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बिट्टू ने कांग्रेस-अकाली गठबंधन की राजनीति को किया बेनकाब, मान ने सत्ता के भ्रष्ट गठबंधन को तोड़ा: Baltej Pannu

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आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने सोमवार को कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं पर तीखा हमला किया। पन्नू ने आरोप लगाया कि दशकों से ये दोनों पार्टियां पंजाब में गुप्त पावर-शेयरिंग गठबंधन चला रही थीं, जिसने राजनीतिक दिखावा करते हुए राज्य को लूटा।

रवनीत बिट्टू का वीडियो सामने आया

पन्नू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की एक वीडियो क्लिप दिखाई, जिसमें बिट्टू खुद स्वीकार कर रहे थे कि 2017 में उन्होंने भगवंत मान को हराने और सुखबीर बादल को जीत दिलाने की योजना बनाई थी। पन्नू ने कहा कि यह कांग्रेस और अकाली नेतृत्व के बीच नापाक सांठगांठ का सीधा सबूत है।

“यह आप का आरोप नहीं है, बल्कि उनका अपना नेता बोल रहा है। बंद कमरों में ये तय करते थे कि कौन जीतेगा, कौन हारेगा और कौन सी सीट किसके पास जाएगी।”

पंजाब में ‘फिक्स्ड मैच’ राजनीति

पन्नू ने बताया कि पहले पंजाब में एक पार्टी पांच साल सत्ता में रहती, फिर दूसरी पार्टी अगले पांच साल। इस दौरान जनता से कोई पूछताछ नहीं होती थी। उन्होंने इसे संगठित राजनीतिक भ्रष्टाचार करार दिया।

उन्होंने विस्तार से बताया कि कांग्रेस और अकाली नेताओं के बीच चुनाव क्षेत्र पहले से तय होते थे—पटियाला, लंबी, लहरागागा, संगरूर, बठिंडा, दोआबा, माझा—हर जगह अंदरूनी सौदेबाजी होती थी।

संगरूर ने किया गठबंधन का पर्दाफाश

पन्नू ने कहा कि जब संगरूर के एक गांव का आम आदमी राजनीति में आया और गठबंधन की पोल खोलने लगा, तो पूरी व्यवस्था घबरा गई। 2017 और 2019 में भगवंत मान को हराने की कोशिशें की गईं, लेकिन जनता ने 2022 में पुराने सिस्टम को पूरी तरह रिजेक्ट कर दिया।

“कैप्टन अमरिंदर सिंह, बिक्रम मजीठिया, प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर बादल और नवजोत सिद्धू सभी हार गए। यह कोई इत्तेफाक नहीं था। भ्रष्ट सिस्टम के पिलर ढह चुके थे।”

आम आदमी पार्टी की उपलब्धियां

पन्नू ने बताया कि चार साल में पंजाब में काफी बदलाव हुआ है:

  • 45 साल बाद नहर का पानी टेलों तक पहुँचा
  • रोड सेफ्टी फोर्स (SSF) मिनटों में इमरजेंसी सहायता करती है
  • 16 टोल प्लाजा बंद किए गए
  • घरों में 600 यूनिट मुफ्त बिजली
  • 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर
  • पारदर्शी शासन बिना किसी डर या पक्षपात के

विपक्ष परेशान

पन्नू ने कहा कि विपक्ष केवल आरोप लगाता है और धमकी देता है, जबकि काम की बात नहीं करता। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विपक्ष भगवंत मान को गिरफ्तार करना चाहता है, तो क्यों – किसानों को पानी देने या हादसों में मदद करने के लिए या भ्रष्टाचार रोकने के लिए?

“पूर्व कांग्रेस नेता खुद जुर्म कबूल कर रहे हैं। रवनीत बिट्टू यह झूठ नहीं बोल रहे। सवाल यह है कि उन्हें यह संदेश किसने दिया?”

निष्कर्ष

पन्नू ने कहा कि पंजाब आज जानता है कि कौन जनता के साथ खड़ा था और कौन मिलकर खेलता था। गुप्त समझौतों का दौर खत्म हो गया और ईमानदार राजनीति का नया दौर शुरू हो चुका है।

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National

Punjab में नशे का ‘छठा दरिया’ लाने वाले सुखबीर बादल और भाजपा नेताओं के साथ मंच साझा करना निंदनीय: कुलदीप सिंह धालीवाल

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया द्वारा शुरू की गई नशा विरोधी यात्रा पर कड़ा ऐतराज़ जताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के दिशा-निर्देशों के अनुसार आम आदमी पार्टी की सरकार पूरे पंजाब में नशे के खिलाफ लगातार जनजागरूकता यात्राएं निकाल रही है।

मंगलवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए धालीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी नशे के खिलाफ किसी भी अभियान का विरोध नहीं करती और चाहती है कि समाज का हर वर्ग इस लड़ाई में शामिल हो। लेकिन राज्यपाल द्वारा शुरू की गई यात्रा का तरीका और उसमें शामिल लोग कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

उन्होंने कहा कि जिस यात्रा में शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल और भाजपा नेता अश्वनी शर्मा जैसे लोग शामिल हों, वह नशा खत्म करने की मुहिम कम और नशा फैलाने वालों को बचाने की कोशिश ज़्यादा लगती है। धालीवाल ने आरोप लगाया कि 2007 से 2017 तक जिनकी सरकार रही, उसी दौरान पंजाब में नशे का सबसे अधिक प्रसार हुआ और उसी दौर में नशे का तथाकथित “छठा दरिया” पंजाब में बहा।

आप नेता ने कहा कि पंजाब के लोग आज यह जानना चाहते हैं कि जिन्होंने पंजाब की जवानी को बर्बाद किया, वे किस मुंह से नशे के खिलाफ यात्रा निकाल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल ऐसी ताकतों को मंच दे रहे हैं, जिन्होंने पंजाब के भविष्य को अंधकार में धकेला।

कुलदीप धालीवाल ने कहा कि यदि राज्यपाल वास्तव में नशे के खिलाफ गंभीर हैं, तो उन्हें उन संगठनों और व्यक्तियों को साथ लेकर चलना चाहिए, जो वर्षों से ज़मीनी स्तर पर ईमानदारी से इस लड़ाई को लड़ रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से नशा पंजाब की सबसे बड़ी चुनौती रही है और पिछले चार वर्षों से सरकार इसके खिलाफ निर्णायक जंग लड़ रही है। धालीवाल ने अंत में कहा कि राज्यपाल की यात्रा में पंजाब को बर्बाद करने वाले लोगों की मौजूदगी बेहद निराशाजनक है। पंजाब की जनता सब देख रही है और वह अच्छी तरह समझती है कि कौन नशे के खिलाफ लड़ रहा है और कौन नशा तस्करों के साथ खड़ा है।

आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह अपनी नशा विरोधी मुहिम जारी रखेगी, लेकिन नशा तस्करों के राजनीतिक आकाओं के साथ निकाली जाने वाली किसी भी यात्रा को पंजाब के लोग स्वीकार नहीं करेंगे।

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Punjab: 10 साल बाद पूरा होगा AAP का ‘वो’ वादा, फिर चर्चा में उपमुख्यमंत्री का पद

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पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को जल्द ही एक डिप्टी सीएम मिल सकता है। ऐसा इस वजह से क्योंकि सत्तारूढ़ आप 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सामाजिक समीकरण सुधारने की कोशिश कर रही है और अरविंद केजरीवाल के 2017 के चुनावी वादे को पूरा करना चाहती है। संभावना है कि पार्टी किसी दलित समुदाय से किसी को डिप्टी सीएम नियुक्त कर सकती है।

पार्टी अपने वादे पूरे करने में जुटी है। फ्री बिजली और फ्री तीर्थयात्रा योजना के बाद आम आदमी पार्टी अब आगामी वित्त वर्ष में राज्य की महिला वोटर्स को हर महीने 1000 रुपये देने की योजना शुरू करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री मान पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि इस योजना के लिए राज्य के वार्षिक बजट में प्रावधान किया जाएगा। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों में यह चर्चा है कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व अब डिप्टी सीएम की नियुक्ति पर गंभीरता से विचार कर रहा है। पता चला है कि केजरीवाल राज्य के नेताओं के साथ कई बैठकें कर चुके हैं और इस मुद्दे पर चर्चा कर चुके हैं।

एक सूत्र ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि वित्त मंत्री हरपाल चीमा और उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा इस पद के लिए सबसे आगे चल रहे थे। सूत्र ने बताया, “पार्टी अनुसूचित जाति समुदाय से उपमुख्यमंत्री चाहती है, जो राज्य की आबादी का 32 प्रतिशत से ज्यादा है। सत्ताधारी पार्टी के लिए लगातार दूसरी बार सत्ता में बने रहने के प्रयास में उन्हें खुश करना एक चुनौतीपूर्ण काम होगा।”

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पंजाब CM भगवंत मान चंडीगढ़ PGI पहुंचे:आई लव पीजीआई सेल्फी प्वाइंट की सराहना की; बोले- यहां सेवा और सीखने की मिसाल

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को पीजीआई का अचानक निजी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान के सेवा भाव और सीखने की परंपरा की जमकर तारीफ की। मुख्यमंत्री ने पीजीआई परिसर में बनाए गए “आई लव पीजीआई कम टू लर्न, गो टू सर्व” सेल्फी प्वाइंट को खास तौर पर सराहा।

सीएम ने कहा कि यह संदेश छात्रों और यहां आने वाले लोगों को समाज की सेवा के लिए प्रेरित करता है।

डॉक्टर देश और समाज के लिए मिसाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीजीआई सिर्फ इलाज का केंद्र नहीं है, बल्कि यहां से निकलने वाले डॉक्टर देश और समाज की सेवा की मिसाल बनते हैं। उन्होंने संस्थान के कामकाज और मरीजों के प्रति समर्पण की भी प्रशंसा की। पीजीआई प्रशासन के मुताबिक यह सेल्फी प्वाइंट संस्थान के निदेशक विवेक लाल की कल्पना पर तैयार किया गया है।

जिसका उद्देश्य छात्रों और आगंतुकों में सेवा और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। यह पहल पीजीआई की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा को सबसे अहम माना जाता है।

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