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Punjab News: पंजाब सरकार के मंत्रियों और आप विधायकों ने शहीद एएसआई गुरनाम सिंह के परिवार से की मुलाकात, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से दिया भरोसा

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Punjab News:आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के नेता व कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क और लालजीत सिंह भुल्लर ने शनिवार को शहीद एएसआई गुरनाम सिंह के पैतृक गांव गदरियां (दीनानगर) पहुंचकर उनके परिवार से मुलाकात कर दुख व्यक्त किया। इस दौरान उनके साथ पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष व बटाला विधायक अमनशेर सिंह शैरी कलसी और डेरा बाबा नानक के विधायक गुरदीप सिंह रंधावा भी उपस्थित रहे।

पंजाब सरकार इस कठिन घड़ी में पूरी तरह परिवार के साथ खड़ी है

नेताओं ने शहीद के परिवार को ढांढस बंधाया और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार इस कठिन घड़ी में पूरी तरह परिवार के साथ खड़ी है।

मीडिया से बात करते हुए मंत्री कटारूचक्क ने कहा कि आधिया चौकी पर ड्यूटी के दौरान हमारे जांबाज सिपाही गुरनाम सिंह और अशोक कुमार की हत्या एक बुजदिलाना कृत्य है। उन्होंने कहा कि यह केवल पुलिस पर हमला नहीं है, बल्कि पंजाब की मिट्टी और यहां के लोगों के सुकून पर हमला है। शहीदों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा और दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा दी जाएगी।

सीमा पार से हो रही साजिशों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की बदनाम खुफिया एजेंसी आईएसआई लगातार पंजाब के रास्ते भारत को निशाना बनाने की कोशिश करती है। पठानकोट एयरबेस और दीनानगर थाने पर हुए हमले इसी का हिस्सा थे। उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान की नफरत भरी भावनाओं को पंजाब की धरती पर कभी सफल नहीं होने दिया जाएगा।

यहां की एकता और भाईचारे को किसी भी कीमत पर टूटने नहीं दिया जाएगा

मंत्री ने पंजाब के युवाओं से अपील की कि वे दुश्मन देशों द्वारा फैलाए गए जाल और प्रलोभन में न फंसें। उन्होंने कहा कि पंजाब गुरुओं और शहीदों की धरती है, यहां की एकता और भाईचारे को किसी भी कीमत पर टूटने नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भी जल्द ही शहीदों के परिवारों से मुलाकात करेंगे। सरकार गैंगस्टरवाद और नशे के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर कायम है और पंजाब की अमन-शांति भंग करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।

मंत्री लालजीत भुल्लर ने पंजाब पुलिस की मुस्तैदी की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस ने केवल 24 घंटों के भीतर सभी दोषियों को ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि जो भी व्यक्ति कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करेगा या गैर-कानूनी गतिविधि में शामिल होगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार दोनों शहीद पुलिस जवानों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, परिवार के योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित किया जाएगा। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि शहीदों की कमी को किसी भी कीमत पर पूरा नहीं किया जा सकता, लेकिन सरकार उनके परिवारों की हर संभव मदद के लिए 24 घंटे खड़ी है।

ये दल केवल राजनीति कर रहे हैं क्योंकि वे सरकार की सफलता से डरे हुए हैं

अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा पर निशाना साधते हुए भुल्लर ने कहा कि ये दल केवल राजनीति कर रहे हैं क्योंकि वे सरकार की सफलता से डरे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बॉर्डर स्टेट होने के कारण ये दल पंजाब की शांति बिगाड़ने की कोशिशों में कहीं न कहीं शामिल हैं और पुलिस का मनोबल गिराने का काम कर रहे हैं।

विधायक शैरी कलसी ने कहा कि विरोधी देश की एजेंसियां पंजाब का माहौल खराब करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग पंजाब की शांति भंग करने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। सरकार नशे और गैंगस्टरवाद को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान इस दिशा में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।

विपक्ष पर हमला करते हुए शैरी कलसी ने कहा कि जब कोई वारदात होती है, तो विपक्षी दल सोशल मीडिया पर तुरंत ‘लाइव’ होकर राजनीति शुरू कर देते हैं। लेकिन जब पंजाब पुलिस 24 घंटे के भीतर दोषियों को पकड़ लेती है, तब यही नेता पुलिस की सराहना में एक शब्द भी नहीं बोलते। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ये नेता पंजाब के हितैषी हैं या आईएसआई और गैंगस्टरों की विचारधारा का समर्थन कर रहे हैं?

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‘मन की बात’ में PM मोदी ने की धावक गुरिंदरवीर सिंह की सराहना, युवाओं के लिए बताया प्रेरणा स्रोत

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प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के दौरान भारतीय धावक Gurindervir Singh की ऐतिहासिक उपलब्धि की जमकर सराहना की। प्रधानमंत्री ने गुरिंदरवीर को 100 मीटर दौड़ में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने पर बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस दौरान उन्होंने गुरिंदरवीर से सीधे बातचीत कर उनके संघर्ष, मेहनत और सफलता के सफर के बारे में भी जानकारी ली।

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खेल केवल जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि खुद को बेहतर बनाने, चुनौतियों को स्वीकार करने और दूसरों को प्रेरित करने का भी जरिया हैं। उन्होंने गुरिंदरवीर और उनके साथी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी उपलब्धियां भारत को वैश्विक खेल मंच पर नई पहचान दिला रही हैं।

गुरिंदरवीर सिंह ने बताया कि वह भारतीय नौसेना में पेटी ऑफिसर के रूप में सेवा दे रहे हैं और खेलों के साथ-साथ देश सेवा को भी अपना सबसे बड़ा कर्तव्य मानते हैं। उन्होंने हाल ही में 100 मीटर दौड़ को महज 10.09 सेकंड में पूरा कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। इस प्रदर्शन के साथ वह 10.10 सेकंड की बाधा तोड़ने वाले पहले भारतीय धावक बन गए हैं, जो भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

गुरिंदरवीर ने अपने बचपन की यादें साझा करते हुए बताया कि वह महान धावक Milkha Singh मिल्खा सिंह की कहानियां सुनते हुए बड़े हुए हैं। उनके परिवार में खेलों का माहौल रहा है। उनके पिता और दादा भी खेलों से जुड़े रहे, जिसके कारण बचपन से ही उनके मन में खेलों के प्रति विशेष रुचि पैदा हुई।

उन्होंने बताया कि हर साल दिवाली और नए साल पर घर की सफाई करते समय वह अपने पिता के जीते हुए पदक और ट्रॉफियों को साफ किया करते थे। उन ट्रॉफियों को देखकर उनके मन में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ता गया। वह अपने पिता से हर ट्रॉफी के पीछे की कहानी पूछते थे और उनके पिता अपने संघर्ष, मेहनत और खेल यात्रा के अनुभव साझा करते थे। इन्हीं कहानियों ने उनके भीतर एक बड़ा खिलाड़ी बनने का सपना जगाया।

गुरिंदरवीर ने बताया कि जब उन्होंने 100 मीटर दौड़ को अपना मुख्य इवेंट बनाने का फैसला किया तो कई लोगों ने उन्हें हतोत्साहित करने की कोशिश की। लोगों का कहना था कि 100 मीटर स्प्रिंट भारतीय खिलाड़ियों के लिए नहीं है और इस स्पर्धा में विश्व स्तर पर सफलता हासिल करना आसान नहीं है। लेकिन उन्होंने और उनके पिता ने कभी अपना विश्वास नहीं खोया और अपने लक्ष्य पर डटे रहे।

उन्होंने कहा कि उनके पिता का भरोसा और हौसला ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। उसी विश्वास के सहारे उन्होंने लगातार मेहनत की और आज वह मुकाम हासिल किया, जिसे कभी असंभव माना जाता था। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि मजबूत इरादों और कठिन परिश्रम से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

अपने संघर्षपूर्ण दिनों को याद करते हुए गुरिंदरवीर ने कहा कि सफलता का रास्ता कभी आसान नहीं होता। कई बार हार का सामना करना पड़ा, कई प्रतियोगिताओं में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं हुआ और चोटों ने भी राह में बाधाएं पैदा कीं। लेकिन हर कठिन समय में उनके परिवार, कोच और करीबी लोगों ने उनका साथ दिया।

उन्होंने अपने कोच का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा उन्हें यही सिखाया कि यदि आप खुद पर विश्वास नहीं करेंगे तो कोई और भी आप पर विश्वास नहीं करेगा। गुरिंदरवीर ने कहा कि परिवार, कोच और समाज से मिलने वाला समर्थन किसी भी खिलाड़ी की सबसे बड़ी ताकत होता है और यही प्रेरणा उन्हें हर दिन नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित करती है।

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ठेके की नौकरी को पक्का करने वाला देश का पहला राज्य बना पंजाब- केजरीवाल

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पंजाब में ठेकेदारी प्रथा खत्म कर कच्चे और आउटसोर्स कर्मचारियों को पक्का करने का भगवंत मान सरकार के फैसले का आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत तमाम नेताओं ने स्वागत किया है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब ठेके की नौकरी को पक्का करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। ठेकेदारी प्रथा खत्म करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। पंजाब में भगवंत मान सरकार ने 65 हजार से अधिक संविदा कर्मियों की नौकरी पक्की कर एतिहासिक काम किया है। ये सिर्फ एक फैसला नहीं, बल्कि इन परिवारों की नई ज़िंदगी की शुरुआत है, जहां इन्हें पूरा हक और सम्मान मिलेगा।

भगवंत मान सरकार के फैसले पर अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने ठेकेदारी प्रथा को खत्म करते हुए 65,000 कच्चे और आउटसोर्स कर्मचारी पक्के करने का निर्णय किया है। ये फैसला ऐतिहासिक है और देश में पहली बार लिया गया है। ये सिर्फ एक फैसला नहीं, बल्कि इन सभी परिवारों की नई ज़िंदगी की शुरुआत है, जहां इन्हें पूरा हक और सम्मान मिलेगा। मैं सभी कर्मचारियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। भगवंत मान साहब को भी ये ऐतिहासिक निर्णय लेने के लिए बधाई देता हूं।

उधर, सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा कि शनिवार को पंजाब के कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। कैबिनेट की बैठक में 65,000 से अधिक आउटसोर्स और अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने और संविदा सिस्टम को हमेशा के लिए खत्म करने की मंजूरी दी गई है। अब कोई बिचौलिए या ठेकेदार नहीं होंगे, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी सीधे सरकार द्वारा नियोजित होगा। सरकार इन कर्मचारियों को बैंक खाते में सैलरी, पीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी समेत सभी सुविधाएं देगी।

उन्होंने कहा कि अग्निशामक, सीवर कर्मचारी और लाइनमैन जैसे जोखिम भरे कामों में लगे कर्मचारियों को 5 साल की सेवा के बजाय केवल 3 साल की सेवा के बाद स्थायी करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बकाया और महंगाई भत्ते के मुद्दों को हल करने के लिए एक विशेष कैबिनेट उप-समिति का भी गठन किया गया है। इसके अलावा, भ्रष्टाचार के मामलों के शीघ्र निपटान के लिए पंजाब में 7 नए विशेष न्यायालयों के गठन को भी मंजूरी दी गई है। आम जनता और कर्मचारियों के अधिकारों के हनन के दिन अब समाप्त हो गए हैं। ‘‘आप’’ की सरकार पंजाब के हर वर्ग के कल्याण और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

वहीं, आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने भगवंत सिंह मान सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि 65,000 कच्चे और आउटसोर्स कर्मचारियों को पक्का करने का पंजाब सरकार का फैसला लाखों लोगों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आया है। सभी कर्मचारियों को बहुत- बहुत बधाई। भगवंत मान जी को इस ऐतिहासिक और देश में मिसाल कायम करने वाले फैसले के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।

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देश को अब एक शिक्षित प्रधानमंत्री की जरूरत- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक और इसे रोकने के लिए उठाए जा रहे निष्प्रभावी कदमों के लिए कंेद्र सरकार पर निशाना साधा है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि निश्चित रूप से अब देश को एक शिक्षित प्रधानमंत्री की जरूरत है। मौजूदा केंद्र सरकार नीट पेपर लीक की जड़ तक पहुंचने के बजाय अनपढ़ों जैसी बात कर रही है। सरकार कह रही है कि नीट में पेपर लीक रोकने के लिए वायु सेना के जहाज इस्तेमाल किए जाएंगे। क्या इससे पेपर लीक रूकेगा? उन्होंने कहा कि वास्तविकता तो यह है कि पेपर लीक रोकने की सरकार की नीयत ही नहीं है। आज देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह माफ़िया के चंगुल में आ चुकी है। अगर सिस्टम को ठीक करना है तो सबको मिलकर कुछ करना होगा। अकेले किसी के कुछ करने से नहीं होगा।

शनिवार को एक वीडियो संदेश जारी कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं खुद आईआईटी से इंजीनियर हूं, पढ़ा-लिखा हूं। इसलिए शिक्षा के महत्व को समझता हूं। मैं मानता हूं कि जब तक हर बच्चे को अच्छी शिक्षा नहीं मिलेगी, तब तक देश तरक्की नहीं कर सकता। शुक्रवार को हमारे देश की सरकार ने एलान किया है कि अब नीट के पेपर को लीक होने से बचाने के लिए एयरफोर्स के जहाज और एयरफोर्स के बुलेट प्रूफ ट्रकों से उसे ट्रांसपोर्ट करेंगे। यह क्या मजाक बना रखा है? क्या हमें बेवकूफ समझा जा रहा है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरी दुनिया में इतने बड़े-बड़े पेपर होते हैं, लेकिन क्या कहीं सुना है कि एयरफोर्स से उन्हें ट्रांसपोर्ट किया जाता है? क्या कहीं इस किस्म की नौटंकी सुनी है? केवल और केवल इस सरकार को नौटंकी करनी आती है। यह दिखाने के लिए कि हमने कितना बड़ा कदम ले लिया। पेपर लीक होने से बचाने के लिए हम यह सब कर रहे हैं। सिस्टम को ठीक करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है। अगर कोई अच्छी नीयत वाली सरकार होती, तो वह देखती कि लीकेज कहां से हो रही है और उसे प्लग करती।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम एयरफोर्स के जहाजों और ट्रकों से इसे ट्रांसपोर्ट करेंगे, यह कहकर जाहिर तौर पर सिस्टम को बचाने की कोशिश की जा रही है। यह लीकेज जारी रहेगी और जहां से पेपर लीक हो रहे हैं, वह सिलसिला भी जारी रहेगा। हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था को बहुत बड़े माफिया ने अपनी जकड़ में ले लिया है। पूरा का पूरा एजुकेशन सिस्टम एक माफिया की जकड़ में है। छात्र वेदांत का नाम आजकल सोशल मीडिया पर काफी चल रहा है। वेदांत 12वीं क्लास का लड़का है। उसने पेपर दिए और उसके नंबर कम आए। उसने अपने पेपर निकलवाए, तो पता चला कि फिजिक्स के अंदर उसका पेपर किसी और से बदल दिया गया और उसके नंबर बहुत कम लगाए गए हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उस बेचारे बच्चे ने एक्स पर यह बात डाल दी कि मेरा पेपर बदल गया, तो इन लोगों की सारी ट्रोल आर्मी उस बेचारे पर चढ़ गई। कोई कहता है कि वह पाकिस्तानी है, तो कोई कहता है कि एंटी-नेशनल है। एक छोटे से बच्चे के दिल पर क्या गुजर रही होगी और उसकी साइकोलॉजी पर क्या असर पड़ रहा होगा, यह समझा जा सकता है। यह सब पूरा शिक्षा माफिया को बचाने की कोशिश है। इसके खिलाफ अगर कोई अकेला बच्चा, सिर्फ अकेला वेदांत ही नहीं है, पता नहीं कितने बच्चों ने अपनी बात डाली है और ये लोग सबके पीछे पड़ गए हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर एक बच्चा आवाज उठाएगा, तो यह शिक्षा माफिया छोड़ेगा नहीं। ये आपको छोड़ेंगे नहीं और सबकी आवाज दबा देंगे। इसके खिलाफ सबको मिलकर आवाज उठानी पड़ेगी। जब सारे मिलकर आवाज उठाएंगे, तभी सरकार को कुछ करना पड़ेगा, नहीं तो पूरी की पूरी सरकार पर शिक्षा माफिया का कब्जा हो गया है। यह बच्चों के भविष्य का सवाल है, आपके भविष्य का सवाल है।

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