Uttar Pradesh
CM योगी बोले-कटे इसलिए थे, क्योंकि बंटे थे:फिर बेटेंगे, तो कटेंगे; बांग्लादेश में रोज दलित हिंदू मारे जा रहे
सीतापुर में सीएम योगी ने कहा- अगर सनातन पर संकट आएगा तो देश पर संकट आएगा। बंटोगे तो कटोगे। इसलिए बांटने वाले लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है।
भूतकाल में गुलाम इसलिए हुए थे कि हम बंटे थे। भूतकाल में कटे इसलिए थे क्योंकि हम बंटे थे। बांग्लादेश में आज हिंदुओं की हालत किसी से छिपी नहीं है। वहां रोज दलित हिंदुओं की हत्या हो रही है। लेकिन देश के लोग चुप हैं। इसलिए हमें एकजुट रहना है।
सीएम ने यहां तपोधाम आश्रम में गिरधारी नाथ महाराज स्मारक स्थल का अनावरण किया। गिरधारी नाथ महाराज पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित शक्तिपीठ के संत रहे हैं। देश के बंटवारे के बाद उन्होंने सीतापुर में आकर अपनी साधना पूरी की थी। जिनकी याद में तपोधाम आश्रम में उनका स्मारक बनाया गया है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने गिरधारी नाथ महाराज स्मारक स्थल पर पूजा की।
अब पढ़िए सीएम के संबोधन की बड़ी बातें…
अब नैमिष में महंत गिरधारी नाथ को भी जान सकेंगे सीएम ने कहा- जिस तरह पूर्वी भारत में शक्तिपीठ का महत्व है, वैसे ही पश्चिम में हिंगलाज का महत्व है। फिलहाल ये मंदिर पाकिस्तान में स्थित है। वहां हमारे बहुत कम लोग ही दर्शन करने जा पाते हैं।
सीतापुर भारत के सनातन का पौराणिक स्थल है। भारत के पौराणिक स्थलों को पुनर्स्थापित करने का जिम्मा हमने लिया है। 3500 वर्ष पहले 88 हजार ऋषियों की तपोभूमि नैमिष में की थी और सभी ग्रंथ वही लिखा है। नैमिष ही महापुरुषों की तपस्थली है। अब यहां महंत गिरधारी नाथ को भी लोग जान सकेंगे।
हमारे यहां चीटी को आंटा डालते हैं, ये सनातन की समानता सनातन में पहला ग्रास गो माता और अंतिम ग्रास कुत्ते को दिया जाता है। ये समता का व्यवहार है, जो सिर्फ भारत में मिलेगा। चीटी को भी लोग आटा डालते हैं। कितना भी जहरीला सांप हो उसे भी लोग नागमंचमी के दिन दूध पिलाते हैं। ये सनातन में ही संभव है।

सीएम योगी ने गिरधारी नाथ महाराज स्मारक स्थल का उद्घाटन किया।
लोगों ने अंगुली पकड़कर गला पकड़ने का काम किया सनातन को तोड़ने का बहुत प्रयास हुआ। कुछ लोगों ने शरण तो ली लेकिन शरणार्थी धर्म नहीं निभाया। भारत की पूरी परम्परा इस से जुड़ी हैं, दुनिया की तमाम संस्कृति और सभ्यता समापत हो गई, लेकिन एक सांस्कृति दुनिया के सामने खड़ी और दुनिया को बसुधैव कुटुम्बकम का संदेश देने वाली हमारी सनातन परंपरा है।
सनातन ने हर एक को बढ़ने का मौका दिया। मुगल आए, अंग्रेज आए, लेकिन जो लोग आए, धर्म और संस्कृति को लूटने का काम किया। यहां जो भी आया, उसे शरण मिली, लेकिन कुछ लोगों ने यहां शरण लेकर शरणार्थी धर्म का पालन नहीं किया। उंगली पकड़ कर हाथ पकड़ने का काम किया, देश को लूटने का काम किया।
पिछले 11 साल में देश ने तरक्की की चीन बढ़ रहा था और भारत को बढ़ाने का जो प्रयास होना चाहिए था वो नहीं हो पाया। मुगलों ने तो लूटा ही था और अंग्रेजों ने आश्रम पद्धति को खत्म करने का काम किया। देश 1947 में आजाद होता है, तब दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत की भागीदारी महज 2 फीसदी रह गई थी।
पिछले 11 वर्षों में भारत की प्रगति देखा होगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत बदल रहा है। अब भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। अमेरिका और चीन के बाद भारत का नंबर होगा।

जनसभा को लोग सीएम योगी को सुनने पहुंचे।
22 जनवरी को हर सनातनी की आंखें नम थीं 22 जनवरी 2024 के बाद भव्य राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दौरान हर भारतीय की आंखें नम थी। हर घर में दीप जल रहे थे और भारतीय दिवाली मना रहे थे। क्योंकि राम के साथ आत्मीयता का रिश्ता था। काशी में पहले 10 लोग एक साथ दर्शन नहीं कर पाते थे लेकिन अब देखिए कहीं कोई समस्या नहीं है। अयोध्या में राम मंदिर बन गया। काशी में कॉरिडोर बन गया।
देश में लोग बांग्लादेश पर कुछ नहीं बोलते सनातन कमजोर हो तो देश कमजोर होगा। जाति क्षेत्र और भाषा उसके सामने कोई मायने नहीं रखते। जो बांटने वाले लोग हैं उनसे सतर्क रहिएगा। ये लोग बांग्लादेश में रोज हो रहे हिंदुओं पर अत्याचार पर कुछ नहीं बोलते। वो मरने वाला दलित हिंदू है। लेकिन कोई उसपर कुछ नहीं बोल रहा है। कुछ धर्माचार्यों और हिन्दू संगठनों को छोड़कर सब मौन हैं। दलित हिंदू पर सब मौन हैं। इन नेताओं के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है। तमाम जातियों के नाम पर बांटना चाहते हैं।
हम लोगों को सनातन को बचाना है देश का दुश्मन आंखे लगाए बैठा है कि कैसे आप बंटेंगे? हम भारतीयों का दायित्व बनता है कि हम भी उस यात्रा के साथ चले और सनातन की सुरक्षा करें। वर्तमान में जो सजग रहता है उसी का भविष्य भी उज्जवल होता है। भूतकाल में गुलाम इसलिए हुए थे कि हम बंटे थे, भूतकाल में कटे इसलिए थे क्योंकि हम बंटे थे। इसलिए बंटना नहीं है। वर्तमान में जो सजग रहता है उसी का भविष्य भी उज्जवल होता है।
Uttar Pradesh
लखनऊ में महिला आरक्षण मुद्दे पर उबाल—25 हजार महिलाओं का जन आक्रोश मार्च, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास न होने पर लखनऊ में भाजपा ने मंगलवार को जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली। सीएम योगी खुद इस पदयात्रा में महिलाओं के साथ पैदल चले। उनके साथ करीब 15 हजार महिलाएं चलीं। योगी के अलावा दोनों डिप्टी सीएम, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी के सीनियर लीडर भी कड़ी धूप में पैदल चले।
पदयात्रा सीएम आवास से शुरू होकर विधानसभा तक करीब 2 किमी तक गई। यहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा- नकाब वालों के चक्कर में सपा-कांग्रेस ने 80% महिलाओं का नुकसान किया। महिलाओं के मन में जबरदस्त गुस्सा है।
वहीं, सीएम योगी ने कहा- सपा हो या कांग्रेस, इनके कृत्य महिला विरोधी रहे हैं। आज महिलाओं में इनके प्रति कितना गुस्सा है। इसका अंदाजा भीषण गर्मी में इस भीड़ को देखकर लगाया जा सकता है। देश के अंदर केवल 4 जातियां हैं। पहली जाति महिला है। दूसरी गरीब की, तीसरी युवा और चौथी किसान की।
उन्होंने कहा- कांग्रेस, सपा और उनके सहयोगी दलों से जुड़ी महिलाएं भी इस रैली में आई हैं। आज की रैली यहीं समाप्त नहीं होती है। यह आंदोलन बूथ, मंडल, ब्लॉक और जिले स्तर तक जारी रखना है।
गर्मी को देखते हुए पदयात्रा में जगह-जगह प्याऊ, एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी। रैली में शामिल महिलाओं ने राहुल गांधी मुर्दाबाद, नारी के सम्मान में भाजपा मैदान में जैसे नारे लगाए। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने संबोधन में कहा-
सपा और कांग्रेस की स्थिति मेंढक की तरह है। इन्हें चाहे चांदी के चबूतरे में बैठा लो या सोने के। ये उछलेंगे तो नाले में ही कूंदेंगे। महिलाओं को आरक्षण जाति देखकर नहीं दिया जा सकता।
पदयात्रा में सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम के अलावा कैबिनेट की महिला मंत्री भी हैं। इसके अलावा, गठबंधन की पार्टियां भी शामिल हुई हैं। इनमें ओपी राजभर, आशीष पटेल भी हैं। राजनीति के जानकार इसे भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देख रहे हैं।
भाजपा संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा- नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित न होने पर यह पदयात्रा निकाली गई। उन्होंने बताया कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए पीएम मोदी का महत्वपूर्ण कदम था। सभी दलों से सहयोग मांगने के बावजूद अधिनियम गिर गया।
सीएम योगी ने जन आक्रोश रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा- सपा हो या कांग्रेस, इनके कृत्य महिला विरोधी हैं। महिलाओं में इनके प्रति कितना गुस्सा है। यह दिखा रहा है कि भीषण गर्मी में भी हजारों की संख्या में बहनें आई हैं। देश के अंदर केवल 4 जातियां हैं- महिला, गरीब, युवा और किसान।
देश के अंदर इंस्फ्रास्ट्रक्चर का विकास हो, देश के संरक्षण का काम हो, समाज के हर तबके के उत्थान के लिए चलने वाली योजनाएं हों। इन सबके केंद्र बिंदु में महिलाएं हैं। उन्होंने कहा- पीएम आवास, स्वच्छ भारत मिशन, हर घर शौचालय, हर गरीब को छत, हर महिला को उज्ज्वला योजना से जोड़ना उन्हें ईंधन उपलब्ध कराना ही नहीं है, यह उनके स्वावलंबन के लिए भी है।
Uttar Pradesh
स्मार्ट मीटर को लेकर एक्शन में UPPCL, चार सदस्यीय तकनीकी कमेटी बनी, IIT और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के अधिकारी शामिल
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं. प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर रोजाना ही विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और अब पावर कॉरपोरेशन की तरफ से स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता जांचने और तकनीकी परीक्षण के लिए चार सदस्यीय विशेषज्ञों की समिति का गठन किया गया है. इस समिति में आईआईटी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट के साथ ही पावर कारपोरेशन के अधिकारी भी शामिल होंगे.
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन (UPPCL) ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया है. इस समिति में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर अंकुश शर्मा और प्रबोध वाजपेई, इलेक्ट्रिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन वडोदरा के अनुभाग प्रमुख तेजस मिस्त्री और पावर कारपोरेशन के निदेशक (वितरण) जीडी द्विवेदी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.
समिति के गठन से यह स्पष्ट है कि पावर कारपोरेशन ने स्वयं स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता और कनेक्टिविटी से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से स्वीकार किया है. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पहली बार पावर कारपोरेशन ने यह माना है कि स्मार्ट मीटरों में तकनीकी कमियां मौजूद हैं.
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जो केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की एक अप्रैल 2026 की अधिसूचना के अनुसार स्थापित किए जा रहे हैं. इस स्थिति में यह आवश्यक है कि प्रीपेड आधार पर दिए जा रहे नए बिजली कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए. बिना उपभोक्ताओं की सहमति के प्रीपेड मोड में किए गए 70 लाख से अधिक कनेक्शनों को पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किया जाए.
उपभोक्ता परिषद ने पावर कारपोरेशन और प्रदेश सरकार से मांग की है कि जब तक वर्तमान जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक (पब्लिक डोमेन) में जारी नहीं हो जाती, तब तक पूरे उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की स्थापना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए.
Uttar Pradesh
सकौती में जाटों का जमावड़ा: CM मान समेत कई दिग्गज पधारे, मंच से गरजे जाट नेता-पहचान व सम्मान से समझौता नहीं
मेरठ जिले के दौराला क्षेत्र के सकौती स्थित हितकारी इंटर कॉलेज में आज महाराजा सूरजमल की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर जाट संसद की ओर से देशभर में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने के अभियान की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, समाज के लोग, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद हैं।
जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आने वाले एक से दो वर्षों में देश के सभी जाट बहुल गांवों में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना है कि इससे समाज को अपने इतिहास और गौरव से जोड़ने में मदद मिलेगी।
प्रतिमाएं स्थापित करने का अभियान शुरू
मनु चौधरी ने बताया कि जाट संसद की ओर से यह राष्ट्रव्यापी अभियान समाज के महापुरुषों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसके तहत देश के विभिन्न राज्यों में चरणबद्ध तरीके से प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी और समाज के लोगों को इतिहास के प्रति जागरूक किया जाएगा।
कार्यक्रम को लेकर विवाद का आरोप
मनु चौधरी ने आरोप लगाया कि शनिवार रात पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर लगे जाट शब्द को हटवा दिया और चालान करने की चेतावनी दी। उन्होंने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि समाज अपनी पहचान और सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा।
कई जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद
कार्यक्रम में कई सांसद, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और क्षेत्रीय नेता मौजूद हैं। आयोजकों के अनुसार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। दोनों नेताओं के कार्यक्रम स्थल की ओर आने की जानकारी दी गई है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महाराजा सूरजमल के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। साथ ही समाज में एकजुटता बढ़ाने और शिक्षा के प्रसार पर विशेष जोर दिया गया।
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