Connect with us

National

चिट्टा और गैंगस्टरवाद अकाली दल की ही देन, सुखबीर बादल का बयान पंजाबियों के साथ भद्दा मजाक: Baltej Pannu

Published

on

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रदेश मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के उस बयान पर तीखा हमला बोला है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार आने पर पहली मीटिंग में ड्रग तस्करों और गैंगस्टरों को ‘आतंकवादी’ घोषित किया जाएगा।

पन्नू ने पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सुखबीर बादल शायद इस बात को भूल चुके हैं कि पंजाब के लोग 2007 से 2017 के काले दौर को याद रखते हैं। उनका कहना था कि पंजाब में ड्रग्स और गैंगस्टरवाद के बीज अकाली-भाजपा सरकार के दौरान बोए गए और उनके संरक्षण में ही ये फले-फूले।

पन्नू ने कहा, “2007 से पहले पंजाब ने कभी ‘गैंगस्टर’ शब्द नहीं सुना था। सुखबीर बादल के राज में अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिला। अमृतसर में एक ASI की हत्या के समय अकाली दल के लोगों ने सरेआम भांगड़ा किया। नाभा जेल ब्रेक और फरीदकोट में नाबालिग लड़की का अपहरण अकाली दल के गुंडाराज की निशानियां हैं।”

उन्होंने आगे बताया कि 2007 से 2012 के बीच नशे की दुकानें खुलीं और 2012 में चिट्टा अपने शिखर पर पहुंच गया। “जब पुलिस ड्रग तस्करों को पकड़ती थी, तो आधे घंटे में ही अकाली नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें सामने आ जाती थीं और उन्हें छुड़ाने के लिए मंत्रियों की सिफारिशें पहुंच जाती थीं। आज वही सुखबीर बादल कार्रवाई की बातें कर रहे हैं, जो पूरी तरह हास्यास्पद है,” पन्नू ने कहा।

बलतेज पन्नू ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार की तारीफ़ करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ईमानदारी से नशे और गैंगस्टरों के खिलाफ युद्ध लड़ रही है। “हमने गांव स्तर तक समितियां बनाई हैं और पुलिस पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है। सुखबीर बादल को फिर से सत्ता की भूख सता रही है, ताकि वे दोबारा वही पुराना नशे का साम्राज्य खड़ा कर सकें।”

पन्नू ने सुखबीर बादल पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “पंजाब की जनता कभी नहीं भूल सकती कि आपके राज में बरगाड़ी और बुर्ज जवाहर सिंह वाला में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी हुई। कोटकपुरा गोलीकांड में आज सुखबीर बादल जमानत पर बाहर हैं।”

अंत में पन्नू ने कहा, “सुखबीर बादल अगली रैली में जनता को यह बताएं कि 10 साल के राज में उन्होंने क्या किया। पंजाब की जनता ने अब आपकी असलियत पहचान ली है। मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखना बंद कर दें।”

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

National

ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत ने जारी की एडवाइजरी, भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

Published

on

पश्चिम एशिया में Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। दोनों देशों के बीच जारी सैन्य टकराव के चलते क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।

Embassy of India in Tehran ने भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। दूतावास ने कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें और वहां मौजूद भारतीय स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें तथा सुरक्षा संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखें।

क्षेत्र में तनाव उस समय और बढ़ गया जब दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ हमले और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आईं। कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं।

इस संघर्ष का असर केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र पर पड़ रहा है। लाल सागर समेत महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, क्योंकि ये वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माने जाते हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है। कई विश्व नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो इसके व्यापक प्रभाव पूरे क्षेत्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए भी बड़ी चुनौती बन सकती है। ऐसे में दुनिया की नजरें अब कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में तनाव कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

Continue Reading

National

जयपुर में 24 घंटे के लिए डिजिटल कर्फ्यू, इंटरनेट सेवाएं बंद

Published

on

राजस्थान की राजधानी जयपुर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। यह प्रतिबंध बीती रात 12 बजे से लागू हो गया है और आज रात 12 बजे तक जारी रहेगा।

प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार शहर के संवेदनशील इलाकों में 2G, 3G, 4G और 5G मोबाइल इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से बंद रहेंगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

प्रशासन को आशंका है कि सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें और भड़काऊ संदेश फैलाए जा सकते हैं, जिससे माहौल खराब होने का खतरा है। इसी को देखते हुए इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई है।

मोबाइल इंटरनेट के साथ-साथ फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी प्रभावित रहेंगे। इसके अलावा SMS और MMS सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि किसी भी तरह की भ्रामक या गलत जानकारी के प्रसार को रोका जा सके।

पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति गलत सूचना फैलाने, शांति भंग करने या जारी आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हालात सामान्य रहने पर प्रतिबंध हटाने को लेकर उचित फैसला लिया जाएगा।

Continue Reading

National

7 साल बाद SAFF चैंपियन बना भारत, PM मोदी ने दी बधाई

Published

on

भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने 7 साल बाद SAFF महिला चैम्पियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 3-1 से हराकर रिकॉर्ड छठी बार यह टूर्नामेंट जीता। यह मैच गोवा के मडगांव स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेला गया।

भारत की ओर से पियारी जाखसा, सनफिदा नोंगरूम और लिंडा कोम सेत्रो ने एक-एक गोल किया, जबकि बांग्लादेश के लिए एकमात्र गोल रितु पोर्ना ने किया। पियारी जाखसा ने 42वें मिनट में भारत को बढ़त दिलाई, लेकिन पहले हाफ के इंजरी टाइम में बांग्लादेश ने बराबरी कर ली। दूसरे हाफ में सनफिदा नोंगरूम के शानदार हेडर और 82वें मिनट में लिंडा कोम सेत्रो के गोल ने भारत की जीत सुनिश्चित कर दी।

पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। टीम ने अपने सभी चार मुकाबले जीते, 18 गोल किए और सिर्फ एक गोल ही खाया। इस जीत के साथ मौजूदा चैंपियन बांग्लादेश की लगातार तीसरी बार खिताब जीतने की उम्मीद भी टूट गई।

इस अवसर पर भारतीय टीम की अनुभवी खिलाड़ी डांगमेई ग्रेस ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कह दिया। उन्होंने वर्ष 2012 में भारत के लिए पदार्पण किया था और 95 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद अपने करियर का समापन एक और SAFF खिताब के साथ किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय महिला टीम को इस ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है और यह उपलब्धि देश की युवा खिलाड़ियों को फुटबॉल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। प्रधानमंत्री ने टीम के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

Continue Reading

Trending