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हिंदू धर्म का जितना नुकसान और अपमान भाजपा ने किया, उतना बाहर से आए आतताइयों ने भी नहीं किया- केजरीवाल

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लखनऊ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के काफिले के आगे हनुमान जी के भेष में नृत्य कर रहे व्यक्ति की वायरल वीडियो पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत तमाम वरिष्ठ नेताओं ने तीखा हमला बोला है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जितना नुकसान और अपमान भाजपा के लोगों ने हिंदू धर्म का किया है, शायद भारत के 5000 वर्ष के इतिहास में बाहर से आने वाले आतताइयों ने भी नहीं किया। जितना इन लोगों ने हिंदुओं को लूटा है, आज तक किसी ने नहीं लूटा। हिंदू धर्म पर भाजपा के लोग कलंक हैं। उन्होंने नितिन नवीन से कहा कि आप क्या कर रहे हैं। आपको शर्म आती है? पूरे हिंदू समाज से माफी मांगिए।

अरविंद केजरीवाल ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की रैली में उनकी गाड़ी के आगे भगवान हनुमान के भेष में भाजपा का झंडा लिए नृत्य कर रहे व्यक्ति की और हनुमान जी पूजा करते हुए अपना वीडियो साझा कर कहा कि ये दोनों तस्वीरें हिंदू आस्था के प्रति दो विचारधाराओं की प्रतीक हैं। हमारी विचारधारा – हम भगवान राम और हनुमान जी के भक्त हैं और उन मे हमारी श्रद्धा और आस्था है। हम उन्हें पूजते हैं, उनके सामने सर झुकते हैं, उनका आशीर्वाद लेते हैं। वहीं इनकी विचारधारा – ये लोग हनुमान जी और रामचन्द्र जी को भगवान ही नहीं मानते। इनके लिए राम और हनुमान सत्ता और पैसा पाने का ज़रिया हैं। इन्हें भगवान का अपमान करने में कोई संकोच नहीं होता।

यही हाल रहा तो भाजपा, “हिंदू धर्म” खत्म करके “भाजपा धर्म” लागू कर देगी- संजय सिंह

उधर, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि ये क्या मजाक बना रखा है? भाजपा के नेता अपने जुलूस में भगवान बजरंग बली को हाथ में भाजपा का झंडा देकर नचवा रहे हैं। यही हाल रहा तो भाजपा, “हिंदू धर्म” खत्म करके “भाजपा धर्म” लागू कर देगी। अपने नेताओं को भगवान घोषित कर उनका मंदिर बनवाएगी और देश वासियों से उनकी पूजा करवाएगी।

हनुमान जी के अपमान से लाखों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं- सौरभ भारद्वाज

इस वीडियो को साझा कर “आप” के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने नितिन नबीन से कहा कि इससे लाखों हिंदुओं की तरह मेरी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। ये सीधे मेरे हिंदू धर्म का और मेरे आराध्य हनुमान जी का अपमान है। कृपया आप अपने इस कृत्य की क्षमा मांग लीजिए। हनुमान जी के मंदिर जाकर कृपया माफी मांग लें। इससे आप छोटे नहीं हो जाएंगे। मैं भाजपा से भी कहूंगा कि पार्टी के तौर पर आप इस कृत्य की माफी मांग लीजिए ।

क्या बजरंग बली के अपमान पर भाजपा के लोग अपना मुंह खोलने की हिम्मत रखते हैं?- आतिशी

इसी वीडियो को रिपोस्ट कर आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि जो भाजपा के नेता कल से भिनभिना रहे हैं कि नितिन नबीन का अपमान हो गया, क्या आज बजरंग बली के अपमान के बारे में अपना मुंह खोलने की हिम्मत रखते हैं? रेखा गुप्ता, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन अपने आप को हनुमान से भी बड़ा मानते हैं और भगवान को अपने सामने पार्टी के झंडे के साथ नचाते हैं। नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सवाल किया कि नितिन नबीन के इस अहंकार पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कुछ टिप्पणी करना चाहेंगी या हनुमान के अपमान पर उनको बोलने से मना किया गया है?

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पंजाब की वोटर लिस्ट से किसी भी असली वोटर का नाम नहीं हटाया जाना चाहिए, आप के कार्यकर्ता हर नागरिक की मदद के लिए तैयार हैं: अमन अरोड़ा

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रधान और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने गुरुवार को पंजाब के लोगों से अपील की कि वे भारत के चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि हर योग्य वोटर को अपना वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरा करना चाहिए ताकि यह पक्का हो सके कि उनके वोटिंग अधिकार सुरक्षित रहें और उन्हें पंजाब सरकार की अलग-अलग भलाई की योजनाओं का फायदा मिलता रहे।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, आप पंजाब के प्रधान अमन अरोड़ा ने कहा कि एसआईआर अभ्यास एक पूरी वेरिफिकेशन प्रक्रिया है जिसका मकसद वोटर रोल को अपडेट करना है। उन्होंने पंजाब के हर वोटर से अपील की कि वे प्रशासन के साथ सहयोग करें और तय तारीख से पहले ज़रूरी फॉर्मैलिटी पूरी करें।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की लीडरशिप वाली पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई लगभग हर भलाई की योजना लाभपात्री की राज्य के रजिस्टर्ड वोटर के तौर पर पहचान से जुड़ी है। उन्होंने कहा, “चाहे वह ‘माँ बेटी सत्कार योजना’ हो, 10 लाख रुपये की हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम हो, राशन/खाने से जुड़े भलाई के प्रोग्राम हों या अलग-अलग पेंशन स्कीम हों, इन सभी का फायदा पंजाब के उन योग्य निवासियों को मिलता है जिनकी पहचान सही तरीके से वेरिफाई हो चुकी है।”

अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी लोगों से अपील की थी कि वे पक्का करें कि उनका नाम वोटर लिस्ट में रहे। उन्होंने कहा, “भगवंत मान सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में कई लोगों के भले के लिए योजनाएं शुरू की हैं। हम चाहते हैं कि हर सही फायदा उठाने वाले को बिना किसी रुकावट के ये फायदे मिलते रहें। इसलिए, यह बहुत ज़रूरी है कि हर असली वोटर वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरा करे और अपना वोट सुरक्षित करे।”

इस सुधार प्रक्रिया पर चिंता जताते हुए, अमन अरोड़ा ने कहा कि भाजपा ने पहले भी दूसरे राज्यों में राजनीतिक फायदे के लिए ऐसे तरीकों का गलत इस्तेमाल किया है। उन्होंने साफ किया कि आप नहीं चाहती कि पंजाब में एक भी असली वोटर अपना वोट देने का हक खोए।

उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस काम को सिर्फ वोटर वेरिफिकेशन प्रक्रिया के तौर पर न देखें, बल्कि इसे पंजाब सरकार की तरफ से दी जा रही भलाई की योजनाओं और पब्लिक सर्विस तक उनकी लगातार पहुंच पक्की करने के लिए एक ज़रूरी कदम समझें।

अमन अरोड़ा ने आगे बताया कि आप ने लोगों को वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरा करने में मदद करने के लिए पूरे पंजाब में बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-1 और बीएलए-2) तैनात किए हैं। उन्होंने कहा, “आप के कार्यकर्ता बूथ लेवल पर वोटरों की किसी भी डॉक्यूमेंट्री या प्रक्रिया से जुड़ी ज़रूरतों में मदद करने के लिए मौजूद हैं, ताकि कोई भी असली वोट न कट जाए।”

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पंजाब के बिजली उपभोक्ताओं को राहत, पावरकॉम ने स्पीड पोस्ट से भेजने शुरू किए बिजली बिल

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मीटर रीडरों की हड़ताल के कारण पिछले कई महीनों से बिजली बिल नहीं मिलने की समस्या से जूझ रहे पंजाब के लाखों उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) ने अब प्रभावित उपभोक्ताओं तक बिजली बिल पहुंचाने के लिए स्पीड पोस्ट का सहारा लिया है। विभाग ने 14 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को स्पीड पोस्ट के जरिए बिजली बिल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पावरकॉम के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं के बिल 1 हजार से 4 हजार रुपये के बीच हैं, उन्हें विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर भी बिल उपलब्ध करा रहे हैं। यदि किसी उपभोक्ता को अब तक बिजली बिल प्राप्त नहीं हुआ है, तो वह अपने संबंधित डिवीजन कार्यालय जाकर नया बिल बनवा सकता है।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि स्पीड पोस्ट के जरिए भेजा गया औसत (एवरेज) बिल वास्तविक खपत से अधिक है, तो उपभोक्ता अपने बिजली मीटर की मौजूदा रीडिंग लेकर संबंधित डिवीजन कार्यालय पहुंचे। वहां बिल की जांच कर उसे सही कराया जा सकता है। हालांकि, स्पीड पोस्ट से जारी किए गए बिल का भुगतान करना अनिवार्य होगा।

गौरतलब है कि मीटर रीडरों की हड़ताल के चलते पिछले तीन महीनों से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं मिल पाए थे। इससे लोगों में यह चिंता भी बनी हुई थी कि उन्हें सरकार की 300 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ मिलेगा या नहीं।

पावरकॉम ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि बिल जमा करने के बाद उसकी रसीद सुरक्षित रखें। यदि कोई उपभोक्ता मीटर की रीडिंग लेना नहीं जानता, तो वह मीटर पर दिखाई दे रहे आंकड़ों की कम से कम एक मिनट की वीडियो बनाकर सुरक्षित रख सकता है। भविष्य में यदि औसत खपत के आधार पर गलत बिल जारी होता है, तो इसी वीडियो और पुराने बिजली बिल के आधार पर पावरकॉम कार्यालय में बिल की जांच और संशोधन कराया जा सकेगा।

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दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ विवाद हाईकोर्ट पहुंचा, OTT से हटाने के फैसले को चुनौती

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दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर विवाद अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। OTT प्लेटफॉर्म से फिल्म हटाए जाने के फैसले के खिलाफ मोहाली निवासी सरवन सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस मामले में अदालत अगले एक-दो दिनों के भीतर सुनवाई कर सकती है।

बता दें कि दिलजीत दोसांझ की बहुचर्चित फिल्म ‘पंजाब 95’ को ‘सतलुज’ नाम से OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया था, लेकिन रिलीज के महज दो दिन बाद ही इसे प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया। इसके बाद इस फैसले को चुनौती देते हुए अब अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है।

इस बीच केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भी फिल्म को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि लोग फिल्म को मुख्य रूप से दिलजीत दोसांझ की वजह से देख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म में केवल एक पक्ष की कहानी दिखाना उचित नहीं है और ऐसे संवेदनशील विषयों पर संतुलित प्रस्तुति होनी चाहिए।

उधर, जसवंत सिंह खालड़ा हत्याकांड से जुड़े घटनाक्रम में भी नया मोड़ आया है। मामले के मुख्य दोषियों में शामिल पूर्व डीएसपी जसपाल सिंह की तलाश के आदेश जारी किए गए हैं। नाभा जेल प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों को पूर्व डीएसपी का पता लगाने के निर्देश दिए हैं।

अब सभी की नजर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी है, जहां यह तय होगा कि फिल्म को OTT प्लेटफॉर्म से हटाने का फैसला बरकरार रहेगा या उसे लेकर कोई नई राहत मिलती है।

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