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पंजाब पुलिस की लोक-केंद्रित पुलिसिंग से लोगों का भरोसा हुआ मजबूत, उद्योग और निवेश के लिए बना सुरक्षित माहौल

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पंजाब पुलिस नागरिकों और कानून प्रवर्तन तंत्र के बीच भरोसे को और मजबूत करते हुए पूरे राज्य में सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक पुलिसिंग के नए मानदंड स्थापित कर रही है। पंजाब की औद्योगिक राजधानी लुधियाना, लोक-केंद्रित पुलिसिंग मॉडल की एक प्रमुख मिसाल के रूप में उभरा है; जहाँ उद्योगपतियों और आम नागरिकों ने पुलिसिंग, सामुदायिक सहभागिता और अपराध रोकथाम के लिए की गई पहलकदमियों में आए सकारात्मक बदलाव की खुलकर सराहना की है।

पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव के नेतृत्व में पंजाब पुलिस ने अपराध-मुक्त माहौल सुनिश्चित करने के लिए अपने प्रयासों को और तेज कर दिया है, जिसके चलते समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा पुलिस की सराहना की जा रही है। अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई से लेकर सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने तक, पुलिस बल ने लोगों का विश्वास जीतने और नागरिकों में सुरक्षा की भावना पैदा करने पर विशेष ध्यान दिया है।

लुधियाना के उद्योगपति अनमोल सूद ने कारोबारी समुदाय पर पुलिसिंग के सकारात्मक प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा, “कारोबारी नजरिए से देखा जाए तो पंजाब पुलिस ने हमें सुरक्षा का मजबूत एहसास दिलाया है। मुझे एक घटना याद है जब कुछ असामाजिक तत्व हमारी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे और पुलिस ने कुछ ही मिनटों में उन पर कार्रवाई की। यह पंजाब पुलिस के अच्छे कामों के अनेकों उदाहरणों में से एक है। लुधियाना में जिस तरह की सामुदायिक पुलिसिंग की जा रही है, वह न केवल सराहनीय है, बल्कि इसके परिणाम भी लोगों के लिए बहुत लाभकारी हैं।”

उक्त कारोबारी के भाई और साझेदार संचित सूद ने कहा कि अपराधिक गतिविधियों में आई कमी ने कानून-व्यवस्था के प्रति लोगों के विश्वास को और मजबूत किया है। उन्होंने कहा, “अब राज्य में फिरौती के लिए फोन कॉल जैसी घटनाएं सुनने को नहीं मिलतीं। यह स्थानीय पुलिस द्वारा डीजीपी गौरव यादव के नेतृत्व में चलाए गए विभिन्न अभियानों का परिणाम है। पुलिस सामुदायिक पुलिसिंग, त्वरित कार्रवाई और लोगों को बिना किसी परेशानी के जीने के लिए सुरक्षित माहौल मुहैया कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।”

पंजाब पुलिस की पहलकदमियों के व्यापक उद्देश्यों के बारे में बताते हुए डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “पंजाब पुलिस राज्य और इसके नागरिकों की भलाई के लिए 24 घंटे समर्पित है। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से हमने समाज के हर वर्ग के साथ मजबूत तालमेल विकसित किया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग से लेकर खुले संवाद कार्यक्रमों तक, पंजाब पुलिस हर नागरिक तक पहुंचकर उनमें सुरक्षा की भावना पैदा कर रही है।”

राज्य में बड़े पैमाने पर लगातार निवेश का आना पंजाब में कानून-व्यवस्था के बेहतर माहौल के प्रति उद्योग जगत के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। पिछले एक वर्ष के दौरान पंजाब ने 57,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है और देश के सबसे उभरते निवेश केंद्रों में शामिल हुआ है। पंजाब पुलिस द्वारा बनाया गया सुरक्षित और स्थिर माहौल आर्थिक विकास को गति देने और नए निवेश को प्रोत्साहित करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भी राज्य के औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने के लिए विश्व स्तरीय निवेशकों के साथ लगातार संपर्क में हैं। नीदरलैंड की यात्रा के दौरान उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए एनएक्सपी सेमीकंडक्टर्स को मोहाली में अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) केंद्र स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार करने का निमंत्रण दिया। इसी तरह, नवरत्न सीमेंट इंडस्ट्रीज ने राजपुरा के राय माजरा गांव में ग्रीन सीमेंट निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए 250 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश की घोषणा की है।

लुधियाना हैंड टूल्स एसोसिएशन (एलएचटीए) के अध्यक्ष सुभाष चंद्र रलहान ने कहा कि पंजाब पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया ने नागरिकों और कारोबारी प्रतिष्ठानों में सुरक्षा की भावना को काफी मजबूत किया है। उन्होंने कहा, “हमारे यहां सैकड़ों लोग काम करते हैं और हर किसी के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना आसान नहीं होता। शहर में लूट-पाट की घटनाओं में कमी आई है। हमने अपने इलाके में अपराधिक घटनाओं पर रोक के लिए अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की थी और पुलिस ने बहुत कम समय में समस्या का समाधान किया। ऐसी त्वरित कार्रवाई लोगों का पुलिस पर पूरा भरोसा कायम करने के लिए काफी है।”

लगभग चार दशकों से लुधियाना में कारोबार कर रहे उद्योगपति अरुण शर्मा ने भी पुलिसिंग में आए बदलाव की सराहना की। उन्होंने कहा, “मैंने राज्य के मुश्किल और अच्छे दोनों दौर देखे हैं, लेकिन मौजूदा पुलिसिंग प्रणाली वाकई सराहनीय है। किसी समस्या को लेकर पुलिस के पास जाने का डर अब खत्म हो चुका है और समस्याओं के त्वरित समाधान की प्रक्रिया लोगों के लिए बहुत मददगार साबित हो रही है।”

टेक्नोलॉजी-आधारित पुलिसिंग को और मजबूत करते हुए पंजाब पुलिस ने हाल ही में लुधियाना में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) शुरू किया है। यह केंद्र ट्रैफिक निगरानी, पुलिस कंट्रोल रूम संचालन और निगरानी प्रणालियों का एक ही छत के नीचे प्रबंधन करता है, जिससे प्रतिक्रिया समय में तेजी आई है और जांच क्षमताओं में भी सुधार हुआ है।

लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने कहा कि पुलिस बल नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार जनसंपर्क और सक्रिय पुलिसिंग उपायों के प्रति वचनबद्ध है। उन्होंने कहा, “पंजाब पुलिस देश के सबसे बहादुर पुलिस बलों में से एक है, जो लोक कल्याण के लिए समर्पित है। पूरा पुलिस बल चौबीसों घंटे काम करता है और हम ‘सुरक्षित पंजाब, सफल पंजाब’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए व्यापक योजनाओं पर काम कर रहे हैं। आधुनिक पुलिसिंग में लोगों की भागीदारी बहुत जरूरी है और नागरिकों का सबसे बड़ा योगदान समय पर जानकारी मुहैया कराना है। जैसे ही कोई जानकारी मिलती है, पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है।”

जनभागीदारी को और मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से हमने नागरिकों के साथ खुले संवाद की पहल की है। पुलिस द्वारा मोहल्लों, स्कूलों, डॉक्टरों, कारोबारियों, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और अन्य कई वर्गों के साथ नियमित बैठकें की जा रही हैं, ताकि आपसी संचार को बेहतर बनाया जा सके और उनकी समस्याओं का समाधान ढूंढा जा सके। लोगों से मिलने वाला फीडबैक हमें हर दिन अपने कामकाज में और सुधार करने में मदद करता है।”

संगठित अपराध के खिलाफ पंजाब पुलिस का अभियान भी महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त कर चुका है। सीमावर्ती राज्य होने की चुनौतियों के बावजूद पुलिस ने ‘ऑपरेशन गैंगस्टरां ते वार’ के माध्यम से अपराधिक गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की है और गैंगस्टर नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार उपाय किए जा रहे हैं।

इस कार्रवाई के व्यापक उद्देश्यों के बारे में जानकारी देते हुए स्वपन शर्मा ने कहा, “गैंगस्टर खुद तो सुरक्षित ठिकानों पर बैठे रहते हैं, जबकि पंजाब के युवाओं को अपने गैर-कानूनी कामों के लिए इस्तेमाल करने हेतु गुमराह करते हैं। पिछले चार महीनों के दौरान पंजाब पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है। मेरी युवाओं को सलाह है कि वे पढ़ाई करें, देश की तरक्की में योगदान दें और अपने भविष्य को सवांरने पर ध्यान दें। इस अभियान ने राज्य के लोगों और पुलिस के बीच भरोसे के रिश्ते को फिर से मजबूत करने में मदद की है। यह अभियान सिर्फ अपराधियों को गिरफ्तार करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इससे पंजाब पुलिस की खुफिया और निगरानी क्षमताएं भी और मजबूत हुई हैं और नागरिकों में सुरक्षा की भावना भी बढ़ी है।”

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तरनतारन में बड़ी कामयाबी, BSF और पंजाब पुलिस ने हथियारों की बड़ी खेप बरामद की

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पंजाब में सीमा पार से हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। तरनतारन पुलिस ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ संयुक्त अभियान चलाकर हथियारों की एक बड़ी खेप बरामद की है।

इस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक MP-09 राइफल और सात आधुनिक पिस्तौल बरामद की हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये हथियार कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा पंजाब में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क की मदद से भेजे गए थे।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इन हथियारों का इस्तेमाल राज्य में टारगेट किलिंग की घटनाओं को अंजाम देने, दहशत का माहौल बनाने और पंजाब की कानून-व्यवस्था तथा सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की साजिश के तहत किया जाना था।

पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सीमा पार बैठे हैंडलरों के निर्देश पर काम कर रहा था। गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे मॉड्यूल, उसके अन्य सदस्यों और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की पहचान की जा सके।

पंजाब पुलिस और बीएसएफ ने स्पष्ट किया है कि सीमा पार से होने वाली हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ संयुक्त अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। साथ ही इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।

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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा

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पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।

आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।

कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।

श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।

रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।

वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”

कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”

श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।

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सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?

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