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Uttar Pradesh

‘गोली का जवाब गोली से ही देगी पुलिस’; CM योगी ने निवेशकों को दी सुरक्षा की गारंटी

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सरकार की नीति साफ शब्दों में बयां की। उन्होंने मंगलवार को ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ का उद्घाटन करते हुए कहा कि सरकार हर निवेशक को सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड (SSS) की गारंटी देती है। उन्होंने एनकाउंटर पर उठने वाले सवालों का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधी फायरिंग करेगा तो पुलिस भी उसका जवाब गोली चलाकर ही देगी। पुलिस को हथियार चलाने की ट्रेनिंग इसीलिए दी जाती है। कॉन्क्लेव में फॉर्मा इंडस्ट्री के देशभर से जुटे दिग्गजों को सीएम ने यूपी में निवेश करने पर सिंगल विंडो सिस्टम के तहत हर तरह के क्लियरेंस समेत हर तरह की मदद का भरोसा दिलाया।

‘कानून सबके लिए बराबर’

सीएम योगी ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह माफिया हो, अपराधी हो या ‘अपना आदमी’। उन्होंने विपक्ष की सरकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि साल 2017 से पहले यूपी में अपहरण, फिरौती, गुंडा टैक्स और माफिया का बोलबाला था। व्यापारी, उद्योगपति और आम आदमी सिर्फ सुरक्षा के लिए ही चिंतित नहीं थे, बल्कि घर छोड़ने तक को मजबूर हुए। बीजेपी की सरकार बनने के बाद यह तस्वीर बदली है।

सीएम योगी ने कहा कि यूपी अब महज राज्य नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए सुरक्षा और भरोसे की गारंटी बन चुका है। कॉन्क्लेव में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और MSME विभाग के मंत्री राकेश सचान भी मौजूद रहे।

यूपी अब भरोसे की गारंटी

आज केवल एक राज्य नहीं बल्कि निवेशकों के लिए भरोसे की गारंटी बन चुका है। यह राज्य ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलिवरी का रोल मॉडल बनकर उभरा है। यूपी सरकार यहां आने वाले हर निवेशक को ट्रिपल एस (SSS) यानी सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड की पूरी गारंटी देती है।’ यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने ये बातें कही। यूपी डीरेगुलेशन रैंकिंग में देश में नंबर वन राज्य बनने के साथ ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर बन चुका है।

सीएम ने कहा कि MSME सेक्टर में निवेश करने वाले उद्यमियों को 1000 दिनों तक निरीक्षण से छूट दी गई है। सीएम ने कहा कि निवेश और उद्योग के लिए मुफीद माहौल बनाया गया, जिसका नतीजा हुआ कि साल 2017 से पहले यूपी में केवल 14,000 कारखाने थे जो आज बढ़कर 30,000 से ज्यादा हो गए है।

दो साल में विकसित होगा बीडा

बुंदेलखंड में नोएडा से भी बड़े क्षेत्रफल में बीडा (बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी) विकसित होगी। इसका क्षेत्रफल 56,000 एकड़ है। कॉन्क्लेव में सीएम योगी आदित्यनाथ ने दो साल के भीतर इसका काम पूरा होने का दावा किया। इसके अलावा ललितपुरमें बल्क ड्रग फार्मा पार्क का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसे हब एंड स्पोक मॉडल पर विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा गौतम बुद्ध नगर में मेडिकल डिवाइस पार्क, यूएस एफडीए टेस्टिंग लैब और वर्ल्ड क्लास लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा लखनऊ में विश्व स्तरीय फॉर्मा इंस्टिट्यूट भी बनेगा।

‘किसी के आगे नहीं झुकेगा भारत’

अमेरिका की तरफ से टैरिफ घटाने का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यह नया भारत है किसी के आगे नहीं झुकेगा। भारत अपनी नीतियों पर अडिग था, और इसका परिणाम है ‘सत्यमेव जयते’। विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि साल 2014 से पहले जिस भारत को गंभीरता से नही लिया जाता था, आज वही भारत अपनी नीतियों पर दृढ़ रहते हुए वैश्विक शक्तियों को भी संवाद और सहयोग के लिए विवश कर रहा है।

फार्मा सेक्टर का बनेगा हब: नड्‌डा

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा कॉन्क्लेव में वर्चुअली जुड़े। उन्होंने उम्मीद जताई कि ललितपुर में विकसित हो रहे बल्क ड्रग फार्मा पार्क, यमुना एक्सप्रेसवे किनारे बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मास्यूटिकल नीति के दम पर यूपी फार्मा के मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर स्थापित होगा।

इंडस्ट्री लगाने वालों को होगा फायदा: ब्रजेश पाठक

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि 8 वर्षों में यूपी काफी बदला है। पहले टूटी सड़कें, बिजली संकट और कनेक्टिविटी की समस्या थी। अब 24 घंटे बिजली आ रही है, एक्सप्रेसवे का जाल बिछ गया है। रेल नेटवर्क-हवाई कलेक्टिविटी अच्छी है। आज अपराधी जेल में है या अपनी जगह पहुंच चुका है। सुरक्षित माहौल में आप इंडस्ट्री लगाएंगे तो फायदा ही फायदा है। आप जो दवा यहां बनाएंगे उसे सरकार प्राथमिकता पर खरीदेगी। यूपी के मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन का बजट 1000 करोड़ रुपये है और इसमें इजाफा होना है।

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‘पहले आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया’, CM योगी का विपक्ष पर तीखा प्रहार

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी से भेंट की। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी रामनगरी में मौजूद रहीं। तीनों ने राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए।

इस अवसर पर सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “जिस आस्था को पहले अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया, वही लोग उस समय सत्ता में थे।

कुर्सी बचाने के लिए वे नोएडा जाने से कतराते थे

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ये वही लोग हैं जो अपनी कुर्सी बचाने के लिए नोएडा जाने से कतराते थे। वह उन्हें अंधविश्वास नहीं लगता था। लेकिन राम मंदिर की बात करना, काशी में काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण या मथुरा-वृंदावन का उल्लेख करना उन्हें अंधविश्वास और रूढ़िवादिता लगता था।

वृंदावन जाएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार शाम लगभग 5 बजे वृंदावन पहुंचेंगी। उनके स्वागत को लेकर शहर में व्यापक स्तर पर सजावट और व्यवस्थाएं की गई हैं। राष्ट्रपति के आगमन के बाद वे होटल रेडिसन में ठहरेंगी और शाम करीब 6:30 बजे इस्कॉन मंदिर, वृंदावन से अपने धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगी। इसके बाद उनके प्रेम मंदिर, नीब करौरी आश्रम, उड़िया बाबा आश्रम और रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में दर्शन करने का कार्यक्रम निर्धारित है।

एक मंच पर जुटेंगे विशेषज्ञ, योगी होंगे मुख्य अतिथि

विश्व वानिकी दिवस (21 मार्च) के अवसर पर लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में देशभर के विशेषज्ञों का एक मंच पर जुटान होगा। इसमें राज्यों में चल रहे वनीकरण, वन संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन से जुड़े कार्यों की समीक्षा और अनुभवों को साझा किया जाएगा।

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UP पुलिस भर्ती परीक्षा में विवादित प्रश्न पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त, हो सकती है कार्रवाई

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उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में एक विवादित प्रश्न को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार को काफी किरकिरी झेलनी पड़ रही है। रविवार को परीक्षा के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रकरण पर गंभीर रुख अपनाया है।

विवादित प्रश्न को लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा के साथ ही आधा दर्जन से अधिक ब्राह्मण विधायक तो शनिवार से ही डैमेज कंट्रोल में जुट गए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मोर्चा संभाला और जिम्मेदारों को सख्त लहजे में चेतावनी भी दी है।

प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में आपत्तिजनक या विवादित सवालों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी भर्ती बोर्डों के अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि प्रश्नपत्र तैयार करते समय किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय की मर्यादा और आस्था से जुड़े विषयों पर अमर्यादित टिप्पणी किसी भी स्थिति में शामिल न की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस संबंध में सभी पेपर तैयार करने वालों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाए ताकि प्रश्नपत्रों में संवेदनशीलता बनी रहे।

उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में शनिवार को पूछे गए एक सवाल ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। परीक्षा में एक बहु विकल्पीय प्रश्न पूछा गया-‘अवसर के अनुसार बदलने वाला।’ परीक्षार्थियों को इसके जो विकल्प दिए गए उसमें एक विकल्प है-’पंडित’। भाजपा के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने इस पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी थी, जबकि उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। मामला संज्ञान में आने के बाद सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री ने रविवार को कहा कि यदि कोई पेपर तैयार करने वाला बार-बार ऐसी गलती करता है तो उसे आदतन उल्लंघन करने वाला (हैबिचुअल आफेंडर) मानते हुए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि पेपर बनाने वालों के साथ किए जाने वाले एमओयू में भी इस प्रविधान को शामिल किया जाए, ताकि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया अधिक जिम्मेदार और जवाबदेह बन सके। सरकार का मानना है कि इससे भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहेगी और अनावश्यक विवादों से भी बचा जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में सभी पेपर सेटर्स को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाए ताकि प्रश्नपत्रों में संवेदनशीलता बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई पेपर सेटर बार-बार ऐसी गलती करता है तो उसे आदतन उल्लंघन करने वाला (हैबिचुअल आफेंडर) मानते हुए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाए। इस प्रकरण में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के कड़े रुख के बाद यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड भविष्य में प्रश्नों के ‘ऑडिट’ के लिए नई समीक्षा समिति बनाने पर विचार कर रहा है।

दरअसल, शनिवार को आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक विवादित प्रश्न के बाद अभ्यर्थियों और विभिन्न वर्गों की ओर से आपत्ति जताई गई थी। मामले के संज्ञान में आने के बाद सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

यूपी सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2026 के पहले ही दिन एक सवाल के जवाब में ‘पंडित’ शब्द के विकल्प पर भारी बवाल मच गया है। इस प्रकरण पर यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड के चेयरमैन एसबी शिरोडकर ने कहा कि जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पुलिस भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र स्थानीय स्तर पर तैयार नहीं होते हैं। इन्हें बाहरी अतिगोपनीय संस्थाएं सेट करती हैं, जिन्हें बोर्ड का कोई अधिकारी भी परीक्षा से पहले नहीं देख सकता। इस विवाद ने परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की जवाबदेही और प्रश्नपत्र तैयार करने की पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है बवाल का कारण

यूपी पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर शनिवार को विवाद खड़ा हो गया है। इस सवाल में पूछा गया, “अवसर के अनुसार बदल जाने वाला” इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए। इसके उत्तर में चार विकल्प में ‘पंडित’ भी दिया गया।

‘पंडित’ विकल्प पर ही विवाद है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने विकल्प में पंडित शब्द रखे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। हिंदू महासभा ब्राह्मणों के इस बड़े अपमान पर एफआईआर दर्ज कराएगी।

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CM योगी की मां पर विवादित टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ कार्रवाई, पुलिस ने दर्ज की FIR

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उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने CM योगी की मां पर विवादित टिप्पणी करने वाले मौलाना सलीम के खिलाफ एक्शन लिया है। पुलिस ने मौलाना के खिलाफ FIR दर्ज की है।बलरामपुर जिले के भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष की तहरीर पर मौलाना के खिलाफ FIR दर्ज हुई है।

यूपी के 83 थानों में तहरीर

सामने आई जानकारी के मुताबिक, मौलाना के खिलाफ बलरामपुर के अलावा यूपी के 83 थानों में तहरीर दी गई है। हिंदू संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बीजेपी पदाधिकारियों और छात्रों ने पुलिस को मौलाना के खिलाफ तहरीर दी है। संगठनों ने मौलाना की जल्द से जल्द गिरफ्तारी न होने पर दी बड़े प्रदर्शन की चेतावनी।

कई जिलों में जोरदार प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के मामले ने बीते कुछ दिनों से तूल पकड़ लिया है। विवादित बयान देने वाले मौलाना अब्दुल सलीम के खिलाफ पूरे प्रदेश में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। कई जिलों में लोगों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों ने मौलाना के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की, यहां तक कि बुल्डोजर कार्रवाई और फांसी की सजा की मांग तक कर डाली है।

अधिवक्ताओं ने भी किया प्रदर्शन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के मामले में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ अधिवक्ताओं ने हजरतगंज चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया था। विरोध में बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम के पुतले को भी जलाया गया था। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा था कि जिस तरह से अब्दुल्लाह सलीम ने अभद्र टिप्पणी की है हम चाहते हैं कि यूपी पुलिस उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जो कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो उसे मामले में करें किसी की मां के खिलाफ इस तरीके की टिप्पणी करना भारतीय समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।

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