और कोर्स फीस, रजिस्ट्रेशन फीस के साथ-साथ हॉस्टल फीस में किया गया पूरा इजाफा वापस ले लिया गया है। यानी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में छात्रों को वही फीस देनी होगी, जो पिछले अकादमिक सत्र में लागू थी।

वाइस चांसलर ने कहा कि फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्रों और अन्य संबंधित पक्षों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि उसकी प्राथमिकता छात्रों को सुलभ और किफायती उच्च शिक्षा उपलब्ध करवाना है।

उन्होंने यह भी कहा कि यूनिवर्सिटी इस समय वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है, लेकिन इसके बावजूद कोशिश रहेगी कि आर्थिक परेशानियों के कारण कोई भी योग्य छात्र उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। फीस बढ़ोतरी वापस लिए जाने के फैसले से बड़ी संख्या में छात्रों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

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CM भगवंत सिंह मान ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के साथ श्री श्री रविशंकर जी का आशीर्वाद लिया

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया के साथ बेंगलुरु स्थित ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ आश्रम का दौरा कर गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी का आशीर्वाद लिया। आश्रम के शांत एवं आध्यात्मिक वातावरण में लीन होकर नेताओं ने पंजाब और पूरे देश की तरक्की, खुशहाली तथा शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान भगवंत सिंह मान ने ध्यान भी लगाया और आध्यात्मिक शांति एवं आंतरिक सुकून का अनुभव किया।

एक्स पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बेंगलुरु के ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ आश्रम में मुझे अरविंद केजरीवाल जी और मनीष सिसोदिया जी के साथ गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी का आशीर्वाद लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मुझे श्रद्धालुओं के बड़े समूह को संबोधित करने का अवसर भी मिला और आश्रम के शांतिपूर्ण वातावरण में ध्यान लगाकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव हुआ।”

इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी से मुलाकात मेरे लिए एक अलौकिक अनुभव था। श्रद्धालुओं के इस बड़े समूह को संबोधित करना और आश्रम के शांतिपूर्ण वातावरण में समय बिताना मेरे लिए बहुत गर्व की बात थी। इस अनुभव ने मुझे आध्यात्मिक शांति और आंतरिक सुकून से भर दिया है।”

पंजाब की सांस्कृतिक विशिष्टता और देश में इसके योगदान के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का देश के इतिहास में हमेशा एक विशेष स्थान रहा है। “प्राचीन काल से ही पांच नदियों की धरती पंजाब को हमारे महान देश के ताज का हीरा होने और अपनी सदियों पुरानी परंपराओं का गौरवशाली ध्वजवाहक होने का गौरव प्राप्त है। इसके गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति और शानदार परंपराओं ने भारत के निर्माण में अतुलनीय योगदान दिया है।”

पंजाब को “देश की खड़ग भुजा” बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य के लोगों ने हर चुनौती का सामना करते हुए देश की सुरक्षा के लिए बार-बार आगे बढ़कर योगदान दिया है। इसके बहादुर लोगों ने हमेशा बाहरी और आंतरिक खतरों के खिलाफ देश की ढाल बनकर पहरा दिया है और इसी ने पंजाब के लोगों को जुझारू जज्बा प्रदान किया है। हजारों वर्षों में अनेक चुनौतियों का सामना करने के बावजूद पंजाब की धरती ने अपना दृढ़ और निडर चरित्र बरकरार रखा है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के साहस और निडरता के साथ-साथ इसका धर्मनिरपेक्ष और सभी को साथ लेकर चलने वाला स्वभाव इसकी पहचान की एक अन्य महत्वपूर्ण विशेषता है। “पंजाब की एक और विशेषता इसका पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष चरित्र है, जो इसकी आत्मा में समाया हुआ है और इसके सांस्कृतिक सिद्धांतों का अभिन्न अंग है। सांप्रदायिक सद्भावना, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और आपसी सम्मान के मूल्य हमेशा पंजाब के सामाजिक ताने-बाने के केंद्र में रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार न केवल विकास को गति देने के लिए, बल्कि समाज की नैतिक और सामाजिक नींव को, विशेष रूप से युवाओं में, मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

भगवंत सिंह मान ने कहा, “विकास के प्रमुख क्षेत्रों में सर्वांगीण प्रगति करने के अलावा हमारी सरकार का एक मिशन विशेष रूप से हमारे युवाओं में सामाजिक, नैतिक और राष्ट्रीय मूल्यों को और मजबूत करना है। युवा पंजाब और देश का भविष्य हैं और उन्हें सही मूल्यों से जोड़ना एक मजबूत समाज के निर्माण के लिए बेहद जरूरी है।”

युवा पीढ़ी को प्रेरित और मार्गदर्शन करने के लिए गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी आध्यात्मिक शिक्षाओं और बौद्धिक मार्गदर्शन ने समाज के हर वर्ग के लोगों को प्रेरित किया है। “गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी अपनी आध्यात्मिक शिक्षाओं और बौद्धिक मार्गदर्शन के माध्यम से युवाओं को प्रेरित कर इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि यह आध्यात्मिक व्यक्तित्व अपने ज्ञान, मार्गदर्शन और आशीर्वाद से लोगों को राह दिखाते रहेंगे।”

समाज को मजबूत करने वाले मूल्यों को और परिपक्व करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक प्रगतिशील और संगठित राष्ट्र के लिए सांप्रदायिक सद्भावना, अमन-शांति, सामाजिक समानता और वैश्विक भाईचारा बेहद जरूरी हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बेहद जरूरी है कि हम सांप्रदायिक सद्भावना, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, सामाजिक समानता और वैश्विक भाईचारे की भावना को और मजबूत करें। ये वे मूल्य हैं, जिन्होंने हमारे समाज को एक बड़े परिवार में पिरोया है और इनका संरक्षण करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इन आदर्शों के साथ हम एक अधिक शांतिपूर्ण, सद्भावनापूर्ण और सभी को समाहित करने वाले समाज का निर्माण कर सकते हैं।”

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की पहली शेर-ए-पंजाब टी-20 क्रिकेट लीग का किया उद्घाटन; कहा, यह लीग पंजाब की क्रिकेट प्रतिभा को निखारेगी

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पहली बार फ्रेंचाइजी आधारित शेर-ए-पंजाब टी-20 क्रिकेट लीग का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट राज्य के उभरते क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पी.सी.ए.) द्वारा आयोजित किए जा रहे इस उद्घाटन संस्करण में छह टीमें भाग ले रही हैं और यह टूर्नामेंट 13 सितंबर तक पी.सी.ए. क्रिकेट स्टेडियम, मोहाली में खेला जाएगा।

खिलाड़ियों और आयोजकों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह लीग पंजाब के प्रतिभाशाली क्रिकेटरों को बड़े मंच पर प्रतिस्पर्धा करने तथा स्थापित खिलाड़ियों के साथ खेलने और उनसे सीखने का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, “शेर-ए-पंजाब टी-20 लीग पंजाब में क्रिकेट को बढ़ावा देने और प्रतिभाशाली क्रिकेटरों को खेल में आगे बढ़ने के अधिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। यह लीग पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आई.पी.एल. की तर्ज पर आयोजित की जा रही है।”

आज आयोजित उद्घाटन समारोह में टूर्नामेंट का पहला मुकाबला अमृतसर सूरमा और मोहाली किंग्स के बीच खेला गया। यह लीग दो सप्ताह तक चलेगी, जिसका फाइनल मुकाबला 13 सितंबर को होगा। सभी मैच मोहाली स्थित पी.सी.ए. क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे हैं।

पंजाब भारतीय क्रिकेट के पावरहाउस के रूप में उभर रहा है

भारतीय क्रिकेट में पंजाब के अमूल्य योगदान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य ने लगातार ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी पैदा किए हैं, जिन्होंने देश का उच्चतम स्तर पर प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने कहा, “आज पंजाब के लिए यह बेहद गर्व की बात है कि भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों के कप्तान क्रमशः शुभमन गिल और हरमनप्रीत कौर पंजाब से हैं। इस समय पंजाब के 21 खिलाड़ी आई.पी.एल. में खेल रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि इस समय भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम में पंजाब के चार खिलाड़ी हैं, जिनमें कप्तान शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा, अर्शदीप सिंह और गुरनूर बराड़ शामिल हैं।

राज्य की समृद्ध क्रिकेट विरासत का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने लाला अमरनाथ, बिशन सिंह बेदी, महेंद्र अमरनाथ, यशपाल शर्मा और युवराज सिंह जैसे महान क्रिकेटर देश को दिए हैं। उन्होंने कहा कि शेर-ए-पंजाब टी-20 लीग क्रिकेटरों की अगली पीढ़ी के लिए एक समर्पित मंच तैयार करके इस गौरवशाली विरासत को और मजबूत करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने और पंजाब भर में बेहतर खेल बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। उन्होंने कहा, “नशों के खिलाफ जंग में खेल सबसे प्रभावी हथियार हैं। इसी कारण राज्य सरकार खेलों पर विशेष जोर दे रही है और युवाओं को अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाने के अवसर उपलब्ध करा रही है।”

उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं को खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से राज्यभर में 3,100 खेल मैदान बनाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य में खेलों के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट रखा गया है, जो खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसके परिणाम पहले ही दिखाई देने लगे हैं, क्योंकि पंजाब के खिलाड़ी विभिन्न खेलों में राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं।

‘खेडां वतन पंजाब दियां’ 5 सितंबर को बठिंडा से शुरू होंगी

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि हमारी सरकार 5 सितंबर को बठिंडा से सबसे बड़े खेल महाकुंभ ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का शुभारंभ करेगी। उन्होंने कहा, “खिलाड़ियों की तीन पीढ़ियां इस खेल आयोजन में भाग लेंगी, जो इसे पंजाब की खेल भावना का अनूठा उत्सव बनाएगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार के प्रयासों का उद्देश्य पूरे राज्य में मजबूत खेल संस्कृति विकसित करना और यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब के युवाओं को खेलों में सफलता हासिल करने के लिए उपयुक्त मंच और अवसर मिलें।

इस अवसर पर लोकसभा सदस्य गुरमीत सिंह मीत हेयर और अन्य प्रमुख हस्तियां भी उपस्थित थीं।

इस उद्घाटन संस्करण में छह फ्रेंचाइजी टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें से प्रत्येक टीम की कमान पंजाब के प्रमुख क्रिकेटर संभाल रहे हैं। फाजिल्का फाल्कन्स की कप्तानी शुभमन गिल, लुधियाना लायंस की अर्शदीप सिंह, अमृतसर सूरमा की अभिषेक शर्मा, जालंधर वॉरियर्स की प्रभसिमरन सिंह, मोहाली किंग्स की रमनदीप सिंह और बठिंडा रॉयल्स की कप्तानी गुरनूर बराड़ कर रहे हैं।

इस लीग में पंजाब के प्रमुख क्रिकेटर भी शामिल हैं, जिनमें अनमोलप्रीत सिंह, मयंक मार्कंडे, नमन धीर, विहान मल्होत्रा, इमानजोत सिंह चहल, अश्वनी कुमार और कृष भगत शामिल हैं। पंजाब के 450 से अधिक खिलाड़ियों के पूल में से विभिन्न फ्रेंचाइजी टीमों का प्रतिनिधित्व करने के लिए बोली के माध्यम से 119 खिलाड़ियों का चयन किया गया है।

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