National
अंतरराष्ट्रीय पहलवान ‘सुपर खालसा’ आम आदमी पार्टी में शामिल
पंजाब की राजनीति में आज उस समय एक उत्साह देखने को मिला जब अंतरार्ष्ट्रीय पहलवान और ‘इंडियाज़ स्ट्रॉन्गेस्ट मैन’ टाइटल जीतने वाले इंदरप्रीत सिंह (सुपर खालसा) आधिकारिक तौर पर आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मण ने इंदरप्रीत सिंह को आप में शामिल करवाया और पार्टी में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
ओएसडी घुम्मण ने कहा कि इंदरप्रीत जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी के आने से पार्टी जमीनी स्तर पर और मजबूत होगी। इंदरप्रीत सिंह ने मशहूर कबड्डी खिलाड़ी पाला जलालपुरिया, रुस्तम-ए-हिंद जस्सा पट्टी और रुस्तम-ए-हिंद प्रीतपाल फगवाड़ा के कामों और उनके प्रभाव से प्रेरित होकर होकर पार्टी में शामिल होने का फैसला किया है।
इंदरप्रीत सिंह की खेल प्राप्तियां बहुत ही प्रभावशाली हैं। वे अभी प्रो-रेसलिंग के हैवीवेट चैंपियन हैं और पंजाब स्टेट पावरलिफ्टिंग में चार गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। उनका यह स्पोर्ट्समैनशिप और डिसिप्लिन अब राजनीति के ज़रिए समाज सेवा में दिखेगा।
पार्टी लीडरशिप ने भरोसा जताया कि खेल द्वारा देश और दुनिया में पंजाब का नाम रोशन करने वाले ये युवा ‘रंगला पंजाब’ बनाने के मिशन में अहम रोल निभाएंगे। उनके अनुभव और लोकप्रियता से पंजाब की अगली पीढ़ी को सही गाइडेंस मिलेगी और वे ड्रग्स जैसी बुरी आदतों को छोड़कर स्पोर्ट्स और कंस्ट्रक्टिव कामों की तरफ़ मुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।
National
मजदूर दिवस पर बड़ा तोहफा: Punjab में न्यूनतम मजदूरी में 15% बढ़ोतरी, CM Bhagwant Mann का ऐलान
मजदूर दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने मजदूरों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान किया है। पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने सदन को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। इस प्रस्ताव को विधानसभा स्पीकर द्वारा सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला मजदूर दिवस पर राज्य के श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण तोहफा है। उन्होंने बताया कि यह बढ़ोतरी सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में लागू होगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2013 के बाद से मजदूरी में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई थी, जबकि इस दौरान दो सरकारें बदल चुकी थीं।
इस बीच, राज्य की राजनीति में भी हलचल देखी गई। Aam Aadmi Party सरकार द्वारा विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव लाए जाने की संभावना जताई गई है, खासकर राज्यसभा के छह सांसदों के दल-बदल के बाद। पार्टी अपने 94 विधायकों की एकजुटता साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट कर सकती है।
विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे फिर से शुरू हुई, लेकिन शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नारेबाजी देखने को मिली। हंगामे के चलते स्पीकर को सत्र को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा। बाद में कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, जिसमें मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन को जारी रखा।
विपक्ष के नेता Partap Singh Bajwa ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बार-बार विशेष सत्र बुलाने की बजाय नियमित सत्र आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक कई सत्र बुलाए जा चुके हैं, लेकिन उनमें प्रश्नकाल और शून्यकाल जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को पर्याप्त समय नहीं दिया गया, जिससे विधायकों को अपने मुद्दे उठाने का मौका नहीं मिल पा रहा।
कुल मिलाकर, जहां एक ओर मजदूरों के लिए यह फैसला राहत लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर विधानसभा में राजनीतिक माहौल गर्माता हुआ नजर आया।
National
मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने अत्याधुनिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को किया लोकार्पित, संगरूर के 85 गांवों को होगा लाभ
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज संगरूर में एक अत्याधुनिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण किया, जो ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे के व्यापक विस्तार को दर्शाता है। इस केंद्र से 85 गांवों के निवासियों को लाभ होगा। आजादी के लगभग 80 साल बाद कौहरिया गांव में 24 घंटे आपातकालीन सेवाओं, सर्जिकल सुविधाओं, गंभीर बीमारियों के इलाज और बच्चों के लिए विशेषज्ञ देखभाल से लैस 30 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाया गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने दिड़बा जैसे क्षेत्रों को नजरअंदाज किया और विकास को कुछ ही लोगों तक सीमित रखा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अस्पतालों, स्कूलों, पुस्तकालयों और सड़कों के माध्यम से गांवों में जनता का पैसा लोगों के विकास पर लगाकर इस परंपरा को बदल रही है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए हमने गांव कौहरिया में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण किया है।” उन्होंने आगे कहा, “यह प्रोजेक्ट 13.23 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है और इस केंद्र में 30 बिस्तर उपलब्ध हैं।” इसकी पृष्ठभूमि को उजागर करते हुए उन्होंने कहा, “आजादी के लगभग 80 साल बाद, कौहरिया गांव के लोग अपना पहला 30 बिस्तरों वाला अस्पताल मिलने का जश्न मना रहे हैं।” उन्होंने कहा, “यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वास्तव में 1962 में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित किया गया था।”
बुनियादी ढांचे का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चार ओपीडी (आउटपेशेंट विभाग), एक आपातकालीन ब्लॉक, दो लेबर ऑपरेशन थिएटर, एक माइनर ऑपरेशन थिएटर और दो बड़े ऑपरेशन थिएटर होंगे।” उन्होंने आगे कहा, “इसमें एक नर्सिंग स्टेशन, दो जनरल वार्ड, एक अल्ट्रासाउंड कक्ष, एक प्रयोगशाला, एक एक्स-रे कक्ष, तीन डॉक्टर परामर्श कक्ष और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी शामिल होंगी।”

इसके महत्व को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस नए सीएचसी से गांव के 4,100 लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।” उन्होंने आगे कहा, “इसके अलावा, यह आसपास के 85 गांवों के लिए वरदान साबित होगा, जिससे लगभग 35,000 लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।”
24 घंटे देखभाल पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “केंद्र में 24 घंटे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी और गंभीर बीमारियों के लिए सर्जरी और इलाज हेतु डॉक्टर मौजूद होंगे।” उन्होंने आगे कहा, “सीएचसी में बच्चों की बीमारियों के इलाज के लिए बाल रोग विशेषज्ञ भी होंगे और माताओं एवं बच्चों के लिए सभी आवश्यक जांचों के साथ-साथ मुफ्त इलाज प्रदान किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मरीजों को मुफ्त एक्स-रे, ईसीजी और रक्त परीक्षण की सुविधाएं मिलेंगी, और दवाइयां भी मुफ्त प्रदान की जाएंगी।” उन्होंने आगे कहा, “इस सीएचसी में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत कैशलेस इलाज उपलब्ध होगा।”
सरकार के व्यापक दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “यह अस्पताल कई साल पहले बन जाना चाहिए था, लेकिन पिछली सरकारें अपने परिवारों तक ही सीमित रहीं।” उन्होंने आगे कहा, “हमारी सरकार गांवों में स्कूलों, पुस्तकालयों, अस्पतालों और सड़कों के रूप में लोगों का पैसा लोगों के विकास पर खर्च करना जारी रखेगी।”
विशेष देखभाल के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “दांतों की बीमारियों का इलाज भी एक विशेषज्ञ दंत चिकित्सक द्वारा किया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “नशा मुक्ति उपचार के लिए, एक ओटी सेंटर (ओपियोइड एगोनिस्ट थेरेपी सेंटर) नशा पीड़ितों को दवाएं और उपचार प्रदान करेगा।”
सरकार की प्रतिबद्धता को उजागर करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पिछली सरकारों ने दिड़बा क्षेत्र को नजरअंदाज किया, लेकिन भगवंत मान सरकार ने एक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल प्रदान करके इसका गौरव बढ़ाया है।”
सरकार द्वारा सभी को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने पर दी जा रही प्राथमिकता के बारे में बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डा. बलबीर सिंह ने कहा, “भगवंत मान सरकार हर पंजाबी को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और स्वास्थ्य बीमा के लिए 2,000 करोड़ रुपये अलॉट करना इसका सबसे बड़ा सबूत है।”
National
किसानों को सिंचाई के लिए कोई कमी नहीं आएगी, नहरों में दो भाखड़ा नहरों के बराबर पानी छोड़ा जा चुका है—CM Bhagwant Singh Mann
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज टिकाऊ खेती और लंबे समय तक पानी के संरक्षण के लिए व्यापक रूपरेखा का खुलासा करते हुए पंजाब के किसानों को भूजल पर निर्भरता घटाकर नहरी पानी की सिंचाई की ओर मुड़ने का आह्वान किया। अपने पैतृक गांव सतौज के दौरे के दौरान ग्रामीणों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब का भविष्य उसके जल संसाधनों से अटूट रूप से जुड़ा हुआ है और इन्हें सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है, जो हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब का अस्तित्व स्वाभाविक रूप से इसके पानी से जुड़ा हुआ है और इसे सुरक्षित रखना केवल नीतिगत प्राथमिकता ही नहीं बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले धान सीजन के लिए 1 मई से ही नहरी पानी दिया जाएगा, जो पारंपरिक सिंचाई समय-सारिणी से एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
उन्होंने आगे कहा, “यह पंजाब के इतिहास में पहली बार है कि धान की बुवाई के सीजन से पहले किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए 1 मई से नहरी पानी छोड़ा जा रहा है।” इस पहल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई की सुविधा के लिए नहरों और खालों में 21,000 क्यूसेक पानी पहले ही छोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि पानी की एक-एक बूंद को सुरक्षित रखा जाए और उसका समुचित उपयोग किया जाए।”
पंजाब के पानी पर अधिकार की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब ने न तो अन्य राज्यों के साथ पानी पर कोई समझौता किया है और न ही पाकिस्तान की ओर पानी जाने दिया है, ताकि पूरा पानी हमारे किसानों के हित में इस्तेमाल हो सके।” उन्होंने दशकों से लगातार अत्यधिक भूजल दोहन के कारण चिंताजनक स्तर तक पानी घटने की चुनौती का जिक्र किया और इसमें तुरंत बदलाव की जरूरत पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने किसानों से ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम करने की अपील करते हुए कहा, “भूजल एक कीमती और सीमित संसाधन है, जिसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना चाहिए। अब अपनी सोच में सामूहिक बदलाव लाने का समय आ गया है। नहरी पानी केवल विकल्प नहीं, बल्कि पंजाब की कृषि का भविष्य है।”
सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मार्च 2026 से अब तक राज्य भर में सिंचाई परियोजनाओं पर 6,700 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसके तहत पानी के समुचित वितरण को सुनिश्चित करने और नुकसान को कम करने के लिए लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई हैं और खालों को बहाल किया गया है।” उन्होंने आगे कहा कि धान के मौजूदा सीजन से पहले 4,000 किलोमीटर और खालों तथा 3,000 किलोमीटर पाइपलाइन को चालू कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे इन प्रणालियों का परीक्षण करने, रुकावटों की पहचान करने और कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी। इस बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर विकसित किया गया है और यह पंजाब के सिंचाई नेटवर्क को आधुनिक बनाने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
इस ढांचे की व्यापकता को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “दो भाखड़ा नहरों के बराबर पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और भूजल पर निर्भरता काफी घटेगी।” उन्होंने आगे कहा कि इस पहल के तहत समर्पित योजनाओं के माध्यम से भूजल स्तर को ऊपर उठाने में मदद मिलेगी, जिससे दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित की जा सकेगी।
उन्होंने कहा, “यह केवल वर्तमान फसल चक्र के बारे में नहीं है, बल्कि यह पंजाब की कृषि के भविष्य को सुरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थायी पारिस्थितिकी तंत्र बनाए रखने के बारे में है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “यह मेरा गांव और मेरे अपने लोग हैं। मैं यहां सभी को व्यक्तिगत रूप से जानता हूं और इससे यह दौरा और भी खास बन जाता है।” उन्होंने ग्रामीणों से सीधी अपील करते हुए कहा, “ट्यूबवेलों के माध्यम से अधिक भूजल का दोहन न करें। आज बचाई गई हर बूंद हमारे भविष्य की रक्षा करेगी।” अन्य उपायों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नहरी नेटवर्क के साथ-साथ हर 20 मीटर की दूरी पर रिचार्ज पॉइंट स्थापित किए गए हैं, ताकि भूजल भंडारों की प्राकृतिक रूप से पुनःपूर्ति हो सके।
विधायी संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि “जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026” का पारित होना एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा, “इस कानून के तहत बेअदबी के लिए सख्त सजा सुनिश्चित की गई है, जिससे यह स्पष्ट संदेश जाता है कि पवित्र ग्रंथों की बेअदबी करने के किसी भी प्रयास को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “ऐसी घिनौनी हरकतें न केवल धर्म के खिलाफ अपराध हैं बल्कि मानवता के खिलाफ भी अपराध हैं, जिनका उद्देश्य अक्सर शांति और सद्भाव को भंग करना होता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाएं समाज को हमेशा नेकी और एकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा, “इस कानून के लागू होने से दोषी पाए जाने वालों को उदाहरणात्मक सजा मिलेगी। यह एक मजबूत निवारक उपाय के रूप में काम करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि ऐसी घिनौनी घटनाएं दोबारा न हों।” एक और बड़े सुधार की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार ने खेतों में से गुजर रही हाई-टेंशन बिजली की तारों को भूमिगत करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।” उन्होंने बताया कि यह परियोजना इस समय कार्यान्वयन के चरण में है और जल्द ही एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह मानव जीवन के जोखिम को समाप्त करेगा, फसलों के नुकसान को रोकेगा और खेतीबाड़ी कार्यों में इन तारों के कारण उत्पन्न होने वाली बाधाओं को दूर करेगा। यह परियोजना किसानों के जीवन में सार्थक बदलाव लाएगी।” उन्होंने कहा कि यह पायलट प्रोजेक्ट उनके पैतृक गांव से शुरू होगा, जिसमें 2,000 एकड़ क्षेत्र में फैले लगभग 413 ट्यूबवेल और 1,100 बिजली के खंभे शामिल होंगे। व्यापक दृष्टिकोण को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य किसानों को और सशक्त बनाना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना और समृद्ध पंजाब का निर्माण करना है। पंजाब सरकार का हर निर्णय लोगों की भलाई और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया है।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “हमारी सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस संबंध में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।
-
Religious2 years agoकब है तुलसी विवाह? इस दिन तुलसी माता का विवाह करने से मिलेगा लाभ
-
Religious2 years agoजानिए गोवर्धन पूजा का महत्व, कौनसा समय रहेगा पूजा के लिए सही
-
Religious2 years agoआखिर क्यों लिखा जाता है घर के बाहर शुभ लाभ, जानिए क्या है इन चिह्न का मतलब
-
Religious2 years agoपैरों के निशान, बनावट, रंग, साइज से पता लागए की आप कितने है भागयशाली
-
Punjab2 years agoपंजाब में अमरूद के बगीचे के मुआवजे के घोटाले में ED ने 26 स्थानों पर छापे मारे
-
Chandigarh2 years agoChandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?
-
Punjab2 years agoLudhiana में पुलिस स्टेशन के पास शव मिला। एक आदमी सड़क के बीच में पड़ा था; पास में कपड़ों से भरा एक बोरे भी मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी
-
Religious2 years agoजानिए दीपावली में वाले दिन आखिर कितने जलाने चाहिए दीये ? और क्यों जलाने चाहिए दिये |