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भगवंत मान सरकार ने सर्वसम्मति से जीता विश्वास मत

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब विधानसभा के फ्लोर को राजनीतिक अधिकार के एक निर्णायक दावे में बदल दिया, जिसमें उनकी सरकार ने सर्वसम्मति से विश्वास प्रस्ताव जीतकर एक स्पष्ट संदेश दिया कि पंजाब सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें नाकाम रहीं। लोगों के जनादेश को दृढ़ विश्वास का प्रतीक बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एलान किया कि आम आदमी पार्टी (आप) का बहुमत आधार बरकरार है, जो 2027 में और भी बड़े फैसले से स्पष्ट दिखाई देगा। उन्होंने “खून-पसीने” से बनी पार्टी की जमीनी ताकत और अरविंद केजरीवाल के साथ इसके अटूट बंधन को उजागर किया।

विपक्ष के संबंध में उन्होंने सदन में कांग्रेस की अनुपस्थिति को मौन समर्थन बताया और भाजपा के संगठनात्मक ढांचे पर सवाल उठाए। उन्होंने साथ ही यह एलान करके एक बड़ी संवैधानिक लड़ाई का संकेत दिया कि पंजाब सरकार राष्ट्रपति के पास पहुंचकर दल-बदल विरोधी सख्त कानूनी प्रस्तावों या री-कॉल के अधिकार की मांग करेगी। ‘आप’ को दल-बदल से प्रभावित न होने वाली एक टिकाऊ राष्ट्रीय ताकत बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि हमारी पार्टी लोगों के विश्वास का प्रतिनिधित्व करती है, जिसे तोड़ा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाओं के दुरुपयोग जैसे तरीके बाबा साहिब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को कमजोर करते हैं।

सदन की कार्यवाही के दौरान कुल 88 ‘आप’ विधायक मौजूद थे, जबकि ‘आप’ के दो विधायक इस समय विदेश में हैं और दो जेल में हैं। इसके अलावा दो विधायक अस्पताल में भर्ती हैं। विश्वास प्रस्ताव को सदन में सर्वसम्मति से समर्थन प्राप्त हुआ, जिसने भगवंत मान सरकार की ताकत और एकता को उजागर किया।

विश्वास प्रस्ताव पेश करके विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि गलत और भ्रामक जानकारी के जरिए सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन पंजाब के लोग सरकार के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि इन दिनों सूबा सरकार को अस्थिर करने के लिए झूठी अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे लोगों के मन में शक की भावना पैदा हो रही है। हालांकि, पंजाब के लोगों ने बार-बार सरकार और इसकी नीतियों में स्पष्ट विश्वास दिखाया है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पूरा विपक्ष निराशा के आलम में है क्योंकि उनके नकारात्मक कूड़ प्रचार के बावजूद उन्हें लोगों से कोई समर्थन नहीं मिल रहा।

विपक्ष के आंतरिक कलह पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विपक्ष पूरी तरह से आपस में ही उलझा हुआ है और उनकी लीडरशिप सत्ता के लिए आपस में लड़ रहे नेताओं से बंटी हुई है। विपक्ष के नेता और उनका अपना भाई एक ही घर में रहते हैं लेकिन उनकी पार्टियों के झंडे अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत ‘आप’ सत्ताधारी ‘आप’ पार्टी पूरी तरह से एकजुट है, जिसका हर वॉलिंटियर पंजाब की तरक्की के लिए ठोस यत्न कर रहा है।

वैधानिक और राजनीतिक सक्रियताओं के बारे में उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां यह हजम नहीं कर पा रही हैं कि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 पास हो गया है, क्योंकि यह अधिनियम उन्हें अपने विभाजनकारी एजेंडे को आगे बढ़ाने की इजाजत नहीं देगा। उन्होंने आगे कहा कि गुजरात से लेकर देश भर में ‘आप’ की बढ़ती मौजूदगी ने भाजपा और इसके सहयोगियों को बेचैनी में डाल दिया है। ‘आप’ अब जम्मू से गोवा तक फैल चुकी है, जो भाजपा और कांग्रेस दोनों की नींद हराम कर रही है, क्योंकि ये पार्टियां लोग केंद्रित मुद्दों को उठाने के बजाय सत्ता का दोस्ताना मैच खेलने को प्राथमिकता देती आई हैं।

पार्टी की विचारधारात्मक ताकत को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस, अकाली दल या भाजपा के विपरीत, ‘आप’ को तोड़ा नहीं जा सकता क्योंकि यह पार्टी राजनीतिक प्रणाली को साफ करने के लिए उभरी है। उन्होंने कहा कि कुछ मौकापरस्त आगुओं की वफादारी बदलने से कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि पंजाब के लोग सरकार और इसकी अनोखी पहलकदमियों के साथ डटकर खड़े हैं।

उन्होंने आगे कहा कि दल-बदलुओं के जाने के बाद विपक्षी पार्टियां झूठे दावे कर रही थीं कि ‘आप’ विधायक उनके संपर्क में हैं, जबकि उनके अपने नेता ही एक-दूसरे से आंख नहीं मिलाते।

लोकतांत्रिक माहौल के बारे में चिंताएं जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि देश मुश्किल समय से गुजर रहा है, जहां लोकतांत्रिक नियमों को खतरे में डाला जा रहा है और संविधान को तोड़ा जा रहा है। यह संविधान के मुख्य निर्माता बाबा साहिब अंबेडकर का घोर अपमान है, जो बिल्कुल भी बर्दाश्त योग्य नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि वोटों को हाईजैक किया जा रहा है और लोकतंत्र की आवाज को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।

भाजपा के खिलाफ अपनी आलोचना जारी रखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने टिप्पणी की कि भाजपा का अपना कोई कैडर नहीं है। मशहूर हस्तियां आती हैं, चुनाव लड़ती हैं और फिर चली जाती हैं। अगर देखा जाए तो उनके 240 सांसदों में से 125 कांग्रेस के हैं, जो दर्शाता है कि उनका अपना कोई आधार नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टियां बदलने वाले नेताओं ने लोगों और उनके जनादेश की पीठ में छुरा मारा है। उन्होंने कहा कि मैं भारत के राष्ट्रपति से मिलकर संशोधनों की मांग करूंगा ताकि ऐसे नेताओं को वापस बुलाया जा सके।

शासन और विकास के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक बड़ी सिंचाई पहल पर प्रकाश डाला और कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार 1 मई से पानी छोड़ा जा रहा है ताकि किसानों को इसका लाभ हो सके। धान के सीजन से पहले 4,000 किलोमीटर नए रजवाहों और 3,000 किलोमीटर पाइपलाइनों को चालू कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि सिस्टम की जांच करने और किसी भी कमी को दूर करने के लिए 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

उन्होंने आगे कहा कि “छोड़ा गया पानी दो भाखड़ा नहरों की सप्लाई के बराबर है, जिससे किसानों को अधिक लाभ होगा। यह समर्पित रिचार्ज स्कीमों के जरिए भूमिगत पानी को रिचार्ज करने में भी मदद करेगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों को लाभ होगा।” उन्होंने आगे कहा कि नहरों और दरियाओं में रिचार्ज पॉइंट बनाए गए हैं, जिससे पानी के स्तर में दो से चार मीटर का इजाफा हुआ है।

लंबे समय के दृष्टिकोण को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह फैसला आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से है, क्योंकि पंजाब का वजूद पानी पर निर्भर करता है। यह बहुत मान वाली बात है कि पिछले साल 21 लाख घन मीटर पानी रिचार्ज किया गया है। यह ऐतिहासिक पहल जमीन के नीचे के पानी की संभाल के साथ-साथ पंजाब के कृषि क्षेत्र को और मजबूत करेगी।

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चंबा में बड़ा बस हादसा, 7 की मौत; 15 घायल

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हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। यहां एक निजी बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 15 यात्री घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में एक लड़की, दो महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं। घायलों को इलाज के लिए तीसा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

जानकारी के अनुसार, निजी बस सुबह करीब 7 बजे बैरागढ़ से चंबा के लिए रवाना हुई थी। बैरागढ़ से कुछ दूरी पर चालुंज मोड़ के पास ‘शर्मा कोच’ बस अचानक अनियंत्रित हो गई। इसके बाद बस पलटते हुए दूसरी सड़क पर जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि बस के पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई।

हादसे के समय बस में करीब 25 यात्री सवार बताए जा रहे हैं। बस पलटने के बाद कई यात्री उसके अंदर फंस गए, जबकि कुछ लोग एक-दूसरे के ऊपर जा गिरे। हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा। जेसीबी की मदद से बस को हटाया गया और उसके अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान जगदेव शर्मा, देसराज, तेज सिंह, जगदेई, हरदेई, नीलम और रूप सिंह के रूप में बताई गई है। हादसे के बाद इलाके में मातम का माहौल है और मृतकों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है।

प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और हादसे की स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल हादसा किस वजह से हुआ, इसकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर बस के अनियंत्रित होकर पलटने की बात सामने आई है, लेकिन दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

फिलहाल सभी घायलों का तीसा अस्पताल में इलाज जारी है। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य के साथ-साथ हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा

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पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।

आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।

कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।

श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।

रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।

वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”

कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”

श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।

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सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?

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