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पंजाब में बचा कॉमर्शियल सिलेंडर का सिर्फ 3 दिन का स्टॉक, 10 हजार शादियों पर बना संकट, घरेलू Gas बुकिंग हुई बंद, विधानसभा में हुआ हंगामा!
मिडिल ईस्ट में चल रही जंग का असर अब पंजाब में भी दिखने लगा है। प्रदेश में LPG के कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई लगभग ठप हो गई है और सिर्फ 2 से 3 दिन का स्टॉक बचा है। का असर अब 10 हजार शादियों पर पड़ सकता है और शादियों में खाने की वैरायटी कम होने की आशंका है। पंजाब होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रधान अमरवीर सिंह ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई पूरी तरह बंद है।
जिन लोगों के घरों में शादी या अन्य फंक्शन हैं, उन्हें परेशानी होने लगी है। अगर एक-दो दिन में समाधान नहीं निकला तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मीटिंग भी बुलाई गई है। इस समय गैस एजेंसियां पहले पुरानी बुकिंग क्लियर कर रही हैं, जिससे करीब 7 से 8 दिन की पेंडेंसी चल रही है। हालांकि जिला खाद्य आपूर्ति अफसर सरताज सिंह चीमा का कहना है कि घरेलू सिलेंडरों को लेकर फिलहाल कोई समस्या नहीं है।
वहीं लुधियाना और फरीदकोट में सर्वर डाउन होने के कारण घरेलू सिलेंडरों की बुकिंग भी नहीं हो पा रही है। इसके अलावा फरीदकोट, होशियारपुर और पटियाला समेत कई जिलों में सोमवार से कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई बंद है। उधर, कई परिवार शादी की तैयारियों के बीच रिश्तेदारों और दोस्तों के सहारे LPG सिलेंडर का इंतजाम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। सही सप्लाई न होने से पंजाब में करीब से ज्यादा शादियों के मेन्यू छोटा होने की स्थिति बन सकती है।
जालंधर गैस एजेंसी के मालिक ने बताया कि लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। घरेलू सिलेंडर का पूरा स्टाक है। लोग मारामारी न करें। सरकार ने घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के लिए समय 1 महीना कर दिया है। कई कस्टमर ये सवाल लेकर आ रहे हैं कि उनके सिलेंडर बुक नहीं हो रहे। उनको बताया जा रहा है कि सिलेंडर 1 महीने बाद ही बुक होगा। दूसरी तरफ कॉमर्शियल सिंलेंडर की डिलिवरी रोक दी गई है। पीछे से ही सिलेंडर नहीं आ रहे।
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‘‘AAP’ ने पंजाब से गद्दारी करने वाले सातों सांसदों की सदस्यता रद्द करने के लिए राज्यसभा के सभापति व उपराष्ट्रपति को भेजी याचिका- संजय सिंह
आम आदमी पार्टी ने पंजाब के लोगों के साथ गद्दारी करके भाजपा में शामिल हुए राघव चड्ढा समेत सभी सांसदों की सदस्यता समाप्त करने के लिए राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति को अपनी याचिका भेज दी है। रविवार को यह जानकारी साझा करते हुए वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने कहा कि संविधान के विशेषज्ञ भी मान रहे हैं कि आम आदमी पार्टी को छोड़कर भाजपा में विलय करने वाले सभी सांसदों की सदस्यता जानी तय है। सातों सांसदों ने न सिर्फ ‘‘आप’’ गद्दारी की है, बल्कि पंजाब के लोगों, लोकतंत्र और संविधान के साथ धोखा किया है। तोड़फोड़ के खेल में भाजपा माहिर है। भाजपा पहले ईडी-सीबीआई से विपक्ष के नेताओं को डराती है और फिर अपनी पार्टी में शामिल कर लेती है।
रविवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर संजय सिंह ने कहा कि संविधान के ज्ञाताओं, देश के वरिष्ठ अधिवक्ता और संविधान विशेषज्ञ कपिल सिब्बल, पीडीटी आचार्य समेत तमाम लोगों ने यह साफ कर दिया है कि जिन सात लोगों ने आम आदमी पार्टी को छोड़कर भाजपा में विलय करने का फैसला लिया है, उन सबकी सदस्यता निश्चित रूप से समाप्त होगी। शनिवार को मीडिया बातचीत में एनडीए के घटक दल से जुड़े सर्वाेच्च न्यायालय के एक अधिवक्ता ने भी स्पष्ट कहा कि इन नेताओं की सदस्यता तो हर हाल में जाएगी।
संजय सिंह ने आगे कहा कि सभी विशेषज्ञों से बातचीत करके और कपिल सिब्बल की राय लेकर मैंने राज्यसभा के सभापति और देश के उपराष्ट्रपति को एक याचिका भेजी है। इस याचिका में अनुरोध किया गया है कि संविधान की 10वीं अनुसूची के नियमों के मुताबिक इन सातों सदस्यों की सदस्यता पूरी तरह से समाप्त की जाए। मैंने उपराष्ट्रपति (सभापति) महोदय से मांग की है कि वे इसकी जल्द से जल्द सुनवाई करें और अपनी ओर से एक न्यायपूर्ण फैसला दें।
संजय सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई इसलिए जरूरी है क्योंकि जब कोई नेता एक पार्टी से चुनकर आता है तो उसके बाद ईडी, सीबीआई और अन्य जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करके उसे तोड़ा जाता है और इस खेल में माहिर भाजपा उसे अपने दल में मिला लेती है, जो पूरी तरह गलत है। यह लोकतंत्र के साथ बड़ा धोखा है। यह पंजाब के लोगों के साथ भी धोखा और गद्दारी है। इसके साथ ही यह देश के संविधान के साथ एक धोखा और उसका खुला मजाक उड़ाने की कार्रवाई है।
संजय सिंह ने आगे कहा कि यदि कोई व्यक्ति एक दल से चुना गया है और उसे कोई मतभेद है, तो उसे उस दल से इस्तीफा देना चाहिए और जहां उसकी विचारधारा मिलती हो वहां जाना चाहिए। लेकिन जो लोग उसी पार्टी के विधायकों द्वारा चुने गए हैं, वे आज उसी पार्टी को बुरा-भला कह रहे हैं। इसलिए मुझे पूरी उम्मीद और भरोसा है कि सभापति इस याचिका पर जल्द फैसला देकर इन लोगों की सदस्यता रद्द करेंगे।
संजय सिंह ने बताया कि इस मामले में सर्वाेच्च न्यायालय के भी कई ऐसे निर्णय हैं जो स्पष्ट करते हैं कि कैसे इनकी सदस्यता जा सकती है। इसके अलावा संविधान की 10वीं अनुसूची में भी साफ तौर पर लिखा गया है कि भारत का संविधान इस प्रकार की किसी भी राजनीतिक तोड़फोड़ की इजाजत बिल्कुल नहीं देता है।
संजय सिंह ने पिटीशन दायर करने और न्यायालय में मामले के लंबा खिंचने की आशंका पर कहा कि कई ऐसे उदाहरण हैं, जहां न्यायालय के फैसले आए हैं। उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश के मामलों को याद किया जा सकता है जब वहां इस प्रकार की राजनीतिक तोड़फोड़ की गई थी, तब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था। कई बार विलंब होने से निराशा जरूर होती है लेकिन हम इसकी कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। जो संविधान की बात है उसे तो सबको मानना पड़ेगा और वह सबके ऊपर लागू होता है।
पंजाब में लोग गद्दारी करने वालों सांसदों का जबरदस्त विरोध कर रहे- संजय सिंह
पंजाब के विधायकों के राघव चड्ढा के संपर्क में होने और भाजपा में जाने की अफवाहों पर संजय सिंह ने कहा कि इस प्रकार की झूठी खबरें भाजपा, राघव चड्ढा और बाकी लोगों के द्वारा प्रचारित की जाएंगी। पूरे पंजाब में इन लोगों का विरोध हो रहा है और इनके खिलाफ जनता सड़कों पर उतरकर नारेबाजी कर रही है। पार्टी और पंजाब को धोखा देने के कारण इनके खिलाफ वहां भारी जनभावना है। अभी तो खुद इनकी सदस्यता खत्म होने वाली है तो अपनी सदस्यता खत्म कराने के लिए कौन सा विधायक इनके साथ जाएगा? राजनीति में इतनी समझ तो सब लोग रखते हैं। इसलिए यह केवल एक झूठा प्रचार और भ्रम फैलाने की कोशिश है, इसके अलावा कुछ नहीं है।
पंजाब के विधायकों ने इन्हें संसद में भेजा था, अब वे विधायक इन्हें वापस बुला रहे- संजय सिंह
राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगे जाने के सवाल पर संजय सिंह ने कहा कि राइट टू रिकॉल का एक मामला है जिस पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान राष्ट्रपति से मिलकर अपनी बात रखेंगे और इसके लिए उन्होंने समय मांगा है। जिन विधायकों ने इन सांसदों को चुना था, आज उनके साथ धोखा हुआ है। अब वे विधायक इन लोगों को वापस बुला रहे हैं कि यदि उनसे काम नहीं हो पा रहा है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। पंजाब के मुख्यमंत्री ने इसी विषय पर राष्ट्रपति महोदया से समय मांगा है और जैसे ही समय मिलेगा वे मुलाकात करके अपनी मांग रखेंगे।
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मोहाली में AAP ने राघव चड्ढा का पुतला फूंका:पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल होने सात सांसदों के विरोध प्रदर्शन, गद्दारी करने का आरोप
आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को मोहाली के डेराबस्सी बस स्टैंड पर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राघव चड्ढा सहित सात राज्यसभा सदस्यों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शन का नेतृत्व विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने किया।
बड़ी संख्या में ‘आप’ कार्यकर्ता केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बस स्टैंड पर जमा हुए। इसके बाद प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “पंजाब के गद्दार मुर्दाबाद” और “जनता के भरोसे से धोखा नहीं चलेगा” जैसे नारे लगाए। इसके साथ कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने वाले सांसदों का पुतला फूंका
निजी स्वार्थ के लिए सिद्धांतों से किया समझौता
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जिन प्रतिनिधियों को जनता ने विश्वास के साथ चुना था, उन्होंने पार्टी बदलकर लोगों के भरोसे को तोड़ा है। विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने कहा कि जनता के जनादेश का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। कुछ नेताओं ने निजी स्वार्थ के लिए सिद्धांतों से समझौता किया है। रंधावा ने कहा कि ऐसे कदम लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं और ‘आप’ इसका कड़ा विरोध जारी रखेगी।
पार्टी कार्यकर्ता हर स्तर पर करेंगे विरोध
‘आप’ नेताओं ने घोषणा की कि वे जनता के अधिकारों के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता हर स्तर पर विरोध दर्ज कराएंगे और लोकतंत्र व जनादेश की रक्षा के लिए आंदोलन को तेज किया जाएगा। पार्टी ने स्पष्ट किया कि पंजाब के हकों और जनता के विश्वास की रक्षा के लिए ‘आप’ लगातार आवाज उठाती रहेगी।
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Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने डिप्टी कमिश्नरों को समय सीमा से पहले बाढ़ सुरक्षा कार्य पूरे करने के निर्देश दिए; कहा—सरकार जनता के साथ मजबूती से खड़ी है
Punjab News: आगामी मानसून सीजन के मद्देनज़र मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज डिप्टी कमिश्नरों को बाढ़ सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए और किसी भी तरह की लापरवाही पर व्यक्तिगत जवाबदेही तय करने की चेतावनी दी। एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने नालों और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की तुरंत सफाई, गाद निकालने, प्रदूषण नियंत्रण उपायों को तेज करने और लंबित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि बारिश से पहले सभी प्रबंध पूरे हो सकें।
पंजाब में बाढ़ सुरक्षा कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मास्टर प्लान तैयार करने पर जोर दिया
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, जिनके साथ राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल भी मौजूद थे, ने पूरे पंजाब में बाढ़ सुरक्षा कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मास्टर प्लान तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ड्रेनों और नदियों की योजना सिंचाई विभाग के इंजीनियरों के साथ समन्वय करके तैयार की जानी चाहिए, ताकि नियमित रूप से डी-सिल्टिंग, सफाई और मजबूती सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इससे मानसून के दौरान लोगों को बाढ़ के खतरे से बचाने में मदद मिलेगी और हर अधिकारी इस कार्य के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होगा। उन्होंने गिद्दड़पिंडी रेलवे पुल समेत अन्य संभावित बाढ़ स्थलों की शीघ्र सफाई के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।
बुड्डा नाले की सफाई के बारे में मुख्यमंत्री ने बताया कि पवित्र बुड्डा नाले के पानी को लुधियाना शहर के शुरुआती बिंदु तक साफ कर दिया गया है और आगे का कार्य जारी है। उन्होंने डेयरियों से नाले में जाने वाले गोबर की सख्ती से जांच करने और नगर निगम द्वारा उसके उचित निस्तारण को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
2.5 एकड़ भूमि आवंटन का प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर अंतिम रूप दिया जाए
बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि हेबोवाल में सीबीजी प्लांट को जल्द चालू किया जाए और ताजपुर में प्रस्तावित प्लांट के लिए 2.5 एकड़ भूमि आवंटन का प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर अंतिम रूप दिया जाए। औद्योगिक गंदे पानी के उचित उपचार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
पानी के प्रवाह और प्रदूषण नियंत्रण के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टी वेईं में 200 क्योसिक पानी छोड़ने के लिए सिम्बली में रेगुलेटर चालू किया जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर पुलों में तकनीकी सुधार और काला संघियां ड्रेन में प्रदूषण कम करने के लिए बिस्त दोआब नहर से 100 क्योसिक पानी छोड़े जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने आगे कहा कि स्टोन लायनिंग का कार्य पूरा हो गया है।
सतलुज नदी पर धुसी बांध सड़क परियोजना का मामला केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा
मुख्यमंत्री ने डेयरी अपशिष्ट को नालों में डालने पर सख्ती से रोक लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि इस संबंध में जिम्मेदारी तय की जाएगी। सतलुज नदी पर धुसी बांध सड़क परियोजना का मामला केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा, जिसे 117.75 करोड़ की लागत के साथ नाबार्ड के सहयोग से पूरा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि लुधियाना के बुड्डा नाला, काला संघियां ड्रेन और सतलुज के धुसी बांध की सफाई को लेकर संत बलबीर सिंह सीचेवाल की हाज़री में जालंधर और लुधियाना के उपायुक्तों के साथ विशेष बैठक की गई है।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सतलुज और अन्य मौसमी नदियों के कमजोर बांधों को मजबूत करने तथा बुद्धा नाले के लिए एसटीपी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण सुधार दिखाई देंगे और सरकार जनता के साथ मजबूती से खड़ी है।
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