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‘न MSP का रोडमैप, न बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत…,’ बजट पर पंजाब के नेताओं ने जताई निराशा, घोषणाओं को किसानों के लिए बताया धोखा

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए गए बजट को लेकर पंजाब के मंत्रियों ने कड़ी निंदा की है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि केंद्रीय बजट एक बार फिर पंजाब की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है. उन्होंने कहा कि बजट में किसानों के लिए एमएसपी  की कोई गारंटी नहीं है, युवाओं के लिए रोज़गार का कोई भरोसा नहीं है और उद्योगों या टैक्स प्रणाली को कोई राहत नहीं दी गई है. केंद्र ने पंजाब की आर्थिकता को मजबूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं, जिससे राज्य और यहां के लोगों के साथ एक बार फिर नाइंसाफी हुई है. सीएम मान ने कहा कि पंजाबी मेहनती और जज्बे वाले हैं और केंद्र की बार-बार अनदेखी के बावजूद आप सरकार और पंजाब के लोग एकजुट होकर अपने दम पर पंजाब को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगे. वहीं पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए  कहा कि केंद्र सरकार ने एक बार फिर पंजाब और हरियाणा के किसानों की जायज चिंताओं को नज़रअंदाज़ किया है, जिससे किसान-हितैषी होने के उसके खोखले दावों की पोल खुल गई है. चीमा ने बताया कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है और न ही मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के लिए कोई ठोस मदद की गई है, जिससे कृषि प्रधान राज्यों को अपने भरोसे छोड़ दिया गया है. 

बजट पर जताई निराशा 

वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब का किसान देश का पेट भरता है, फिर भी केंद्र सरकार उन प्रणालियों में निवेश को लेकर उपेक्षा कर रही है, जो खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं. वित्त मंत्री ने अधिक कीमत वाली फसलों को बढ़ावा देने के लिए अपनाए गए चयनात्मक पहुंच की भी आलोचना की जबकि बजट में नारियल, काजू, चंदन और सूखे मेवे जैसी फसलों का जिक्र है, लेकिन उत्तर भारत के किसानों के लिए कुछ नहीं है जो अपने खेतीबाड़ी के मौसम के हिसाब से फसलों पर निर्भर करता हैं. हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह बजट स्पष्ट तौर पर केंद्र के भेदभाव और अनाज पैदा करने वाले राज्यों, खासकर पंजाब के किसानों के प्रति उसकी लगातार उदासीनता को दिखाता है। ये किसान सम्मान, सहयोग और सही उचित निवेश के हकदार हैं, खोखले नारों के नहीं. वहीं पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने कहा कि देश का अन्न भंडार भरने के बावजूद, पंजाब के किसानों के हाथ एक बार फिर खाली रह गए हैं. उन्होंने कहा कि बजट में गेहूं और धान के अलावा एमएसपी  के लिए कोई साफ रोडमैप नहीं दिया गया, जो किसानों की आय को सुरक्षित करने के प्रति केंद्र की गंभीरता की कमी को दिखाता है. खुडियां ने इशारा किया कि फसल डाइवर्सिफिकेशन के लिए कोई ठोस पैकेज नहीं दिया गया, जो पंजाब में टिकाऊ कृषि के लिए बहुत जरूरी है, और न ही बार-बार आने वाली बाढ़ से प्रभावित किसानों को कोई आर्थिक सहायता दी गई। उन्होंने दावा किया कि केंद्र ने एक बार फिर देश के अन्नदाताओं की मुश्कलों को नजरअंदाज करके और खोखले वादे करके उनसे मुंह मोड़ लिया है.

वादों पर नहीं उतरी सरकार 

पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि हर साल की तरह इस बार भी इसने देश के लोगों को बहुत निराश किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने के लिए बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन बजट में किसानों, युवाओं, महिलाओं या आम नागरिकों के लिए कोई भी सार्थक कदम नहीं उठाया गया. अरोड़ा ने कहा कि पंजाब के साथ एक बार फिर सौतेली मां जैसा बर्ताव किया गया है. आजादी से लेकर देश का पेट भरने तक और मुश्किल समय में हमेशा सबसे आगे रहने में पंजाब के ऐतिहासिक योगदान के बावजूद, राज्य के लिए कोई बड़े प्रोजेक्ट का कोई प्रबंध नहीं किया गया. मंत्री ने केंद्र के इस रवैये को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि पंजाब की लगातार हो रही अनदेखी बर्दाश्त के बाहर है. अमन अरोड़ा ने बजट को सिरे से खारिज करते हुए प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार से पंजाब के साथ भेदभाव बंद करने की अपील की. उन्होंने याद दिलाया कि पंजाब देश का एक अभिन्न अंग है और उसे निषपक्ष, सम्मान और बनती सहायता का हकदार है. 

‘केंद्रीय बजट पंजाब के साथ बड़ा भेदभाव दिखाता है…’ 

आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने केंद्रीय बजट की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह पंजाब के साथ खुला भेदभाव दिखाता है. उन्होंने कहा कि केंद्र ने किसानों, युवाओं या विकास के लिए कुछ न देकर राज्य के साथ एक बार फिर धोखा किया है. बजट में न तो MSP पर कोई कानूनी गारंटी है, न युवाओं के लिए रोजगार का कोई भरोसा और न ही पंजाब के किसी बड़े प्रोजेक्ट को कोई मंजूरी दी गई है. धालीवाल ने याद दिलाया कि पंजाब ने आजादी की लड़ाई से लेकर आज देश की सीमाओं की रक्षा करने तक देश के लिए सबसे ज्यादा कुर्बानियां दी हैं। इसके बावजूद, केंद्र सरकार लगातार फंड रोककर और राज्य की जरूरतों को अनदेखा करके पंजाब को उसका हक देने से मना कर रही है. उन्होंने कहा कि पंजाबी मेहनती और दिलेर हैं और अपने पैरों पर खड़े रहेंगे, लेकिन केंद्र को एक दिन अपनी लगातार अनदेखी का जवाब देना होगा. धालीवाल ने पंजाब के साथ बार-बार अन्याय करने के लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री की कड़ी आलोचना की और इसे बेहद दुखदाई और बर्दाश्त के बाहर बताया. 

‘बजट ने पंजाब के किसानों को उनके अधिकारों से वंचित रखा…’

केंद्रीय बजट की निंदा करते हुए  पंजाब के मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि केंद्र ने एक बार फिर पंजाब के किसानों के महत्वपूर्ण योगदान को नज़रअंदाज़ किया है. उन्होंने कहा कि बजट में एमएसपी, फसल  विविधीकरण या किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए कोई गंभीर प्रावधान नहीं किया गया है. भुल्लर ने कहा कि भाजपा शासित केंद्र सरकार को पंजाब के किसानों की जायज मांगों को बार-बार खारिज करने के लिए खुद पर शर्म आनी चाहिए. उन्होंने दावा किया कि किसानों को सुरक्षा और मदद देने से इनकार करके, केंद्र ने एक बार फिर उनके अधिकारों को कुचला है और अपनी किसान विरोधी मानसिकता को उजागर किया है. वहीं मंत्री लाल चंद कटारुचक ने कहा कि जिस राज्य ने देश के अन्न भंडार भरे है, उसे कोई दिशा या कल्याणकारी सहायता नहीं दी गई है. उन्होंने कहा कि बजट में न तो एमएसपी का भरोसा है, न ही फसल डायवर्सिफिकेशन का कोई प्लान है और न ही प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए कोई स्कीम है. कटारुचक ने दावा किया कि यह बजट स्पष्ट रूप से भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की किसान विरोधी सोच और पंजाब और उसके किसानों की लगातार अनदेखी को साफ दिखाता है. वहीं मंत्री डॉक्टर रवजोत ने कहा कि जब भी पंजाब के अधिकारों की बात आती है, तो केंद्र सरकार हमेशा चुप्पी साध है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि पर बड़े-बड़े दावों के बावजूद, केंद्रीय बजट में पंजाब को कोई खास सहायता नहीं दी गई है. उन्होंने कहा कि यह तरीका न तो सही है और न ही न्यायापूर्ण, बल्कि यह पंजाब और उसके लोगों की जानबूझकर अनदेखी का साफ मामला है. 

‘केंद्रीय बजट के बड़े दावे, लेकिन असलियत में खोखले…’ 

आप के सीनियर नेता नील गर्ग ने केंद्रीय बजट की कड़ी आलोचना करते हुए इसकी तुलना पंजाबी कहावत ‘पटिया पहाड़, निकलेआ चूहा’ से की है. उन्होंने कहा कि बड़ी-बड़ी घोषणाओं और शानदार आंकड़ों के बावजूद बजट में एक भी ऐसी घोषणा नहीं है जिससे पंजाब को असली राहत मिले. गर्ग ने कहा कि पिछले साल बाढ़ से भारी नुकसान झेलने वाले पंजाब के किसान खास सहायता की उम्मीद थी और MSP पर कानूनी गारंटी की आस लगा बैठे थे, लेकिन बजट में उनके हाथ कुछ नहीं दिया गया. उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के युवा एक बार फिर निराश हुए हैं, क्योंकि रोजगार गारंटी के लंबे समय से किए जा रहे वादे सिर्फ नारे बनकर रह गए हैं. उन्होंने इशारा किया कि उद्योग जगत पंजाब में विकास बढ़ाने और नौकरियां पैदा करने के लिए खास छूट की उम्मीद थी, लेकिन ऐसी किसी मदद की घोषणा नहीं की गई। ऐसे समय में जब आम आदमी बढ़ती महंगाई से जूझ रहा है, बजट में कोई खास राहत नहीं दी गई है. नील गर्ग ने आरोप लगाया कि बजट स्पष्ट रूप से अंबानी और अडानी जैसे बड़े कॉर्पोरेट घरानों के पक्ष में है, जबकि किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों को नजरअंदाज किया गया है. उन्होंने कहा कि जिन पंजाबियों ने देश को खाना खिलाया है और देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी कुर्बानी दी है, वे आज ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. गर्ग ने जोर देकर कहा कि लोगों को खोखली घोषणाओं की नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर असली राहत की जरूरत है. उन्होंने कहा कि बजट लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने में पूरी तरह नाकाम रहा है. 

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29 मार्च को होगी Punjab Cabinet की अहम बैठक, कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर !

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पंजाब में प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण हलचल देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक बुलाने का फैसला किया है। यह कैबिनेट बैठक 29 मार्च, रविवार को शाम 5 बजे मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास, कोठी नंबर 45, सेक्टर-2, चंडीगढ़ में आयोजित की जाएगी। इस बैठक की अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री भगवंत मान करेंगे।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि सरकार विभिन्न विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी नीतियों और प्रशासनिक सुधारों को लेकर बड़े फैसले ले सकती है। इसके अलावा कुछ नई योजनाओं को मंजूरी मिलने और चल रही परियोजनाओं की समीक्षा भी इस बैठक का हिस्सा हो सकती है।

यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि बैठक में आम जनता से जुड़े मुद्दों—जैसे बुनियादी सुविधाएं, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक योजनाएं—पर खास ध्यान दिया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता राज्य के विकास को गति देना और लोगों को राहत पहुंचाना है, ऐसे में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।

पंजाब कैबिनेट की इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें लिए गए फैसले आने वाले समय में राज्य की नीतियों और दिशा को तय कर सकते हैं। यही वजह है कि राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों के साथ-साथ आम जनता की नजरें भी इस बैठक पर टिकी हुई हैं।

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जलालाबाद में आज 508 करोड़ की परियोजनाओं का ऐलान करेंगे मुख्यमंत्री; अनाज मंडी में तैयारियां पूरी

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पंजाब के जलालाबाद क्षेत्र में आज विकास की बड़ी पहल होने जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कुछ ही देर में जलालाबाद की अनाज मंडी पहुंचेंगे, जहां वह करीब 508 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है।

सरकारी जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं में लगभग 300 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण और 350 किलोमीटर पुराने मार्गों की मरम्मत शामिल है। इससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण व शहरी इलाकों के बीच संपर्क बेहतर बनेगा।

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने शनिवार से ही तैयारियां तेज कर दी थीं। अब अनाज मंडी को पूरी तरह कार्यक्रम के अनुरूप तैयार कर लिया गया है। मंच, टेंट, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था और बैरिकेडिंग समेत सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग खंड बनाए गए हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

अधिकारियों से सुरक्षा व इंतजामों का लिया जायदा

डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. मनदीप कौर और उपमंडल अधिकारी कंवरजीत सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की।

सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे क्षेत्र को कड़ी निगरानी में ले लिया है। अनाज मंडी की ओर आने वाले सभी रास्तों पर नाके लगाए गए हैं और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की जांच की जा रही है। प्रवेश द्वारों पर धातु जांच उपकरण लगाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

पैकेज इलाके के लिए बड़ी सौगात

स्थानीय विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी के अनुसार, यह पैकेज जलालाबाद के लिए अब तक की सबसे बड़ी सौगातों में से एक है। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया जाएगा, जिसके बाद वह लोगों को संबोधित भी करेंगे।

सुबह से ही अनाज मंडी में लोगों की आवाजाही बढ़ती जा रही है और हर कोई मुख्यमंत्री के आगमन का इंतजार कर रहा है। कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उम्मीद का माहौल बना हुआ है।

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Punjab Weather: चार दिन बाद साफ हुआ मौसम, निकली धूप; 23 डिग्री पहुंचा तापमान

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पिछले चार दिनों से रुक-रुककर हो रही वर्षा और हलके बादल छाए रहने के बाद शनिवार को गुरदासपुर व आसपास के इलाकों में मौसम साफ हो गया। सुबह से ही धूप खिलने से लोगों को सर्दी से थोड़ी राहत मिली।

धूप निकलने का असर तापमान पर भी दिखा और पारे में दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले चार दिनों से लगातार ठंडी हवाओं और बूंदाबांदी के कारण लोग कड़ाके की ठंड से जूझ रहे थे। वर्षा के चलते तापमान में गिरावट आई थी, जिससे ठंड बढ़ गई थी। लोगों ने संदूकों में समेटे हुए गर्म कपड़े फिर से बाहर निकाल लिए थे।

शनिवार को धूप खिलते ही शहर की दिनचर्या सामान्य हो गई। सुबह के समय आसमान पर हलके बादल छाए हुए थे, मगर दोपहर तक धूप तेज होती गई।

लोग पार्कों और छतों पर धूप सेंकते नजर आए। बाजारों में भी रौनक लौट आई, जो पिछले दिनों खराब मौसम के कारण सुनसान नजर आ रहे थे। मौसम विभाग के अनुसार दिन के तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होगी, जिससे दिन में गर्मी का अहसास हो सकता है। हालांकि, सुबह और रात के समय ठंड बनी रहेगी।

मौसम के उतार-चढ़ाव से बढ़ रही खांसी-जुकाम की समस्या

पिछले कुछ दिनों में मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर साफ देखने को मिल रहा है। माहिर डाक्टरों का कहना है कि तापमान के अचानक बढ़ने व कम होने के चलते लोग खांसी, जुकाम, बुखार व गले में खराश जैसी मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।

अस्पतालों में ओपीडी में इस तरह की शिकायत लेकर आने वालों मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा हुआ है। डाक्टरों के अनुसार, अभी मौसम पूरी तरह से सामान्य नहीं हुआ है। दिन में धूप निकलने से तापमान बढ़ रहा है, जबकि सुबह और रात के समय ठंड बनी रहती है।

लोगों से अपील अपना पूरी तरह से रखें ध्यान

इस बदलते मौसम में शरीर को ढलने में वक्त लगता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपना पूरी तरह से ध्यान रखें। मौसम के अनुसार कपड़े पहनें, खासकर सुबह और शाम के समय गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें।

गुनगुना पानी पिएं व बाहर के खाने-पीने से बचें। डाक्टरों ने सलाह दी है कि अगर खांसी, जुकाम या बुखार के लक्षण दिखें तो लापरवाही न करें और समय पर डाक्टर से सलाह लें।

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