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‘विपक्ष के झूठे आरोपों से मन आहत’, भर्तियों पर घिरे CM नायब सैनी का विधानसभा में भावुक और तीखा पलटवार

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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारी सरकार हर परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के पारदर्शी ढंग से आयोजित करा रही है। विपक्ष प्रदेश के युवाओं को भ्रमित करने के लिए कई प्रकार के भ्रम फैलाने का काम कर रहा है।

विपक्ष द्वारा नौकरी की भर्ती की विफलताओं का झूठा आरोप लगाने से मैं बहुत आहत हूं। मुख्यमंत्री विधानसभा में कांग्रेस के काम रोको प्रस्ताव को लेकर हुई चर्चा के बाद बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास अब कुछ बचा नहीं तो झूठ की कहानी बना विधायक और उनके नेता सदन को बाधित करने की आदत बना चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग और हरियाणा लोक सेवा आयोग दोनों ही स्वायत्त संस्थाएं हैं और बिना किसी दबाव के निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से काम कर रही हैं। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 8653 पदों के विज्ञापन को वापस लिया जिसकी वजह सामान्य पात्रता परीक्षा होना था। नए अभ्यर्थी भी इस परीक्षा में शामिल हो सकें, इसलिए आयोग ने बढ़े हुए पदों के साथ फिर से विज्ञापन निकाला था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन परीक्षाओं में से ग्राम सचिवों की परीक्षा पेपर लीक की आशंका के चलते रद की गई थी। 28 जून 2024 को फिर से विज्ञापन दिया गया और 17 अगस्त 2024 को लिखित परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित हुई।

परिणाम 17 अक्टूबर 2024 को घोषित किया गया था। पटवारी व नहरी पटवारी की परीक्षा पात्रता मापदंड में बदलाव के कारण रद कर इसे सीईटी के अधीन पूरा किया गया। पुलिस कांस्टेबल की लिखित परीक्षा पेपर लीक की संभावना के चलते रद की गई। बाद में इसे करा 16 जून 2022 को नतीजा घोषित किया।

अंग्रेजी सहायक प्रोफेसर भर्ती का परिणाम हाई कोर्ट के स्थगन आदेश के तहत लंबित है। भाई- भतीजा तथा क्षेत्रवाद के चलते प्रदेश के युवा हरियाणा की भर्ती एजेंसियों से निराश और हताश हो गए थे। उनके अंदर अब एजेंसियों के प्रति विश्वास लौटा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासन में 11 भर्तियां रद हुई थीं जिससे 7338 युवाओं का भविष्य खराब हुआ था। नौकरी से निकाले गए कच्चे कर्मचारियों को भाजपा सरकार ने सृजित किया।

नायब सैनी ने कहा कि निकाले गए जेबीटी टीचर भी हमने लगाए। इनेलो सरकार के समय 1500 सिपाही जिन्हें कांग्रेस ने निकाला था, वह भी हमारी सरकार ने लगाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि खुली प्रतियोगिता परीक्षा की प्रकृति है, जिसके चलते 4437 पदों की सिफारिश में लगभग 22 प्रतिशत अभ्यर्थी अन्य राज्यों से लगाए हैं।

एचपीएससी भर्ती के पद अखिल भारतीय पात्रता वाले, इन पर संविधान के अनुच्छेद 16 के तहत समान अवसर का सिद्धांत लागू होता है। वर्ष 2006 में एससी का बैक लाग 14995 था और बीसी का बैकलाग 5929 था। हमारी सरकार ने वर्ष 2024 एससी का बैकलाग 145, बीसी(ए) का बैकलाग 80 और बीसी (बी) का बैकलाग शून्य कर दिया।

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भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान

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हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।

अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।

गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।

वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।

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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल

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भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।

पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक

बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।

कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।

इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

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जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम

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जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।

जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।

2023 में नहीं लाया जा सका बिल

2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।

आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए

खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।

बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी

आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।

परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध

पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।

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