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पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान समर्थित ‘ड्रोन–ड्रग्स–गन’ नेटवर्क को तोड़ा, ‘गैंगस्टरों पर वार’ अभियान के तहत 65 करोड़ की संपत्ति फ्रीज़

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पंजाब के सीमावर्ती गांवों में संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तरनतारन पुलिस ने ‘गैंगस्टरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत पाकिस्तान से जुड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई की है। यह नेटवर्क राज्य में गैंगस्टरों को अपने अवैध कारोबार चलाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान कर रहा था।

भगवंत मान सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘गैंगस्टरों ते वार’ अभियान के तहत जिला पुलिस ने पिछले तीन महीनों में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एन डी पी एस ) एक्ट के तहत 490 मामले दर्ज किए, 630 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और 47.527 किलोग्राम हेरोइन बरामद की।

इस संबंध में जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) तरनतारन सुरिंदर लांबा ने बताया कि सीमापार चुनौतियों के बावजूद राज्य पुलिस ने पाकिस्तान से लॉजिस्टिक सहायता प्राप्त कर रहे गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, “अब तक एक साल में 65 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज़ की गई है, जिसमें से अधिकांश पिछले तीन महीनों की कार्रवाई का परिणाम है। ये संपत्तियां सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों से जुड़ी थीं और इनके माध्यम से वे अपनी गतिविधियां चला रहे थे। पाकिस्तान के साथ लगभग 102 किलोमीटर लंबी सीमा होने के कारण पड़ोसी देश ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थ और हथियार भेजने में सक्रिय रहता है। हाल के समय में तस्करी के तरीके तेजी से बदले हैं, लेकिन अपराध पर लगाम लगाने के लिए जिला पुलिस ने लक्ष्य आधारित रणनीति अपनाई है।”

साल 2024 में 313 मामले दर्ज हुए, 358 गिरफ्तारियां हुईं और 115 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई। जबकि पिछले वर्ष 1,334 मामले दर्ज हुए, 1,662 गिरफ्तारियां हुईं और 244 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद की गई।

सीमावर्ती क्षेत्रों में ‘ड्रोन–ड्रग्स–गन’ नेटवर्क एक हाई-टेक ऑपरेशन मॉडल के रूप में सामने आया है। ‘गैंगस्टरों ते वार’ अभियान के माध्यम से पुलिस ने ऐसे नेटवर्क के खिलाफ अपनी पकड़ मजबूत की है। ड्रग तस्करी और अवैध हथियारों की आपूर्ति के जरिए गैंग अपने आर्थिक ढांचे को मजबूत कर रहे हैं और बड़े अपराधों को अंजाम देने के लिए स्थानीय युवाओं को अपने गिरोह में शामिल कर रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार ड्रोन के माध्यम से भारतीय क्षेत्र में लगातार ड्रग्स और हथियार गिराए जा रहे हैं। इन खेपों को सीमावर्ती इलाकों से एकत्र कर विभिन्न शहरों में पहुंचाया जाता है, जो संगठित अपराध गिरोहों के लिए आय का बड़ा स्रोत बन चुका है।

एसएसपी लांबा ने बताया, “छोटे ड्रोन 0.5 से 12 किलोग्राम तक वजन उठा सकते हैं, जबकि बड़े ड्रोन एक ही उड़ान में 25 किलोग्राम तक सामग्री ले जा सकते हैं। ये ड्रोन भारतीय क्षेत्र में 5 से 15 किलोमीटर तक प्रवेश कर सकते हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती है।” उन्होंने कहा कि दूसरी सुरक्षा पंक्ति होने के बावजूद जिला पुलिस ने खुफिया आधारित अभियानों के जरिए ठोस परिणाम हासिल किए हैं।

जिला पुलिस ने ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ और ‘गैंगस्टरों ते वार’ अभियानों के तहत अब तक 1,736 मामले दर्ज किए हैं और 2,200 से अधिक व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। हाल ही में चलाए गए ‘ऑपरेशन प्रहार’ के दौरान छह दिनों में 236 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 10 भगोड़े अपराधी भी शामिल हैं। इस दौरान 3.5 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई। अभियान में 50 टीमें तैनात की गईं, जिनमें प्रत्येक टीम में 10 पुलिसकर्मी शामिल थे।

उन्होंने आगे बताया, “संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित किया गया है और चौबीसों घंटे गश्त की जा रही है। बरामद ड्रोन में कैमरे, जीपीएस सिस्टम और पहले से फीड किए गए रूट मैप मिले हैं, जो तस्करों की तकनीकी क्षमता को दर्शाते हैं। हाल ही में 10 किलोग्राम हेरोइन की खेप भी बरामद की गई है। गैंगस्टर ड्रग्स और हथियारों से होने वाली कमाई से अपने नेटवर्क को मजबूत कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का इस्तेमाल फिरौती के लिए किया जाता है और फोन कॉल के जरिए धमकियां दी जाती हैं। भुगतान न होने पर डर फैलाने के लिए फायरिंग जैसी घटनाओं का सहारा लिया जाता है।”

‘गैंगस्टरों ते वार’ अभियान के तहत हालिया कार्रवाइयों में पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो शूटर, फाइनेंसर, ऑपरेटर और 14 सहयोगी शामिल हैं। सोशल मीडिया अकाउंट्स और बैंकिंग लेन-देन की निगरानी भी तेज की गई है, जहां कई मामलों में अन्य लोगों के नाम पर खाते इस्तेमाल किए जाने का खुलासा हुआ है।

एसएसपी लांबा ने पुष्टि की कि, “राज्य पुलिस अब गैंगस्टरों द्वारा इस्तेमाल की जा रही आधुनिक तकनीक का मुकाबला करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर रही है। ‘गैंगस्टरों ते वार’ और ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान इन नेटवर्क को तोड़ने और ड्रग तस्करी रोकने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।” इसके अलावा ड्रोन, हथियार, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का किया नेतृत्व, ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ पर दिया जोर

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प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार को कोलकाता के प्रतिष्ठित Red Road पर आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व किया। इस अवसर पर हजारों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वास्थ्य, संतुलित जीवनशैली और समग्र कल्याण का संदेश दिया।

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई है। इसका उद्देश्य जीवन के हर चरण में शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देना है। बढ़ती जीवन प्रत्याशा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बीच योग को स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण जीवन का प्रभावी माध्यम बताया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी योग परंपरा आज पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है।

भारत और योग का संबंध सदियों पुराना है। भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं में रचा-बसा योग आज एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है। योग के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में रखे गए प्रस्ताव को 175 देशों का अभूतपूर्व समर्थन मिला था।

पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था। तब से लेकर अब तक यह दुनिया की सबसे बड़ी जन-स्वास्थ्य पहलों में शामिल हो चुका है, जिसमें हर वर्ष करोड़ों लोग भाग लेते हैं।

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर ने एक बार फिर योग के सार्वभौमिक संदेश—स्वास्थ्य, शांति और सद्भाव—को दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत किया।

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मोदी सरकार के 12 साल आजाद भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाएंगे: अमित शाह

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केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कहा है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में बीते 12 वर्ष आजाद भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दौर के रूप में याद किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस अवधि में भारत ने विकास, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित करने में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

महाराष्ट्र के Kolhapur में स्थित Ambabai Temple कॉरिडोर परियोजना के शुभारंभ अवसर पर आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि जब आजाद भारत का इतिहास लिखा जाएगा, तब मोदी सरकार के 12 वर्षों को देश के पुनरुत्थान और विश्व मंच पर भारत की बढ़ी हुई प्रतिष्ठा के लिए विशेष रूप से याद किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ऐसे कई कार्य पूरे किए हैं, जिन्हें लंबे समय तक असंभव या अधूरा माना जाता रहा। शाह ने Ram Mandir के निर्माण, Kashi Vishwanath Corridor के विकास, Kedarnath Temple के पुनर्निर्माण और Badrinath Temple में हुए विकास कार्यों को सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताया।

अमित शाह ने बताया कि अंबाबाई मंदिर कॉरिडोर परियोजना लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परियोजना में एआई आधारित सुरक्षा प्रणाली, अत्याधुनिक एलईडी लाइटिंग, विरासत गैलरियां, बेहतर यातायात व्यवस्था और अन्य आधुनिक सुविधाएं शामिल की जाएंगी।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्रियों में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने बुनियादी ढांचे, सेमीकंडक्टर निर्माण, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों में तेज गति से प्रगति की है।

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य भारत को दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना है और पिछले 12 वर्षों में किए गए कार्य इस दिशा में एक मजबूत आधार साबित हुए हैं।

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NEET परीक्षा से पहले अरविंद केजरीवाल ने बढ़ाया छात्रों का हौसला, कहा- शांत दिमाग से दें परीक्षा

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NEET परीक्षा से ठीक पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों के लिए एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया। अपने संदेश में उन्होंने परीक्षा देने जा रहे लाखों विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें तनावमुक्त होकर आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने की सलाह दी।

केजरीवाल ने कहा कि वह जानते हैं कि छात्रों ने पिछले कुछ समय में काफी चुनौतियों और मानसिक दबाव का सामना किया है। उन्होंने कहा कि एक ही महीने में दो बार परीक्षा देना आसान नहीं होता और इससे विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके परिवारों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ा है।

उन्होंने छात्रों से अपील की कि अब वे पिछली सभी चिंताओं और परिस्थितियों को पीछे छोड़कर केवल अपनी परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा, “अब कुछ ही घंटे बचे हैं। पूरी एकाग्रता और शांत मन से परीक्षा दें। अपनी तैयारी पर भरोसा रखें और बिना किसी तनाव के परीक्षा केंद्र जाएं।”

अरविंद केजरीवाल ने छात्रों की मेहनत पर विश्वास जताते हुए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि सभी विद्यार्थी शानदार प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा, “मुझे यकीन है कि आप सभी अच्छा प्रदर्शन करेंगे, NEET में सफलता हासिल करेंगे और भविष्य में देश के योग्य डॉक्टर बनेंगे।”

अपने संदेश के अंत में उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए ‘ऑल द बेस्ट’ कहा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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