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“आप” सरकार ने पंजाब को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया है, अब तक 28 हजार केस दर्ज हुए और 42 हजार तस्कर पकड़े गए – केजरीवाल
आम आदमी पार्टी की सरकार ने पंजाब को नशा मुक्त बनाकर “रंगला पंजाब” बनाने के लिए “युद्ध नशे विरुद्ध” अभियान का दूसरा चरण शुरू किया है. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान ने बुधवार को इस ऐतिहासिक अभियान का आगाज किया. इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान का पहला चरण सफल रहा. अब दूसरे चरण में पंजाब को नशा मुक्त बनाने में अब जनता भी शामिल होगी.
इसके तहत 10 से 25 जनवरी तक गांव-गांव में पदयात्रा निकाली जाएगी. इसके लिए विलेज डिफेंस कमेटी का गठन किया गया है. इससे जुड़े डेढ़ लाख वालंटियर के मोबाइल में अपलोड एप पर नशे की सारी जानकारी और उस पर एक्शन अपडेट होता रहेगा. उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए जारी 9899100002 नंबर पर मिस्ड कर इस अभियान से जुड़े.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि युद्ध नशे विरुद्ध अभियान के फेज-1 की शानदार सफलता के बाद बुधवार को फेज-2 की शुरुआत हो रही है. लगभग 10 माह पहले 1 मार्च 2025 को फेज-1 की शुरुआत हुई थी. जिस साफ नीयत, मेहनत और शानदार तरीके से फेज-1 को लागू किया गया, इस तरह से नशे के विरुद्ध युद्ध पूरे देश में किसी भी राज्य में कभी नहीं लड़ा गया. हरियाणा, गुजरात और दिल्ली समेत कई सारे राज्य हैं जहां खूब नशा बिकता है, लेकिन वहां की सरकारों को इसकी परवाह ही नहीं है.
पंजाब के अंदर भी “आप” की सरकार से पहले जब अकाली दल की सरकार थी, तो उनके शासन के दौरान पंजाब की गली-गली और घर-घर के अंदर सबसे ज्यादा नशा पहुंचाया गया. उस दौरान पूरा पंजाब नशे में था और उड़ता पंजाब फिल्म बनी थी. पंजाब का बच्चा-बच्चा घर-घर के अंदर नशा पहुंचने से प्रभावित था और कई बड़े नेता नशा बेचने में शामिल थे.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुटका साहिब की कसम खाई थी कि वे 30 दिन या 60 दिन में नशा खत्म कर देंगे, लेकिन पांच साल उनकी सरकार चली और उन्होंने कुछ नहीं किया, सिर्फ झूठी कसम खाई. उसके बाद आम आदमी पार्टी की सरकार आई. हमें थोड़ा समय लगा क्योंकि इसकी सारी तैयारी करनी थी, लेकिन पिछले साल 1 मार्च के बाद जितनी शिद्दत और हौसले के साथ हम लोगों ने नशे के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, वह अभूतपूर्व है.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बहुत लोगों ने हमें कहा कि नशा बेचने वाले बड़े खतरनाक लोग हैं, बड़े-बड़े गैंगस्टर और तस्कर हैं, जो आपको और आपके परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं. लेकिन हमने कहा कि हम जनता से वादा करके आए हैं कि पंजाब को नशा मुक्त करेंगे और अपने बच्चों को अच्छा भविष्य देंगे. पिछले एक साल और 10 महीने के अंदर नशा तस्करों के खिलाफ 28,000 केस दायर किए गए. आजादी के बाद से 75 साल में किसी भी राज्य के अंदर इतने बड़े स्तर पर केस दायर नहीं किए गए.
अरविंद केजरीवाल ने आगे बताया कि ये 28,000 केस फर्जी नहीं हैं. जब ये केस अदालत में गए और एफआईआर गई, तो इनमें से 88 फीसद मामलों में आरोपी को जेल हुई है और केस सफल हुए हैं. अगर ये फर्जी केस होते तो आरोपी छूट जाते, लेकिन जिन्हें पंजाब पुलिस पकड़ रही है, उन्हें सजा हो रही है. 100 केस पकड़े गए तो उनमें से 88 केस में कोर्ट से जेल हुई. अब तक लगभग 42,000 तस्करों को पकड़ा गया है. इतने बड़े स्तर पर किसी राज्य में कार्रवाई नहीं हुई.
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि पकड़े गए 42,000 तस्करों में से 350 ऐसे हैं जो बहुत बड़े स्मगलर हैं. ऐसा नहीं है कि केवल छोटों को पकड़ा गया, बड़ों को भी पकड़ा गया. लोगों ने अपने पिंड और इलाके में देखा होगा कि इन तस्करों ने जो बड़े-बड़े महल, बंगले, बिल्डिंग और दफ्तर बना रखे थे, “आप” की सरकार ने बुलडोजर चलाकर उनकी बिल्डिंगों को गिराया है. इससे लोगों को लगने लगा है कि पहली बार एक ऐसी सरकार आई है जो नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है. मीडिया में भी लाइव आया कि इनके खिलाफ कैसे जबरदस्त कार्रवाई हो रही है.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जो सबसे बड़ा तस्कर था, जिसका नाम पूरे पंजाब को पता था और जिसका नाम लेने से लोग, प्रशासन और बड़े-बड़े नेता कांपते थे, उसे पकड़कर “आप” सरकार ने जेल में डाल दिया. पहले उसका नाम लेने की किसी की हिम्मत नहीं थी, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार ने हिम्मत करके उसे जेल में डाल दिया. इससे लोगों का हौसला बढ़ा और लोग सामने आने लगे. जब हमने शुरुआत की थी तो सबसे बड़ा चौलेंज जनता का विश्वास जीतना था, क्योंकि लोग सोचते थे कि पार्टियां बड़ी बातें करती हैं पर कुछ होता नहीं है. लेकिन जब लोगों ने देखा कि तस्करों की कोठियों पर बुलडोजर चल रहे हैं और बड़े नेता पकड़े जा रहे हैं, तब उन्हें भरोसा हुआ.
अरविंद केजरीवाल ने एक किस्सा साझा करते हुए बताया कि एक दिन मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने पिंड में किसी लड़के को फोन लगाया और पूछा कि पिंड में नशा कौन बेचता है. उस लड़के ने बताया कि कौन व्यक्ति बेचता है, कहां बैठता है और कहां से नशा लाता है. इससे यह समझ में आया कि जनता को सब पता है कि नशा कौन बेचता है. इसी आधार पर आज फेज-2 की शुरुआत हुई है, जिसके तहत विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) बनाई गई हैं.
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि ये विलेज डिफेंस कमेटी पंजाब के ही लोग हैं. हर पिंड और वार्ड से 10, 15 या 20 ऐसे युवाओं और लोगों को इकट्ठा किया गया है जो अपने पंजाब को रंगला पंजाब बनाना चाहते हैं. अभी तक डेढ़ लाख वालंटियर्स इस विलेज डिफेंस कमेटी से जुड़ चुके हैं, जो कोई छोटी बात नहीं है. अब तक पुलिस और प्रशासन काम कर रहा था, लेकिन अब डेढ़ लाख वालंटियर्स मिलकर पंजाब को नशा मुक्त करेंगे. इन सभी की ट्रेनिंग हुई है और अब ये अपने पिंड में नशा बेचने वालों की जानकारी देंगे. सारी जानकारी को वीडीसी के लोग एकत्रित करेंगे.
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि वीडीसी के लोगों को एक ऐप दिया जाएगा और सबके फोन में यह ऐप डाला जाएगा. उस ऐप में लोग जानकारी देंगे कि उनके पिंड में कौन नशा बेच रहा है. जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा. पंजाब सरकार उन्हें कुछ नहीं होने देगी और हम सब मिलकर नशे को दूर करेंगे. लोग उस ऐप में बताएंगे कि नशा कौन बेच रहा है और वह कहां से नशा लाता है. यह सारी मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय में होगी. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि लोग जो जानकारी दे रहे हैं, उस पर कार्रवाई हो रही है या नहीं हो रही है.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ऐसा कतई नहीं होने दिया जाएगा कि किसी ने जानकारी दी और वहां लोकल लेवल पर पुलिस वाले ने मिलकर पैसे लेकर आरोपी को छुड़ा लिया. लोकल लेवल पर सेटिंग नहीं होने देंगे. अगर लोगों को यह भी पता है कि प्रशासन या पुलिस से कोई मिला हुआ है, तो उसकी भी जानकारी दें, उसे छोड़ेंगे नहीं. उसको भी पकड़कर जेल में डालेंगे. लोगों की एक-एक जानकारी पर एक्शन लिया जाएगा.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज विलेज डिफेंस कमेटी के जरिए डेढ़ लाख लोगों की टीम तैयार की जा रही है. एक मिस्ड कॉल नंबर जारी किया गया है. पंजाब के 3 करोड़ पंजाबी मिलकर पंजाब को ठीक करेंगे. जो बच्चे और युवा पंजाब को ठीक करना चाहते हैं, सामने आना चाहते हैं और विलेज डिफेंस कमेटी में शामिल होना चाहते हैं, वे इस नंबर पर मिस्ड कॉल दें. पंजाब सरकार की तरफ से कोई आकर उन्हें सारी ट्रेनिंग देगा.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम सब लोग मिलकर रंगला पंजाब बनाएंगे. इन डेढ़ लाख लोगों को हम पिंड दे पहरेदार बोल रहे हैं. जिन-जिन लोगों ने पिंड दे पहरेदार बनना है, वे इस नंबर पर मिस्ड कॉल दें. 13 फरवरी को इन 1.5 लाख पिंड दे पहरेदारों की एक शानदार बड़ी सभा की जाएगी. इसके अलावा, 10 जनवरी से 30 जनवरी के बीच 20 दिनों में पंजाब की हर गली, हर नुक्कड़ और हर पिंड में पदयात्रा निकाली जाएगी और पूरे पंजाब को इस मुहिम में शामिल किया जाएगा.
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि पंजाब में सबसे ज्यादा नशा पाकिस्तान से आता है. पाकिस्तान के बॉर्डर से ड्रोन आते हैं और ऊपर से पैकेट फेंक जाते हैं. नीचे तस्करों का आदमी पैकेट उठा लेता है और फिर आगे डिलीवर करता है. केंद्र सरकार ने जो एंटी-ड्रोन सिस्टम लगा रखे थे, वे पर्याप्त नहीं थे. हमारी पूरी 550 किलोमीटर की सीमा पाकिस्तान के साथ लगती है, जिस पर वे सिस्टम कम पड़ रहे थे.
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि पहली बार पंजाब की भगवंत मान सरकार ने सरकार के फंड से एंटी-ड्रोन सिस्टम खरीद लिया. हमने इंतजार नहीं किया कि केंद्र कब देगा. केंद्र जब देगा उसका स्वागत है, लेकिन जब तक केंद्र नहीं देता, हम ऐसे ही नहीं बैठे रह सकते और अपने बच्चों को खराब नहीं होने देंगे. पंजाब सरकार ने अपने पैसे से सिस्टम खरीदा है. अब अगर पाकिस्तान कोई ड्रोन भेजता है, तो हम उसे गिरा देते हैं, नशे को आगे बिकने नहीं देते और पंजाब के अंदर पहुंचने नहीं देते हैं.
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि विलेज डिफेंस कमेटी का दूसरा काम यह है कि जो बच्चे नशे में पड़ गए हैं, उनका इलाज भी कराना है. वीडीसी सदस्य अपने गांव में सबकी लिस्ट बनाएंगे. जो बच्चे अभी भी नशा करते हैं, उन्हें जाकर समझाएंगे, उनके साथ बैठेंगे और उन्हें रिहैब सेंटर या ओएसटी सेंटर, जहां ले जाने की जरूरत है, लेकर जाएंगे. जब हमारी सरकार बनी थी, तो इन सेंटर्स का बुरा हाल था, वहां मरीजों को जानवरों की तरह चेन से बांधकर रखा जाता था और कोई जाना नहीं चाहता था.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब सेंटर्स को बहुत शानदार कर दिया गया है. पहले 1500 बेड थे, अब 5000 बेड कर दिए गए हैं. वहां एयर कंडीशन, सीसीटीवी कैमरे, टीवी और अच्छे खाने का इंतजाम कर दिया गया है. अब पहले से बहुत ज्यादा मरीज आने लगे हैं और सबका भरोसा बना है कि अब अच्छा इलाज होता है. विलेज डिफेंस कमेटी के लोग गांव में नशा करने वालों का नशा छुड़ाएंगे, उनका इलाज कराएंगे और अपने गांव को नशा मुक्त करेंगे. हमें पंजाब के लोगों का सहयोग चाहिए. पुलिस और प्रशासन भी अब खूब मुस्तैदी से काम कर रहे हैं. हम पंजाब के 3 करोड़ लोगों के साथ मिलकर रंगला पंजाब बनाएंगे.
इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान का फेज-2 एक सामाजिक लड़ाई है. नशा एक सामाजिक समस्या है, जो केवल पुलिस के कहर से नहीं, बल्कि जन-आंदोलन से खत्म होगी. पुलिस तस्करों को पकड़ सकती है, लेकिन जब तक समाज के भीतर से लीकेज बंद नहीं होगी, तब तक यह समस्या जड़ से समाप्त नहीं होगी.
भगवंत मान ने पंजाब की जनता से अपील करते हुए कहा कि नशा करने वालों को मुजरिम न समझें, बल्कि उन्हें मरीज और पीड़ित मानें. उन्होंने कहा कि अक्सर सामाजिक डर और लोग क्या कहेंगे के कलंक के कारण परिवार बात छुपाते हैं. हमें ऐसे युवाओं को प्यार से समझाकर इलाज और पुनर्वास की दिशा में ले जाना होगा. पंजाब की “आप” सरकार इसमें पूरी मदद करेगी. उन्होंने कहा कि गलतियां इंसान से ही होती हैं, लेकिन उन्हें सुधारकर मुख्यधारा में लाया जा सकता है.
भगवंत मान ने विलेज डिफेंस कमेटियों (वीडीसी) की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि गांव के लोगों को सब पता होता है कि कौन नशा बेचता है और कौन इसका सेवन करता है. उन्होंने गांवों में सामुदायिक पहरा लगाने का आह्वान किया, ताकि बाहरी और संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा सके. उन्होंने कहा कि यह मुहिम तभी सफल होगी जब हर नागरिक एक पहरेदार की भूमिका निभाएगा.
भगवंत मान ने आगे कहा कि वीडीसी एक बहुत बड़ा पुण्य का काम कर रहे हैं. भविष्य में जब इतिहास लिखा जाएगा कि पंजाब ने खुद को नशे के दागों से कैसे मुक्त किया, तो उसमें इन सबका नाम पहरेदारों के तौर पर दर्ज किया जाएगा. उन्होंने एक शेर पढ़ते हुए कहा कि मंजिल के माथे पर उन्हीं के नाम की तख्ती लगती है, जो घर से अपने सफर का नक्शा बनाकर निकलते हैं. आज हम पंजाब के उज्ज्वल भविष्य का नक्शा बनाने आए हैं.
पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए भगवंत मान ने कहा कि पहले के नेता उपचुनावों और वोटों के लिए नशे के सौदागरों को संरक्षण देते थे. अकाली दल और कांग्रेस के पास पंजाब के लिए कोई विजन नहीं है. वे सिर्फ अपनी सत्ता की बारी का इंतजार कर रहे हैं ताकि फिर से लूट सकें. उन्होंने कहा कि पंजाब के खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं. गुजरात के बंदरगाहों पर टनों नशा पकड़ा जाता है लेकिन वहां कोई कार्रवाई नहीं होती, जबकि पंजाब अपने संसाधनों से खरीदे गए एंटी-ड्रोन सिस्टम के जरिए पाकिस्तान से ड्रोन से आ रहे नशे को पकड़ रहा है, फिर भी पंजाब को बदनाम किया जा रहा है.
भगवंत मान ने “आप” सरकार के आने के बाद नशा तस्करों पर हुई कार्रवाई के सामाजिक प्रभाव का जिक्र करते हुए लड्डू बांटने वाली घटना के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि जब पुलिस ने नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों और बहुमंजिला इमारतों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई शुरू की, तो कई जगहों से ऐसी तस्वीरें और वीडियो सामने आए जिनमें महिलाएं खुशी में लड्डू बांट रही थीं. लोगों ने राहत की सांस ली कि आखिरकार इन अपराधियों पर कार्रवाई हुई.
सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए भगवंत मान ने बताया कि अभी तक पंजाब में “आप” सरकार बने 4 साल भी नहीं हुए हैं, फिर भी सरकार ने अब तक योग्यता के आधार पर 61,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं. यह नौकरियां बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के दी गई हैं. शिक्षा के क्षेत्र में सुधार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों के बच्चे अब जेईई जैसी कठिन परीक्षाएं पास कर रहे हैं. राष्ट्रीय स्तर के सर्वे में पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में केरल को पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया है.
अंत में भगवंत मान ने विश्वास जताया कि जिस तरह ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के फेज-1 में सफलता मिली, उससे आधे समय में ही फेज-2 के लक्ष्य हासिल कर लिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई पंजाब की जवानी, किसानी और पानी को बचाने के लिए है और सरकार पंजाब के हकों के लिए संसद से लेकर सड़क तक हर जगह आवाज उठाएगी.
युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के दूसरे चरण की खास बातें
– इस मिशन का पहला चरण फरवरी 2025 में शुरू हुआ था.अब यह अभियान अपने निर्णायक और अहम चरण में प्रवेश कर चुका है.
– दूसरे चरण के अंतर्गत बुधवार को दोआबा की धरती से “पिंडां दे पहरेदार मुहिम” की शुरुआत की जा रही है.
– इस अभियान के तहत 10 से 25 जनवरी तक 15,000 गांवों और वार्डों में पदयात्राएं निकाली जाएंगी.
– पंजाब के लोगों को नशों के खिलाफ लड़ाई में अपने गांवों के स्वयं पहरेदार बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा.
– अभियान से जुड़ने के लिए मिस्ड कॉल नंबर भी लॉन्च किया गया है.
– पंजीकरण करने वालों से मुख्यमंत्री की टीम स्वयं संपर्क करेगी और उन्हें नशा विरोधी गतिविधियों से जोड़ेगी.
– ग्राम रक्षा समितियों के सदस्यों के लिए ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ मोबाइल एप लॉन्च किया गया है.
– इस एप के माध्यम से नशा गतिविधियों से जुड़ी जानकारी साझा की जा सकेगी.
– जानकारी देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी.
– नशा मुक्ति यात्रा की निरंतरता में जमीनी स्तर पर अभियान मजबूत करने के लिए ग्राम रक्षा समितियों का गठन किया गया.
– मात्र तीन महीनों में 1.5 लाख स्वयंसेवकों ने इन समितियों से जुड़कर अपने गांवों को नशामुक्त बनाने की शपथ ली.
– इससे पूरे राज्य में नशा नेटवर्क के खिलाफ जन-आंदोलन खड़ा हुआ.
– 6–7 नवंबर 2025 तक 50,000 से अधिक सदस्यों को विधानसभा क्षेत्र स्तर पर प्रशिक्षण दिया गया.
– सदस्यों की भूमिका और जिम्मेदारियां स्पष्ट की गईं. बेहतर समन्वय और सूचना साझा करने के लिए रिपोर्टिंग प्रोटोकॉल तय किए गए.
– सदस्यों को पहचान पत्र वितरित किए गए, जिससे उनकी विश्वसनीयता और जवाबदेही तय हुई.
– नशा मुक्ति यात्रा के तहत 15,000 से अधिक गांवों को कवर किया गया.
– लोगों को नशों की बुराइयों के प्रति जागरूक किया गया.
– गांवों ने अपने क्षेत्र में नशा तस्करी न होने देने की शपथ ली.
– सामाजिक रूप से अलग-थलग लोग भी अभियान से जुड़कर सक्रिय भागीदार बने.
– पंजाब को नशामुक्त बनाने की बहुआयामी रणनीति, नशे की सप्लाई लाइन तोड़ी गई.
– नशा कारोबार से जुड़े बड़े तस्करों को जेल भेजा गया. नशा पीड़ितों का इलाज और पुनर्वास किया गया.
– नशा तस्करों की संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई.
– 1 मार्च से 31 दिसंबर 2025 तक की कार्रवाई, एनडीपीएस एक्ट के तहत 29,352 केस दर्ज.
– 39,981 नशा तस्कर गिरफ्तार, 1,849 किलोग्राम हेरोइन बरामद, 28 टन पोस्ता भूसा जब्त, 15.25 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद.
– 358 बड़े तस्कर (2 किलो से अधिक हेरोइन मामलों में) गिरफ्तार.
– अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 490 ड्रोन गतिविधियां पकड़ी गईं, 252 ड्रोन बरामद.
– राज्य सरकार द्वारा 299 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त.
– अदालतों में 6,040 एनडीपीएस मामलों की सुनवाई, 5,317 में सजा – 88 फीसद दोषसिद्धि दर.
– मार्च से दिसंबर 2025 के बीच 50,433 जागरूकता बैठकें आयोजित.
नशा उपचार सुविधाओं का विस्तार
547 ओओएटी क्लीनिकों में 10.48 लाख से अधिक मरीज पंजीकृत.
– नशा उपचार और पुनर्वास के लिए 5,000 से अधिक बेड उपलब्ध.
– सभी सेवाएं पूरी तरह मुफ्त, निजी इलाज का खर्च भी सरकार वहन कर रही है.
डि-एडिक्शन और पुनर्वास केंद्रों का विवरण
– 36 सरकारी डि-एडिक्शन सेंटर.
– 19 सरकारी पुनर्वास केंद्र.
– 143 निजी डि-एडिक्शन सेंटर.
– 72 निजी पुनर्वास केंद्र.
– 55 पैनल में शामिल पुनर्वास केंद्र.
– 44 नर्सिंग कॉलेज और 11 मेडिकल कॉलेज.
डीडीआरपी पोर्टल
– रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए डीडीआरपी पोर्टल तैयार किया गया.
– सुरक्षित रिकॉर्ड-कीपिंग और आधार-आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन की सुविधा.
सरकारी केंद्रों में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी
सरकारी डि-एडिक्शन सेंटर, अगस्त 2025: 962 से 2,674 (177 फीसद वृद्धि).
– सितंबर 2025: 632 से 2,756 (336 फीसद वृद्धि).
सरकारी पुनर्वास केंद्र
– अगस्त 2025: 254 से 888 (249 फीसद वृद्धि).
– सितंबर 2025: 275 से 804 (192 फीसद से अधिक वृद्धि).
क्लीनिकों में मरीजों की बढ़ती संख्या
– सितंबर 2025 में 27.64 लाख मासिक विजिट, पिछले वर्ष की तुलना में 6.56 फीसद वृद्धि.
– एम्स दिल्ली में 24 मनोवैज्ञानिक मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित.
– 1,000 से अधिक मेडिकल अधिकारी प्रशिक्षित.
– 180 मनोवैज्ञानिकों की भर्ती प्रक्रिया जारी.
– 5 मेडिकल कॉलेज क्लस्टर रिसोर्स सेंटर घोषित.
पुनर्वास और रोजगार के लिए साझेदारी
– सन फाउंडेशन के साथ समझौता.
– नशा मुक्त हो चुके मरीजों को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और समाज में पुनर्वास के अवसर दिए जाएंगे.
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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा
पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।
आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।
कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।
श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।
रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।
वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”
कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”
विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”
श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।
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सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?
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RBI ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट 5.25% पर रखा, ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया। RBI के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा कीमतों में अनिश्चितता और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत अब भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग से आर्थिक विकास को सहारा मिल रहा है और अप्रैल-जून तिमाही का प्रदर्शन RBI के अनुमान से बेहतर रहा है।
तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए गवर्नर ने कहा कि सेवा क्षेत्र की मजबूती से शहरी खपत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और अल नीनो से जुड़े जोखिम अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से प्रमुख व्यापारिक मार्ग भी प्रभावित हो रहे हैं।
संजय मल्होत्रा ने कहा कि कच्चे तेल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई बढ़ सकती है। उनका अनुमान है कि तीसरी तिमाही में महंगाई अपने उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे कम होगी। उन्होंने कहा कि महंगाई पर सबसे अधिक असर खाद्य और ईंधन की कीमतों का है।
RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। वहीं, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।
गवर्नर ने बताया कि जून से बैंकिंग प्रणाली में औसत तरलता (Liquidity) 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि मजबूत बनी हुई है और पर्याप्त तरलता उपलब्ध है।
RBI ने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक व्यापार में सुस्ती, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता भारत के चालू खाते के घाटे पर दबाव डाल सकती है।
इस बीच रुपया भी लगातार दबाव में है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95 से 96 रुपये प्रति डॉलर के बीच कारोबार कर रहा है। महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेश की निकासी, बढ़ता व्यापार घाटा और मजबूत होता डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक रुपया करीब 7 फीसदी कमजोर हो चुका है, जबकि ईरान के साथ तनाव शुरू होने के बाद इसमें लगभग 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
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