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पंजाब सरकार को मिला कांग्रेस-शिअद का साथ, India-US व्यापार समझौते के खिलाफ की केंद्र सरकार की आलोचना
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ पंजाब विधानसभा में कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां द्वारा लाए गए निंदा प्रस्ताव पर कांग्रेस व शिअद भी साथ दिखे।
नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने निंदा प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि पंजाब सरकार को समझौते के खिलाफ मजबूती के साथ खड़ा होना चाहिए। कांग्रेस समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि हमारे यहां छोटे किसान है, जबकि अमेरिका में एक किसान के पास 50 से लेकर 200 एकड़ जमीन है। अमेरिका साढ़े चार से पांच लाख करोड़ रुपये तक किसानों को सब्सिडी देता है। वहां पर फसलों का 100 प्रतिशत बीमा है, जबकि हमारे ऐसा कुछ नहीं।
कांग्रेस के विधायक राणा गुरजीत सिंह ने भी निंदा प्रस्ताव का समर्थन तो किया लेकिन साथ ही कहा कि सरकार का काम इलाज करना होता है। समझौते का असर कैटल फीड बनाने वाली इंडस्ट्री पर भी पड़ेगा। अभी पंजाब में बने कैटल फीड की मांग दक्षिण भारत में भी है, लेकिन इस समझौते से नुकसान होगा।
समझौते से किसानों का भविष्य दांव पर: चीमा
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बजट बहस में हिस्सा लेते हुए कहा कि व्यापार समझौते से किसानों का भविष्य दांव पर लग जाएगा। इससे भारतीय कृषि को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ देश के किसानों को अनुचित वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने बताया कि 2024 में भारत के साथ अमेरिका के कृषि व्यापार में 1.3 बिलियन डॉलर का घाटा हुआ था। भारत की बढ़ती आबादी अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और आज का समझौता इस घाटे को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।
वित्त मंत्री ने भाजपा नेतृत्व के रुख पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह भारत के लोगों के हितों से अधिक विदेशी कॉरपोरेट के हितों को प्राथमिकता दे रही है।”
कृषि अर्थव्यवस्था कमजोर हो सकती है: भुल्लर
कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर ने प्रस्तावित समझौता पंजाब की कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका से सब्सिडी वाले कृषि उत्पादों के बड़े पैमाने पर आयात की अनुमति दी गई तो इससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था कमजोर हो सकती है।
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Mohali में प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट शुरू: मिडिल ईस्ट को छोड़ कई देशों के उद्यमी ले रहे भाग, CM Mann ने किया उद्घाटन।
पंजाब सरकार की आज 13 मार्च से प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट मोहाली में शुरू हो गई है। तीन दिनों तक चलने वाली समिट में केवल पंजाब ही नहीं, बल्कि विभिन्न देशों से कारोबारी यहां पहुंच रहे हैं। सरकार ने समिट को कामयाब बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
इसके पीछे सरकार की कोशिश निवेश को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। इसी के मद्देनजर सात मार्च को ही सरकार ने अपनी नई औद्योगिक नीति बनाई है, जिसमें उद्योगों के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं।
कई देशों में कंट्री फोकस्ड सेशन
समिट मोहाली की आईटी सिटी स्थित पलाक्षा यूनिवर्सिटी में होगी। इसका शुभारंभ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान करेंगे, जबकि अरविंद केजरीवाल कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। इस दौरान एक बड़ी प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। समिट में कुल 89 सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
इसमें यूनाइटेड किंगडम, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के लिए विशेष कंट्री-फोकस्ड’ सेशन रखे गए हैं। मोहाली पर एक विशेष सेशन रखा गया है, क्योंकि मोहाली को पंजाब सरकार ने विशेष क्षेत्र के रूप में विकसित किया है। इसे सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का केंद्र बनाया जा रहा है। यहां हवाई अड्डे जैसी कई सुविधाएं मौजूद हैं।

कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा समिट के बारे में जानकारी देते हुए फाइल फोटो
इन कारोबारियों के पहुंचने की उम्मीद
समिट में कई नामी कारोबारी पहुंचने की उम्मीद है। इनमें इनमें लक्ष्मी निवास मित्तल (आर्सेलर मित्तल), सज्जन जिंदल (जेएसडब्ल्यू ग्रुप), और सुनील कांत मुंजाल (हीरो एंटरप्राइजेज) जैसे दिग्गज शामिल है। इसके कई देशों के कारोबारी पहुंचे है।
हालांकि मिडिल ईस्ट में लड़ाई के चलते कई देशों के प्रतिनिधी अभी तक नहीं पहुंचे है। इसके अलावा कई देशों के कारोबारी भी पहुंचे हैं। हालांकि मध्य पूर्व में चल रही लड़ाई के चलते कई देशों के प्रतिनिधि अभी तक नहीं पहुंचे हैं।
अब तक यहां तक पहुंचा निवेश
समिट में कुल 30 बड़े प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जिनकी कुल निवेश राशि लगभग ₹27,294 करोड़ है और इनसे करीब 47,067 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। प्रमुख प्रोजेक्ट्स में टाटा स्टील का लुधियाना में संचालन शुरू होना और इंफोसि द्वारा मोहाली में ₹286 करोड़ के विस्तार प्रोजेक्ट की आधारशिला रखना शामिल है।
इसके अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। पंजाब पहले ही पिछले प्रयासों के जरिए ₹1.37 लाख करोड़ से अधिक निवेश आकर्षित कर चुका है, जिससे राज्य में 5 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा हुई हैं।
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भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना ने मंडोली के मैकेनिक को 90,000 के संभावित इलाज खर्च से बचाया
Punjab News: दैनिक मजदूरी पर निर्भर परिवारों के लिए अस्पताल में कुछ दिनों का इलाज भी कई महीनों की कमाई पर भारी पड़ सकता है। पटियाला जिले के मंडोली गांव के मैकेनिक गुरतेज सिंह के लिए गंभीर रूप से बीमार पड़ना न केवल आय रुकने का कारण बना, बल्कि बढ़ते इलाज खर्च की चिंता भी सामने आ खड़ी हुई।
डॉक्टरों ने संकेत दिया कि कुल इलाज का खर्च ₹80,000 से ₹90,000 तक पहुंच सकता है
चमन अस्पताल, बहादुरगढ़ में भर्ती होने के कुछ ही दिनों के भीतर उनके परिवार को बेड चार्ज और दवाइयों पर लगभग ₹10,000 खर्च करने पड़े। डॉक्टरों ने संकेत दिया कि कुल इलाज का खर्च ₹80,000 से ₹90,000 तक पहुंच सकता है। परिवार की अनियमित आय को देखते हुए इतनी बड़ी राशि का इंतजाम करना उनके लिए आसान नहीं था।
परिवार के पास न तो जमीन थी और न ही कोई बचत, ऐसे में ब्याज पर उधार लेना लगभग तय लग रहा था। इसी दौरान गुरतेज सिंह को मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा लागू मुख्यमंत्री सेहत योजना के बारे में जानकारी मिली और उन्हें स्वास्थ्य कार्ड बनवाने में सहायता दी गई। योजना में पंजीकरण के बाद उन्हें छह दिनों तक अस्पताल में पूरा इलाज मिला और इसके लिए कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना पड़ा, क्योंकि पूरा खर्च योजना के तहत कवर किया गया।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनियमित आय वाले परिवार भी इलाज के खर्च की चिंता के बिना बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बना सकें। बीमारी के समय आर्थिक सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी चिकित्सा सुविधा।”
यदि यह कार्ड न होता, तो हमें उधार लेना पड़ता और कई महीनों तक आर्थिक दबाव झेलना पड़ता है
गुरतेज सिंह ने कहा, “सबसे बड़ी चिंता यह थी कि इलाज के लिए पैसे कैसे जुटाए जाएंगे। यदि यह कार्ड न होता, तो हमें उधार लेना पड़ता और कई महीनों तक आर्थिक दबाव झेलना पड़ता। इस योजना ने मेरे परिवार को उस बोझ से बचा लिया।” उन्होंने यह भी बताया कि इतनी बड़ी राशि का खर्च उनकी दोनों बेटियों की पढ़ाई और परिवार की आवश्यकताओं को प्रभावित कर सकता था।
प्रति पात्र परिवार को प्रतिवर्ष ₹10 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर यह योजना इस बात को सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति के कारण परिवारों को लंबे समय तक आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
करीब 65 लाख परिवारों के लगभग 3 करोड़ लोगों को कवर करने के लक्ष्य के साथ, 800 से अधिक अस्पतालों में 2300 से ज्यादा उपचार पैकेज उपलब्ध कराते हुए मुख्यमंत्री सेहत योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चिकित्सा आपात स्थितियों के दौरान कामकाजी परिवार कर्ज के बोझ में न फंसें।
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अदालत द्वारा ईमानदारी साबित होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने CM भगवंत सिंह मान के साथ सच्चखंड श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेका
Punjab News: अदालत द्वारा दिल्ली शराब मामले में लगे सभी आरोपों को खारिज करने और ‘कट्टर ईमानदार’ के रूप में अपनी ईमानदारी की छवि बनाए रखने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अपनी पत्नी के साथ सच्चखंड श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होकर अरदास की और वाहेगुरु का शुक्रिया अदा किया। इस मौके पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और उनकी पत्नी समेत अन्य सम्मानित व्यक्तियों ने भी दरबार साहिब में माथा टेका।
पार्टी के पांच प्रमुख नेताओं को फर्जी आरोपों के तहत कैद किया गया था
इस अवसर पर ‘आप’ सुप्रीमो ने कहा कि ‘आप’ की लीडरशिप पर झूठे आरोप लगाकर और राजनीतिक कीचड़ उछालने की सोची-समझी मुहिम चलाई गई थी, जिसके तहत पार्टी के पांच प्रमुख नेताओं को फर्जी आरोपों के तहत कैद किया गया था। उन्होंने कहा कि एक वर्तमान मुख्यमंत्री को भी आधी रात में उनकी रिहायश से घसीटकर जेल में डाल दिया गया था, लेकिन अदालत ने मुकदमा चलाने के लिए जरूरी सबूतों की कमी के कारण सभी आरोपों को रद्द कर दिया और उन्हें पूरी राहत प्रदान की।
मीडिया से बातचीत के दौरान ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “यह वाहेगुरु की कृपा और आशीर्वाद के बिना संभव नहीं था। मैं पहले भी कई बार दरबार साहिब आया हूं और वाहेगुरु का आशीर्वाद लिया है। अब जब हमारा सम्मान बहाल हो गया है और हम सभी आरोपों से मुक्त हो गए हैं, आज मैं, मेरी पत्नी, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और उनकी पत्नी हमारे परिवारों समेत वाहेगुरु के सामने नतमस्तक होने और शुक्रिया अदा करने आए हैं। वाहेगुरु हमारा मार्गदर्शन करते रहें और हम पर अपनी असीसें बरसाते रहें। वाहेगुरु ने हमें लोगों की सेवा करने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है और हम उसी भावना से लोगों की सेवा करते रहेंगे।”
‘आप’ सुप्रीमो ने कहा, “पिछले चार सालों से हमारी सरकार द्वारा पंजाब में महत्वपूर्ण पहलें की गई हैं। सरकार ने स्कूलों, अस्पतालों, स्वास्थ्य देखभाल के लिए क्रांतिकारी कदम उठाए हैं और अब महिलाओं की भलाई के लिए कदम उठाए गए हैं। जब हमें लोगों का आशीर्वाद मिलता है तो ही हमारे जैसे आम लोग सब कुछ हासिल करने के योग्य होते हैं। वरना, ऐसे ताकतवर लोगों के सामने हमारे जैसे आम लोगों का कोई स्टैंड नहीं होता। हम मजबूती से खड़े होने के योग्य हैं क्योंकि वाहेगुरु की असीसें हमारे साथ हैं और हम सच्चे रास्ते पर चल रहे हैं।”
यह महानता को दर्शाता है। लेकिन आठ वादे करके सिर्फ चार पूरे करने में कोई महानता नहीं है
अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पंजाब में अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। अगर हम चार वादे करें और बदले में सात या आठ काम कर दें तो यह महानता को दर्शाता है। लेकिन आठ वादे करके सिर्फ चार पूरे करने में कोई महानता नहीं है। हमने जो सभी वादे किए थे, वे पूरे हो गए हैं। अगले साल के लिए मान साहिब और उनकी पूरी टीम द्वारा व्यापक योजना तैयार की गई है। अब पंजाब को अगले स्तर पर ले जाना है। बुनियादी ढांचे और युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए अभी बहुत काम बाकी हैं।”
उन्होंने कहा, “शुक्रवार से पंजाब निवेशक सम्मेलन शुरू हो रहा है और अब बहुत सारे उद्योग पंजाब में आने शुरू हो गए हैं। देश भर के बड़े उद्योगपति पंजाब में निवेश करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। पंजाब के तीन करोड़ लोगों के साथ मिलकर हम सूबे को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।”
अरविंद केजरीवाल ने अपने एक्स हैंडल पर यह भी लिखा, “गुरुवार को भगवंत सिंह मान और मैं अपने परिवारों सहित श्री सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक हुए। मेरे और मेरी पार्टी के कई नेताओं पर झूठे आरोप लगाए गए थे। अदालत ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया और स्पष्ट रूप से कहा कि मुकदमा चलाने के लिए ये सबूत काफी नहीं हैं। सच की यह जीत वाहिगुरु की कृपा के बिना संभव नहीं थी। सच के मार्ग पर चलने वालों को हमेशा गुरु का आशीर्वाद मिलता है।”
इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हाल के दिनों में दिल्ली की एक अदालत द्वारा सच्चाई का फैसला आया है कि आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं पर लगाए गए आरोप, जिसके लिए उन्हें जेल भेजा गया था, पूरी तरह से झूठे थे। अदालत ने कहा कि मुकदमा जारी रखने के लिए ये सबूत काफी नहीं थे। वे यह नहीं कह रहे हैं कि नेताओं को मुकदमे के बाद बरी कर दिया गया है, बल्कि वे कह रहे हैं कि मामला कभी शुरू ही नहीं हुआ और कोई ट्रायल ही नहीं हुआ। इसलिए आप के लिए सच की इस किरण के लिए शुक्रिया अदा करने के लिए हम आज अपना सिर झुकाने और प्रार्थना करने आए हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमने पंजाब के लिए चढ़दी कला और सभी की भलाई के लिए अरदास की है और परमात्मा से प्रार्थना की है कि वे हमें लोक सेवा की जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए बल और ताकत प्रदान करें। हमारी सरकार के लगभग चार साल पूरे होने वाले हैं और बजट सत्र भी चल रहा है। पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने और इसके विकास के लिए लोक-पक्षीय बजट पेश किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि इस संकल्प के साथ कि हम सभी पंजाब को अग्रणी राज्य बनाने में तहे दिल से योगदान देंगे, हम आज अपने परिवारों सहित परमात्मा का धन्यवाद करने आए हैं।
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अरदास करते हैं कि परमात्मा हमें सच्चाई और ईमानदारी के मार्ग पर चलने की शक्ति दे ताकि हम देश और समाज की सेवा कर सकें। उन्होंने आगे कहा कि जैसे ही हम दरबार साहिब के गलियारे में प्रवेश हुए तो यह शब्द पढ़े जा रहे थे कि अगर परमात्मा आपके साथ है, तो आपको किसी भी चीज से डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि हम हमेशा वाहिगुरु के आगे झुकने वाले लोग हैं।
नहरी पानी अब खेतों तक पहुंच रहा है
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि पंजाब में किसानों की आत्महत्या के मामलों में भारी गिरावट आई है। सरकार को प्राप्त ताजा रिपोर्ट के अनुसार आत्महत्याओं में लगातार कमी आ रही है क्योंकि नहरी पानी अब खेतों तक पहुंच रहा है। 16 मार्च 2022 को पानी केवल 21 प्रतिशत खेतों तक पहुंचा था, जबकि आज मार्च 2026 में यह लगभग 75 से 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है। बिजली बोर्ड ने खुद घोषणा की है कि वह टैरिफ घटा सकता है। बिजली की खपत कम हुई है और दिन के समय बिजली सप्लाई की जा रही है। किसानों को एमएसपी भी मिल रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बुधवार को पंजाब सरकार ने विधान सभा में एक प्रस्ताव भी पेश किया जिसमें कृषि को प्रस्तावित भारत-अमेरिका समझौते से बाहर रखने की मांग की गई। उन्होंने आगे कहा कि अगर कृषि को इस समझौते से बाहर नहीं रखा जाता है तो हमारा किसान जो इस समय अपने खेत का मालिक है, केवल एक ग्राहक बनकर रह जाएगा। उसे बीजों के लिए बाहरी बाजारों पर निर्भर होना पड़ेगा और यह संयुक्त राज्य से आने वाले सस्ते अनाज या मक्का से मुकाबला नहीं कर सकेगा। अमेरिका में औसतन फार्म का आकार 500 एकड़ है, जबकि यहां यह लगभग ढाई एकड़ है। ऐसी स्थिति में मुकाबला संभव नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधान मंत्री को ऐसे किसान विरोधी फैसले नहीं लेने चाहिए।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे बताया कि इन्वेस्ट पंजाब सम्मेलन 13 मार्च को शुरू होगा और 15 मार्च तक जारी रहेगा। उन्होंने आगे बताया कि निवेशक न केवल देश भर से बल्कि जापान, कोरिया, यूके, फ्रांस और स्विट्जरलैंड जैसे देशों से भी आ रहे हैं। पहली बार वे पंजाब में फैक्ट्रियां स्थापित करने और भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी में बड़े प्लांट स्थापित करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। 20 मार्च को टाटा स्टील प्लांट का उद्घाटन किया जाएगा और उत्पादन शुरू होगा। जमशेदपुर के बाद यह देश का दूसरा सबसे बड़ा स्टील प्लांट होगा, जिसे पंजाब में लगाया जा रहा है।
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