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CM मान की हरियाणा सरकार को सलाह: संयम के साथ पानी बरतें, 21 मई तक अतिरिक्त पानी नहीं देगा पंजाब
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हरियाणा को संयम से पानी बरतने को कहा है। चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस के दाैरान सीएम ने कहा कि हरियाणा सरकार इन्हीं दिनों पानी के लिए पंजाब से लड़ती है इसलिए पंजाब ने पहले ही हरियाणा को सचेत कर दिया है कि पानी की खपत पूरे संयम के साथ की जाए। इसके लिए हरियाणा सरकार को पत्र भी लिख दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब द्वारा हरियाणा को उसके कोटे का पानी दिया जा रहा है और यह 21 मई तक चलता रहेगा। पंजाब निर्धारित सप्लाई से अधिक पानी हरियाणा को नहीं दे सकता।
उन्होंने कहा कि मालूम चला है कि अभी तक हरियाणा ने अपने कोटे का 70 से 75 फीसदी पानी ही खर्च किया है, यह अच्छी बात है। 21 मई तक इस पानी की खपत की जा सकती है, उसके बाद ही आगे कोटे के तहत पानी सप्लाई दी जाएगी। यह भी अच्छी बात है कि इस बार हरियाणा सरकार ने इस बार अपने बजट में एसवाईएल के लिए कोई बजट तय नहीं किया है। हरियाणा को अब यह मसला खत्म ही कर देना चाहिए।
मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने पहली बार पंजाब का पानी पंजाब के लोगों और किसानों के लिए बरतना शुरू कर दिया है। अंतिम टेल तक किसानों को सिंचाई के लिए नई पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। दूसरे राज्यों के लिए पंजाब के पास कोई अतिरिक्त पानी नहीं है और न ही दूसरे राज्य इसके लिए उम्मीद रखें।
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‘राघव चड्ढा बीजेपी के साथ…’ राज्यसभा सांसद के मुद्दे पर बोले पंजाब के CM भगवंत मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर के पद से हटाए जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है. पंजाब के सीएम ने आरोप लगाया है कि चड्ढा, बीजेपी के साथ कंप्रोमाइज्ड हैं.
मान ने शुक्रवार, 3 अप्रैल को कहा कि राघव चड्ढा बीजेपी के साथ compromised हैं. उन्होंने कहा कि अगर पार्टी कोई मुद्दे तय करती है कि इन मुद्दों पर राज्यसभा में बोलना है . मगर नेता कैंटीन में समोसों के दाम पर बोलता है तो लगता है कि नेता किसी और स्टेशन से बोल रहा है. ऐसी स्थिति में पार्टी नेता पर कार्रवाई करती है.
बता दें आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर चड्ढा को सदन में पार्टी के उपनेता पद से हटाने का आग्रह किया और उनके स्थान पर पंजाब के सांसद अशोक मित्तल का नाम प्रस्तावित किया. सूत्रों के अनुसार, पत्र में कहा गया है कि चड्ढा को सदन में बोलने के लिए ‘आप’ के निर्धारित कोटे से समय आवंटित नहीं किया जाना चाहिए. चड्ढा पंजाब से राज्यसभा सदस्य हैं.चड्ढा एक समय में ‘आप’ संयोजक अरविंद केजरीवाल के करीबी विश्वासपात्र माने जाते थे.
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अरविंद केजरीवाल ने गुजरात CM से मिलने का मांगा समय, जानिए क्या है वजह?
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुजरात में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर सीएम भूपेंद्र पटेल को पत्र लिखकर उनसे मिलने का समय मांगा है। उन्होंने कहा कि गुजरात में पंचायत और नगर पालिका चुनावों के पहले बहुत बड़े स्तर पर हमारे कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से गिरफ्तार किया जा रहा है। 160 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है और अभी 10 हज़ार से ज्यादा को गिरफ़्तार करने की गुजरात सरकार की योजना है। उन्होंने कहा कि “आप” की बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा बुरी तरह से बौखलाई हुई है। पर इस तरह की गिरफ़्तारियों और गुंडागर्दी को गुजरात के लोग पसंद नहीं करते। लोग इसका जवाब ज़रूर देंगे।
अरविंद केजरीवाल ने गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल को लिखे पत्र में कहा है कि पिछले 30 साल से गुजरात में भाजपा की सरकार है। भाजपा के भ्रष्टाचार, अत्याचार और दमन के कुशासन से जनता बहुत परेशान हो चुकी थी। भाजपा गुजरात में कांग्रेस के साथ मिलीभगत से पिछले 30 साल से सरकार चला रही है। जिस कारण गुजरात में कोई विकल्प नहीं था। आम आदमी पार्टी के रूप में लोगों को पहली बार एक मजबूत विकल्प मिला है। लोग जानते हैं, आम आदमी पार्टी एक निडर, ईमानदार, देशभक्त और अच्छे पढ़े-लिखे लोगों की पार्टी है। आम आदमी पार्टी भाजपा से कभी समझौता नहीं करेगी। इसी कारण पिछले कुछ सालों में गुजरात में आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता बहुत तेज़ी से बढ़ रही है। पूरे गुजरात में अब यह आम चर्चा का विषय है कि भाजपा जा रही है, आम आदमी पार्टी की सरकार आ रही है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि इसी कारण भाजपा ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ अब एक षडयंत्र रचा है। कि आम आदमी पार्टी के अधिकतर नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लौ, जिससे कि आम आदमी पार्टी ही न बचे। इसी षडयंत्र के तहत पिछले तीन महीनों में गुजरात में आम आदमी पार्टी के 160 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को भाजपा सरकार गिरफ्तार कर चुकी है। इसी कड़ी में 1 अप्रैल को गुजरात पुलिस ने गुजरात में आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ईशुदान गढ़वी को भी गिरफ्तार किया और देर रात छोड़ा। वह अपने कार्यकर्ताओं की हो रही अवैध गिरफ्तारी की जानकारी लेने थाने गए थे। गुजरात पुलिस की यह कार्रवाई गुजरात में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव से पहले और तेजी से बढ़ी है। इससे यह संदेश जा रहा है कि भाजपा पुलिस के दम पर स्थानीय निकाय चुनाव जीतना चाहती है।
उन्होंने कहा कि पिछले 48 घंटों में गुजरात पुलिस की आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के पीछे भी एक खास पैटर्न साफ तौर पर दिख रहा है। जिसके तहत आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को सड़क पर स्कूटर या मोटर साइकिल में पीछे से आए कुछ गुंडे रोकते है, उनसे मारपीट, गाली गलौज करते हैं। वै गुंडे क्राइम ब्रांच को फोन करते हैं, क्राइम ब्रांच वाले दो मिनट में मौके पर पहुंच जाते हैं और हमारे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लेते हैं। ऐसे लगता है कि क्राइम ब्रांच वाले आसपास उन गुंडों के फ़ोन का ही इंतज़ार कर रहे हों। क्राइम ब्रांच वाले बिना कुछ पूछताछ के, एक तरफा कार्रवाई करते हुए हमला करने वाले गुंडों को छोड़ देते है और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओ को गुजरात पुलिस के हवाले कर देते हैं जो फिर धारा 307 (हत्या का प्रयास) लगा कर उन्हें जेल भेज देती है। पिछले 48 घंटो में हुए तीन ऐसे मामलो से यह साफ़ प्रतीत होता है की यह सब कुछ एक पूर्व नियोजित साजिश के तहत किया जा रहा है।
1. खंभालिया- 31 मार्च 2026 को दीपक सिंह दोपहर लगभग 3 बजे घर जा रहे थे। तभी 2 लोग बाइक से आए, ओवरटेक किया और मारपीट की। शिकायत दर्ज कराने के लिए जब वह खंभालिका पुलिस स्टेशन पहुंचे तो उन्ही पर केस दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
2. पोरबंदर- 30-31 मार्च 2026 को पवन और जगदीश अपने काम से जा रहे थे, तभी एक स्कूटी सवार ने जानबूझ कर उनकी गाड़ी के आगे स्कूटी लगाकर मारपीट की। पुलिस ने बिना जाँच पवन और जगदीश पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) लगा दी। दोनों गिरफ्तार हैं और जेल में हैं।
3. जामनगर- 31 मार्च 2026 को नवीन काकरान, मुन्ना कुमार, आलोक सिंह, पुनीतराज, प्रियव्रत की गाड़ी को एक स्कूटी सवार की ने टच किया। उसने आलोक सिंह से बहस की, धक्का दिया। पुलिस ने पीड़ितों पर ही 307 का केस कर दिया।
अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सबसे बड़ी आश्चर्य की बात है कि ये स्कूटर सवार आखिर कौन हैं? इन्हें हर जगह ‘‘आप’’ के कार्यकर्ताओं से टक्कर मारने के लिए कौन भेज रहा है? और हर जगह ऐसा लगता है कि पुलिस उनकी शिकायत पर एक जैसी एफआईआर करने को तैयार बैठी है। इस से साफ जाहिर है कि ये सब एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत हो रहा है। केवल यही तीन मामले नहीं, अभी तक हमारे जितने कार्यकर्ता अन्य मामलों में भी गिरफ्तार किए गए हैं, उन सभी पर लगाएं गए कैस पूरी तरह से झूठे और फर्जी हैं। यही नहीं, आम आदमी पार्टी के सैकड़ों नेताओं और कार्यकर्ताओं के घर पर पुलिस जाकर खुलेआम धमकी दे रहे हैं। उन्हें गुजरात छोड़ने के लिए कहा जा रहा है। अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जा रही है। उनके परिवारों को भी प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्हें विभिन्न तरीकों से डराने की कोशिश की जा रही है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुजरात में आम आदमी पार्टी को खत्म करने की यह साजिश टॉप लेवल पर रची गई है। सुनने में यह भी आ रहा है कि अगले कुछ दिनों में दस हजार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने की योजना है। जिससे स्थानीय निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी उम्मीदवार ही न उतार पाए और भाजपा एक तरफा चुनाव जीत जाए। क्या इस तरह से भाजपा गुजरात में चुनाव जीतना चाहती है? यह तो लोकतंत्र के लिए भद्दा मजाक है। अगर विपक्ष के नेताओं और कार्यकर्ताओं को जेल में डाल कर ही चुनाव जीतना है तो चुनाव कराने की ही जरूरत क्या है?
अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है। अगर हम चाहे तो पंजाब में हम भी भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को इसी तरह झूठे केस करके जेल में डाल सकते हैं। लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि हम अच्छे और शरीफ लोग हैं। संविधान में विश्वास रखते हैं। हम गुडागर्दी नहीं करते हैं। और फिर हमें ऐसा करने की जरूरत भी नहीं है। क्योंकि हमने पंजाब में बहुत अच्छे काम किए हैं। अपने कामों से हमने लोगों का दिल जीता है। हम चुनाव अपने कामों के बल पर लड़ते हैं। हम अपने अच्छे काम के नाम पर वोट मांगेंगे। आपको गुजरात में यह दमन इसलिए करना पड़ रहा है, क्योंकि आपने सब गलत काम किए हैं, गुंडागर्दी की है, चोरी की है, अत्याचार और दमन किया है। आपने कोई अच्छा काम नहीं किया है। गुजरात की जनता को दिखाने के लिए आपके पास कोई अच्छा काम नहीं है। इसलिए आपको चुनाव जीतने के लिए यह दमन और अत्याचार करना पड़ रहा है।
अंत में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुजरात की जनता सबकुछ देख रही है। वह भाजपा की तानाशाही से न तो डरेगी और ना ही दबेगी। आप कितने लोगो को जेल में डालोगे? क्या आप गुजरात की पूरी 6 करोड़ जनता को जेल में डाल सकते हो? आज आम आदमी पार्टी की सोच गुजरात के हर घर में पहुंच चुकी है। बीजेपी उसे जितना दबाने की कोशिष करेगी, ‘‘आप’’ की सोच और अधिक फैलेगी। मैं और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान हमारे गुजरात के नेताओं के साथ आपसे मिलना चाहते हैं। उम्मीद है कि आप जल्द से जल्द मिलने का समय देंगे।
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AAP ने जालंधर के अशोक मित्तल को दी बड़ी जिम्मेदारी:राघव चड्ढा की जगह राज्यसभा में बने उपनेता
आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए राघव चड्ढा को उपनेता के पद से हटा दिया है। अब उनकी जगह अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस संबंध में पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को औपचारिक पत्र भी भेज दिया है।
पार्टी द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि राघव चड्ढा को उपनेता के पद से हटाया जाए और उनकी जगह अशोक मित्तल को नियुक्त किया जाए। इसके साथ ही पार्टी ने यह भी अनुरोध किया है कि राघव चड्ढा को आम आदमी पार्टी के कोटे से सदन में बोलने का समय भी न दिया जाए।
राघव चड्ढा लंबे समय से राज्यसभा में पार्टी के उपनेता के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। वे पार्टी के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं और संसद में कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते रहे हैं। ऐसे में उन्हें पद से हटाने के फैसले ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।
पार्टी ने अशोक मित्तल पर भरोसा जताया
वहीं, अशोक मित्तल को नई जिम्मेदारी सौंपते हुए पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है। अशोक मित्तल राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं और अब उन्हें उपनेता बनाकर पार्टी ने उन्हें और बड़ी जिम्मेदारी दी है। माना जा रहा है कि वह सदन में पार्टी की रणनीति को मजबूत तरीके से आगे बढ़ाने का काम करेंगे।
आप के राज्यसभा में 10 सदस्य
पार्टी के वर्तमान में राज्यसभा में 10 सदस्य हैं, जिनमें सात पंजाब और तीन दिल्ली से हैं। राघव चड्ढा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2012 में अरविंद केजरीवाल के साथ दिल्ली लोकपाल विधेयक पर काम करते हुए की थी। वह जल्द ही पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने और 2015 के चुनावों के बाद सबसे युवा कोषाध्यक्ष भी बने।
सबसे युवा राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा
उन्होंने 2019 में दक्षिणी दिल्ली से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। इसके बाद 2020 में राजेंद्र नगर से विधायक बने और दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष भी रहे। 2022 में वह 33 वर्ष की उम्र में राज्यसभा के सबसे युवा सदस्य बने।
उन्होंने संसद में कई अहम मुद्दे उठाए, जिनमें पंचायतों में महिलाओं की वास्तविक भागीदारी और मासिक स्वच्छता जैसे विषय शामिल हैं। हाल ही में उन्होंने कामगारों की समस्याएं समझने के लिए एक दिन डिलीवरी कर्मी के रूप में भी काम किया।
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