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‘मिशन रोजगार’ जारी रखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 355 और युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र; कहा, पंजाब में सरकारी नौकरियों के लिए सिर्फ योग्यता ही एकमात्र मापदंड

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पंजाब सरकार के रोजगार अभियान में एक और मील का पत्थर साबित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 355 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इसके साथ ही उनकी सरकार के गठन से अब तक दी गई कुल सरकारी नौकरियों की संख्या 67,037 हो गई है।

इस उपलब्धि को पंजाब में नई भर्ती व्यवस्था का प्रत्यक्ष प्रमाण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार सरकारी नौकरियां सिर्फ योग्यता, पारदर्शिता और निष्पक्ष मुकाबले के आधार पर बिना किसी सिफारिश, राजनीतिक प्रभाव या भ्रष्टाचार के दी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीट जैसी पेपर लीक की घटनाओं ने पूरे देश के युवाओं का विश्वास हिला दिया है और 2017 से अब तक देश भर में 93 पेपर लीक होने की रिपोर्ट हैं। इसके विपरीत पंजाब की बात करें तो वर्ष 2022 से अब तक एक भी पेपर लीक का मामला सामने नहीं आया।

युवाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार के व्यापक दृष्टिकोण को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब न सिर्फ नौकरियां पैदा कर रहा है बल्कि ऐसे मौके भी पैदा कर रहा है जो युवाओं को अपने प्रदेश में रहने, आगे बढ़ने और सफल होने के लिए प्रेरित करते हैं।

उन्होंने हुनरमंद युवाओं के पलायन के रुझान को पलटने, 65,000 ठेका कर्मचारियों के लिए रेगुलर नौकरी का रास्ता खोलने, 25 नई आई.टी.आई. और 13 मौजूदा आई.टी.आई. संस्थानों के अपग्रेडेशन के माध्यम से हुनर विकास में बड़े निवेश की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप सरकार पंजाब के युवाओं को देश में रहकर ही अपना भविष्य बनाने के लिए उन्हें विश्वास भरने, उचित मौके और हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

तकनीकी शिक्षा, सहकारिता, स्थानीय निकायों, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, पशुपालन, लोक निर्माण, आवास निर्माण एवं शहरी विकास तथा अन्य विभागों में नए चुने गए उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दिन पंजाब सरकार के राज्य के युवाओं को रोजगार और सुशासन के माध्यम से सशक्त बनाने के चल रहे मिशन में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

इस अवसर की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “आज 355 और युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जिससे अब तक दी गई सरकारी नौकरियों की कुल संख्या 67,037 हो गई है। ये सारी नौकरियां पूरी तरह योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर दी गई हैं। ऐसे समय में जब देश भर में नीट जैसे पेपर लीक हो रहे हैं, पंजाब ने ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ भर्ती प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करके और शिक्षा के क्षेत्र में देश भर में शीर्ष स्थान हासिल करके मिसाल कायम की है।”

“मैं नव-नियुक्त उम्मीदवारों से अपील करता हूं कि वे सरकारी दफ्तरों में वरिष्ठ नागरिकों और आम लोगों के काम को प्राथमिकता दें। ‘आप’ सरकार युवाओं के विदेशों की ओर पलायन को रोकने और उन्हें पंजाब में ही तरक्की के मौके प्रदान करके उनके सपनों को पंख देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

नव-नियुक्त उम्मीदवारों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार में उम्मीदवारों के चयन का एकमात्र मापदंड कड़ी मेहनत, समर्पण और योग्यता है। वह दिन गए जब सरकारी नौकरियां रिश्वत, सिफारिशों या राजनीतिक संबंधों के आधार पर बांटी जाती थीं। आज योग्य उम्मीदवारों को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से नौकरियां दी जा रही हैं। इन युवाओं ने सफलता प्राप्त करने के लिए दिन-रात मेहनत की है और यह उनके सफर की सिर्फ शुरुआत है। उनके लिए तरक्की की उड़ान भरने के लिए आसमान खुला है और मैं सभी उम्मीदवारों को आगे और बड़े मुकाम हासिल करने के लिए प्रयासरत रहने की सलाह देता हूं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज से ये नव-नियुक्त कर्मचारी सरकारी परिवार का एक अभिन्न अंग बन गए हैं और ये कर्मचारी खुशहाल व रंगला पंजाब के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, “हम सब एकजुट होकर रंगला पंजाब की शान को बहाल करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। आपके हर एक की अब समाज और राज्य के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सरकार ने आपको मौके देकर अपना फर्ज निभाया है। अब आपकी बारी है कि आप ईमानदारी, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ लोगों की सेवा करें।”

पंजाब सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के रिकॉर्ड की तुलना देश के अन्य हिस्सों की वर्तमान स्थिति से की। उन्होंने कहा, “2017 से अब तक देश भर में लगभग 93 परीक्षा पेपर लीक होने की रिपोर्ट मिली है। नीट समेत प्रमुख परीक्षाओं से जुड़ी ऐसी घटनाओं ने लाखों युवाओं को निराश किया है। हालांकि, 2022 में हमारी सरकार के सत्ता संभालने के बाद पंजाब में एक भी पेपर लीक होने की घटना सामने नहीं आई है। इसका कारण यह है कि राज्य में एक ईमानदार सरकार काम कर रही है। होनहार विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और मेहनत के आधार पर नौकरियां और मौके मिल रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा मेरिट के आधार पर अब तक 67,037 सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं और हर नियुक्ति भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद या पक्षपात से मुक्त होकर की गई है।

शिक्षा क्रांति के तहत सरकार द्वारा किए गए शिक्षा सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में शानदार बदलाव लाया है। उन्होंने कहा, “जब हमारी सरकार ने सत्ता संभाली थी तो स्कूल शिक्षा में पंजाब देश भर में 27वें स्थान पर था। आज नीति आयोग के अनुसार पंजाब ने स्कूल शिक्षा में केरल जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए पहले नंबर पर कब्जा कर लिया है। यह उपलब्धि इसलिए संभव हुई क्योंकि हमने सरकारी स्कूलों को मजबूत करने और विश्व स्तरीय शैक्षणिक बुनियादी ढांचे के विकास में निवेश किया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर के स्कूल अब अत्याधुनिक सुविधाओं और आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस हैं, जिससे स्कूलों में ऐसा माहौल सृजित हुआ है जो सीखने, नवाचार और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने आगे कहा, “विद्यार्थी हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि वे अब सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में जो बदलाव आया है, वह बेमिसाल है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बेहद गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में अब विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारे प्रिंसिपलों और शिक्षा अधिकारियों ने सिंगापुर में विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त किया है। मुख्य शिक्षकों ने आईआईएम अहमदाबाद में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्राइमरी शिक्षकों ने फिनलैंड की तुर्कू यूनिवर्सिटी से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इन पहलकदमियों का उद्देश्य हमारे शिक्षकों की दक्षता बढ़ाना है ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा सके।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य भर में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य आम घरों और पिछड़े वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके उनके भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने कहा, “ये स्कूल ऑफ एमिनेंस आधुनिक शिक्षा के मंदिर के रूप में उभर रहे हैं। ये विद्यार्थियों के जीवन को रोशन कर रहे हैं और ऐसे मौके सृजित कर रहे हैं जो पहले अधिकांश परिवारों के लिए उपलब्ध नहीं थे। इन स्कूलों की सफलता का अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि प्राइवेट स्कूलों के विद्यार्थी अब स्कूल ऑफ एमिनेंस में दाखिला ले रहे हैं। यह सरकारी शिक्षा प्रणाली के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन स्कूलों के विद्यार्थियों को आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी कार्यक्रमों, नीट, जेईई, सीएलएटी, एनआईएफटी और कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा, “हम अपने बच्चों को सिर्फ परीक्षाएं पास करने के लिए नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सफलतापूर्वक मुकाबला करने और हर क्षेत्र में बड़े पद हासिल करने के लिए तैयार कर रहे हैं।”

तकनीकी शिक्षा और हुनर विकास पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं को हुनरमंद बनाने और भविष्य के लिए तैयार करने के लिए ठोस कदम उठा रही है ताकि आधुनिक उद्योगों और उभरती प्रौद्योगिकियों की मांगों को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा, “हमने तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने और युवाओं में रोजगार योग्यता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। वर्तमान समय में 25 नई औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का निर्माण प्रगति पर है। इसके साथ ही मौजूदा 13 आई.टी.आई. को बेहतर बुनियादी ढांचे और आधुनिक सुविधाओं से अपग्रेड किया जा रहा है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के आधुनिकीकरण के लिए 20 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। उन्होंने आगे कहा, “इसके अलावा नंगल में 23 करोड़ रुपए की लागत से कैप्टन अमोल कालिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जा रहा है। यह संस्था अत्याधुनिक हुनर विकास और उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण के लिए एक हब के रूप में काम करेगी और युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने में मदद करेगी।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य के सभी 91 पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सेमेस्टर इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किया गया है। उन्होंने कहा, “यह पहल विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान उद्योगों से संबंधित व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने और नौकरी के लिए जरूरी हुनर हासिल करने योग्य बनाती है। हमारा उद्देश्य शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटने के साथ-साथ राज्य के युवाओं को तेजी से बदल रही अर्थव्यवस्था की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार करना भी है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये पहलकदमियां भविष्य के लिए युवाओं को हुनरमंद करने, रोजगार योग्यता बढ़ाने और राज्य के युवाओं के लिए अधिक मौके सृजित करने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

नए भर्ती हुए कर्मचारियों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ये कर्मचारी आगामी वर्षों में कड़ी मेहनत और समर्पण की भावना से अपने लिए विशिष्ट स्थान बनाएंगे।

उन्होंने नव-नियुक्त कर्मचारियों को दृढ़ता और समर्पण की भावना से अपनी सेवाएं निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आगे कहा, “कड़ी मेहनत ही सफलता की एकमात्र कुंजी है। पंजाब विकास और खुशहाली के लिए असीम मौके प्रदान करता है। आपको अपनी विशिष्ट पहचान बनाने और समाज पर सकारात्मक छाप छोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। कभी भी सपने देखना बंद नहीं करना चाहिए और उन सपनों को साकार करने के लिए लगातार मेहनत करते रहना चाहिए।”

सरकार की भूमिका की तुलना हवाई अड्डे के रनवे से करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य की जिम्मेदारी ऐसे मौके और सहायता प्रणालियां प्रदान करना है जो युवाओं को अपनी इच्छाओं को प्राप्त करने योग्य बनाती हैं। उन्होंने आगे कहा, “एक हवाई अड्डे का रनवे जहाज को नहीं उड़ाता। यह सिर्फ सुचारू उड़ान के लिए सुविधा प्रदान करता है। इसी तरह राज्य सरकार एक अनुकूल वातावरण प्रदान करके युवाओं को उनके सपनों को साकार करने योग्य बनाती है। हम युवा मनाओं की इच्छाओं को पंख दे रहे हैं और उनकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि सभी नौकरियां भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को नजरअंदाज करके केवल योग्यता के आधार पर प्रदान की गई हैं।

उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी युवा नौकरी की तलाश में विदेश जाने को मजबूर न हो। उन्होंने आगे कहा, “हम पंजाब के अंदर ऐसे मौके पैदा करना चाहते हैं कि हमारे युवा अपने देश में रहकर ही अपना भविष्य तैयार करें। यह हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को पूरा करने और हमारे राज्य को मजबूत बनाने के लिए बहुत जरूरी है। वास्तव में सरकार के निरंतर प्रयासों से पहले ही अनेक युवा विदेशों से वापस अपने देश लौट रहे हैं और कई युवा विदेशों से ही अपनी मातृभूमि की सेवा करते हुए देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही नौकरियां उनके लिए कोई एहसान नहीं बल्कि योग्य उम्मीदवारों का सही मायने में बनता हक है। उन्होंने आगे कहा, “ये युवा अपनी योग्यता और कड़ी मेहनत के कारण इन नौकरियों के हकदार हैं। बदकिस्मती से पिछली सरकारों ने कभी भी उनकी ओर ध्यान नहीं दिया। आज ये युवा अपनी योग्यता के आधार पर सफल हुए हैं और यह हर पंजाबी के लिए बड़े गर्व की बात है।”

मुख्यमंत्री ने नए भर्ती हुए युवाओं को सरकारी व्यवस्था के सक्रिय और समर्पित सदस्य बनने तथा पूरे जोश के साथ लोगों की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आगे कहा, “अब जब आप सरकारी परिवार का हिस्सा बन गए हैं, तो आपका फर्ज लोगों की भलाई के लिए काम करना है। अपनी कलम और अधिकार का उपयोग जरूरतमंदों, दबे-कुचले लोगों और उन लोगों की मदद के लिए करें जिन्हें सरकार से सहायता की जरूरत है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करें कि समाज के हर वर्ग को आपकी सेवाओं का लाभ मिले।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि सभी भर्तियां पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से की गई हैं और उम्मीदवारों ने मुकाबले वाली परीक्षाओं में सफल होने के बाद ही रोजगार प्राप्त किया था। उन्होंने आगे कहा, “हमारी सरकार का पहले दिन से ही एकमात्र एजेंडा युवाओं को रोजगार के मौके देकर सशक्त बनाना रहा है। आज एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि आप पंजाब के सामाजिक-आर्थिक विकास और तरक्की में सक्रिय भागीदार बन गए हैं।”

मुख्यमंत्री ने ठेका आधारित कर्मचारियों के बारे में पंजाब सरकार के ऐतिहासिक फैसले का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “एक बड़े जन हितैषी फैसले में राज्य सरकार ने ठेकेदारी प्रणाली को खत्म करने और लगभग 65,000 कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 65,000 से अधिक ठेका आधारित कर्मचारियों ने अपनी जिंदगी के महत्वपूर्ण साल पंजाब की सेवा में समर्पित किए हैं। उन्होंने कहा, “इन कर्मचारियों ने राज्य के लिए अथक मेहनत की है। यह बिल्कुल उचित है कि उन्हें अपने रोजगार में सम्मान, सुरक्षा और स्थिरता मिले। अब कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच कोई ठेकेदार नहीं रहेगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कर्मचारियों को अब सीधा रोजगार, अधिक सम्मान और स्थायी सेवा के लिए स्पष्ट रास्ता मिलेगा।

उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार के विभागों और संस्थाओं में निजी ठेकेदारों के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों को सीधे तौर पर राज्य रोजगार के अधीन लाया जाएगा। उन्होंने कहा, “पांच साल लगातार आउटसोर्स पर काम करने के बाद कर्मचारी सीधे सरकार के अंदर रोजगार के लिए योग्य हो जाएंगे। इसके बाद, 10 साल की ठेका सेवा पूरी करने के बाद उन्हें रेगुलर मंजूरशुदा रिक्तियों के विरुद्ध रेगुलर करने के लिए विचार किया जाएगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि इस सकारात्मक बदलाव को सुचारू बनाने के लिए दो नए कानून लाए जा रहे हैं। “पहला कानून आउटसोर्स्ड रोजगार से सीधे सरकार के अंदर ठेके पर रोजगार में तब्दीली को नियंत्रित करेगा। दूसरा कानून मंजूरशुदा रिक्तियों के विरुद्ध सीधे ठेका आधारित रोजगार से रेगुलर सेवा तक का रास्ता प्रशस्त करेगा। यह एक ऐतिहासिक कदम है जो हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों के जीवन में मिसाली बदलाव लाएगा।”

इस दौरान, पंजाब के विभिन्न हिस्सों से नव-भर्ती हुए उम्मीदवारों ने पूरी तरह योग्यता-आधारित, स्वतंत्र और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री और पंजाब सरकार की प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक समर्थन, सिफारिशों या रिश्वतखोरी के बिना सरकारी नौकरी प्राप्त करना आखिरकार एक हकीकत बन गया है और पंजाब की रोजगार प्रणाली में एक बड़ी तब्दीली को दर्शाता है।

धूरी से रणजोध सिंह ने पक्षपात की बजाय योग्यता को प्राथमिकता देने और सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की।

इसी तरह की भावनाओं को दोहराते हुए पटियाला के गांव बूटा सिंह वाला के एक पूर्व सैनिक काला सिंह ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शी तरीके से की गई थी और इसमें किसी प्रकार की कोई हेराफेरी की बिल्कुल भी गुंजाइश नहीं थी।

अमृतसर से मनप्रीत कौर ने इस दिन को अपने और अपने परिवार के लिए ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के नौकरी प्राप्त की है और उन्हें मेहनत का फल मिला है। उन्होंने आगे कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया ने बहुत से परिवारों के लिए लंबे समय से आ रही बाधाओं को तोड़ा है और युवाओं में विश्वास बहाल किया है।

मोहाली से परमीत कौर ने सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाली अपने परिवार की पहली सदस्य बनने पर बहुत खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की गई थी और इस मौके ने उनके परिवार का भविष्य बदल दिया है।

एक और प्रेरणादायक उदाहरण में एक चौकीदार के पुत्र ने अपनी चौथी सरकारी नौकरी पूरी तरह योग्यता के आधार पर प्राप्त की बताई। उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया ने उनके कई एनआरआई दोस्तों को पंजाब वापस आने और सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन देने के बारे में सोचने के लिए प्रोत्साहित किया है।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और गुरमीत सिंह खुड्डियां सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

*भगवंत मान सरकार ने योग्यता के आधार पर 67,037 नौकरियां पैदा की, 25 नई आई.टी.आई. के साथ कौशल आधारित ढांचे का विस्तार किया और तकनीकी शिक्षा में बड़ा निवेश किया

भगवंत मान सरकार की प्रमुख उपलब्धियां

  • वर्ष 2022 से अब तक 67,037 सरकारी नौकरियां पूरी तरह योग्यता, पारदर्शिता और बिना किसी सिफारिश के प्रदान की गई हैं।
  • पंजाब के गांवों, कस्बों और शहरों के युवाओं को सरकार की रोजगार अभियान का लाभ हुआ है।
  • कई विभागों में भर्ती जारी है, जिसमें और नौकरियों की भर्ती का काम शुरू किया जा रहा है।
  • कई उम्मीदवारों ने प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से कई बार सरकारी नौकरियां प्राप्त की हैं, जो भर्ती प्रणाली में लोगों के भरोसे का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा सुधार

  • पंजाब भर में 25 नई आई.टी.आई. निर्माणाधीन हैं।
  • 13 मौजूदा आई.टी.आई. को बेहतर बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया जा रहा है।
  • सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के आधुनिकीकरण पर 20 करोड़ रुपए खर्च किए गए।
  • सरकारी पॉलिटेक्निक इमारतों के निर्माण, मरम्मत और नवीनीकरण में 12 करोड़ रुपए का निवेश किया गया।
  • आईआईटी रोपड़ के सहयोग से 8 सरकारी पॉलिटेक्निकों में साइबर-फिजिकल सिस्टम लैब स्थापित की जा रही हैं।
  • 5 सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में इनोवेशन लैब स्थापित की गई हैं।
  • नंगल में 23 करोड़ रुपए की लागत से कैप्टन अमोल कालिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जा रहा है।
  • सरदूलगढ़ में 17 करोड़ रुपए की लागत से नई आईटीआई बनाई जा रही है।
  • उद्योग की मांग के अनुसार कौशल तैयार करने और नौकरी के लिए तैयार युवाओं को प्रदान करने के लिए सभी 91 पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सेमेस्टर इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किया गया है।
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ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत ने जारी की एडवाइजरी, भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

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पश्चिम एशिया में Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। दोनों देशों के बीच जारी सैन्य टकराव के चलते क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।

Embassy of India in Tehran ने भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। दूतावास ने कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें और वहां मौजूद भारतीय स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें तथा सुरक्षा संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखें।

क्षेत्र में तनाव उस समय और बढ़ गया जब दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ हमले और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आईं। कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं।

इस संघर्ष का असर केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र पर पड़ रहा है। लाल सागर समेत महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, क्योंकि ये वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माने जाते हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है। कई विश्व नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो इसके व्यापक प्रभाव पूरे क्षेत्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए भी बड़ी चुनौती बन सकती है। ऐसे में दुनिया की नजरें अब कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में तनाव कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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भाजपा ने किसान विरोधी कानून थोपे, अकालियों ने धर्म का दुरुपयोग किया, कांग्रेस पंजाब में नाकाम साबित हुई, पंजाबियों ने ईमानदार सरकार चुनी- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज रोपड़ जिले के गांव बड़वा में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों के बीच पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पंजाब के लोगों ने साल 2022 में 7 पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को सत्ता से बाहर करके ईमानदार सरकार में अपना विश्वास जताते हुए लूट, विशेषाधिकार और धोखे की राजनीति को पूरी तरह से नकार दिया। कांग्रेस, भाजपा और अकालियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इन पार्टियों के पास पंजाब के विकास का कोई एजेंडा नहीं है और इनकी दिलचस्पी सिर्फ सत्ता हथियाने और निजी हितों में है। उन्होंने दावा किया कि जहां विपक्षी नेता आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के अधीन पंजाब की तरक्की को हजम नहीं कर पा रहे, वहीं अब करदाताओं के पैसे का एक-एक रुपया सत्ताधारियों की ऐशो-आराम की बजाय लोक भलाई पर खर्च किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा ने किसान विरोधी कानून थोपे और अकालियों ने सियासी फायदे के लिए धर्म का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि नया अकाली-भाजपा गठबंधन सिर्फ सत्ता हासिल करने की मौकापरस्त चाल खेलने की कोशिश में है, जिसे पंजाब के लोग बुरी तरह नकार देंगे।

इकठ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आम आदमी पार्टी उन पारंपरिक सियासी पार्टियों के नेताओं में डर पैदा कर रही है जिन्होंने दशकों तक अपने निजी हितों के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया। भाजपा द्वारा थोपे गए किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसान शहीद हुए थे। यह एक हकीकत है कि भाजपा ने हमेशा पंजाब के साथ नाइंसाफी की है और आज ये पार्टियां सियासी फायदे के लिए धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रही हैं।”

शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के नए गठबंधन पर तीखा तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह गठबंधन दोनों पार्टियों के लिए सियासी तौर पर विनाशकारी साबित होगा क्योंकि यह न तो किसी विचारधारा पर आधारित है और न ही लोक भलाई के प्रति किसी प्रतिबद्धता पर टिका है। उन्होंने कहा, “इस गठबंधन का एकमात्र उद्देश्य पंजाब में सत्ता हथियाना है। दोनों पार्टियों के नेताओं ने बार-बार एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी की है और आरोप लगाए हैं। पंजाब के लोग पूछ रहे हैं कि वे अब कौन सा मुंह लेकर साथ वोट मांगेंगे। लोग ऐसे सियासी ड्रामों के झांसे में नहीं आएंगे और आने वाले दिनों में उन्हें करारा सबक सिखाएंगे।”

अपनी सरकार के कामों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने पंजाब के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए अपना खून-पसीना बहाया है और हर दिन नागरिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के उद्देश्य से नई लोक-पक्षीय पहलें देखने को मिल रही हैं। उन्होंने कहा, “मुझसे पहले रहे मुख्यमंत्रियों के विपरीत, मैंने सरकारी खजाने से कभी एक पैसा भी नहीं लिया। इसके बजाय मैंने यह सुनिश्चित किया है कि टैक्सदाताओं का एक-एक रुपया लोक भलाई के लिए समझदारी से खर्च किया जाए। पंजाब के लोगों के बेटे और भाई होने के नाते, मेरा ध्यान ऐशो-आराम की जिंदगी जीने की बजाय उनके दुख-दर्द बांटने और उनकी मुश्किलों को हल करने पर रहा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पिछले शासक ने लोगों की मुश्किलों को समझने और उन्हें तनदेही से हल करने के लिए इस तरह लोगों तक सीधी पहुंच नहीं बनाई थी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें शानदार महलों की दीवारों तक ही सीमित रहीं और आम नागरिकों से शायद ही कभी संपर्क किया। उन्होंने कहा, “वे घमंडी सियासतदां लोगों से टूटे रहे और आज वे पंजाब सरकार के हर कदम से हैरान-परेशान हैं। दूसरी तरफ मैं लोगों के बीच रहता हूं, उनकी फीडबैक लेता हूं और विकास-मुखी व लोक-पक्षीय नीतियां बनाता हूं जो पंजाब की तरक्की व विकास में तेजी ला रही हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के विकास के लिए उनकी सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों ने विपक्षी नेताओं को निराश कर दिया है। उन्होंने कहा, “वे इस बात को हजम नहीं कर पा रहे कि आम लोगों की भलाई और पंजाब की तरक्की अब सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उनकी तरफ से सिर्फ आलोचना करना उनकी निराशा को दर्शाता है। मुझे भले ही लोगों की दौलत लूटने का अनुभव न हो, लेकिन मैं आम लोगों के दर्द को बांटना और उनके मसलों को हल करना अच्छी तरह जानता हूं। मैं पंजाब और इसके लोगों की खुशहाली के लिए पूरी तनदेही से काम कर रहा हूं और यही बात विपक्षियों को परेशान कर रही है।”

पिछली सरकारों की सख्त निंदा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेहद प्राकृतिक खूबसूरती और अनमोल संसाधनों से नवाजे इलाकों को सालों तक अनदेखा किया गया क्योंकि पिछली सरकारें इनकी क्षमता का फायदा उठाने में नाकाम रहीं। उन्होंने कहा कि दशकों तक सिर्फ दो सियासी धड़े बारी-बारी से सत्ता में आती रहीं, जिन्होंने लोगों की भावनाओं का शोषण किया और सूबे के साधनों को लूटा।

उन्होंने कहा, “पंजाब के लोगों के पास अब ‘झाड़ू’ (आप का चुनाव निशान) के रूप में विकल्प है, जिसने सूबे की सियासी व्यवस्था को साफ कर दिया है। साल 2022 के विधान सभा चुनावों में लोगों ने 7 पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को नकार कर ईमानदार सरकार को सत्ता सौंपी थी। उस ऐतिहासिक फैसले ने पंजाब को बदलने और इसे भारतीय राज्यों में अग्रणी बनाने में अहम भूमिका निभाई है।”

सिंचाई क्षेत्र में ‘आप’ सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने इस साल बेहतर सिंचाई प्रणाली के जरिए उपलब्ध नहरी पानी का 96 फीसदी उपयोग किया है, जिससे किसानों को बड़ा फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि जो पानी पहले बर्बाद हो जाता था, अब उसकी कृषि क्षेत्रों में लाभप्रद उपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “आप सरकार ने सूबे भर में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनों और नहरें बिछाई हैं ताकि पंजाब के हर कोने तक सिंचाई सुविधाएं पहुंच सकें। इन पाइपलाइनों और नहरों के जरिए लगभग 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे किसानों को अपनी सिंचाई की जरूरतें पूरी करने में मदद मिली है। पानी की यह मात्रा दो भाखड़ा नहरों की सप्लाई के बराबर है और इससे किसानों को बहुत बड़ा लाभ होगा।”

उन्होंने आगे कहा कि नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट विकसित किए गए हैं ताकि भूजल स्तर में सुधार लाया जा सके। इसके नतीजे के तौर पर कई इलाकों में भूजल स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। यह दर्शाता है कि करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल कैसे जिम्मेदारी से किया जा रहा है और विकास परियोजनाओं, स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और अन्य भलाई पहलों के जरिए लोगों तक यह पैसा वापस पहुंच रहा है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने मियाद पूरी कर चुके टोल प्लाजा भी बंद कर दिए हैं, जिससे लोगों के हर रोज लगभग 70 लाख रुपए बच रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि लोगों का पैसा सिर्फ जनता की भलाई पर ही खर्च हो रहा है, न कि पुरानी सरकारों की तरह कुछ चुनिंदा लोगों के फायदे के लिए।

स्वास्थ्य सेवा सुधारों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब भर में लगभग 1,000 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं, जहां 107 दवाएं और 47 डायग्नोस्टिक टेस्ट मुफ्त प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 75 वर्षों में किसी भी सरकार ने आम नागरिकों को ऐसी स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की कोशिश नहीं की। “इन क्लीनिकों ने सरकारी स्वास्थ्य सेवा संस्थानों में लोगों का विश्वास मजबूत किया है। लगभग 75,000 लोग हर रोज इलाज के लिए इन क्लीनिकों में आते हैं, जो इस पहल में लोगों के विश्वास को दर्शाता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी खजाने का एक-एक पैसा पंजाब के लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सूबे के 90 फीसदी से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को अब दिन के समय बिजली सप्लाई मिल रही है, जिससे किसान समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। ऐसे समय जब देश की बहुमूल्य संपत्तियां चुनिंदा कारपोरेटों को मामूली कीमतों पर सौंपी जा रही हैं, पंजाब ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर इतिहास रच दिया है, जिसका नाम श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखा गया है। यह सरकारी संपत्तियों को कमजोर करने की बजाय उन्हें मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

महिलाओं की भलाई पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने मांवां-धीयां सत्कार योजना शुरू की है, जिसके तहत सामान्य श्रेणी से संबंधित 18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए जबकि अनुसूचित जाति श्रेणी से संबंधित महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपए मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम परिवारों, खासकर गरीब परिवारों के लिए, 1,000 से 1,500 रुपए की रकम भी काफी मायने रखती है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सहायता हमारी मांवां-धीयां के प्रति हमारे सम्मान और गर्व को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इस योजना से लाभ ले रही महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान देखकर बहुत खुशी और संतुष्टि मिलती है। शैक्षिक सुधारों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और प्रिंसिपलों के पेशेवर हुनर को निखारने और क्लासरूम शिक्षा के मानकों को बेहतर बनाने के लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने भारत सरकार द्वारा करवाए गए राष्ट्रीय प्राप्ति सर्वेक्षण में केरल को भी पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के छात्र अब हथियारबंद सेनाओं की परीक्षा की तैयारी, नीट, जेईई, क्लैट और एनआईएफटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए अत्यधिक खुशी हो रही है कि स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के लगभग 300 छात्रों ने जेईई मेन्स, जेईई एडवांस्ड और नीट परीक्षाओं के लिए क्वालीफाई किया है। ये उपलब्धियां पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में हो रहे क्रांतिकारी सुधारों को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार, किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे कृषि कार्यों में सहूलियत के साथ-साथ किसानों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है।

दिल्ली की भाजपा सरकार से तुलना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब आम लोगों के लिए भलाई की पहलों का लगातार विस्तार कर रहा है, जबकि सरकारें बदलने के बाद इस तरह के प्रोग्राम दूसरी जगहों पर बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, “इन पार्टियों ने हमेशा आम नागरिकों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियों का विरोध किया है और लोगों-केंद्रित प्रोग्रामों को लागू करने से दरकिनार करती रही हैं।” स्वास्थ्य सेवा कवरेज पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है, जिसके तहत पंजाब के हर निवासी, हर परिवार को ₹10 लाख तक का कैशलेस चिकित्सा इलाज प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा, “यह बहुत गर्व की बात है कि पंजाब भारत का पहला सूबा है जिसने इतनी व्यापक स्वास्थ्य सेवा कवरेज की पेशकश की है। इस योजना ने परिवारों पर वित्तीय बोझ को काफी हद तक कम करने के साथ-साथ मानक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित की है। लाभार्थियों द्वारा ₹650 करोड़ से अधिक का मुफ्त इलाज पहले ही प्राप्त किया जा चुका है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार, किसानों को धान के सीजन के दौरान कृषि ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली सप्लाई दी गई है। उन्होंने दोहराया कि सरकारी खजाने का एक-एक रुपया लोक भलाई और विकास के लिए खर्च किया जा रहा है।

बुनियादी ढांचे के विकास के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य भर में लिंक सड़कों की मरम्मत और अपग्रेडेशन के लिए एक विशाल प्रोग्राम शुरू किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में लगभग 43,000 किलोमीटर लिंक सड़कें हैं और उनकी मरम्मत और आधुनिकीकरण के लिए एक व्यापक प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। उन्होंने कहा, “आप सरकार ने एक और ऐतिहासिक फैसला लिया है। इन सड़कों की मरम्मत के साथ-साथ, अगले पांच सालों के लिए उनकी देखभाल भी सुनिश्चित की जाएगी। यह ग्रामीण और शहरी निवासियों के लिए बेहतर संपर्क की गारंटी देगा और यातायात सुविधाओं में सुधार करेगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने और राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर कीमती जानें बचाने के लिए देश की पहली समर्पित सड़क सुरक्षा फोर्स भी शुरू की है। “इस फोर्स के हिस्से के तौर पर विशेष रूप से प्रशिक्षित और नए भर्ती कर्मचारियों, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, को तैनात किया गया है। पंजाब के राजमार्गों पर कुल 1,597 कर्मचारी काम कर रहे हैं, जिन्हें 144 पूरी तरह सुसज्जित वाहनों की सहायता से चलाया जा रहा है। पिछले साल फरवरी में फोर्स की शुरुआत के बाद से, सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 48.10% की कमी आई है,” उन्होंने कहा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह फोर्स 4,200 किलोमीटर दुर्घटना-प्रभावित हाईवे पर तैनात रहती है और एक त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र और ट्रैफिक उल्लंघनों के खिलाफ निवारक के तौर पर काम करती है। उन्होंने कहा, “केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी संसद के फ्लोर पर इस पहल की सराहना की है।” जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम 2026 पर बोलते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि परमात्मा ने उन्हें इस ऐतिहासिक कानून के जरिए मानवता की सेवा करने का मौका दिया है। उन्होंने कहा, “इस कानून के तहत, बेअदबी’ का दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को दस साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और 50 लाख रुपए के जुर्माने की सजा हो सकती है। अगर दोषी जुर्माना अदा करने में विफल रहता है, तो उसकी जायदाद बेची जा सकती है।

इस कानून का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आने वाली पीढ़ियां श्री गुरु साहिब जी का अनादर करके लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के गंभीर नतीजों को समझ सकें।”

उम्मीद जताते हुए कि यह कानून बेअदबी के खिलाफ एक मजबूत निवारक के तौर पर काम करेगा, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सिखों के दिलों में एक पवित्र स्थान रखते हैं और उनकी पवित्रता की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के पिता के समान हैं। इसके सम्मान और पवित्रता को सुनिश्चित करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है। अगर सरकार इस संबंध में जिम्मेदारी नहीं लेती, तो कोई और नहीं लेगा। अकालियों ने अपने राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और लोग यह नहीं भूले हैं। हम खुशकिस्मत हैं कि हमें यह ऐतिहासिक कानून पारित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद करेगा।”

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जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल द्वारा 13 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं का शुभारंभ

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पंजाब के जल संसाधन एवं भूमि व जल संरक्षण मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज अमरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांव माणकमाजरा और दहलीज़ खुर्द में 13 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस मौके पर उनके साथ क्षेत्र के विधायक प्रो. जसवंत सिंह गज्जनमाजरा भी मौजूद रहे।

इस संबंधी समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र के 3,832 एकड़ से अधिक कृषि योग्य क्षेत्र को पहली बार सिंचाई के लिए नहरी पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं मुहैया कराने और भूजल पर निर्भरता घटाने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि मान सरकार का लक्ष्य नहरी पानी की हर बूंद को टेलों तक पहुंचाकर पानी, पंजाब और पंजाबियत को सुरक्षित करना और नशों से जवानी को बचाकर ‘रंगला पंजाब’ बनाना है।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने पानी के मुद्दे पर सिर्फ़ राजनीति की और पंजाब के हिस्से के पानी की रक्षा करने में विफ़ल रहीं। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने राज्य के पानी की रक्षा करने के साथ-साथ नहरी ढांचे को मज़बूत करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं ताकि किसानों को लंबे समय के लिए भरोसेमंद सिंचाई सुविधाएं प्रदान की जा सकें।”

कैबिनेट मंत्री ने गांव माणकमाजरा में भरी सभा को संबोधित करते हुए बताया कि कोटला ब्रांच नहर से नया भसौड़ माइनर बनाया गया है, जिसे करीब 4.07 करोड़ रुपये की लागत से कंक्रीट लाइनिंग करके पक्का किया गया है, जिससे ज़िला मालेरकोटला और संगरूर के 9 गांवों को लगभग 50-60 साल बाद नहरी पानी की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा भसौड़ माइनर से 1.73 करोड़ रुपये की लागत से गांव दरोगेवाल और माणकमाजरा के लिए 7,640 मीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इस परियोजना से 1,006 एकड़ कृषि योग्य क्षेत्र को सिंचाई के लिए पहली बार नहरी पानी मिलेगा। इसी माइनर से करीब 1.03 करोड़ रुपये की लागत से गांव रुस्तमगढ़, संगाली, संगाला और भैणी कलां के लिए 4,200 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिससे करीब 980 एकड़ क्षेत्र को देश की आज़ादी के बाद पहली बार नहरी पानी की सुविधा प्राप्त होगी।

इसी तरह गांव दहलीज़ खुर्द में करीब 6.17 करोड़ रुपये की लागत की नहरी पानी परियोजनाओं का औपचारिक शुभारंभ करने के बाद कैबिनेट मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि 5.63 करोड़ रुपये की लागत से बठिंडा ब्रांच से 20,149 मीटर लंबी उच्च गुणवत्ता वाली आधुनिक पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिससे गांव महरना खुर्द, कंगनपुर और रसूलपुर के कुल 1486 एकड़ क्षेत्र को पहली बार भरोसेमंद नहरी पानी उपलब्ध होगा, जबकि 54 लाख रुपये की लागत से गांव दहलीज़ कलां और दहलीज़ खुर्द के 360 एकड़ क्षेत्र को नहरी सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाएगा।

विधायक प्रो. जसवंत सिंह गज्जनमाजरा ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों के विकास और जन कल्याण को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि नहरी ढांचे के आधुनिकीकरण के ज़रिए हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने के साथ-साथ कृषि उत्पादन और आय में वृद्धि करेंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अमरगढ़ क्षेत्र के विकास के लिए फंडों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

इस मौके पर चेयरमैन ज़िला योजना बोर्ड साकिब अली राजा, चेयरमैन ज़िला परिषद मालेरकोटला रघबीर सिंह चौंदा, चेयरमैन मार्केट कमेटी अमरगढ़ हरप्रीत सिंह नंगल, चेयरमैन पंजाब हज कमेटी हाशिम सूफी, आम आदमी पार्टी नेता केवल सिंह जागोवाल, क्षेत्र कॉर्डिनेटर नशा-मुक्ति यात्रा गुरप्रीत सिंह बनभौरा (बिट्टू), सहायक कमिश्नर मनदीप कौर, डी.एस.पी. संजीव कपूर, एक्सियन हरमनिंदर सिंह, एक्सियन संगरूर अतिंदरपाल सिंह सिद्धू, एक्सियन दमनजीत सिंह, राजीव, अभिजोत के अलावा बड़ी संख्या में क्षेत्र के निवासी मौजूद थे।

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