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बादलों ने सियासी फायदा लेने के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और ‘चिट्टे’ तथा माफिया को संरक्षण दिया, जिसने पंजाब को बर्बाद कर दिया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि श्री अकाल तख्त साहिब हर पंजाबी और सिख के लिए सर्वोच्च है, लेकिन कुछ लोग अपने निजी हितों के लिए इस संस्था का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव तुरंत कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब अब धार्मिक संस्थाओं को उन लोगों के गलबे में रहने देने का बोझ और बर्दाश्त नहीं कर सकता, जिन्होंने सियासी फायदा लेने के लिए आस्था का शोषण किया और सूबे को बर्बादी की ओर धकेलने वाले माफिया को संरक्षण दिया।

मौड़ हलके के ऐतिहासिक गांव मंडी कलां में विशाल ‘लोक मिलनी’ के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जहां उनकी सरकार ने बेअदबी के लिए कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2026’ बनाया है, वहीं दूसरी तरफ ‘मांवाँ-धीयां सम्मान योजना’ के जरिए महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है, नहरी सिंचाई के विस्तार और दिन में बिजली आपूर्ति के जरिए किसानों को सुरक्षित किया जा रहा है और शिक्षा में सुधार करके पंजाब को स्कूली शिक्षा में देश का नंबर एक राज्य बनाया जा रहा है। उन्होंने गांव के विकास के लिए 50 लाख रुपये की ग्रांट देने, नई लाइब्रेरी खोलने और गांव की 55 साल पुरानी धर्मशाला के नवीनीकरण की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने श्री अकाल तख्त साहिब की पवित्रता, शिरोमणि कमेटी की भूमिका, जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम 2026, कल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा सुधारों, सिंचाई के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवा और पंजाब के सर्वांगीण विकास सहित कई मुद्दों पर विस्तार से बात की।

लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “श्री अकाल तख्त साहिब हर सिख के लिए पवित्र है और इसे कौम का सर्वोच्च तख्त माना जाता है। यह एक बहुत ही पूजनीय स्थान है, जहां से हर सिख ईश्वरीय शांति और शक्ति प्राप्त करता है। हालांकि, कुछ गलत तत्वों ने इस पवित्र संस्था पर कब्जा कर लिया है और यह एहसास किए बिना फैसले ले रहे हैं कि यह हमारा पवित्र स्थान है। मैंने श्री अकाल तख्त साहिब के आगे इसलिए मत्था टेका क्योंकि यह हर पंजाबी और सिखों के लिए सर्वोच्च है। लेकिन कुछ लोग अपने निजी हितों के लिए इसका दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने भारत सरकार को लिखा है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव हुए 14 साल हो गए हैं। यह संस्था आज बेहद खराब हालत में है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बाढ़ के दौरान सुखबीर सिंह बादल द्वारा बांटा गया पैसा उनकी अपनी खून-पसीने की कमाई नहीं थी। यह गुरुद्वारों में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई भेंट का पैसा था। गरीब से गरीब व्यक्ति भी माता-पिता के अंतिम संस्कार के समय गुरुद्वारा साहिब में कुछ न कुछ योगदान देता है। लेकिन सुखबीर सिंह बादल ने अपने पिता के भोग के समय लंगर का प्रबंध तक नहीं किया और इसके बजाय श्री मुक्तसर साहिब से लंगर लेकर आए।”

उन्होंने आगे कहा, “बादल परिवार ने जमीन, रेत, ‘चिट्टे’, ट्रांसपोर्ट और अन्य माफिया को संरक्षण देकर पंजाब में सब कुछ हड़प लिया। उन्होंने सूबे को बर्बाद कर दिया और यहां के लोगों को बहुत दुख दिए। उन्होंने अपने निजी हितों के लिए पंथ का दुरुपयोग किया। लोगों ने उन्हें गुरु साहिबान के नाम पर वोट दिए, लेकिन उन्होंने गुरबानी का निरादर किया। अकालियों और बादल परिवार द्वारा पंजाब और इसके लोगों के साथ किए गए जुल्म की लंबी दास्तान है। जनता उन्हें इन करतूतों के लिए कभी माफ नहीं कर सकती।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ईश्वर ने मुझे ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2026’ बनाकर मानवता की सेवा करने का अवसर बख्शा है, जो बेअदबी के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करता है। इस कानून के तहत बेअदबी की कोशिश करने वाले को 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और 50 लाख रुपये जुर्माना हो सकता है। अगर जुर्माना नहीं भरा गया तो दोषी की संपत्ति बेची जा सकती है ताकि आने वाली पीढ़ियां गुरु साहिब का निरादर करने और लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के अंजाम को याद रखें।”

भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि यह कानून एक मजबूत प्रतिरोधक के रूप में काम करेगा और भविष्य में कोई भी ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण हरकत करने की हिम्मत नहीं करेगा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता समान हैं और इसकी पवित्रता को बनाए रखना हम सब का साझा कर्तव्य है।”

उन्होंने कहा, “अकालियों ने सियासी फायदे के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और लोग उन्हें इसके लिए कभी माफ नहीं कर सकते। मैं अपने आप को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इस ऐतिहासिक कानून को बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।”

विरोधी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक सियासी पार्टियां इसके लिए झूठा प्रचार कर रही हैं क्योंकि वे लोगों के सामने बेनकाब होने से डरती हैं। उन्होंने आगे कहा, “इन नेताओं ने अपने सियासी हितों के लिए धर्म, जात-पात और नफरत के नाम पर लोगों को गुमराह किया। पद संभालने के बाद मैंने अपनी जिंदगी का हर पल लोगों की भलाई के लिए लगाया है और यही कारण है कि विरोधी परेशान हैं। सभी पारंपरिक पार्टियां मुझे लोगों की भलाई के लिए काम करने से रोकने के लिए मेरे खिलाफ इकट्ठी हो गई हैं। हालांकि उनकी ये हरकतें मुझे पंजाब और इसके लोगों की सेवा करने से कभी नहीं रोक सकतीं।”

कांग्रेस पार्टी पर व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा कि हर कांग्रेसी नेता मुख्यमंत्री बनना चाहता है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस में हर नेता सूबे का मुखिया बनने की इच्छा रखता है। पार्टी के पास आम कार्यकर्ताओं से ज्यादा मुख्यमंत्री के दावेदार हैं। कांग्रेसी नेता दिन-दहाड़े सत्ता में वापसी के सपने देख रहे हैं। यह पार्टी आपसी फूट का शिकार है और अपनी आंतरिक लड़ाई के बोझ तले ही दबकर रह जाएगी। उनके पास पंजाब के लिए कोई विजन नहीं है और वे सिर्फ सत्ता हथियाने और सूबे के संसाधनों की लूट करने में दिलचस्पी रखते हैं। उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे क्योंकि लोग उनके इरादों से पूरी तरह वाकिफ हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार के शासन में पंजाब में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा, “पहले पारंपरिक पार्टियां सिर्फ सत्ता पर काबिज होने के लिए अपनी बारी का इंतजार करती थीं। आज झाड़ू इन पार्टियों द्वारा फैलाई गई गंदगी को साफ कर रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “2022 के विधानसभा चुनावों में लोगों ने सात पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को नकार दिया था। पंजाब ने एक ईमानदार सरकार चुनी, जिसने जनता की भलाई के लिए अथक काम किया है। उस ऐतिहासिक फैसले ने पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने में अहम भूमिका निभाई है।”

‘मांवां -धीयां सम्मान योजना’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना पूरे पंजाब में महिलाओं को सशक्त बनाएगी। उन्होंने आगे कहा, “मैं पहले भी कई बड़ी योजनाओं की घोषणा कर चुका हूं, लेकिन मुझे विशेष रूप से खुशी है कि राज्य सरकार अब माताओं और बहनों के लिए ‘मां-बेटी सम्मान योजना’ शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस योजना के तहत पंजाब की 18 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक महिला को 1,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति की 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। पात्र लाभार्थियों को 1 जुलाई से लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह मिलनी कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है। यह लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का एक अवसर है। कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन किसी ने भी आम नागरिकों के कल्याण पर ध्यान नहीं दिया।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी खजाने का एक-एक पैसा जनता के कल्याण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। किसानों को अब दिन के समय बिजली मिल रही है, जो राज्य के इतिहास में अभूतपूर्व है।”

उन्होंने आगे कहा, “ऐसे समय में जब राष्ट्रीय संपत्तियां कौड़ियों के भाव कुछ चुनिंदा लोगों को सौंपी जा रही हैं, पंजाब ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर और उसका नाम श्री गुरु अमर दास जी के नाम पर रखकर इतिहास रच दिया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने निजी स्कूलों द्वारा फीस में मनमाने ढंग से वृद्धि रोकने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। उन्होंने कहा, “हमने निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य स्कूल फीस ढांचे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा विद्यार्थियों और अभिभावकों को फीस में मनमानी वृद्धि के कारण पड़ने वाले वित्तीय बोझ से बचाना है। इस अध्यादेश के तहत कोई भी निजी स्कूल 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। इसका उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि टैक्स का पैसा जनता का है और हम विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से यह पैसा वापस जनता को लौटा रहे हैं। उन्होंने कहा, “जनता का पैसा बेहतर स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और बुनियादी ढांचे के रूप में जनता तक वापस पहुंच रहा है। हमने मुफ्त बिजली, भ्रष्टाचार और सिफारिश के बिना 68,000 से अधिक युवाओं को नौकरियां, बेहतर सड़कें और अवधि पूरी कर चुके टोल प्लाजा बंद करने जैसे कदम उठाए हैं, जिससे लोगों की प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत हो रही है। इसके साथ ही पूरे पंजाब में बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जब हमारी सरकार सत्ता में आई थी, तब सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग हो रहा था। आज यह आंकड़ा 80 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। ‘आप’ सरकार ने सिंचाई बुनियादी ढांचे में बड़े सुधार किए हैं।” उन्होंने कहा, “हमने पूरे पंजाब में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने के साथ-साथ नई जलवाहिकाएं बनाई हैं और पुरानी नहरों व खालों को पुनर्जीवित तथा मजबूत किया है। किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इन जलमार्गों के माध्यम से लगभग 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह मात्रा दो भाखड़ा नहरों की आपूर्ति के बराबर है और इससे राज्यभर के किसानों को बड़ा लाभ हो रहा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूजल स्तर में सुधार के लिए नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं। उन्होंने कहा, “कई क्षेत्रों में भूजल स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। इस पहल का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के हितों की रक्षा करना है, क्योंकि पंजाब की पहचान और अस्तित्व पानी से गहराई से जुड़ा हुआ है।”

उन्होंने कहा, “कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत गरीबी और सामाजिक चुनौतियों को समाप्त नहीं कर सकती। केवल शिक्षा ही जीवन को ऊंचा उठाने और उसमें सुधार लाने की कुंजी है।”

शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा में अग्रणी बनकर उभरा है। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार के समर्पित प्रयासों के कारण प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया है। हमने स्कूलों को अपग्रेड किया, शिक्षा प्रणाली को मजबूत किया, स्मार्ट कक्षाएं बनाई और शिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया, जिसके परिणामस्वरूप पंजाब अब शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभर रहा है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी हालिया आंकड़े दर्शाते हैं कि पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछले चार वर्षों से हम लगातार शिक्षक प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्मार्ट कक्षाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। पहले केरल शीर्ष स्थान पर था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से यह स्थान हासिल किया है। शिक्षा वह रोशनी है जो अंधकार को दूर करती है। इसलिए यह क्षेत्र हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना ने पंजाब के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी क्रांति लाई है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। प्रत्येक परिवार वार्षिक 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है। 30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त कर चुके हैं और लोगों ने इस योजना के तहत अब तक लगभग 650 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज का लाभ उठाया है। मैं प्रत्येक पात्र परिवार से इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करता हूं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने कृषि क्षेत्र को बिजली आपूर्ति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार धान के सीजन के दौरान कृषि मोटरों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल रही है। किसानों को अब सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनका जीवन आसान हुआ है और कृषि को भी काफी लाभ मिला है।”

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CM भगवंत मान ने डेरा सचखंड बल्लां में श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र पर रखा नींव पत्थर

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां में श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र का नींव पत्थर रखा। पंजाब सरकार की ओर से बनाए जाने वाले इस केंद्र पर करीब 24.55 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस केंद्र का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को श्री गुरु रविदास जी के जीवन, बाणी और उनकी महान शिक्षाओं से जोड़ना है।

इस अध्ययन केंद्र में बच्चों को श्री गुरु रविदास जी की जीवनी, उनकी बाणी और मानवता को दिए गए संदेश के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। उनकी शिक्षाओं में समानता, भाईचारे, सेवा, प्रेम और सामाजिक सद्भाव को विशेष महत्व दिया गया है। केंद्र के माध्यम से नई पीढ़ी को इन विचारों से परिचित कराने और उन्हें अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस केंद्र में हॉस्टल और स्टाफ के लिए आवासीय व्यवस्था भी की जाएगी। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को यहां रहकर अध्ययन करने में सुविधा मिलेगी। केंद्र में अध्ययन और शोध के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की भी योजना है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाएं केवल एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनकी बाणी समाज में समानता, भाईचारे और मानव कल्याण का संदेश देती है। ऐसे में इस केंद्र के जरिए इन महान विचारों को बच्चों और युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

करीब 24.55 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र आने वाले समय में श्री गुरु रविदास जी की बाणी और जीवन से जुड़े अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। पंजाब सरकार का कहना है कि इस पहल से नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध विरासत और गुरु साहिब की शिक्षाओं को समझने का अवसर मिलेगा।

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Politics

दिल्ली में CM मान की अहम बैठकें, धान से लेकर बिजली और गुरबाणी तक उठाए पंजाब के मुद्दे

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिल्ली में केंद्र सरकार से जुड़े कई अहम मुद्दों को लेकर केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इन बैठकों के दौरान खास तौर पर आने वाले धान के सीजन से पहले पंजाब में पड़े पुराने अनाज के स्टॉक को उठाने, राज्य की बिजली जरूरतों और गुरबाणी के प्रसारण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने पंजाब से जुड़े इन महत्वपूर्ण मामलों को केंद्र के सामने रखते हुए जल्द समाधान की मांग की।

धान के सीजन से पहले पुराने अनाज का स्टॉक उठाने की मांग

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर पंजाब में पड़े पुराने गेहूं और चावल के स्टॉक को जल्द उठाने का मुद्दा उठाया। पंजाब में बड़ी मात्रा में पुराना अनाज मौजूद है, जिसके कारण आने वाले धान खरीद सीजन में मंडियों और गोदामों में भंडारण को लेकर चिंता बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई धान की फसल मंडियों में पहुंचने से पहले पुराने स्टॉक को हटाना बेहद जरूरी है, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो।

ताजा जानकारी के अनुसार, केंद्र की ओर से पंजाब में पड़े करीब 18 लाख मीट्रिक टन पुराने अनाज के स्टॉक को 20 सितंबर तक उठाने पर सहमति दी गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे आगामी धान खरीद सीजन से पहले पंजाब के लिए बड़ी राहत बताया। उनके अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने यह भी भरोसा दिया है कि बचा हुआ स्टॉक 30 सितंबर तक उठाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इससे पंजाब की मंडियों और भंडारण केंद्रों पर दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

किसानों के लिए क्यों अहम है पुराना स्टॉक हटाना?

पंजाब में हर साल बड़ी मात्रा में धान की फसल मंडियों में पहुंचती है। धान खरीद के दौरान किसानों की फसल को मंडियों में रखने, खरीद करने और बाद में चावल मिलों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त जगह की जरूरत होती है। अगर गोदाम और भंडारण केंद्र पहले से ही पुराने अनाज से भरे हों तो नई फसल की खरीद और भंडारण में परेशानी पैदा हो सकती है। इसी वजह से पंजाब सरकार लगातार केंद्र से पुराने अनाज को जल्द उठाने की मांग कर रही है।

मनमोहर लाल खट्टर से बिजली के मुद्दे पर चर्चा

इसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भी मुलाकात की। बैठक में पंजाब की बिजली जरूरतों और बिजली से जुड़े विभिन्न मामलों पर चर्चा हुई। पंजाब में कृषि क्षेत्र के लिए बिजली की मांग बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए नियमित बिजली आपूर्ति की जरूरत होती है। इसके अलावा घरेलू और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी भरोसेमंद बिजली व्यवस्था जरूरी है।

मुख्यमंत्री मान ने केंद्रीय मंत्री के सामने पंजाब की बिजली से जुड़ी जरूरतों और समस्याओं को रखा तथा राज्य के लिए केंद्र से सहयोग की मांग की। हालांकि, बैठक के बाद किसी नए बड़े बिजली प्रोजेक्ट या किसी विशेष क्षमता के आवंटन को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

गुरबाणी के प्रसारण का मुद्दा भी उठाया

दिल्ली में हुई बातचीत के दौरान गुरबाणी के प्रसारण का मुद्दा भी सामने आया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरबाणी के प्रसारण को किसी एक संस्था या प्लेटफॉर्म के नियंत्रण तक सीमित रखने पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि गुरबाणी दुनिया भर में रहने वाली सिख संगत तक आसानी से पहुंचनी चाहिए।

यह मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है जब श्री हरमंदिर साहिब से गुरबाणी के लाइव प्रसारण और उसकी री-स्ट्रीमिंग को लेकर एसजीपीसी और कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्मों के बीच बहस चल रही है। एक तरफ एसजीपीसी का रुख है कि श्री हरमंदिर साहिब से गुरबाणी का अनधिकृत या बिना अनुमति री-स्ट्रीम नहीं किया जाना चाहिए, जबकि दूसरी तरफ गुरबाणी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने और इसे किसी एक प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखने की मांग भी उठती रही है।

केंद्र के सामने पंजाब के तीन बड़े मुद्दे

मुख्यमंत्री भगवंत मान की दिल्ली में हुई इन बैठकों से साफ है कि पंजाब सरकार ने इस समय राज्य से जुड़े तीन महत्वपूर्ण मुद्दे केंद्र के सामने रखे हैं। पहला मुद्दा आने वाले धान खरीद सीजन से पहले पुराने अनाज के स्टॉक को हटाने का है, ताकि किसानों की नई फसल के लिए मंडियों और गोदामों में पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सके। दूसरा मुद्दा पंजाब की बिजली जरूरतों और बिजली व्यवस्था से जुड़ा है। वहीं तीसरा महत्वपूर्ण मुद्दा गुरबाणी के प्रसारण को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने से संबंधित है।

इनमें सबसे अहम आगामी धान खरीद सीजन को माना जा रहा है। पंजाब में धान की बड़ी मात्रा में खरीद होती है और ऐसे में पुराने अनाज की समय पर निकासी तथा नई फसल के लिए पर्याप्त भंडारण व्यवस्था बनाना राज्य सरकार के लिए बड़ी प्राथमिकता है। यदि तय समय के अनुसार पुराने स्टॉक की निकासी होती है तो आने वाले धान सीजन में मंडियों और भंडारण व्यवस्था पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

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मोहाली में ‘पंजाब यूथ रन 2026’ मैराथन, नशामुक्ति और फिटनेस का दिया संदेश

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आम आदमी पार्टी पंजाब के यूथ विंग की ओर से मोहाली में आज सुबह ‘पंजाब Youth Run 2026’ के नाम से एक भव्य मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पंजाब के युवाओं को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित रूप से व्यायाम एवं खेल गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित करना रहा। मैराथन में बड़ी संख्या में स्थानीय युवक-युवतियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि युवाओं के साथ-साथ बड़ी उम्र के लोगों ने भी जोश और उत्साह के साथ दौड़ में भाग लिया और स्वस्थ पंजाब का संदेश दिया।

मैराथन के दौरान प्रतिभागियों ने नशामुक्त पंजाब, स्वस्थ पंजाब और फिट पंजाब का संदेश लोगों तक पहुंचाया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने के लिए उन्हें खेल, व्यायाम और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना बेहद जरूरी है। इस तरह के आयोजनों के माध्यम से युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।

इस मौके पर आम आदमी पार्टी के सांसद मीत हेयर और मलविंदर सिंह कंग सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने मैराथन में हिस्सा लेने वाले युवाओं और अन्य प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं में प्रतिभा और ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें सही दिशा और बेहतर मंच उपलब्ध करवाया जाए, ताकि वे खेल, शिक्षा और स्वस्थ गतिविधियों के माध्यम से अपने भविष्य को बेहतर बना सकें।

‘आप’ नेताओं ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी स्तर पर नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही सफल हो सकती है। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल मैदानों, फिटनेस गतिविधियों और सामाजिक अभियानों को बढ़ावा देना जरूरी है। ‘पंजाब Youth Run 2026’ जैसे कार्यक्रम इसी दिशा में लोगों को जागरूक करने और युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ाने का काम करते हैं।

मैराथन में युवाओं के साथ बुजुर्गों की भागीदारी ने भी लोगों का ध्यान खींचा। प्रतिभागियों ने दौड़ के जरिए यह संदेश दिया कि स्वस्थ रहने के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है और हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार शारीरिक गतिविधियों को जीवन का हिस्सा बना सकता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने फिटनेस, स्वास्थ्य और नशामुक्ति को लेकर जागरूकता फैलाने की इस पहल की सराहना की।

पार्टी नेताओं ने बताया कि ‘पंजाब Youth Run 2026’ को केवल मोहाली तक सीमित नहीं रखा जाएगा। आने वाले समय में पंजाब के अन्य शहरों में भी इसी तरह की मैराथन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं और आम लोगों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित व्यायाम के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ और नशामुक्त पंजाब के निर्माण के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।

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