Punjab
Punjab के किसानों के लिए बड़ी राहत, भगवंत मान सरकार ने पहली बार 1 May से धान की बुआई के लिए नहरी पानी की सप्लाई सुनिश्चित की
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने धान के सीजन से पहले किसानों के लिए बड़ी राहत का एलान करते हुए कहा कि सिंचाई के लिए नहरी पानी पहली मई से ही उपलब्ध करा दिया जाएगा, जिसके लिए प्रदेश भर की नहरों में 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा, जो पंजाब की जमीन के नीचे पानी पर भारी निर्भरता को खत्म करेगा। सिंचाई के बुनियादी ढांचे में 6,700 करोड़ के निवेश, 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन नेटवर्क और 7,000 नए बने राजबाहों और कस्सियों के साथ भगवंत मान सरकार ने इस शानदार कदम को चार ज़ोनों में 8-घंटे बिजली सप्लाई शेड्यूल के साथ जोड़ा है ताकि बुआई को सुचारू बनाया जा सके।
यह कदम न केवल धान के लिए सिंचाई सुनिश्चित करता है, बल्कि मालवा क्षेत्र में कपास, बागवानी और चारे वाली मक्की के लिए नहरी पानी की उपलब्धता को भी सुरक्षित करता है, जबकि भूजल रिचार्ज में ठोस लाभ प्रदान करता है, जिसके स्तर में 2 से 4 मीटर का इजाफा हो रहा है, जो प्रदेश की जल प्रबंधन रणनीति में संरचनात्मक बदलाव का संकेत है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर कहा, “आज चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब के जल संसाधनों, कृषि और युवाओं के उज्जवल भविष्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। हमारा मुख्य उद्देश्य भूजल के उपयोग को कम करना और यह सुनिश्चित करना है कि नहरी पानी हर खेत तक पहुंचे।”
उन्होंने आगे कहा, “सिंचाई बुनियादी ढांचे में 6,700 करोड़ का ऐतिहासिक निवेश किया गया है। इस सीजन में 14,000 किलोमीटर नई पाइपलाइनों और 4,000 किलोमीटर नई नहरों के निर्माण के साथ 1 मई से नहरों में पूरा पानी छोड़ा जाएगा। फाज़िल्का और अबोहर जैसे टेल (छोर) पर पड़ने वाले क्षेत्रों को भी 2 मई तक पानी मिल जाएगा। पानी रिचार्ज करने के प्रयासों के कारण जमीन के नीचे पानी का स्तर दो से चार मीटर बढ़ा है। इसके साथ बिजली बचाने और मजदूरों के लिए सुविधा सुनिश्चित करने के लिए धान की बुआई को चार ज़ोनों में बांटा गया है। सीधी बुआई 15 मई से शुरू होगी और 1 जून से नहरी पानी की सप्लाई चरणबद्ध तरीके से प्रदान की जाएगी। मैं यह भी स्पष्ट करना चाहता हूं कि ऑस्ट्रेलिया से वापस भेजे जा रहे पंजाबियों को हर संभव सहायता दी जाएगी।”
उन्होंने पोस्ट में कहा, “सरकार युवाओं को रोजगार प्रदान करने और प्रदेश में पानी की हर बूंद को बचाकर आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहली बार पंजाब के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए पहली मई से प्रदेश में पानी छोड़ा जा रहा है।” उन्होंने जोर देकर कहा, “हमारी सरकार पानी की हर बूंद बचाने के लिए वचनबद्ध है। किसी और प्रदेश को पानी की एक बूंद भी अतिरिक्त नहीं दी गई, न ही पाकिस्तान को कोई पानी भेजा जा रहा है।”
टिकाऊ सिंचाई साधनों की ओर बदलाव की बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने यह सुनिश्चित किया है कि नहरी पानी पर निर्भरता बढ़ाई जाए ताकि ट्यूबवेलों पर दबाव को कम किया जा सके।” उन्होंने आगे कहा, “मार्च 2026 तक पंजाब सरकार ने पूरे पंजाब में सिंचाई कार्यों पर 6,700 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।”
अधिक विवरण देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस राशि का उपयोग प्रदेश भर में 14,000 किलोमीटर पाइप बिछाने और कस्सियाँ बनाने के लिए किया गया है।” उन्होंने आगे कहा, “इस धान सीजन से पहले, 4,000 किलोमीटर नए बने राजबाहों और 3,000 किलोमीटर पाइपलाइनों को चालू कर दिया जाएगा।” उन्होंने कहा, “इन पाइपलाइनों और कस्सियों में 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा ताकि उनकी जांच की जा सके और किसी भी कमी को दूर किया जा सके।”
इस पहल के स्तर के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “छोड़ा जा रहा पानी दो भाखड़ा नहरों की सप्लाई के बराबर है और किसानों को बहुत लाभ पहुंचाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “यह विशेष रूप से मालवा क्षेत्र के किसानों को बागों और कपास, मक्की तथा चारे जैसी फसलों की बुआई के साथ-साथ धान की खेती के लिए खेत तैयार करने में मदद करेगा।”
इसके लंबे समय के लाभकारी होने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह पानी विभिन्न रिचार्ज योजनाओं के माध्यम से भूजल को रिचार्ज करने में भी मदद करेगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों को लाभ होगा।” उन्होंने आगे कहा, “बागवानी, खासकर फाज़िल्का और अबोहर इलाकों में इससे लाभ होगा क्योंकि उन्हें अब ट्यूबवेलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।”
भूजल संरक्षण पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप पानी के स्तर में दो से चार मीटर का इजाफा हुआ है।” उन्होंने आगे कहा, “यह फैसला आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से लिया गया है क्योंकि पंजाब का अस्तित्व उसके पानी से है और पानी के बिना प्रदेश की कोई होशियारी नहीं है।”
अन्य उपलब्धियाँ साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह गर्व की बात है कि पंजाब सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप पिछले एक साल में 21 लाख घन मीटर पानी रिचार्ज किया गया है।”फसल योजना के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अक्टूबर में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण किसानों को धान बेचने में आने वाली मुश्किलों से बचने के लिए पंजाब सरकार ने पहली जून से धान की खरीद शुरू करने का फैसला किया है।” उन्होंने आगे कहा, “धान की ज़ोन-वार खेती सही योजना और प्रबंधन के साथ की जाएगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “सभी जिलों में 15 मई से धान की सीधी बुआई शुरू होगी, जिसके लिए आठ घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई मिलेगी।” उन्होंने आगे कहा, “पहली जून से गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरन तारन, रोपड़, एस.ए.एस. नगर, श्री फतेहगढ़ साहिब और होशियारपुर में धान की बुआई शुरू हो जाएगी।” उन्होंने आगे बताया, “पांच जून से फरीदकोट, बठिंडा, फिरोजपुर, श्री मुक्तसर साहिब और फाज़िल्का में बुआई शुरू हो जाएगी और 9 जून से लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, पटियाला, संगरूर, बरनाला, कपूरथला, जालंधर और शहीद भगत सिंह नगर में शुरू हो जाएगी।”
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Punjab-Chandigarh में बदलेगा मौसम, 5 दिनों तक गर्मी से राहत; तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी
पंजाब और Chandigarh के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। आज 2 मई से अगले पांच दिनों तक गर्मी से काफी राहत मिलने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक, आंधी और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के India Meteorological Department के चंडीगढ़ केंद्र ने इस स्थिति को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश और ओलावृष्टि के असर से मैदानी क्षेत्रों के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
राज्य में औसतन तापमान में 1.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है, जो सामान्य से लगभग 2.8 डिग्री कम है। Bathinda में अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आज सात जिलों—Pathankot, Hoshiarpur, Fazilka, Muktsar, Bathinda, Mansa और Rupnagar—में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
राज्य के सभी जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। 11 जिलों में तापमान 35 से 40 डिग्री के बीच रहा। Amritsar में तापमान 35.8 डिग्री, Ludhiana में 35.2 डिग्री, Patiala में 35.6 डिग्री और Chandigarh में 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जहां तापमान में गिरावट देखी गई।
मौसम विभाग ने किसानों को तेज हवाओं और बदलते मौसम के कारण फसलों को होने वाले संभावित नुकसान को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। आने वाले पांच दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, जिससे जहां एक ओर गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं तेज हवाओं और आंधी को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।
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भगवंत मान सरकार ने सर्वसम्मति से जीता विश्वास मत
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब विधानसभा के फ्लोर को राजनीतिक अधिकार के एक निर्णायक दावे में बदल दिया, जिसमें उनकी सरकार ने सर्वसम्मति से विश्वास प्रस्ताव जीतकर एक स्पष्ट संदेश दिया कि पंजाब सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें नाकाम रहीं। लोगों के जनादेश को दृढ़ विश्वास का प्रतीक बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एलान किया कि आम आदमी पार्टी (आप) का बहुमत आधार बरकरार है, जो 2027 में और भी बड़े फैसले से स्पष्ट दिखाई देगा। उन्होंने “खून-पसीने” से बनी पार्टी की जमीनी ताकत और अरविंद केजरीवाल के साथ इसके अटूट बंधन को उजागर किया।
विपक्ष के संबंध में उन्होंने सदन में कांग्रेस की अनुपस्थिति को मौन समर्थन बताया और भाजपा के संगठनात्मक ढांचे पर सवाल उठाए। उन्होंने साथ ही यह एलान करके एक बड़ी संवैधानिक लड़ाई का संकेत दिया कि पंजाब सरकार राष्ट्रपति के पास पहुंचकर दल-बदल विरोधी सख्त कानूनी प्रस्तावों या री-कॉल के अधिकार की मांग करेगी। ‘आप’ को दल-बदल से प्रभावित न होने वाली एक टिकाऊ राष्ट्रीय ताकत बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि हमारी पार्टी लोगों के विश्वास का प्रतिनिधित्व करती है, जिसे तोड़ा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाओं के दुरुपयोग जैसे तरीके बाबा साहिब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को कमजोर करते हैं।
सदन की कार्यवाही के दौरान कुल 88 ‘आप’ विधायक मौजूद थे, जबकि ‘आप’ के दो विधायक इस समय विदेश में हैं और दो जेल में हैं। इसके अलावा दो विधायक अस्पताल में भर्ती हैं। विश्वास प्रस्ताव को सदन में सर्वसम्मति से समर्थन प्राप्त हुआ, जिसने भगवंत मान सरकार की ताकत और एकता को उजागर किया।
विश्वास प्रस्ताव पेश करके विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि गलत और भ्रामक जानकारी के जरिए सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन पंजाब के लोग सरकार के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि इन दिनों सूबा सरकार को अस्थिर करने के लिए झूठी अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे लोगों के मन में शक की भावना पैदा हो रही है। हालांकि, पंजाब के लोगों ने बार-बार सरकार और इसकी नीतियों में स्पष्ट विश्वास दिखाया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पूरा विपक्ष निराशा के आलम में है क्योंकि उनके नकारात्मक कूड़ प्रचार के बावजूद उन्हें लोगों से कोई समर्थन नहीं मिल रहा।
विपक्ष के आंतरिक कलह पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विपक्ष पूरी तरह से आपस में ही उलझा हुआ है और उनकी लीडरशिप सत्ता के लिए आपस में लड़ रहे नेताओं से बंटी हुई है। विपक्ष के नेता और उनका अपना भाई एक ही घर में रहते हैं लेकिन उनकी पार्टियों के झंडे अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत ‘आप’ सत्ताधारी ‘आप’ पार्टी पूरी तरह से एकजुट है, जिसका हर वॉलिंटियर पंजाब की तरक्की के लिए ठोस यत्न कर रहा है।
वैधानिक और राजनीतिक सक्रियताओं के बारे में उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां यह हजम नहीं कर पा रही हैं कि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 पास हो गया है, क्योंकि यह अधिनियम उन्हें अपने विभाजनकारी एजेंडे को आगे बढ़ाने की इजाजत नहीं देगा। उन्होंने आगे कहा कि गुजरात से लेकर देश भर में ‘आप’ की बढ़ती मौजूदगी ने भाजपा और इसके सहयोगियों को बेचैनी में डाल दिया है। ‘आप’ अब जम्मू से गोवा तक फैल चुकी है, जो भाजपा और कांग्रेस दोनों की नींद हराम कर रही है, क्योंकि ये पार्टियां लोग केंद्रित मुद्दों को उठाने के बजाय सत्ता का दोस्ताना मैच खेलने को प्राथमिकता देती आई हैं।
पार्टी की विचारधारात्मक ताकत को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस, अकाली दल या भाजपा के विपरीत, ‘आप’ को तोड़ा नहीं जा सकता क्योंकि यह पार्टी राजनीतिक प्रणाली को साफ करने के लिए उभरी है। उन्होंने कहा कि कुछ मौकापरस्त आगुओं की वफादारी बदलने से कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि पंजाब के लोग सरकार और इसकी अनोखी पहलकदमियों के साथ डटकर खड़े हैं।
उन्होंने आगे कहा कि दल-बदलुओं के जाने के बाद विपक्षी पार्टियां झूठे दावे कर रही थीं कि ‘आप’ विधायक उनके संपर्क में हैं, जबकि उनके अपने नेता ही एक-दूसरे से आंख नहीं मिलाते।
लोकतांत्रिक माहौल के बारे में चिंताएं जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि देश मुश्किल समय से गुजर रहा है, जहां लोकतांत्रिक नियमों को खतरे में डाला जा रहा है और संविधान को तोड़ा जा रहा है। यह संविधान के मुख्य निर्माता बाबा साहिब अंबेडकर का घोर अपमान है, जो बिल्कुल भी बर्दाश्त योग्य नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि वोटों को हाईजैक किया जा रहा है और लोकतंत्र की आवाज को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
भाजपा के खिलाफ अपनी आलोचना जारी रखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने टिप्पणी की कि भाजपा का अपना कोई कैडर नहीं है। मशहूर हस्तियां आती हैं, चुनाव लड़ती हैं और फिर चली जाती हैं। अगर देखा जाए तो उनके 240 सांसदों में से 125 कांग्रेस के हैं, जो दर्शाता है कि उनका अपना कोई आधार नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टियां बदलने वाले नेताओं ने लोगों और उनके जनादेश की पीठ में छुरा मारा है। उन्होंने कहा कि मैं भारत के राष्ट्रपति से मिलकर संशोधनों की मांग करूंगा ताकि ऐसे नेताओं को वापस बुलाया जा सके।
शासन और विकास के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक बड़ी सिंचाई पहल पर प्रकाश डाला और कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार 1 मई से पानी छोड़ा जा रहा है ताकि किसानों को इसका लाभ हो सके। धान के सीजन से पहले 4,000 किलोमीटर नए रजवाहों और 3,000 किलोमीटर पाइपलाइनों को चालू कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि सिस्टम की जांच करने और किसी भी कमी को दूर करने के लिए 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
उन्होंने आगे कहा कि “छोड़ा गया पानी दो भाखड़ा नहरों की सप्लाई के बराबर है, जिससे किसानों को अधिक लाभ होगा। यह समर्पित रिचार्ज स्कीमों के जरिए भूमिगत पानी को रिचार्ज करने में भी मदद करेगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों को लाभ होगा।” उन्होंने आगे कहा कि नहरों और दरियाओं में रिचार्ज पॉइंट बनाए गए हैं, जिससे पानी के स्तर में दो से चार मीटर का इजाफा हुआ है।
लंबे समय के दृष्टिकोण को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह फैसला आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से है, क्योंकि पंजाब का वजूद पानी पर निर्भर करता है। यह बहुत मान वाली बात है कि पिछले साल 21 लाख घन मीटर पानी रिचार्ज किया गया है। यह ऐतिहासिक पहल जमीन के नीचे के पानी की संभाल के साथ-साथ पंजाब के कृषि क्षेत्र को और मजबूत करेगी।
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विभिन्न राज्यों में ED और CBI के छापों के जरिए डराकर चुनी हुई सरकारों को कमजोर कर रही है भाजपा: Harpal Singh Cheema
भाजपा पर तीखा हमला करते हुए ‘आप’ के वरिष्ठ नेता और पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार को भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और संघीय ढांचे को कमजोर करने की योजना बनाने वाली सरकार बताया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव का समर्थन करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “देश की बुनियादी लोकतांत्रिक मूल्यों और पिछले दशक के दौरान भाजपा द्वारा की जा रही गैर-संवैधानिक गतिविधियों के बीच बहुत बड़ा अंतर है। पंजाब से छह राज्यसभा सदस्यों को तोड़ा गया है। यह स्पष्ट रूप से एक सुनियोजित और लोकतांत्रिक विकृति है कि 117 विधानसभा सीटों में से केवल दो सीटें जीतने वाली पार्टी अब छह राज्यसभा सीटों का दावा कर रही है।”
एजेंसियों के दुरुपयोग की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, “भाजपा ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर और मैनेजिंग डायरेक्टर के घर उन्हें डराने-धमकाने के लिए ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल किया, ताकि उच्च सदन में बहुमत साबित किया जा सके और 123 सदस्यों के आंकड़े के करीब पहुंचा जा सके। देशभर में ऐसा ही कुछ चल रहा है—हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में क्रॉस वोटिंग, महाराष्ट्र में शिवसेना का टूटना, बिहार में नीतीश कुमार से जुड़े जनादेश में फेरबदल और गुजरात में विधायकों की खरीद-फरोख्त के जरिए चुने हुए प्रतिनिधियों को कमजोर किया जा रहा है।”
सीनियर ‘आप’ नेता ने आगे कहा, “ये कार्रवाइयां दर्शाती हैं कि भाजपा जनादेश जीतने में असफल रहने पर अप्रत्यक्ष रूप से राज्यों पर नियंत्रण हासिल करने के लिए एक समानांतर गैर-लोकतांत्रिक प्रणाली चला रही है। अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान सहित आम आदमी पार्टी का नेतृत्व बाबा साहिब डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में अटूट विश्वास रखता है, जबकि भाजपा का इसमें कोई विश्वास नहीं है और शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, लाला लाजपत राय और शहीद ऊधम सिंह के अद्वितीय बलिदानों को भुलाकर लोगों को बांटने और सांप्रदायिक विभाजन को बढ़ाने की कोशिश कर रही है।”
अंत में उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र को तानाशाही और कानूनहीन केंद्रीय सरकार से बचाने के लिए दूसरे राष्ट्रीय आंदोलन का समय आ गया है। ऐसी कार्रवाइयां ‘गुंडा राज’ का उदाहरण हैं और भारत के संघीय ढांचे के लिए गंभीर खतरा हैं, जिनका डटकर विरोध किया जाना चाहिए।
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