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CM भगवंत सिंह मान ने सिंगापुर प्रशिक्षण के लिए प्रिंसिपलों के आठवें बैच को रवाना किया, अब तक 234 प्रिंसिपल विश्व स्तरीय प्रशिक्षण के लिए भेजे गए

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज सिंगापुर की प्रिंसिपल अकादमी में प्रशिक्षण के लिए 30 सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों के आठवें बैच को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को वैश्विक शिक्षा पद्धतियों से परिचित कराना और राज्य की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।

भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार, कांग्रेस और अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर भी निशाना साधा

मुख्यमंत्री ने इस दौरान कई राजनीतिक मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब बिजली (संशोधन) विधेयक, 2025 का कड़ा विरोध किया जाएगा। साथ ही उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार, कांग्रेस और अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर भी निशाना साधा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘एक्स’ पर लिखा, “आज पंजाब के सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों का एक और बैच प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर रवाना हुआ। मैंने इस अवसर पर उनसे मुलाकात की, उन्हें शुभकामनाएं दीं और यात्रा की सफलता के लिए प्रोत्साहित किया।”

उन्होंने आगे लिखा, “हमारी सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब के बच्चों को विश्व स्तरीय और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो। इसी दृष्टिकोण के तहत हम अपने शिक्षकों और प्रिंसिपलों को लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण के अवसर प्रदान कर रहे हैं, ताकि वे नए और आधुनिक तरीके सीख सकें और पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बना सकें। हमारा लक्ष्य केवल स्कूल बनाना नहीं है, बल्कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था तैयार करना है जो पंजाब के हर बच्चे को बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने के योग्य बनाए।”

8 से 14 मार्च तक सिंगापुर की प्रिंसिपल अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त करेगा

मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकारी स्कूलों के प्रमुखों को विश्व स्तरीय अवसर प्रदान करने के लिए 30 प्रिंसिपलों का आठवां बैच 8 से 14 मार्च तक सिंगापुर की प्रिंसिपल अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त करेगा। अब तक 234 प्रिंसिपल और शिक्षा अधिकारियों के आठ बैचों को प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर भेजा जा चुका है।” उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाई गई है, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा चुने गए प्रिंसिपलों का सत्यापन किया गया।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रशिक्षण के दौरान ये प्रिंसिपल विदेशों में प्रचलित आधुनिक शिक्षा पद्धतियों से परिचित होते हैं। वापसी के बाद वे इन अनुभवों को अपने विद्यार्थियों और सहयोगियों के साथ साझा करते हैं, ताकि छात्र वैश्विक स्तर की शिक्षा का सामना कर सकें। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य की शिक्षा व्यवस्था को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और शिक्षकों तथा विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित कर रही है।

विद्यार्थियों के प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह गर्व की बात है कि भारत सरकार द्वारा कराए गए नेशनल अचीवमेंट सर्वे में पंजाब ने केरल को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया है। विद्यार्थियों को सशस्त्र सेनाओं की तैयारी, नीट, जेईई, क्लैट और निफ्ट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग भी प्रदान की जा रही है। स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के लगभग 300 विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स, जेईई एडवांस्ड और नीट परीक्षाओं के लिए योग्यता प्राप्त की है। आम आदमी पार्टी की अगुवाई वाली पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा को मजबूत करने पर विशेष जोर दे रही है।”

पंजाब के एक किसान की बेटी ने यूपीएससी परीक्षा में 15वां स्थान प्राप्त किया है

भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “आने वाले समय में किसी व्यक्ति को उसकी संपत्ति से नहीं, बल्कि उसके बच्चों द्वारा प्राप्त शिक्षा से अमीर माना जाएगा। इसी कारण राज्य सरकार हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यह भी गर्व की बात है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर पंजाब के एक किसान की बेटी ने यूपीएससी परीक्षा में 15वां स्थान प्राप्त किया है। हमारी सरकार राज्य की बेटियों को आगे बढ़ने के लिए अवसर प्रदान कर रही है ताकि वे हर क्षेत्र में ऊंचाइयों को छू सकें।”

एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा, “20 मार्च का दिन पंजाब के लिए ऐतिहासिक होगा, क्योंकि टाटा स्टील इस दिन भारत में अपने दूसरे सबसे बड़े संयंत्र में काम शुरू करेगा। 3,200 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया जा रहा यह प्रोजेक्ट युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा और राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाएगा।”

राज्य सरकार लगातार भारत सरकार के साथ इस मुद्दे को उठा रही है और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है

एक अन्य प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा, “मध्य-पूर्व के देशों में चल रहे तनाव के दौरान वहां फंसे पंजाब के 385 लोगों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से लगभग 300 संयुक्त अरब अमीरात में और बाकी अन्य देशों में हैं।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार भारत सरकार के साथ इस मुद्दे को उठा रही है और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा, “जो लोग कहते थे कि भारत ‘विश्व गुरु’ बनेगा, उन्होंने इसे ‘विश्व चेला’ बना दिया है, क्योंकि अमेरिका देश को अपनी शर्तें बता रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की विदेश नीति और संप्रभुता से समझौता किया जा रहा है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार बिजली (संशोधन) विधेयक, 2025 का कड़ा विरोध करेगी। उन्होंने कहा, “यह केंद्र सरकार द्वारा राज्यों के अधिकारों को छीनने की कोशिश है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा राज्य के विषय हैं और केंद्र को इनमें हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।”

राज्यपाल के भाषण के बहिष्कार को लेकर कांग्रेस की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, “अपने आप को बड़े नेता समझने वाले लोग मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए नौटंकी कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें यह स्वीकार नहीं हो रहा कि पंजाब फिर से विकास और समृद्धि के रास्ते पर लौट रहा है।”
अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “सुखबीर सिंह बादल जमीनी हकीकत से दूर हैं और लोगों को गुमराह करने के लिए हवाई किले बना रहे हैं। पंजाब के लोग ऐसे नेताओं के पिछले रिकॉर्ड से अच्छी तरह परिचित हैं और उन्हें राज्य को बर्बाद करने का एक और मौका कभी नहीं देंगे।”
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा

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पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।

आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।

कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।

श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।

रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।

वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”

कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”

श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।

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सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?

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RBI ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट 5.25% पर रखा, ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया। RBI के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा कीमतों में अनिश्चितता और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत अब भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग से आर्थिक विकास को सहारा मिल रहा है और अप्रैल-जून तिमाही का प्रदर्शन RBI के अनुमान से बेहतर रहा है।

तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए गवर्नर ने कहा कि सेवा क्षेत्र की मजबूती से शहरी खपत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और अल नीनो से जुड़े जोखिम अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से प्रमुख व्यापारिक मार्ग भी प्रभावित हो रहे हैं।

संजय मल्होत्रा ने कहा कि कच्चे तेल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई बढ़ सकती है। उनका अनुमान है कि तीसरी तिमाही में महंगाई अपने उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे कम होगी। उन्होंने कहा कि महंगाई पर सबसे अधिक असर खाद्य और ईंधन की कीमतों का है।

RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। वहीं, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।

गवर्नर ने बताया कि जून से बैंकिंग प्रणाली में औसत तरलता (Liquidity) 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि मजबूत बनी हुई है और पर्याप्त तरलता उपलब्ध है।

RBI ने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक व्यापार में सुस्ती, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता भारत के चालू खाते के घाटे पर दबाव डाल सकती है।

इस बीच रुपया भी लगातार दबाव में है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95 से 96 रुपये प्रति डॉलर के बीच कारोबार कर रहा है। महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेश की निकासी, बढ़ता व्यापार घाटा और मजबूत होता डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक रुपया करीब 7 फीसदी कमजोर हो चुका है, जबकि ईरान के साथ तनाव शुरू होने के बाद इसमें लगभग 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

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