Punjab
हरजोत सिंह बैंस द्वारा “मिशन क्लीन पंजाब” की शुरुआत; सभी एम.सी. अधिकारी प्रतिदिन सुबह 7 से 8 बजे तक फील्ड में रहेंगे
राज्य के शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक अनूठी पहल करते हुए पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री श्री हरजोत सिंह बैंस ने सोमवार को ‘मिशन क्लीन पंजाब’ की शुरुआत की। इस तकनीक-आधारित अभियान के तहत शीर्ष स्तर से लेकर निचले स्तर तक के सभी नगर निगम और नगर परिषद अधिकारी प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 8 बजे तक फील्ड में मौजूद रहेंगे।
विभाग के मुख्यालय में ‘मिशन क्लीन पंजाब’ का शुभारंभ करते हुए श्री बैंस ने वीडियो कॉल के माध्यम से फील्ड अधिकारियों के साथ अभियान के पहले दिन की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि इस अभियान को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस मोबाइल एप्लीकेशन, औचक निरीक्षण और सफाई संबंधी साप्ताहिक प्रगति रिपोर्टों के माध्यम से सफल बनाया जाएगा।
श्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इस अभियान के तहत प्रत्येक शहरी स्थानीय निकाय को 10 किलोमीटर के जोनों में विभाजित किया जाएगा और प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एक निगरानी अधिकारी—एडीसी, एमसी कमिश्नर, संयुक्त कमिश्नर या ईओ—को सौंपी जाएगी। सभी अधिकारी प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 8 बजे तक अनिवार्य रूप से फील्ड का दौरा करेंगे। स्थानीय निकाय मंत्री स्वयं भी पूरे पंजाब में औचक निरीक्षण करेंगे। निगरानी अधिकारी दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे और किसी भी कार्य को भगवानके भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा, “यह कोई एक बार का विशेष आयोजन नहीं है। यह गंदगी के खिलाफ रोज़ाना की लड़ाई है। आज सुबह 7 बजे से हर अधिकारी फील्ड में होगा। कोई बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारियों के पास कार्यशील कैमरे और इंटरनेट कनेक्टिविटी वाला स्मार्टफोन होना अनिवार्य है।”
श्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान स्वयं इस अभियान की निगरानी करेंगे। किसी भी अधिकारी को मुख्यमंत्री या मेरी ओर से किसी भी समय फोन किया जा सकता है। आज मैं मुख्यालय में हूं, लेकिन कल मैं मोहाली, अमृतसर, बठिंडा, फाजिल्का या जैतो में हो सकता हूं।”
स्थानीय निकाय मंत्री ने बताया कि एआई आधारित एप इस अभियान की रियल-टाइम प्रगति पर नजर रखेगा। अधिकारी वीडियो कॉल पर उपलब्ध रहेंगे और बिना किसी पूर्व सूचना के कहीं भी औचक निरीक्षण किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य प्रत्यक्ष और दस्तावेजी परिणाम हासिल करना है।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों से लेकर एमसी कमिश्नरों तक, सभी लोग सड़कों और गलियों में मौजूद रहेंगे ताकि आम जनता इस अभियान का प्रभाव जमीनी स्तर पर देख सके। यदि इसके बावजूद परिणाम दिखाई नहीं देते, तो लोग सीधे हमसे संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सफाई अभियान मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर चलाया जा रहा है, ताकि पंजाब का प्रत्येक शहर और कस्बा साफ-सुथरा और स्वच्छ दिखाई दे।
National
सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?
Punjab
यह सिर्फ एक सड़क प्रोजेक्ट नहीं है, यह लाखों श्रद्धालुओं, किसानों, व्यापारियों और रोजाना यात्रियों के लिए एक लाइफलाइन है: कंग
श्री आनंदपुर साहिब से आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की और बंगा–गढ़शंकर–श्री आनंदपुर साहिब–नैना देवी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की लंबे समय से लटकती आ रही मांग को जोरदार तरीके से दोहराया। मुलाकात के दौरान कंग ने इस सड़क की सामरिक, धार्मिक और आर्थिक महत्व पर चर्चा की और केंद्र सरकार से इस प्रोजेक्ट में तेजी लाने की अपील की।
कंग ने कहा कि प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग सिर्फ एक सड़क बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि इस क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए एक लाइफलाइन है। उन्होंने बताया कि यह सड़क सिख धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक श्री आनंदपुर साहिब, जहाँ 1699 में गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी, को हिमाचल प्रदेश स्थित माता नैना देवी जी के मंदिर से जोड़ती है। हर साल लाखों श्रद्धालु, संगतें और पर्यटक इस मार्ग से यात्रा करते हैं।
‘आप’ सांसद ने आगे कहा कि यह सड़क पंजाब को हिमाचल प्रदेश से जोड़ने के साथ-साथ हजारों रोजाना यात्रियों, किसानों, व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों की भी सेवा करती है। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देने से संपर्क में बड़ा सुधार होगा, यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम होगी, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, व्यापार और कारोबार मजबूत होगा और पूरे क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
कंग ने कहा कि पहले मंजूरियों और घोषणाओं (जिनमें 2019 में रखा गया शिलान्यास भी शामिल है) के बावजूद, पिछले वर्षों में इस प्रोजेक्ट में कोई सार्थक प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करके और समय पर विकास एवं रख-रखाव के लिए इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधीन लाकर अपनी प्रतिबद्धता पूरी की जाए।
मुलाकात पर संतोष व्यक्त करते हुए कंग ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सकारात्मक भरोसा दिया है और इस लंबे समय से लटकती आ रही मांग के महत्व को स्वीकार किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाएगी।
श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र के लोगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कंग ने कहा कि वे तब तक इस मुद्दे को उठाते रहेंगे जब तक कि इस क्षेत्र को आधुनिक सड़क बुनियादी ढांचा नहीं मिल जाता, जिसका यह हकदार है। उन्होंने कहा, “बेहतर संपर्क ही विकास की नींव है, और जब तक यह महत्वपूर्ण मांग पूरी नहीं हो जाती, मैं लोगों की आवाज बुलंद करता रहूंगा।”
Punjab
CM भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल द्वारा ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ Unaided Educational Institutions (संशोधन) विधेयक-2026’ पास
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने आज शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, प्रशासन एवं सार्वजनिक सेवाओं में सुधार लाने और राज्य में सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई ऐतिहासिक फैसले लिए। मंत्रिमंडल ने गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा फीस में अनुचित और अवैध वृद्धि को रोकने के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ पारित किया। इसके अलावा ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्सड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026’, तीन नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटियों की स्थापना और कई अन्य महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों को मंजूरी दी गई।
यह फैसला आज यहां मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया।
इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि कैबिनेट ने गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा फीस में अनुचित और अवैध वृद्धि को रोकने के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ लाने की स्वीकृति दी है।
यह विधेयक लाना इसलिए आवश्यक हो गया था क्योंकि कुछ गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थान मनमाने ढंग से और अनुचित तरीके से अपनी वार्षिक फीस बढ़ा रहे थे, जिससे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ रहा था। इसलिए गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों द्वारा फीस में अवैध वृद्धि को रोकने के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस एक्ट-2016’, ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) एक्ट-2019’ और इस अधिनियम के तहत बनाए गए नियमों में संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई थी।
‘पंजाब स्टेट आउटसोर्सड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026’ को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने लगातार पांच वर्षों की सेवा पूरी करने वाले योग्य आउटसोर्सड कर्मचारियों या धारा 2(1) के तहत सूचीबद्ध जोखिम वाली श्रेणियों में तैनात कर्मचारियों के मामले में तीन वर्षों की सेवा के बाद उन्हें सीधे ठेके (कॉन्ट्रैक्ट) पर लाने के लिए ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्सड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026’ को भी मंजूरी दे दी है। ठेके पर लाए गए कर्मचारियों का पारिश्रमिक वित्त विभाग द्वारा निर्धारित किया जाएगा और यह ‘कोड ऑन वेजेज-2019’ या न्यूनतम मजदूरी से संबंधित किसी अन्य लागू कानून के तहत निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दर से कम नहीं होगा। यह विधेयक लागू होने की तिथि से ‘पंजाब एडहॉक, कॉन्ट्रैक्चुअल, डेली वेज, टेम्पररी, वर्क चार्ज्ड एंड आउटसोर्सड एम्प्लॉयीज वेलफेयर एक्ट, 2016’ को रद्द करता है।
582 पशु चिकित्सा अस्पतालों में 449 पशु चिकित्सा फार्मासिस्टों और 451 सफाई सेवकों की सेवाओं में वृद्धि
पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने राज्य भर के 582 पशु चिकित्सा अस्पतालों में सेवाएं दे रहे 449 पशु चिकित्सा फार्मासिस्टों और 451 सफाई सेवकों की सेवाओं को 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च 2027 तक एक और वर्ष के लिए बढ़ाने की स्वीकृति भी दी है।
अमृतसर के ब्लॉक जंडियाला गुरु से नया ब्लॉक तरसिक्का बनाने की मंजूरी
मंत्रिमंडल ने व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए अमृतसर जिले के ब्लॉक जंडियाला गुरु में से ब्लॉक तरसिक्का बनाने की स्वीकृति दी है। ब्लॉक जंडियाला गुरु में से 64 ग्राम पंचायतों को निकालकर अमृतसर जिले में ब्लॉक तरसिक्का बनाया जाएगा। इस नए तरसिक्का ब्लॉक में जंडियाला गुरु ब्लॉक की 121 ग्राम पंचायतों में से 64 पंचायतें शामिल होंगी। तरसिक्का ब्लॉक के बनने से इन 64 गांवों के विकास कार्यों को गति मिलेगी।
तीन नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटियों की स्थापना को मंजूरी
पंजाब में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों को आकर्षित करने के लिए पंजाब सरकार ने ‘पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटीज पॉलिसी-2026’ तैयार की है। इस नीति के अनुसार कैबिनेट ने बोहण (होशियारपुर) में क्लाउड यूनिवर्सिटी, फतेहपुर (पटियाला) में एम.एस. डिजिटल यूनिवर्सिटी और नंदपुर केशो (पटियाला) में फिजिक्सवाला डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने को हरी झंडी दे दी है। इन विश्वविद्यालयों की स्थापना से क्षेत्र में उत्कृष्ट शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में मदद मिलने की उम्मीद है।
लोक निर्माण विभाग में ड्राफ्ट्समैन (सिविल) के 19 पदों को भरने की स्वीकृति
कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग, पंजाब की कार्यप्रणाली को मजबूत करने और विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीधी भर्ती के माध्यम से ड्राफ्ट्समैन (सिविल) के 19 पदों को भरने की स्वीकृति भी दी है। ड्राफ्ट्समैन कैडर में काफी समय से बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े थे, जिससे परियोजना निगरानी, गुणवत्ता सुनिश्चित करने, तकनीकी जांच और अन्य आवश्यक विभागीय कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। योग्य तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती से विभाग की तकनीकी क्षमता में वृद्धि होगी, विकास कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता में सुधार होगा और पूरे राज्य में बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को कुशलतापूर्वक लागू करने में मदद मिलेगी।

‘पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज विधेयक-2026’ को मंजूरी
कैबिनेट ने पंजाब में हरित वातावरण और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने, पर्यावरण प्रदूषण को रोकने, पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई के लिए संस्थागत ढांचा प्रदान करने और मिट्टी की रक्षा करने के लिए ‘पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज विधेयक-2026’ को भी अपनी स्वीकृति दे दी है। उल्लेखनीय है कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है, जिसका लगभग 83 प्रतिशत क्षेत्र कृषि के अधीन है। पंजाब का वन एवं वृक्षों के अधीन कुल क्षेत्र लगभग 5.92 प्रतिशत है और पंजाब सरकार ने 2030 तक इसे बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026 में संशोधन को स्वीकृति
कैबिनेट ने स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने, मुकदमेबाजी को कम करने और जी.एस.टी. प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए ‘पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026’ में संशोधन करने की स्वीकृति भी दे दी है, जिससे राज्य भर के व्यापार और उद्योग को लाभ होगा। इस संशोधन से पूर्व समझौते की शर्त के बिना क्रेडिट नोट जारी करके आपूर्ति की कीमत में से बिक्री के बाद की छूट को बाहर रखने की अनुमति मिलेगी। इसके अलावा यह किसी भी व्यावसायिक कारण से बिक्री के बाद की छूट के लिए क्रेडिट नोट जारी करने की अनुमति देगा, जिससे व्यावसायिक छूट के प्रबंधन को सरल बनाया जा सकेगा और अनुपालन का बोझ कम किया जा सकेगा। इसी प्रकार इसका उद्देश्य इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के मामलों में आई.टी.सी. के 90 प्रतिशत अंतरिम रिफंड के लाभ को बढ़ाना और वस्तुओं के निर्यात पर भुगतान किए गए आई.जी.एस.टी. के रिफंड, भले ही रिफंड राशि 1,000 से कम हो, की अनुमति देना है, जिससे तरलता में सुधार होगा और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
पंजाब पंचायती राज अधिनियम-1994 में संशोधन को मंजूरी
कैबिनेट ने ग्रामीण विकास विभाग के कामकाज को सुव्यवस्थित करने और पंचायत सचिवों तथा ग्राम सेवकों के कैडरों का नए पद ‘पंचायत विकास सचिव’ में विलय करने के लिए ‘पंजाब पंचायती राज अधिनियम-1994’ में संशोधन करने की भी सहमति दे दी है। वर्तमान पंचायत सचिवों को एक स्व-घोषणा पत्र जमा कराने पर ग्राम सेवकों (वी.डी.ओज़.) की वर्तमान वरिष्ठता सूची के अंत में रखा जाएगा। जो वर्तमान पंचायत सचिव अधिसूचना जारी होने की तिथि से एक माह के भीतर आवश्यक स्व-घोषणा पत्र जमा कराने में विफल रहेंगे, वे पंचायत सचिवों के कैडर में ही रहेंगे, जिसे डाइंग कैडर (समाप्त हो रहा कैडर) घोषित किया गया है।
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