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होशियारपुर को 516 करोड़ की सौगात, CM मान ने रखी मेडिकल कॉलेज और विकास परियोजनाओं की आधारशिला

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  होशियारपुर में 516 करोड़ रुपये के विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया, जिसमें शाम चौरासी विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे का बड़े पैमाने पर विस्तार और जमीनी स्तर पर नई परियोजनाएं शामिल हैं। 

राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज दो वर्षों के भीतर पूरा हो जाएगा, जहां वार्षिक 100 एमबीबीएस डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा ओपीडी, एमआरआई, सिटी स्कैन और विशेष विभागों सहित उन्नत सुविधाओं से लैस 300 बिस्तरों वाला अस्पताल भी बनाया जाएगा।

30 बिस्तरों वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की आधारशिला रखी

जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शाम चौरासी में 30 बिस्तरों वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की आधारशिला रखी, जो आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, लैब, एक्स-रे, टीकाकरण और प्रसव देखभाल सेवाओं से सुसज्जित है, जिससे 40 से अधिक गांवों को लाभ होगा। 

उन्होंने हर कोने तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए क्षेत्र में सात अतिरिक्त हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों की भी घोषणा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार लोगों के घरों के नजदीक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

9.18 करोड़ रुपये के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर का नींव

स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम स्तर तक मजबूत करते हुए उन्होंने क्षेत्र में सात और हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों के साथ-साथ 40 से अधिक गांवों को लाभ पहुंचाने के लिए 9.18 करोड़ रुपये के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर का नींव पत्थर भी रखा। विकास को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 99 करोड़ रुपये के बलाचौर-गढ़शंकर-होशियारपुर-दसूहा सड़क प्रोजेक्ट की शुरुआत की, जो 105 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर है। 

यह चंडीगढ़, पठानकोट और जम्मू-कश्मीर के बीच संपर्क बढ़ाएगा, जम्मू और दिल्ली के बीच यात्रा के समय को कम करेगा तथा आनंदपुर साहिब, माता नैना देवी और माता ज्वाला जी की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुगम पहुंच उपलब्ध कराएगा।

कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास 

शाम चौरासी विधानसभा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आजादी के बाद 70 साल से अधिक समय तक पारंपरिक विरोधी पार्टियों ने राज्य को बेरहमी से लूटा है। इन पार्टियों की पिछड़ी और विभाजनकारी नीतियों के कारण राज्य विकास की रफ्तार से पिछड़ गया, जिससे लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। 

हालांकि पिछले चार वर्षों में राज्य का समग्र विकास सुनिश्चित किया गया है और पहली बार राज्य सरकार ने इतने कम समय में लोगों से किए सभी वादे पूरे किए हैं।”

चुनावी घोषणा पत्र को लागू किया

मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि राज्य के विकास को सही दिशा में डाला गया है और अब पंजाब सरकार हर बीतते दिन के साथ अपनी रफ्तार बढ़ा रही है। राज्य सरकार ने 70 वर्षों का अंतर भर दिया है और अब रंगला पंजाब बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। 

‘आप’ सरकार देश की पहली सरकार है, जिसने लोगों के लिए चुनावी घोषणा पत्र को लागू किया है, क्योंकि लोगों द्वारा उठाई गई सभी जायज मांगों को अमल में लाया जा रहा है।”

300 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाया जाएगा

बड़ी विकास पहलों को उजागर करते हुए उन्होंने आगे कहा, “आज शाम चौरासी में 385 करोड़ रुपये के विकास कार्य शुरू किए गए हैं, जो इस क्षेत्र की तरक्की और खुशहाली को बढ़ावा देंगे।” 

उन्होंने आगे कहा, “होशियारपुर में 268 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज और 300 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाया जाएगा, जो आम लोगों के लिए बड़ा तोहफा होगा। यह लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ राज्य को चिकित्सा शिक्षा का केंद्र बनाने में भी मदद करेगा।”

विपक्षी पार्टियां मुझे बदनाम करने के लिए साजिशें रच रही 

विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “विपक्षी पार्टियां मुझे बदनाम करने के लिए साजिशें रच रही हैं क्योंकि वे राज्य सरकार द्वारा जनता की भलाई के लिए किए जा रहे कामों से ईर्ष्या करती हैं। 

ये नेता आपस में मिलकर चलते रहे हैं और सत्ता में रहते हुए एक-दूसरे के हितों की रक्षा के लिए बारी-बारी से राज करने के खेल खेलते रहे, लेकिन ‘आप’ सरकार ने उन्हें सत्ता से बेदखल कर इस खेल को खत्म कर दिया, जिससे आम लोगों की इच्छाएं पूरी हो रही हैं।”

पूर्व मुख्यमंत्रियों पर लगाए आरोप

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रकाश सिंह बादल अपने कार्यकाल के दौरान कभी भी चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के लिए बने सरकारी निवास में नहीं रहे। इसके बजाय ये नेता अपने महलों जैसे घरों में रहते थे, जो चंडीगढ़ में बनाए गए हैं, क्योंकि वे सरकारी घरों में सहज महसूस नहीं करते थे। अकालियों को राज्य में शासन करने के पांच मौके मिले, लेकिन लोगों की सेवा करने के बजाय उन्होंने लोगों और राज्य को बेरहमी से लूटा।”

निजी हितों की पूर्ति के लिए धर्म का इस्तेमाल

उन्होंने आगे कहा कि केवल इतना ही नहीं, अकालियों ने अपने निजी हितों की पूर्ति के लिए धर्म का इस्तेमाल कर लोगों को धोखा दिया। सर्वाेच्च तख्तों के जत्थेदार अकाली नेताओं की जेब से चुने जाते रहे हैं। 

पूर्व उपमुख्यमंत्री दावा करते हैं कि उनके शासनकाल में राज्य का बड़ा विकास हुआ, लेकिन कोटकपूरा, बहिबल कलां और अन्य स्थानों पर वे आंखें मूंद लेते हैं, जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई और निर्दाेष लोग मारे गए।

‘पंजाब बचाओ यात्रा’ का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’

अकाली दल की ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस यात्रा का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। उन्होंने कहा कि 15 साल राज्य को लूटने के बाद अब वे किससे राज्य को बचाने की बात कर रहे हैं ? 

अकाली दल ने पंजाबियों की मानसिकता को भावनात्मक रूप से कुचलने और राज्य में विभिन्न माफियाओं को संरक्षण देने के अलावा कई पीढ़ियों के विनाश के लिए जिम्मेदार है। अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि उन्होंने नशे के कारोबार को संरक्षण दिया, जो उनके लंबे कुशासन के दौरान फलता-फूलता रहा।

अंग्रेजों का साथ देने के लिए इस कुनबे को ‘सर’ की उपाधि 

अकाली नेतृत्व पर प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि ये अवसरवादी नेता हैं, जो अपनी सुविधाओं और निजी राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह अपना रंग और रुख बदलते हैं। हर कोई जानता है कि अकालियों का एक कुनबा अंग्रेजों का कठपुतली बनकर काम करता रहा और देश के लिए लड़ने वाले देशभक्तों के खिलाफ अंग्रेजों का साथ देने के लिए इस कुनबे को ‘सर’ की उपाधि दी गई थी। 

अकालियों से जुड़े एक परिवार ने ही 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड के दोषी जनरल डायर के लिए इस घटना के बाद रात्रि भोज की मेजबानी की थी।

लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के साथ विश्वासघात 

उन्होंने आगे कहा कि इस घिनौनी घटना ने अकालियों की देश-विरोधी और पंजाब-विरोधी मानसिकता और चरित्र को उजागर कर दिया। इस कुनबे ने अंग्रेजों के खिलाफ डटकर खड़े होने वाले लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के साथ विश्वासघात किया। 

इतना ही नहीं, इस परिवार ने जनरल डायर को हरिमंदिर साहिब में सिरोपा और माफी दिलाने को भी सुनिश्चित किया। यह और भी हैरान करने वाली बात है कि जत्थेदार अरूड़ सिंह, जिन्होंने यह सिरोपा दिया था, वे पूर्व लोकसभा सांसद सिमरजीत सिंह मान के नाना थे।”

इतिहास को मिटाया नहीं जा सकता 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इतिहास को मिटाया नहीं जा सकता और बादल परिवार के पूर्वजों का संदिग्ध चरित्र इतिहास के पन्नों पर दर्ज है। इस परिवार के हाथ देशभक्तों के खून से रंगे हुए हैं और राष्ट्रवादियों की पीठ में छुरा घोंपने में इन गद्दारों की भूमिका को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। मेरे पास इस बात के ठोस सबूत हैं कि इन लोगों ने राज्य और यहां के लोगों को किस तरह लूटा।

सुखबीर सिंह बादल जमीनी हकीकत से पूरी तरह अनजान

विपक्षी नेताओं पर अपने हमले को और तेज करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल जमीनी हकीकत से पूरी तरह अनजान हैं, क्योंकि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी ऐशो-आराम में बिताई है। सुखबीर सिंह बादल ऐसे नेता हैं, जिन्होंने कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ाई की और राज्य की मूल भौगोलिक स्थिति से भी अनजान हैं, लेकिन फिर भी पंजाब में सत्ता हासिल करना चाहते हैं। यदि हम सामान्य फसलों की बात करें तो उपमुख्यमंत्री इनमें भी फर्क नहीं बता सकते, क्योंकि उन्हें राज्य के आम मुद्दों की भी बहुत कम जानकारी है।

पूरे कार्यकाल में महल से बाहर ही नहीं निकले

उन्होंने आगे कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके परिवार का पंजाब को धोखा देने का संदिग्ध रिकॉर्ड रहा है, क्योंकि उन्होंने राज्य के दुश्मनों, चाहे वे मुगल हों, अंग्रेज हों या अब भाजपा, के साथ खड़े होकर काम किया। जब लोगों ने उन्हें मुख्यमंत्री चुना, तो वे अपने पूरे कार्यकाल में महल से बाहर ही नहीं निकले और मुश्किल से 10 बार राज्य का दौरा किया। जो खुद को राज्य के पानी का रक्षक कहते थे, उन्होंने ही इसे बर्बाद किया और जो खुद को धर्म के रक्षक बताते थे, वे पवित्र ग्रंथ की बेअदबी के मामलों में न्याय नहीं दिला सके।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल वे दीमक हैं, जिन्होंने आजादी के बाद राज्य को बर्बाद कर दिया, जिसके कारण पंजाब विकास की राह में पिछड़ गया। इन पार्टियों के नेता कभी भी एक-दूसरे के खिलाफ नहीं बोलते, लेकिन मेरे खिलाफ रोज जहर उगलते हैं, क्योंकि मैंने इनके असली चेहरे को जनता के सामने उजागर किया है। ये वे गद्दार हैं, जो कभी भी राज्य और इसके लोगों के प्रति वफादार नहीं रहे।

कांग्रेस में हर नेता बनना चाहता है मुख्यमंत्री 

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कांग्रेस में हर नेता मुख्यमंत्री बनना चाहता है। चुनावों में काम करने वाले कार्यकर्ताओं से ज्यादा तो कांग्रेस के पास मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। इसी कारण हाल ही में हुई एक रैली में पार्टी के शीर्ष नेता ने इन तथाकथित दावेदारों को नजरअंदाज कर दिया। कांग्रेस गुटबाजी का शिकार है और आंतरिक खींचतान के कारण टूटने के कगार पर है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेसियों को एकजुट करने आए शीर्ष नेता उनके नाम तक सही से नहीं ले सके। इसके विपरीत, हमारी स्टेज से शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, कृषि और अन्य क्षेत्रों पर चर्चा की जा रही है, जबकि अन्य पार्टियों की सभाओं में केवल सत्ता हासिल करने के दावे किए जा रहे हैं। ये अवसरवादी नेता हैरान हैं कि जनता उन्हें जवाब क्यों नहीं दे रही, क्योंकि उनका एजेंडा जनता की बजाय अपने परिवारों तक सीमित है।”

मुख्यमंत्री मान ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए कहा, “कोई भी मुफ्त या रियायती कार्ड राज्य से गरीबी या सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकता, लेकिन शिक्षा ही ऐसा माध्यम है, जो लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाकर समृद्धि ला सकता है। शिक्षा वह प्रकाश है, जो अंधकार को दूर कर दुनिया को रोशन करता है, और राज्य सरकार इस पर विशेष जोर दे रही है। सरकार सरकारी स्कूलों को सुधारने के लिए कड़े प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थी हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं।”

ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली 

कृषि और बिजली के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य के इतिहास में पहली बार धान के सीजन के दौरान ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति दी गई है। किसानों को अब पहली बार सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनकी जिंदगी में बदलाव आ रहा है। राज्य सरकार जनता के हित में सरकारी खजाने के हर एक पैसे का समझदारी से उपयोग कर रही है।”

लोक भलाई के बारे में बताते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। हर परिवार 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है और 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को पहले ही स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं। इस योजना के तहत 1.65 लाख लोगों को मुफ्त इलाज मिल चुका है और मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे इन कार्डों का अधिक से अधिक लाभ लें।”

लोगों के टैक्स का पैसा राज्य का

उन्होंने आगे कहा, “लोगों के टैक्स का पैसा राज्य का है और इसे लोगों की भलाई पर खर्च किया जा रहा है। लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से वापस लोगों तक पहुंच रहा है। राज्य सरकार ने 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली, बिना भ्रष्टाचार के 65,000 से अधिक युवाओं को नौकरियां, बेहतर सड़कें, टोल प्लाजा बंद होने से रोजाना 70 लाख रुपये की बचत और बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है। ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ जैसे जनहित कार्यक्रम ने राज्य में नशे की कमर तोड़ दी है।”

हर महिला को 1000 रुपये प्रति माह 

अन्य योजनाओं की घोषणा करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “मांवा-धीयां सत्कार योजना के तहत हर महिला को 1000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति से संबंधित महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी और जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के लिए पात्र होंगी। पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाओं को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है और राज्य सरकार ने बजट में 9300 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।”

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत, लोकसभा सदस्य डॉ. राज कुमार चब्बेवाल और अन्य भी उपस्थित थे।

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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा

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पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।

आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।

कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।

श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।

रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।

वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”

कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”

श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।

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सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?

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RBI ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट 5.25% पर रखा, ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया। RBI के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा कीमतों में अनिश्चितता और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत अब भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग से आर्थिक विकास को सहारा मिल रहा है और अप्रैल-जून तिमाही का प्रदर्शन RBI के अनुमान से बेहतर रहा है।

तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए गवर्नर ने कहा कि सेवा क्षेत्र की मजबूती से शहरी खपत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और अल नीनो से जुड़े जोखिम अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से प्रमुख व्यापारिक मार्ग भी प्रभावित हो रहे हैं।

संजय मल्होत्रा ने कहा कि कच्चे तेल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई बढ़ सकती है। उनका अनुमान है कि तीसरी तिमाही में महंगाई अपने उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे कम होगी। उन्होंने कहा कि महंगाई पर सबसे अधिक असर खाद्य और ईंधन की कीमतों का है।

RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। वहीं, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।

गवर्नर ने बताया कि जून से बैंकिंग प्रणाली में औसत तरलता (Liquidity) 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि मजबूत बनी हुई है और पर्याप्त तरलता उपलब्ध है।

RBI ने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक व्यापार में सुस्ती, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता भारत के चालू खाते के घाटे पर दबाव डाल सकती है।

इस बीच रुपया भी लगातार दबाव में है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95 से 96 रुपये प्रति डॉलर के बीच कारोबार कर रहा है। महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेश की निकासी, बढ़ता व्यापार घाटा और मजबूत होता डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक रुपया करीब 7 फीसदी कमजोर हो चुका है, जबकि ईरान के साथ तनाव शुरू होने के बाद इसमें लगभग 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

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