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Uttar Pradesh

CM Yogi का जापान दौरा: पहले दिन यूपी को मिला 11 हजार करोड़ का निवेश, नोएडा में बनेगा जापानी औद्योगिक शहर

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे के पहले दिन 11 हजार करोड़ रुपये के निवेश को लेकर विभिन्न कंपनियों के साथ इन्वेस्ट यूपी ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री के जापान के टोक्यो पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। वहीं टोक्यो में आयोजित यूपी निवेश रोड शो और उच्चस्तरीय बैठकों में मुख्यमंत्री ने जापान के उद्योगपतियों को उत्तर प्रदेश में निवेश का खुला आमंत्रण दिया।

बुधवार को जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचने पर यामानाशी प्रांत के वाइस गवर्नर जुनिचि इशिदरा, जापान में भारत की राजदूत नगमा एम मलिक और भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। टोक्यो में अपने स्वागत को लेकर मुख्यमंत्री ने इंटरनेट मीडिया पर टिप्पणी की ‘उगते सूरज की नवोन्मेषी भूमि को प्रभु श्रीराम की पावन धरा के ‘आदित्य’ का नमस्कार।’

उन्होंने मित्सुई एंड कंपनी लिमिटेड, कोनोइके ट्रांसपोर्ट कंपनी लिमिटेड, कुबोता कारपोरेशन, मिंडा कारपोरेशन, जापान एविएशन इलेक्ट्रानिक्स इंडस्ट्री (जेएई), नागासे एंड कंपनी लिमिटेड, सीको एडवांस सहित अन्य औद्योगिक समूहों के साथ अलग-अलग बैठकों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री के साथ गए 18 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने नवीकरणीय ऊर्जा, बायो-एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण, आइसीटी, इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग, आइटी पार्क, डिजिटल सर्विसेज, स्टार्टअप इकोसिस्टम और इलेक्ट्रानिक कंपोनेंट निर्माण, सेमीकंडक्टर एवं एडवांस्ड कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, डाटा सेंटर एवं क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को लेकर जापानी निवेशकों के साथ चर्चा की।

कोनोइके ट्रांसपोर्ट के वरिष्ठ प्रबंध कार्यकारी अधिकारी शिगेकी तानाबे के साथ हुई बैठक में लाजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग और मल्टी-माडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में निवेश पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क को जापानी कंपनियों के लिए सुनहरा अवसर बताया।

उन्होंने जापानी कंपनियों को मेडिकल उपकरण निर्माण इकाईयां स्थापित करने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर और विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर्स के कारण निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रहा है।

उत्तर प्रदेश सीधे ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर से जुड़ा है, जिससे निर्यातोन्मुख उद्योगों को लागत और समय दोनों में लाभ मिलता है। रोड शो के दौरान मिंडा कारपोरेशन के कार्यकारी निदेशक आकाश मिंडा ने इलेक्ट्रानिक्स बैकवर्ड इंटीग्रेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रिक व्हीकल मोबिलिटी क्षेत्र में निवेश की घोषणा की, जिससे अगले दो-तीन वर्षों में तीन से चार हजार रोजगार सृजित होने की संभावना है।

मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव अफसर राहुल भारती सहित कई उद्योगपतियों ने उत्तर प्रदेश में हुए “मेगा ट्रांसफारमेशन” की सराहना की।

500 एकड़ में विकसित होगा जापान का औद्योगिक शहर
टोक्यो में आयोजित रोड शो को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास 500 एकड़ में जापान का औद्योगिक शहर विकसित किया जा रहा है। यहां जापानी कंपनियों को क्लस्टर आधारित औद्योगिक वातावरण, बेहतर लाजिस्टिक्स और निर्यात सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश 25 करोड़ की आबादी के साथ देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है। राज्य की जितनी बड़ी आबादी है उतनी ही विशाल संभावनाएं भी हैं। पिछले नौ वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जो प्रदेश कभी ‘बीमारू’ कहा जाता था, वह आज भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है।

‘स्केल, स्किल, स्टेबिलिटी और स्पीड’ बना यूपी का माडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश इसलिए सुरक्षित है क्योंकि यहां स्केल (बड़ा बाजार), स्किल (कुशल युवा शक्ति), स्टेबिलिटी (नीतिगत स्थिरता) और स्पीड (तेज निर्णय प्रक्रिया) चारों उपलब्ध हैं। प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जो तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं। राज्य में 75 हजार एकड़ का भूमि बैंक उपलब्ध है तथा बुंदेलखंड क्षेत्र में 56 हजार एकड़ में नया औद्योगिक शहर विकसित किया जा रहा है।

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लखनऊ में महिला आरक्षण मुद्दे पर उबाल—25 हजार महिलाओं का जन आक्रोश मार्च, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

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लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास न होने पर लखनऊ में भाजपा ने मंगलवार को जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली। सीएम योगी खुद इस पदयात्रा में महिलाओं के साथ पैदल चले। उनके साथ करीब 15 हजार महिलाएं चलीं। योगी के अलावा दोनों डिप्टी सीएम, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी के सीनियर लीडर भी कड़ी धूप में पैदल चले।

पदयात्रा सीएम आवास से शुरू होकर विधानसभा तक करीब 2 किमी तक गई। यहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा- नकाब वालों के चक्कर में सपा-कांग्रेस ने 80% महिलाओं का नुकसान किया। महिलाओं के मन में जबरदस्त गुस्सा है।

वहीं, सीएम योगी ने कहा- सपा हो या कांग्रेस, इनके कृत्य महिला विरोधी रहे हैं। आज महिलाओं में इनके प्रति कितना गुस्सा है। इसका अंदाजा भीषण गर्मी में इस भीड़ को देखकर लगाया जा सकता है। देश के अंदर केवल 4 जातियां हैं। पहली जाति महिला है। दूसरी गरीब की, तीसरी युवा और चौथी किसान की।

उन्होंने कहा- कांग्रेस, सपा और उनके सहयोगी दलों से जुड़ी महिलाएं भी इस रैली में आई हैं। आज की रैली यहीं समाप्त नहीं होती है। यह आंदोलन बूथ, मंडल, ब्लॉक और जिले स्तर तक जारी रखना है।

गर्मी को देखते हुए पदयात्रा में जगह-जगह प्याऊ, एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी। रैली में शामिल महिलाओं ने राहुल गांधी मुर्दाबाद, नारी के सम्मान में भाजपा मैदान में जैसे नारे लगाए। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने संबोधन में कहा-

सपा और कांग्रेस की स्थिति मेंढक की तरह है। इन्हें चाहे चांदी के चबूतरे में बैठा लो या सोने के। ये उछलेंगे तो नाले में ही कूंदेंगे। महिलाओं को आरक्षण जाति देखकर नहीं दिया जा सकता।

पदयात्रा में सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम के अलावा कैबिनेट की महिला मंत्री भी हैं। इसके अलावा, गठबंधन की पार्टियां भी शामिल हुई हैं। इनमें ओपी राजभर, आशीष पटेल भी हैं। राजनीति के जानकार इसे भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देख रहे हैं।

भाजपा संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा- नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित न होने पर यह पदयात्रा निकाली गई। उन्होंने बताया कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए पीएम मोदी का महत्वपूर्ण कदम था। सभी दलों से सहयोग मांगने के बावजूद अधिनियम गिर गया।

सीएम योगी ने जन आक्रोश रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा- सपा हो या कांग्रेस, इनके कृत्य महिला विरोधी हैं। महिलाओं में इनके प्रति कितना गुस्सा है। यह दिखा रहा है कि भीषण गर्मी में भी हजारों की संख्या में बहनें आई हैं। देश के अंदर केवल 4 जातियां हैं- महिला, गरीब, युवा और किसान।

देश के अंदर इंस्फ्रास्ट्रक्चर का विकास हो, देश के संरक्षण का काम हो, समाज के हर तबके के उत्थान के लिए चलने वाली योजनाएं हों। इन सबके केंद्र बिंदु में महिलाएं हैं। उन्होंने कहा- पीएम आवास, स्वच्छ भारत मिशन, हर घर शौचालय, हर गरीब को छत, हर महिला को उज्ज्वला योजना से जोड़ना उन्हें ईंधन उपलब्ध कराना ही नहीं है, यह उनके स्वावलंबन के लिए भी है।

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स्मार्ट मीटर को लेकर एक्शन में UPPCL, चार सदस्यीय तकनीकी कमेटी बनी, IIT और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के अधिकारी शामिल

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उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं. प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर रोजाना ही विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और अब पावर कॉरपोरेशन की तरफ से स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता जांचने और तकनीकी परीक्षण के लिए चार सदस्यीय विशेषज्ञों की समिति का गठन किया गया है. इस समिति में आईआईटी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट के साथ ही पावर कारपोरेशन के अधिकारी भी शामिल होंगे.

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन (UPPCL) ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया है. इस समिति में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर अंकुश शर्मा और प्रबोध वाजपेई, इलेक्ट्रिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन वडोदरा के अनुभाग प्रमुख तेजस मिस्त्री और पावर कारपोरेशन के निदेशक (वितरण) जीडी द्विवेदी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.

समिति के गठन से यह स्पष्ट है कि पावर कारपोरेशन ने स्वयं स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता और कनेक्टिविटी से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से स्वीकार किया है. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पहली बार पावर कारपोरेशन ने यह माना है कि स्मार्ट मीटरों में तकनीकी कमियां मौजूद हैं.

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जो केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की एक अप्रैल 2026 की अधिसूचना के अनुसार स्थापित किए जा रहे हैं. इस स्थिति में यह आवश्यक है कि प्रीपेड आधार पर दिए जा रहे नए बिजली कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए. बिना उपभोक्ताओं की सहमति के प्रीपेड मोड में किए गए 70 लाख से अधिक कनेक्शनों को पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किया जाए.

उपभोक्ता परिषद ने पावर कारपोरेशन और प्रदेश सरकार से मांग की है कि जब तक वर्तमान जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक (पब्लिक डोमेन) में जारी नहीं हो जाती, तब तक पूरे उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की स्थापना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए.

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सकौती में जाटों का जमावड़ा: CM मान समेत कई दिग्गज पधारे, मंच से गरजे जाट नेता-पहचान व सम्मान से समझौता नहीं

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मेरठ जिले के दौराला क्षेत्र के सकौती स्थित हितकारी इंटर कॉलेज में आज महाराजा सूरजमल की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर जाट संसद की ओर से देशभर में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने के अभियान की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, समाज के लोग, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद हैं।

जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आने वाले एक से दो वर्षों में देश के सभी जाट बहुल गांवों में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना है कि इससे समाज को अपने इतिहास और गौरव से जोड़ने में मदद मिलेगी।

प्रतिमाएं स्थापित करने का अभियान शुरू


मनु चौधरी ने बताया कि जाट संसद की ओर से यह राष्ट्रव्यापी अभियान समाज के महापुरुषों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसके तहत देश के विभिन्न राज्यों में चरणबद्ध तरीके से प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी और समाज के लोगों को इतिहास के प्रति जागरूक किया जाएगा।

कार्यक्रम को लेकर विवाद का आरोप


मनु चौधरी ने आरोप लगाया कि शनिवार रात पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर लगे जाट शब्द को हटवा दिया और चालान करने की चेतावनी दी। उन्होंने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि समाज अपनी पहचान और सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा।

कई जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद


कार्यक्रम में कई सांसद, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और क्षेत्रीय नेता मौजूद हैं। आयोजकों के अनुसार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। दोनों नेताओं के कार्यक्रम स्थल की ओर आने की जानकारी दी गई है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महाराजा सूरजमल के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। साथ ही समाज में एकजुटता बढ़ाने और शिक्षा के प्रसार पर विशेष जोर दिया गया।

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