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अरविंद केजरीवाल और सीएम भगवंत मान ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं के साथ होंगे शामिल

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सैर-सपाटा और सांस्कृतिक मामले विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने सोमवार को आध्यात्मिक मूल्यों को प्रोत्साहित करने और पंजाब की समृद्ध धार्मिक तथा सांस्कृतिक विरासत को श्रद्धा के साथ मनाने के लिए अमृतसर, गुरदासपुर और बटाला में ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ शीर्षक के तहत तीन शानदार धार्मिक समारोहों के आयोजन की घोषणा की।

सनातन सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार शर्मा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बाली ने कहा कि मानव जीवन और समाज को गढ़ने में धर्म और आध्यात्मिकता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब वेदों, रामायण, उपनिषदों, महाभारत, पुराणों और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी से जुड़ी एक पवित्र धरती है और इस समृद्ध विरासत को संभालना तथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना मौजूदा पीढ़ी की जिम्मेदारी है।

बाली ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार सभी समुदायों की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहित करने और मनाने के लिए सकारात्मक प्रयास कर रही है। उन्होंने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के सफल राज्य स्तरीय समारोहों और श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित चल रहे समारोहों का विशेष रूप से जिक्र किया।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने सनातन परंपराओं के प्रचार के लिए भी कई पहल की हैं। पहली बार पंजाब सरकार द्वारा हिंदू नव वर्ष (नव संवत्सर) मनाया गया। हाल ही में जालंधर में करवाए गए एक शानदार श्रद्धा भरपूर समारोह ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ को श्रद्धालुओं की ओर से भरपूर प्रतिक्रिया मिली, जहां उपस्थिति उम्मीदों से कहीं अधिक रही।

बाली ने यह भी जानकारी दी कि प्रदेश की तीर्थ यात्रा योजना के तहत तीन नए तीर्थ सर्किट जोड़े गए हैं, जिनमें खाटू श्याम सालासर, मथुरा-वृंदावन और हरिद्वार-ऋषिकेश शामिल हैं, जिससे अधिक श्रद्धालुओं को महत्वपूर्ण धार्मिक स्थानों के दर्शन करने की सुविधा मिलेगी। आगामी समारोहों की घोषणा करते हुए बाली ने बताया कि ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ कार्यक्रम 27 जून को रणजीत एवेन्यू ग्राउंड अमृतसर, 28 जून को सरकारी कॉलेज गुरदासपुर और 29 जून को एस.एल. बावा स्कूल ग्राउंड बटाला में करवाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि भगवान शिव को समर्पित अपने भक्ति गीतों के लिए देशभर में जाने जाने वाले प्रसिद्ध भजन गायक हंसराज रघुवंशी इन तीनों समारोहों में अपनी प्रस्तुति देंगे। यह कार्यक्रम श्रद्धालुओं को एक आध्यात्मिक माहौल में लीन होने और भगवान शिव की आराधना करने का सुनहरा मौका प्रदान करेंगे। बाली ने आगे बताया कि ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी इन समारोहों में श्रद्धालुओं के रूप में शिरकत करेंगे और इस आध्यात्मिक सभा का हिस्सा बनेंगे।

इस मौके पर बोलते हुए विजय कुमार शर्मा ने पंजाब में सनातन परंपराओं को बढ़ावा देने और मनाने के लिए मान सरकार द्वारा किए जा रहे लगातार प्रयासों के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने धार्मिक मूल्यों को संभालने और लोगों, खासकर युवा पीढ़ी को अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से की गई सरकार की पहलों की सराहना की। उन्होंने अमृतसर, गुरदासपुर, बटाला और आसपास के इलाकों के लोगों से अपील की कि वे इन धार्मिक समारोहों में उत्साह से हिस्सा लें और इन्हें शानदार तरीके से सफल बनाएं।

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पंजाब में महिलाओं को भगवंत सिंह मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सुरक्षित एवं समय पर प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुँच का लाभ

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स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA), पंजाब के आंकड़ों के अनुसार मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत किए गए मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) मामलों में से 57 प्रतिशत गर्भावस्था के पहले आठ सप्ताह के भीतर किए गए। अब तक दर्ज 323 कैशलेस प्रक्रियाओं, जिनकी कुल लागत 14.86 लाख रुपये रही, में से 185 मामले शुरुआती गर्भावस्था के दौरान किए गए। यह राज्य भर के 800 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में समय पर और सुरक्षित प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक बढ़ती पहुँच को दर्शाता है।

गर्भपात का निर्णय कई व्यक्तिगत, चिकित्सकीय और सामाजिक-आर्थिक कारणों से प्रभावित होता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पहले आठ सप्ताह के भीतर किए गए एमटीपी मामलों की संख्या कुल मामलों के आधे से अधिक रही, जिससे यह योजना के अंतर्गत सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली श्रेणी बन गई है।

ये आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत गर्भसमापन (एमटीपी) सेवाओं की कैशलेस सुविधा का दायरा बढ़ाया है। अब महिलाएँ सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी बिना ख़र्च किए ये सेवाएँ प्राप्त कर सकती हैं, जिससे पूरे पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुँच और आसान हो गई है।

आंकड़े संकेत देते हैं कि अधिकांश लाभार्थी गर्भावस्था के शुरुआती चरणों में ही गर्भपात सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं, जब चिकित्सकीय प्रक्रियाएँ कम जटिल होती हैं और स्वास्थ्य ज़ोखिम भी कम होते हैं।

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजाब के 800 से अधिक सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में एमटीपी सेवाएँ कैशलेस उपलब्ध हैं। इस योजना का उद्देश्य लोगों के जेब से होने वाले ख़र्च को कम करना और समय पर प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच को बेहतर बनाना है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सूचीबद्ध स्वास्थ्य संस्थानों के हालिया विस्तार का उद्देश्य सेवाओं तक पहुँच को आसान बनाना और उपचार में होने वाली देरी को कम करना है। उन्होंने कहा, “सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस सेवाएँ उपलब्ध करवाने का उद्देश्य समय पर उपचार सुनिश्चित करना और देरी से हस्तक्षेप के कारण उत्पन्न होने वाली जटिलताओं को कम करना है।”

चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि चिकित्सकीय निगरानी में समय पर गर्भपात सेवाओं तक पहुँच स्वास्थ्य ज़ोखिमों को कम करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। माता कौशल्या अस्पताल की सीनियर प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रमिता अग्रवाल ने कहा कि निर्धारित गर्भकाल सीमा के भीतर चिकित्सकीय निगरानी में किया गया गर्भसमापन सुरक्षित और प्रभावी होता है।

उन्होंने कहा कि उपचार लेने में देरी अक्सर आर्थिक कठिनाइयों, जागरूकता की कमी और सामाजिक बाधाओं से जुड़ी होती है, जिसके कारण कई बार महिलाएँ असुरक्षित तरीकों या स्वयं दवा लेने का सहारा लेती हैं। उन्होंने कहा, “सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी भी दवा या प्रक्रिया से पहले प्रत्येक मामले का उचित चिकित्सकीय मूल्यांकन आवश्यक है।”

डॉ. रमिता अग्रवाल ने गर्भपात करवाने के कुछ सामान्य कारण भी साझा किए:

गर्भनिरोधक साधनों का प्रभावी न होना : कंडोम, आईयूडी या अन्य गर्भनिरोधक साधनों का अपेक्षित रूप से प्रभावी न होना।

अनियोजित या अनचाहा गर्भधारण: जब महिला या दंपत्ति बच्चे के लिए तैयार न हों।

आर्थिक कारण: प्रसव और बच्चे के पालन-पोषण से जुड़े ख़र्चों को लेकर चिंताएँ ।

माँ के स्वास्थ्य संबंधी ज़ोखिम: गर्भावस्था जारी रहने से महिला के शारीरिक स्वास्थ्य पर ख़तरा होना।

भ्रूण में गंभीर असामान्यताएँ : भ्रूण में गंभीर जन्मजात या चिकित्सकीय समस्याओं का पता चलना।

व्यक्तिगत, शैक्षणिक या करियर संबंधी कारण: गर्भावस्था का पढ़ाई, नौकरी या जीवन की अन्य योजनाओं पर प्रभाव पड़ना।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना का विस्तार प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने में कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। यह आर्थिक बाधाओं को कम करके और संस्थागत स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बढ़ाकर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध करवाने में मदद कर रहा है।

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Punjab की महिला को 1 जुलाई को 3 हजार और दलित महिला को साढ़े चार हजार मिलने की योजना दुनिया का सबसे बड़ा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री की ओर से महिलाओं के खाते में तीन महीने का पैसा एक साथ भेजने के एलान का स्वागत किया है। अरविंद केजरीवाल ने पंजाब की सभी मां, बहनों और बेटियों को बधाई देते हुए कहा कि सीएम भगवंत मान का यह कदम की तारीफ की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समान्य महिला को 1 हजार और दलित महिला को 1500 रुपए महीना देने की भगवंत मान सरकार की योजना दुनिया का सबसे बड़ा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम है। एक जुलाई को भगवंत मान सरकार सभी पात्र महिलाओं के खाते में तीन महीने का पैसा एक साथ डालेगी।

अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि 1 जुलाई को उनके खाते में तीन महीने के पैसे एक साथ आयेंगे। हर जनरल केटेगरी की महिला को तीन हज़ार और हर एससी केटेगरी की महिला को 4500 रुपए मिलेंगे। एक परिवार में यदि एक से अधिक महिला हैं तो हर महिला को ये सम्मान राशि मिलेगी। पूरी दुनिया का ये सबसे बड़ा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम है।

गौरतलब है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फतेहगढ़ साहिब हलके के चनार्थल कलां में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के खाते में एक साथ तीन महीने का पैसा भेजने का एलान किया था। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से पूछा था कि उन्हें हर महीने हजार या डेढ हजार रुपए चाहिए या फिर दो-तीन महीने का पैसा एक साथ चाहिए। इस पर महिलाओं ने तीन महीने का पैसा एक साथ देने की मांग की थी। महिलाओं की मांग को स्वीकार करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा था कि अब माताओं और बहनों के खाते में तीन महीने के पैसे एक साथ आएंगे। एक जुलाई को समान्य वर्ग की महिला के खाते में तीन हजार रुपए आएंगे, जबकि दलित समाज की महिला के खाते में 4500 रुपए आएंगे। अगर एक परिवार में एक से अधिक महिला पात्र है तो सभी को इसी तरह 3 हजार या 4500 रुपए मिलेंगे।

भगवंत मान ने यह भी कहा था कि एक हजार रुपए मिलने से महिलाएं अमीर नहीं बन जाएंगी, बल्कि यह उनके छोटे-मोटे रीति-रिवाजों और जरूरतों को पूरा करने के लिए है। जब कोई पोता-नाती घर आता है या बेटियां आती हैं, तो उनके हाथ पर पैसे या खिलौना रखने के लिए या उनसे मिलने जाते वक्त शहर से फल ले जाने के लिए यह पैसा काम आएगा। यह पूरी तरह से माताओं और बहनों के मान-सम्मान की बात है। हर इंसान अपने घर में राजा होता है, बस कई बार आर्थिक रूप से इस मान-सम्मान की कमी रह जाती है, जिसे देना सरकार का फर्ज है।

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कैबिनेट ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए रियायतों संबंधी दिशा- निर्देशों में संशोधन को मंजूरी दी।

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने विद्यार्थियों और अभिभावकों के हितों की रक्षा करने, औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने, डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने तथा प्रशासनिक पहुंच में सुधार लाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। कैबिनेट ने निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों की फीस वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए अध्यादेश को मंजूरी दी, औद्योगिक रियायतों संबंधी दिशानिर्देशों में संशोधन किया, स्टेट डेटा इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म लागू करने की स्वीकृति दी तथा जिला होशियारपुर के अंतर्गत आने वाले दसूहा उपमंडल के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) और सहायक स्टाफ के पद सृजित करने को मंजूरी दी।

निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों की फीस वृद्धि पर लगाम

मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा फीस में की जाने वाली अनावश्यक और अनुचित बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ को लाने को मंजूरी दे दी है।

यह अध्यादेश ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस एक्ट, 2016’ में संशोधन करके लाया गया है।

इस कदम का उद्देश्य फीस वृद्धि पर प्रभावी नियंत्रण रखना, विद्यार्थियों और अभिभावकों को मनमानी फीस बढ़ोतरी से सुरक्षा प्रदान करना, फीसों के ढांचे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा उनके हितों की रक्षा करना है।

इन संशोधनों के तहत फीस, फीस वृद्धि और कुल फीस वृद्धि की परिभाषाओं को अधिक स्पष्ट बनाया गया है। साथ ही, निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा वार्षिक फीस वृद्धि की अधिकतम सीमा 5 प्रतिशत तय की गई है। 5 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाने के लिए संबंधित नियामक संस्था की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए पूंजी सब्सिडी संबंधी दिशानिर्देशों में संशोधन

एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में कैबिनेट ने राज्य की औद्योगिक नीतियों के तहत कैपिटल सब्सिडी एवं निवेश प्रोत्साहनों के वितरण के लिए 13 नवंबर 2019 के दिशानिर्देशों में संशोधन को भी मंजूरी दी।

इन संशोधनों का उद्देश्य सब्सिडी वितरण प्रक्रिया को सरल और सुचारु बनाना, प्रशासनिक दक्षता में सुधार करना तथा पात्र औद्योगिक इकाइयों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना है। संशोधित व्यवस्था के अनुसार, दिशानिर्देशों की धारा 1.1 और 1.2 में छूट मिलने के बाद पात्र बनने वाली औद्योगिक इकाइयों को आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन और निर्धारित शर्तों की पूर्ति के आधार पर कैपिटल सब्सिडी जारी की जाएगी।

पंजाब में स्टेट डेटा इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म लागू करने को मंजूरी

राज्य के विभिन्न विभागों के अनेक डेटाबेसों को आपस में जोड़ने, किसी भी दोहराव को समाप्त करने और मौजूदा प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कैबिनेट ने पंजाब में स्टेट डेटा इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म (एसडीआईपी) लागू करने को मंजूरी दी है। परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन-स्तरीय संचालन समिति गठित की जाएगी। इस संचालन समिति में पंजाब के मुख्य सचिव चेयरपर्सन होंगे, प्रशासनिक सचिव (गुड गवर्नेंस) मैंबर कनवीनर होंगे तथा विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव सदस्य के रूप में शामिल होंगे।

दसूहा उपमंडल के लिए एडीसी (जनरल) और सहायक स्टाफ के पदों को मंजूरी

कैबिनेट ने जिला होशियारपुर के अंतर्गत आने वाले दसूहा उपमंडल के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) तथा अन्य सहायक स्टाफ के पद सृजित करने को भी मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से क्षेत्र के उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें जिला स्तरीय प्रशासनिक कार्यों, अनुमतियों, राजस्व मामलों तथा जन शिकायतों के निपटारे के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। इससे लोगों के समय और धन दोनों की बचत होगी तथा जनहित से जुड़े मामलों का निपटारा भी तेजी से हो सकेगा।

इसलिए जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला होशियारपुर के अंतर्गत दसूहा उपमंडल में अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) सहित सहायक स्टाफ के कुल पांच पद सृजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

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