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‘न MSP का रोडमैप, न बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत…,’ बजट पर पंजाब के नेताओं ने जताई निराशा, घोषणाओं को किसानों के लिए बताया धोखा

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए गए बजट को लेकर पंजाब के मंत्रियों ने कड़ी निंदा की है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि केंद्रीय बजट एक बार फिर पंजाब की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है. उन्होंने कहा कि बजट में किसानों के लिए एमएसपी  की कोई गारंटी नहीं है, युवाओं के लिए रोज़गार का कोई भरोसा नहीं है और उद्योगों या टैक्स प्रणाली को कोई राहत नहीं दी गई है. केंद्र ने पंजाब की आर्थिकता को मजबूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं, जिससे राज्य और यहां के लोगों के साथ एक बार फिर नाइंसाफी हुई है. सीएम मान ने कहा कि पंजाबी मेहनती और जज्बे वाले हैं और केंद्र की बार-बार अनदेखी के बावजूद आप सरकार और पंजाब के लोग एकजुट होकर अपने दम पर पंजाब को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगे. वहीं पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए  कहा कि केंद्र सरकार ने एक बार फिर पंजाब और हरियाणा के किसानों की जायज चिंताओं को नज़रअंदाज़ किया है, जिससे किसान-हितैषी होने के उसके खोखले दावों की पोल खुल गई है. चीमा ने बताया कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है और न ही मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के लिए कोई ठोस मदद की गई है, जिससे कृषि प्रधान राज्यों को अपने भरोसे छोड़ दिया गया है. 

बजट पर जताई निराशा 

वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब का किसान देश का पेट भरता है, फिर भी केंद्र सरकार उन प्रणालियों में निवेश को लेकर उपेक्षा कर रही है, जो खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं. वित्त मंत्री ने अधिक कीमत वाली फसलों को बढ़ावा देने के लिए अपनाए गए चयनात्मक पहुंच की भी आलोचना की जबकि बजट में नारियल, काजू, चंदन और सूखे मेवे जैसी फसलों का जिक्र है, लेकिन उत्तर भारत के किसानों के लिए कुछ नहीं है जो अपने खेतीबाड़ी के मौसम के हिसाब से फसलों पर निर्भर करता हैं. हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह बजट स्पष्ट तौर पर केंद्र के भेदभाव और अनाज पैदा करने वाले राज्यों, खासकर पंजाब के किसानों के प्रति उसकी लगातार उदासीनता को दिखाता है। ये किसान सम्मान, सहयोग और सही उचित निवेश के हकदार हैं, खोखले नारों के नहीं. वहीं पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने कहा कि देश का अन्न भंडार भरने के बावजूद, पंजाब के किसानों के हाथ एक बार फिर खाली रह गए हैं. उन्होंने कहा कि बजट में गेहूं और धान के अलावा एमएसपी  के लिए कोई साफ रोडमैप नहीं दिया गया, जो किसानों की आय को सुरक्षित करने के प्रति केंद्र की गंभीरता की कमी को दिखाता है. खुडियां ने इशारा किया कि फसल डाइवर्सिफिकेशन के लिए कोई ठोस पैकेज नहीं दिया गया, जो पंजाब में टिकाऊ कृषि के लिए बहुत जरूरी है, और न ही बार-बार आने वाली बाढ़ से प्रभावित किसानों को कोई आर्थिक सहायता दी गई। उन्होंने दावा किया कि केंद्र ने एक बार फिर देश के अन्नदाताओं की मुश्कलों को नजरअंदाज करके और खोखले वादे करके उनसे मुंह मोड़ लिया है.

वादों पर नहीं उतरी सरकार 

पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि हर साल की तरह इस बार भी इसने देश के लोगों को बहुत निराश किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने के लिए बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन बजट में किसानों, युवाओं, महिलाओं या आम नागरिकों के लिए कोई भी सार्थक कदम नहीं उठाया गया. अरोड़ा ने कहा कि पंजाब के साथ एक बार फिर सौतेली मां जैसा बर्ताव किया गया है. आजादी से लेकर देश का पेट भरने तक और मुश्किल समय में हमेशा सबसे आगे रहने में पंजाब के ऐतिहासिक योगदान के बावजूद, राज्य के लिए कोई बड़े प्रोजेक्ट का कोई प्रबंध नहीं किया गया. मंत्री ने केंद्र के इस रवैये को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि पंजाब की लगातार हो रही अनदेखी बर्दाश्त के बाहर है. अमन अरोड़ा ने बजट को सिरे से खारिज करते हुए प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार से पंजाब के साथ भेदभाव बंद करने की अपील की. उन्होंने याद दिलाया कि पंजाब देश का एक अभिन्न अंग है और उसे निषपक्ष, सम्मान और बनती सहायता का हकदार है. 

‘केंद्रीय बजट पंजाब के साथ बड़ा भेदभाव दिखाता है…’ 

आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने केंद्रीय बजट की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह पंजाब के साथ खुला भेदभाव दिखाता है. उन्होंने कहा कि केंद्र ने किसानों, युवाओं या विकास के लिए कुछ न देकर राज्य के साथ एक बार फिर धोखा किया है. बजट में न तो MSP पर कोई कानूनी गारंटी है, न युवाओं के लिए रोजगार का कोई भरोसा और न ही पंजाब के किसी बड़े प्रोजेक्ट को कोई मंजूरी दी गई है. धालीवाल ने याद दिलाया कि पंजाब ने आजादी की लड़ाई से लेकर आज देश की सीमाओं की रक्षा करने तक देश के लिए सबसे ज्यादा कुर्बानियां दी हैं। इसके बावजूद, केंद्र सरकार लगातार फंड रोककर और राज्य की जरूरतों को अनदेखा करके पंजाब को उसका हक देने से मना कर रही है. उन्होंने कहा कि पंजाबी मेहनती और दिलेर हैं और अपने पैरों पर खड़े रहेंगे, लेकिन केंद्र को एक दिन अपनी लगातार अनदेखी का जवाब देना होगा. धालीवाल ने पंजाब के साथ बार-बार अन्याय करने के लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री की कड़ी आलोचना की और इसे बेहद दुखदाई और बर्दाश्त के बाहर बताया. 

‘बजट ने पंजाब के किसानों को उनके अधिकारों से वंचित रखा…’

केंद्रीय बजट की निंदा करते हुए  पंजाब के मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि केंद्र ने एक बार फिर पंजाब के किसानों के महत्वपूर्ण योगदान को नज़रअंदाज़ किया है. उन्होंने कहा कि बजट में एमएसपी, फसल  विविधीकरण या किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए कोई गंभीर प्रावधान नहीं किया गया है. भुल्लर ने कहा कि भाजपा शासित केंद्र सरकार को पंजाब के किसानों की जायज मांगों को बार-बार खारिज करने के लिए खुद पर शर्म आनी चाहिए. उन्होंने दावा किया कि किसानों को सुरक्षा और मदद देने से इनकार करके, केंद्र ने एक बार फिर उनके अधिकारों को कुचला है और अपनी किसान विरोधी मानसिकता को उजागर किया है. वहीं मंत्री लाल चंद कटारुचक ने कहा कि जिस राज्य ने देश के अन्न भंडार भरे है, उसे कोई दिशा या कल्याणकारी सहायता नहीं दी गई है. उन्होंने कहा कि बजट में न तो एमएसपी का भरोसा है, न ही फसल डायवर्सिफिकेशन का कोई प्लान है और न ही प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए कोई स्कीम है. कटारुचक ने दावा किया कि यह बजट स्पष्ट रूप से भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की किसान विरोधी सोच और पंजाब और उसके किसानों की लगातार अनदेखी को साफ दिखाता है. वहीं मंत्री डॉक्टर रवजोत ने कहा कि जब भी पंजाब के अधिकारों की बात आती है, तो केंद्र सरकार हमेशा चुप्पी साध है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि पर बड़े-बड़े दावों के बावजूद, केंद्रीय बजट में पंजाब को कोई खास सहायता नहीं दी गई है. उन्होंने कहा कि यह तरीका न तो सही है और न ही न्यायापूर्ण, बल्कि यह पंजाब और उसके लोगों की जानबूझकर अनदेखी का साफ मामला है. 

‘केंद्रीय बजट के बड़े दावे, लेकिन असलियत में खोखले…’ 

आप के सीनियर नेता नील गर्ग ने केंद्रीय बजट की कड़ी आलोचना करते हुए इसकी तुलना पंजाबी कहावत ‘पटिया पहाड़, निकलेआ चूहा’ से की है. उन्होंने कहा कि बड़ी-बड़ी घोषणाओं और शानदार आंकड़ों के बावजूद बजट में एक भी ऐसी घोषणा नहीं है जिससे पंजाब को असली राहत मिले. गर्ग ने कहा कि पिछले साल बाढ़ से भारी नुकसान झेलने वाले पंजाब के किसान खास सहायता की उम्मीद थी और MSP पर कानूनी गारंटी की आस लगा बैठे थे, लेकिन बजट में उनके हाथ कुछ नहीं दिया गया. उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के युवा एक बार फिर निराश हुए हैं, क्योंकि रोजगार गारंटी के लंबे समय से किए जा रहे वादे सिर्फ नारे बनकर रह गए हैं. उन्होंने इशारा किया कि उद्योग जगत पंजाब में विकास बढ़ाने और नौकरियां पैदा करने के लिए खास छूट की उम्मीद थी, लेकिन ऐसी किसी मदद की घोषणा नहीं की गई। ऐसे समय में जब आम आदमी बढ़ती महंगाई से जूझ रहा है, बजट में कोई खास राहत नहीं दी गई है. नील गर्ग ने आरोप लगाया कि बजट स्पष्ट रूप से अंबानी और अडानी जैसे बड़े कॉर्पोरेट घरानों के पक्ष में है, जबकि किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों को नजरअंदाज किया गया है. उन्होंने कहा कि जिन पंजाबियों ने देश को खाना खिलाया है और देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी कुर्बानी दी है, वे आज ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. गर्ग ने जोर देकर कहा कि लोगों को खोखली घोषणाओं की नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर असली राहत की जरूरत है. उन्होंने कहा कि बजट लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने में पूरी तरह नाकाम रहा है. 

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Punjab हर जिले में 10 और 11 फरवरी को लगेंगे विशेष शिविर, निपटाई जाएंगी व्यापारियों की शिकायतें

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पंजाब में व्यापारियों से जुड़ी स्थानीय शिकायतों व अन्य मसलों का हल विशेष शिविरों के माध्यम से होगा। ये शिविर हर जिले में 10 व 11 फरवरी को लगाए जाएंगे। जिला व्यापार समितियों के अध्यक्ष इन शिविरों में उपस्थित रहेंगे और व्यापारियों की समस्याओं को सुनेंगे। जिन समस्याओं का समाधान मौके पर हो सकता है, उन्हें वहीं निपटाया जाएगा।

यह निर्णय पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को पंजाब भवन में पंजाब राज्य व्यापारी आयोग (पीएसटीसी) की एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया। बैठक का मकसद व्यापारी समुदाय के साथ संबंधों को और मजबूत करने, शिकायत निवारण व्यवस्था को बेहतर बनाने व जिला स्तर पर तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित था।

इस दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जिला व्यापार समिति के अध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापारियों से सक्रिय रूप से जुड़ें और जमीनी स्तर के मुद्दों पर फीडबैक लें। मंत्री ने कहा, विशेष शिविरों के दौरान जिला स्तर पर हल हो सकने वाले मुद्दों को व्यवस्थित रूप से दस्तावेजी रूप में दर्ज किया जाए और शीघ्र समाधान के लिए पंजाब राज्य व्यापारी आयोग को भेजा जाए।
चीमा ने कहा कि हमारा उद्देश्य एक मजबूत तीन स्तरीय व्यवस्था स्थापित करना है जो व्यापारी समुदाय को सीधे प्रशासन से जोड़ती है, ताकि पंजाब के प्रत्येक व्यापारी को समय पर सहायता मिल सके और उनकी चिंताओं का पता लगाकर उनका समाधान किया जा सके।

बैठक में पीएसटीसी के उप चेयरमैन अनिल ठाकुर, वित्तीय आयुक्त कराधान अजीत बालाजी जोशी और कराधान आयुक्त जतिंदर जोरवाल शामिल हुए। इस विचार-विमर्श के दौरान व्यापार समितियों के तकनीकी सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया। वित्तीय आयुक्त कराधान अजीत बालाजी जोशी और कराधान आयुक्त जतिंदर जोरवाल ने जीएसटी फाइलिंग से संबंधित प्रमुख तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी, जिसका उद्देश्य जिला समिति सदस्यों को नियामक आवश्यकताओं का पालन करने में व्यापारियों की सहायता के लिए आवश्यक जानकारी से लैस करना है।

इस पहल के पीछे व्यापक दृष्टिकोण को दोहराते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह तीन-स्तरीय व्यवस्था पंजाब में व्यापार के लिए एक सुगम और जवाबदेह वातावरण सृजित करने के लिए तैयार की गई है। उन्होंने कहा, इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य हर व्यापारी की मुश्किल सुनना और उस पर समय पर कार्रवाई करना सुनिश्चित बनाना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार जिला-स्तरीय पहुंच और राज्य स्तर पर मजबूत नीति के माध्यम से एक पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल माहौल सृजित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

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Punjab News: भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने श्री गुरु रविदास जी महाराज के 649वें प्रकाश पर्व पर वर्षभर चलने वाले राज्य स्तरीय समारोहों की शुरुआत की, 2027 में ऐतिहासिक 650वें प्रकाश पर्व की तैयारियों का हुआ आगाज़

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Punjab News: श्री गुरु रविदास महाराज जी के 649वें पावन प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में आज श्री खुरालगढ़ साहिब में प्रदेश स्तरीय समागम का शुभारंभ पूर्ण धार्मिक मर्यादा एवं उत्साह के साथ श्री अखंड साहिब जी के पाठ के आरंभ के साथ किया गया। यह भव्य समागम 6 फरवरी तक चलेगा तथा इसी दिन श्री अखंड साहिब जी के भोग डाले जाएंगे। समागम के अंतिम दिन मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत सिंह मान गुरु चरणों में हाजिरी लगाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं भाईचारे की कामना करेंगे।

संत समाज भी विशेष तौर पर मौजूद रहे

इस अवसर पर तप स्थान श्री खुरालगढ़ साहिब से संत केवल सिंह, प्रधान श्री गुरु साधु संप्रदाय सोसायटी पंजाब संत निर्मल दास जी जौड़े वाले, राष्ट्रीय अध्यक्ष आदि धर्म मिशन संत सतविंदर हीरा, संत दयाल नाथ समुंदड़ा, संत जगीर सिंह नंदाचौर, धाम चानण पुरी सहौड़ा से संत धर्मपाल, तग्गड़ बराड़ा से बलकार सिंह, शेरपुर ढक्कों से संत रमेश दास, गांव चेता से संत मनप्रीत दास, ढिंगरियाँ से संत बलवंत सिंह, पंडोरी लध्धां से सतनाम सिंह, बसी मरुफ़ से संत कुलदीप सिंह के अलावा अन्य संत समाज भी विशेष तौर पर मौजूद रहे।

आज कैबिनेट मंत्रीओं हरपाल सिंह चीमा, तरुनप्रीत सिंह सौंद, हरजोत सिंह बैंस, डॉ. रवजोत सिंह और लाल चंद कटारुचक्क के अलावा डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण रौड़ी, चेयरमैन एससी कमिशन जसवीर गढ़ी, विधायक डॉ. ईशांक कुमार, संस्कृति व पर्यटन विभाग के सलाहकार दीपक बाली व अन्य शख्सियतों ने गुरु चरणों में शीश नवाया।

गुरु चरणों में शीश नवाने उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए वित्त मंत्री पंजाब हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि वर्ष 2027 में श्री गुरु रविदास महाराज जी का 650वां प्रकाश पर्व ऐतिहासिक और भव्य स्तर पर मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने 649वें प्रकाश पर्व के अवसर पर 4 फरवरी से पूरे वर्ष चलने वाले समागमों की श्रृंखला आरंभ की है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी की महान शिक्षाएं सामाजिक समरसता, समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश देती हैं, जिन्हें जन-जन तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को गुरु जी के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं से परिचित करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गुरु महाराज जी की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है तथा इसके लिए विशेष कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं।

श्री गुरु रविदास जी महाराज का जीवन और उनकी शिक्षाएं समाज को समानता, भाईचारे, प्रेम और मानव कल्याण का संदेश देती हैं

डिप्टी स्पीकर पंजाब विधानसभा जय कृष्ण सिंह रौड़ी ने कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब का ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व अत्यंत विशाल है और यहां आयोजित समागम सामाजिक एकता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी महाराज का जीवन और उनकी शिक्षाएं समाज को समानता, भाईचारे, प्रेम और मानव कल्याण का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि खुरालगढ़ साहिब में आयोजित होने वाला यह प्रदेश स्तरीय समागम सामाजिक समरसता को और मजबूत करने का सशक्त माध्यम बनेगा।

कैबिनेट मंत्री तरूणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब न केवल पंजाब बल्कि समूचे देश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का महान केंद्र है। गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाएं समाज में समानता, प्रेम और सेवा की भावना को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने कहा कि इस पावन अवसर पर संगत की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में गुरु जी के 650वें प्रकाश पर्व को लेकर पंजाब सरकार पूरा साल समागमों की श्रृंखला चला रही है।

कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि गुरु रविदास महाराज जी का जीवन संघर्ष, तपस्या और मानव कल्याण का प्रतीक है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी ने समाज को जाति, भेदभाव और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करने का संदेश दिया। उनके विचार आज के समय में और भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने संगत से गुरु जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा कि पंजाब सरकार गुरु रविदास जी की शिक्षाओं के अनुरूप समाज में समरसता, भाईचारे और समान अवसरों को बढ़ावा देने के लिए संकल्पबद्ध है।

इस अवसर पर चेयरमैन पंजाब एससी कमीशन डॉ. जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाएं सामाजिक न्याय, समानता और मानव कल्याण की सशक्त प्रेरणा हैं। गुरु जी ने अपने जीवन और वाणी के माध्यम से समाज में व्याप्त भेदभाव, ऊंच-नीच और असमानता को समाप्त करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम सब गुरु रविदास जी के विचारों को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा अनुसूचित वर्गों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान हेतु विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की जा रही हैं। ऐसे समागम समाज में एकता, भाईचारे और सद्भाव को सुदृढ़ करते हैं।

गुरु जी के विचारों को अपनाकर ही एक समतामूलक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है

विधायक चब्बेवाल डॉ. ईशांक कुमार चब्बेवाल ने कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब की पावन धरती पर आयोजित यह प्रदेश स्तरीय समागम संगत के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है। गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाएं हमें सत्य, करुणा, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि गुरु जी के विचारों को अपनाकर ही एक समतामूलक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है। इस प्रकार के आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है, जो समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।

इस मौक़े पर अध्यक्ष एससी विंग पंजाब गुरप्रीत सिंह जी.पी., डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन, पर्यटन विभाग के डायरेक्टर संजीव तिवाड़ी, एसएसपी संदीप कुमार मलिक, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) निकास कुमार, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (सामान्य) अमरबीर कौर भुल्लर, नगर निगम कमिश्नर ज्योति बाला, एसडीएम मुकेरियां ओएशी मंडल, एसडीएम गढ़शंकर संजीव कुमार, एसडीएम दसूहा कंवलजीत सिंह, एसडीएम टांडा लवप्रीत सिंह, सहायक कमिश्नर परमप्रीत सिंह के अलावा अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने गुरु महाराज जी के चरणों में शीश नवाकर प्रदेश की शांति, खुशहाली और तरक्की की कामना की।

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भगवंत सिंह मान सरकार ने Punjab के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने हेतु निवेश अभियान को और तेज किया

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पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मुंबई में चल रहे निवेश रोडशो के दूसरे दिन को और अधिक गति प्रदान की. प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 के हिस्से के रूप में, राज्य ने युवाओं के लिए निवेश को रोजगार के अवसरों में बदलने पर विशेष जोर दिया. विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को मजबूत बनाने और उन्हें बड़े उद्योगों में परिवर्तित करने की रणनीतियां पेश की गईं. इन प्रयासों से पंजाब को युवा-केंद्रित औद्योगिक विकास और उद्यमिता-आधारित अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है.

प्रमुख उद्योगों के साथ उच्च-स्तरीय चर्चाएं

दिन की शुरुआत सनातन टेक्सटाइल और महिंद्रा ग्रुप जैसे प्रमुख कंपनियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकों से हुई. इनमें कपड़ा, ऑटोमोटिव, कृषि उपकरण, रक्षा उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण जैसे क्षेत्रों में संभावित निवेश पर गहन विचार-विमर्श किया गया. पंजाब के कुशल श्रमिकों, मजबूत औद्योगिक ढांचे और स्थिर नीतियों का लाभ उठाते हुए मौजूदा परियोजनाओं के विस्तार और नए निवेश की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित रहा.

सीएक्सओ राउंडटेबल: एमएसएमई को सशक्त बनाना
दिन का मुख्य आकर्षण सीएक्सओ राउंडटेबल रहा, जिसमें प्रमुख निजी इक्विटी फर्मों और वित्तीय संस्थाओं ने भाग लिया. बेयरिंग प्राइवेट इक्विटी इंडिया, जेएम फाइनेंशियल, एवेंडस वेल्थ मैनेजमेंट, नियो वेल्थ, ओकेएस एसेट मैनेजमेंट, अल्वारेज एंड मार्सल तथा थिंक लॉ जैसी संस्थाओं के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए.

बैठक में एमएसएमई को वैश्विक स्तर के बड़े उद्यमों में बदलने के लिए वित्तीय सहायता, पूंजी निवेश और रणनीतिक मार्गदर्शन पर चर्चा हुई. इन्वेस्ट पंजाब के सीईओ ने राज्य के सुधार-आधारित शासन, फास्टट्रैक सिंगल-विंडो सिस्टम और समयबद्ध अनुमतियों पर प्रस्तुति दी, जबकि निवेश प्रोत्साहन सचिव ने नीतिगत स्थिरता और निवेशक सुविधा की प्रतिबद्धता को उजागर किया. सत्र इंटरैक्टिव चर्चा और नेटवर्किंग लंच के साथ समाप्त हुआ.

लॉजिस्टिक्स और अन्य क्षेत्रों में साझेदारियांरा
राउंडटेबल के बाद, प्रतिनिधिमंडल ने यूएई की डीपी वर्ल्ड के साथ लॉजिस्टिक्स, रेल-कनेक्टेड टर्मिनलों और बहुविध परिवहन ढांचे पर बातचीत की, ताकि पंजाब की निर्यात क्षमता बढ़ाई जा सके. इसके अलावा एवेन्यू सुपरमार्ट्स, यूपीएल लिमिटेड और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स मैनेजमेंट के साथ संगठित खुदरा, कृषि इनपुट, खाद्य प्रणाली तथा खेल शिक्षा जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ. इन चर्चाओं ने विनिर्माण, सेवाएं, कृषि-व्यापार और उभरते उद्योगों में पंजाब की विविध संभावनाओं को सामने लाया.

निवेश इंडिया की भागीदारी और भविष्य की योजनाएं
इन्वेस्ट इंडिया के प्रतिनिधि ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जो राज्य में घरेलू व वैश्विक निवेश को बढ़ावा देने में सहायक होगा. मुंबई रोडशो निवेशकों और उद्योग जगत के लिए मजबूत मंच साबित हो रहा है, जहां उन्हें 2026 सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण दिया गया. ये प्रयास पंजाब को स्थिर, निवेश-अनुकूल वातावरण में व्यवसाय विस्तार, अनुसंधान और वैश्विक बाजार एकीकरण के लिए तैयार दिखाते हैं.

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