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गणतंत्र दिवस पर दिखेगी पंजाब की झांकी:चंडीगढ़ की सड़कों पर झाड़ू लगाने वाले पूर्व DIG को पद्म श्री, 18 पुलिस अफसर को राष्ट्रपति पदक मिलेगा

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गणतंत्र दिवस पर इस बार पंजाब की झांकी कर्तव्य पथ पर दिखेगी। केंद्र सरकार की समिति ने इसके लिए पंजाब की झांकी का चयन कर लिया है। वहीं, पंजाब के 18 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा।

इस दौरान तीन अधिकारियों विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक व 15 को सराहनीय सेवा के लिए पदक दिया जाएगा। इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से सूची जारी कर दी गई है। इसके अलावा, इस बार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान होशियारपुर में और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया फाजिल्का में तिरंगा फहराएंगे।

वहीं, पुलिसवालों के अलावा चंडीगढ़ में रहने वाले पंजाब के पूर्व डीआईजी इंदरजीत सिद्धू को भी सम्मानित किया जाएगा। पूर्व डीआईजी शहर में फैली गंदगी को उठाकर कूड़ेदान में गिराते थे।

गणतंत्र दिवस समारोह में दिल्ली में पंजाब की झांकी दिखाई देगी।

गणतंत्र दिवस समारोह में दिल्ली में पंजाब की झांकी दिखाई देगी।

चंडीगढ़ के आईजी-इंस्पेक्टर को मिलेगा राष्ट्रपति पदक

गणतंत्र दिवस 2026 पर चंडीगढ़ के आईजी पुष्पेंद्र कुमार और इंस्पेक्टर जसबीर सिंह को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों को डीजीपी कमेंडेशन डिस्क (स्वर्ण, रजत और कांस्य) देने की घोषणा की गई है।

गणतंत्र दिवस पर चंडीगढ़ के आईजी पुष्पेंद्र कुमार को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा।

गणतंत्र दिवस पर चंडीगढ़ के आईजी पुष्पेंद्र कुमार को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा।

आईजी पुष्पेंद्र कुमार, वर्तमान में यूटी चंडीगढ़ में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के पद पर तैनात हैं। वहीं, इंस्पेक्टर जसबीर सिंह, जिन्होंने 11 फरवरी 1992 को एएसआई के रूप में सेवा शुरू की थी, वर्तमान में थाना मलोया में एसएचओ के रूप में कार्यरत हैं। दोनों को पुलिस सेवा में उत्कृष्ट और सराहनीय योगदान के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा हेड कॉन्स्टेबल सुरिंदर पाल को भी राष्ट्रपति पदक के लिए चुना गया है।

पंजाब के पूर्व डीआईजी इंद्रजीत सिद्धू को पद्म श्री पुरस्कार

88 साल के पंजाब के पूर्व डीआईजी इंद्रजीत सिंह सिद्धू को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार उन्हें पद्म पुरस्कार 2026 के तहत सामाजिक कार्य के क्षेत्र में दिया जाएगा। वे पंजाब पुलिस के रिटायर्ड डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) हैं।

वो 1964 बैच के IPS अधिकारी थे, जो 1996 में रिटायर हुए। वे चंडीगढ़ के सेक्टर 49 (IAS-IPS ऑफिसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी) में रहते हैं। पिछले 10 से ज्यादा वर्षों से वे सैनिटेशन कार्ट उधार लेकर हर दिन सुबह 6 बजे सड़कें और नालियां साफ करते हैं। उन्हें सामाजिक कार्य करने और कई लोगों को प्रेरित करने के लिए पद्म श्री अवार्ड मिल रहा है। उनकी यह मेहनत कई बार सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई है।

पंजाब के पूर्व डीआईजी इंद्रजीत सिंह को भी गणतंत्र दिवस पर मेडल प्रदान किया जाएगा।

पंजाब के पूर्व डीआईजी इंद्रजीत सिंह को भी गणतंत्र दिवस पर मेडल प्रदान किया जाएगा।

CM ने पोस्ट डालकर दी यह जानकारी

सीएम भगवंत मान ने कहा कि जहां हम ‘हिंद दी चादर’ साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत शताब्दी को पूरे राज्य में श्रद्धा और सम्मान के साथ राज्य-स्तरीय कार्यक्रमों के माध्यम से मना रहे हैं। वहीं गुरु साहिब के जीवन फलसफे और उनकी अद्वितीय शहादत को समर्पित एक झांकी गणतंत्र दिवस की परेड के लिए भी भेजी गई है, जो इस वर्ष 26 जनवरी की परेड की शोभा बनेगी।

उन्होंने कहा कि, गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शिक्षाएं पूरी दुनिया को मानवाधिकारों, समानता और धार्मिक स्वतंत्रता के साथ-साथ सामाजिक आजादी के प्रति जागरूक करती हैं। इन महान विचारों से युवाओं सहित समाज के हर वर्ग को परिचित करवाना समय की जरूरत है। इसी उद्देश्य को लेकर हमारी सरकार के प्रयास निरंतर जारी हैं।

बता दें कि, 2024 में पंजाब की झांकी काे लेकर बड़ा विवाद हुआ था। उस समय झांकी को परेड में शामिल नहीं किया गया था। इसके बाद पंजाब की झांकी को पूरे पंजाब व दिल्ली में प्रदर्शित किया था। पंजाब सरकार ने साथ ही केंद्र सरकार पर हमला बोला था।

यहां देखे गणतंत्र दिवस पर सम्मानित होने वाले अफसरों की सूची…

होशियारपुर में ध्वज फहराएंगे सीएम मान

पंजाब सरकार की तरफ से गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस बार सीएम होशियारपुर तो गवर्नर गुलाब चंद कटारिया फाजिल्का में तिरंगा फहराएंगे। पहले उनका प्रोग्राम पटियाला में था। जिसे बदल दिया गया है। ऐसे में ऐट होम समारोह गवर्नर की तरफ से फाजिल्का में रखा गया है। जिसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है।

इसके साथ ही राज्य के सभी मंत्रियों की ड्यूटियां भी विभिन्न जिलों में लगाई गई हैं, ताकि समारोह शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य भर में परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य आयोजन किए जाएंगे। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन की सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाए।

सरकार की तरफ से जारी की गई सूची…

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CM मान सरकार के एंटी-ड्रग कैंपेन ‘युद्ध नशेयों विरुद्ध’ के नतीजे आ रहे हैं, कपूरथला में हेरोइन की रिकवरी में 187% की बढ़ोतरी, ड्रग्स के जाल में पुलिस की कार्रवाई

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भगवंत मान सरकार के एंटी-ड्रग कैंपेन ‘ युद्ध नशेयों विरुद्ध’ के तहत कपूरथला जिले में ड्रग्स की रिकवरी में तेज़ी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो जिला पुलिस की कड़ी और लगातार कार्रवाई को दिखाता है। आधिकारिक डेटा के मुताबिक, 1 मार्च, 2025 से 30 अप्रैल, 2026 तक, कपूरथला पुलिस ने 30.4 kg हेरोइन बरामद की, जबकि कैंपेन से पहले के समय (1 जनवरी, 2024 से 28 फरवरी, 2025) में 10.6 kg हेरोइन बरामद की गई थी – जो 187% की बड़ी बढ़ोतरी दिखाता है।

इस दौरान, खसखस की ज़ब्ती 170 kg से बढ़कर 452 kg से ज़्यादा हो गई, जो 166% की बढ़ोतरी है, जबकि अफीम की ज़ब्ती 6.845 kg से बढ़कर 11.517 kg हो गई, जो 68% की बढ़ोतरी दिखाती है।

इसी दौरान, नशीली गोलियों और कैप्सूल की ज़ब्ती 38,327 से बढ़कर 72,480 हो गई, जो लगभग 89% की बढ़ोतरी है। इसके अलावा, चरस और बर्फ की ज़ब्ती, जो पहले न के बराबर थी, अब इस खास ऑपरेशन के दौरान दर्ज की गई है।

ज़ब्ती में बढ़ोतरी के साथ-साथ ऑपरेशन भी बढ़ा है। कैंपेन के दौरान, कपूरथला पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत 1498 FIR दर्ज कीं और 1867 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि पिछली अवधि के दौरान 376 मामले दर्ज किए गए थे और 481 गिरफ्तारियां की गई थीं, जो क्रम से 298% और 288% की बड़ी बढ़ोतरी दिखाता है।

जानकारी देते हुए, कपूरथला के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) गौरव तूरा ने कहा: “पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ कैंपेन ने ड्रग्स के खिलाफ फोकस्ड और इंटेंसिव एक्शन मुमकिन बनाया है। ज़ब्ती में यह बड़ी बढ़ोतरी कपूरथला पुलिस की सप्लाई चेन को तोड़ने और हर लेवल पर ड्रग ट्रैफिकिंग को रोकने की लगातार कोशिशों को दिखाती है।”

अधिकारियों ने कहा कि ज़ब्ती और ऑपरेशन में यह बढ़ोतरी शहरी और ग्रामीण इलाकों में लगातार इंटेलिजेंस के आधार पर किए जा रहे ऑपरेशन का नतीजा है, जो ऑर्गनाइज़्ड ड्रग नेटवर्क को खत्म करने, इंटर-स्टेट नेक्सस की पहचान करने और बार-बार अपराध करने वालों को टारगेट करने पर फोकस करते हैं।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ट्रैफिकर्स और उनके इकोनॉमिक एसेट्स, दोनों को टारगेट करने का यह दोहरा तरीका लंबे समय में ड्रग सिस्टम को खत्म करने के लिए ज़रूरी है।

उन्होंने आगे कहा, “यह ऑपरेशन एक लगातार मिशन के तौर पर चलाया जा रहा है। ड्रग्स के खतरे को खत्म करने और पंजाब के युवाओं की सुरक्षा के लिए हर मुमकिन कोशिश की जा रही है।” ‘ युद्ध नशेयों विरुद्ध’ कैंपेन में एक मज़बूत आर्थिक ऑपरेशन का हिस्सा भी शामिल है, जिसका मकसद ड्रग नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ तोड़ना है।

कपूरथला पुलिस ने 48 मामलों में कार्रवाई शुरू की, जिसमें ड्रग एक्टिविटी से जुड़ी ₹9.10 करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति शामिल थी। इनमें से ₹8.60 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त करने और फ्रीज़ करने के ऑर्डर पहले ही मिल चुके हैं।

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CM भगवंत सिंह मान ने श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेका, बेअदबी विरोधी ऐतिहासिक कानून बनाने की समझ और शक्ति देने के लिए परमात्मा का शुक्राना किया

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होकर जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट-2026 को लागू करने की समझ और शक्ति प्रदान करने के लिए परमात्मा का धन्यवाद किया। उन्होंने इस कानून को बेअदबी करने की कोशिश करने वालों के लिए सख्त सजा सुनिश्चित करने तथा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मान-मर्यादा की रक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।

आज श्री हरमिंदर साहिब में नतमस्तक होने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की सेवा सौंपने के लिए उनका दिल परमात्मा के प्रति शुक्राने से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सौभाग्यशाली है कि हमें यह ऐतिहासिक कानून पारित करने का अवसर मिला है, जो भविष्य में ऐसी घिनौनी घटनाओं को रोकने में अहम साबित होगा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता समान हैं, जिनकी मान-मर्यादा बनाए रखना हमारा सामूहिक कर्तव्य है। जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट-2026 यह सुनिश्चित करता है कि इस अक्षम्य अपराध के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को मिसाली सजा का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि बेअदबी की घटनाएं पंजाब की अमन-शांति, भाईचारे, सांप्रदायिक सद्भाव और सामाजिक एकता को भंग करने के उद्देश्य से रची गई गहरी साजिश का हिस्सा थीं। मुख्यमंत्री ने पुष्टि की कि यह कानून इतनी समझदारी और सख्ती से बनाया गया है कि दोषी ठहराए गए व्यक्ति को मरने तक उम्रकैद की सजा हो सकती है। उन्होंने कहा कि देश के नामी कानूनी विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा करने के बाद इस कानून का मसौदा तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कानून ऐसी घटनाओं के खिलाफ मजबूत व्यवस्था के रूप में काम करेगा और भविष्य में कोई भी ऐसा अपराध करने की हिम्मत नहीं करेगा।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दुनिया भर के लोगों और सिख संगत ने पंजाब विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित इस कानून का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जहां पूरी सिख संगत ने इस कानून का स्वागत किया है, वहीं शिरोमणि कमेटी के आकाओं ने इसका विरोध किया है क्योंकि बेअदबी से जुड़ी घटनाओं में वे स्वयं शामिल रहे हैं।”

चार दिवसीय “शुक्राना यात्रा” का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वह इस ऐतिहासिक कानून को पारित करने की क्षमता और समझ देने के लिए परमात्मा का धन्यवाद करने निकले हैं।

उन्होंने बताया कि श्री आनंदपुर साहिब से शुरू होकर यह यात्रा 9 मई तक जारी रहेगी और यात्रा के दौरान वह तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब के दर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा कि इस यात्रा का एकमात्र उद्देश्य परमात्मा का शुक्राना करना है, जिन्होंने हमें मानवता और पंजाब की सेवा के लिए यह बड़ी और अहम जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तेज गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में पहुंचने वाली संगत का दिल से धन्यवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब भर की संगत यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत कर रही है क्योंकि पहली बार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मान-मर्यादा और सम्मान की रक्षा के लिए सख्त और प्रभावी कानून तैयार किया गया है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब कैबिनेट और पंजाब विधानसभा दोनों ने सर्वसम्मति से इस कानून को मंजूरी दी है।

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केंद्र सरकार मंडियों में जगह की कमी दूर करने के लिए जरूरी सहयोग नहीं दे रही: लाल चंद कटारूचक्क

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पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने अनाज भंडारण को लेकर मंडियों में पैदा हो रही जगह की कमी के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पंजाब की मंडियों में भंडारण संकट को हल करने के लिए केंद्र सरकार जरूरी सहयोग नहीं दे रही, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान लंबे समय से यह मामला लगातार केंद्र के सामने उठा रहे हैं।

मंत्री ने बताया कि अप्रैल और मई 2026 के दौरान अनाज उठान के लिए केंद्र सरकार और भारतीय खाद्य निगम (FCI) से 860 विशेष रेलगाड़ियां उपलब्ध करवाने की मांग की गई थी, लेकिन जरूरत के मुताबिक ट्रेनें उपलब्ध नहीं करवाई गईं। इसके चलते एक ही सप्ताह में 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं की भारी आवक होने से मंडियों में फसल के ढेर लग गए हैं।

कटारूचक्क ने कहा कि अप्रैल महीने के दौरान केवल 3.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं ही रेल, सड़क और कंटेनरों के जरिए सीधे मंडियों से उठाया गया। वहीं मई 2026 की शुरुआत से अब तक रोजाना सिर्फ 3 से 5 विशेष रेलगाड़ियां ही उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने खरीद सीजन को सुचारू रूप से जारी रखा है और 122 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा होने के करीब पहुंच चुका है।

मंत्री के अनुसार अब तक पंजाब की मंडियों में 121.65 लाख मीट्रिक टन गेहूं पहुंच चुका है, जिसमें से 120.89 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। खरीदे गए गेहूं में से विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने 119.56 लाख मीट्रिक टन और व्यापारियों ने 1,33,203.15 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है।

लाल चंद कटारूचक्क ने विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों द्वारा मेहनत से उगाए गए अनाज का एक-एक दाना खरीदने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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