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बादल परिवार को बचाने की बजाय, एसजीपीसी को 328 सरूपों के लापता होने के मामले में एसआईटी का सहयोग करना चाहिए: बलतेज पन्नू

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आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 सरूपों के लापता होने के गंभीर और बेहद संवेदनशील मुद्दे पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) और इसके अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी को घेरते हुए उन पर प्रभावशाली व्यक्तियों को जानबूझकर बचाने, हितों के टकराव और इंसाफ को भटकाने की बार-बार कोशिश करने के आरोप लगाए।

शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि जहां एसजीपीसी अध्यक्ष धामी दावा कर रहे हैं कि यह कार्रवाई “सिख मामलों में दखलअंदाजी” है, वहीं समूची सिख कौम जानती है कि यह मामला एसआईटी के पास सिर्फ इसकी गंभीरता और एसजीपीसी की ओर से ईमानदारी व पारदर्शिता से कार्रवाई करने में असफल रहने के कारण पहुंचा है।

पन्नू ने याद दिलाया कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी और मामले का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिए थे कि जांच सरकार द्वारा कराई जाए। अदालत के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की गई, काबिल अधिकारियों की भागीदारी वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया और अब पहली गिरफ्तारी हो चुकी है।

उन्होंने खुलासा किया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी सतिंदर सिंह कोहली (एस.एस. कोहली) एक चार्टर्ड अकाउंटेंट है, जिसने न सिर्फ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लिए काम किया है, बल्कि वह बादल परिवार का सीए भी रहा है और उनके कारोबारों को संभालता रहा है। पन्नू ने कहा कि सिर्फ यही तथ्य कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

वित्तीय अनियमितताओं के बारे में बलतेज पन्नू ने पूर्व अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह जी द्वारा जारी स्पष्टीकरण का हवाला दिया, जिन्होंने कहा था कि उन्होंने आदेश दिया था कि एस.एस. कोहली से जुड़ी फर्म को दिए गए पैसों का 75% हिस्सा वसूल किया जाए और वापस जमा कराया जाए। पन्नू ने इशारा किया कि आज तक वह पैसा एसजीपीसी के खाते में वापस जमा नहीं हुआ है। जबकि वह दावा कर रही है कि उसने मामला सिख गुरुद्वारा जुडिशियल कमीशन के पास ले जाया है।

पन्नू ने हितों के टकराव का एक अहम सवाल उठाया और कहा कि वही वकील, एडवोकेट सियालका, पैसों की वसूली के लिए एसजीपीसी की तरफ से पेश हो रहे हैं और साथ ही 328 सरूपों के मामले में आरोपी एस.एस. कोहली के बचाव पक्ष के वकील के तौर पर भी पेश हो रहे हैं।

उन्होंने सवाल किया कि क्या यह सीधे तौर पर हितों का टकराव नहीं है, या क्या यह जानबूझकर किया गया है? कोई एक वकील पैसों की वसूली के लिए एसजीपीसी का प्रतिनिधित्व कैसे कर सकता है और उसी समय श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 सरूपों के गायब होने के आरोपी का बचाव कैसे कर सकता है?

ज्ञानी हरप्रीत सिंह जी के बयान का और हवाला देते हुए पन्नू ने कहा कि पूर्व जत्थेदार ने स्पष्ट किया था कि कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गई थी, लेकिन एक हफ्ते के अंदर ही एसजीपीसी ने अपना प्रस्ताव बदल दिया और फैसला किया कि कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, सिर्फ इसलिए क्योंकि एस.एस. कोहली का नाम सामने आया था। उन्होंने कहा कि अगर ईशर सिंह रिपोर्ट में कोहली का नाम न आता तो कानूनी कार्रवाई तुरंत शुरू कर दी जानी थी।

पन्नू ने यह भी बताया कि सुखबीर बादल के निजी चैनल के एक पत्रकार के नाम पर एक होटल में कमरा बुक किया गया था, जहां से एस.एस. कोहली को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि यह सीधा सवाल खड़ा करता है कि इस व्यक्ति को कौन बचा रहा है?

धामी के इस दावे पर सख्त एतराज जताते हुए कि यह मुद्दा सिख मामलों में दखलअंदाजी है, पन्नू ने कहा कि जब कल गुरसिखों और विभिन्न सिख संगठनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, क्या वे सिख नहीं हैं? क्या वे श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में विश्वास नहीं रखते?

उन्होंने कहा कि सच्चाई और असलियत संगत और पूरी दुनिया के सामने आनी चाहिए। बलतेज पन्नू ने श्री अकाल तख्त साहिब के तत्कालीन कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह जी द्वारा दिए गए स्पष्ट लिखित निर्देशों और समय सीमा के बावजूद एसजीपीसी की ओर से अपना सैटेलाइट टीवी चैनल शुरू करने में असफल रहने का मुद्दा भी उठाया।

उन्होंने कहा कि एसजीपीसी ने अपना चैनल इसलिए लॉन्च नहीं किया क्योंकि बादल परिवार की मल्कियत वाले एक निजी चैनल पर लाइव टेलीकास्ट जारी है। इसकी बजाय, एसजीपीसी ने सिर्फ एक यूट्यूब चैनल बनाया और उस पर ‘एसजीपीसी’ लिख दिया, जबकि जत्थेदार के एक ‘फ्री-टू-एयर’ सैटेलाइट चैनल लॉन्च करने के स्पष्ट निर्देशों को नजरअंदाज कर दिया, ताकि गुरबाणी के ऑडियो और वीडियो को सभी चैनलों द्वारा मुफ्त में प्रसारित किया जा सके और किसी का एकाधिकार न रहे।

पन्नू ने कहा कि कार्यकारी जत्थेदार के आदेशों का पालन इसलिए नहीं किया गया क्योंकि मुनाफा सिर्फ एक चैनल द्वारा कमाया जा रहा था। उन्होंने आगे कहा कि सब कुछ एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमता है, जिसे बचाया जा रहा है ताकि उनका कारोबार जारी रहे और बड़े पैमाने पर बढ़े।

पन्नू ने आगे आरोप लगाया कि एक व्यक्ति को बचाने के लिए ईशर सिंह रिपोर्ट के आधार पर तैयार किए गए प्रस्ताव को, जिसमें दोषियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गई थी, जानबूझकर एक और प्रस्ताव पास करके रद्द कर दिया गया था कि कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए, सिर्फ इसलिए क्योंकि उसमें एस.एस. कोहली का नाम शामिल था।

उन्होंने चेतावनी दी कि एक व्यक्ति को इतनी आक्रामकता से क्यों बचाया जा रहा है? वह कौन से राज जानता है? किन होटलों में क्या-क्या हुआ, क्या प्रबंध किए गए, आने वाले दिनों में और खुलासे होने की उम्मीद है।

बलतेज पन्नू ने एसजीपीसी अध्यक्ष धामी से एसआईटी को पूरा सहयोग देने की अपील की, जिसने एक आरोपी को गिरफ्तार करके पहले ही बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी को सहयोग करना चाहिए ताकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 लापता सरूपों के बारे में सच्चाई सामने आ सके कि वे कहां हैं और कौन जिम्मेदार है।

उन्होंने मौजूदा जत्थेदार द्वारा जारी लिखित आदेशों का भी हवाला दिया, जिसमें एसजीपीसी को अपने स्टाफ और संसाधनों का उपयोग लापता सरूपों का पता लगाने के लिए करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह अपने आप में साबित करता है कि 328 सरूपों के ठिकाने के बारे में अभी भी कुछ पता नहीं है।

पन्नू ने कहा कि जहां धामी साहब बार-बार कह रहे हैं कि मामला पहले ही सुलझ गया था और यह सिर्फ गिनती की गलती थी, वहीं जत्थेदार साहब का लिखित आदेश स्पष्ट तौर पर कुछ और ही बयान करता है।

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Punjab हर जिले में 10 और 11 फरवरी को लगेंगे विशेष शिविर, निपटाई जाएंगी व्यापारियों की शिकायतें

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पंजाब में व्यापारियों से जुड़ी स्थानीय शिकायतों व अन्य मसलों का हल विशेष शिविरों के माध्यम से होगा। ये शिविर हर जिले में 10 व 11 फरवरी को लगाए जाएंगे। जिला व्यापार समितियों के अध्यक्ष इन शिविरों में उपस्थित रहेंगे और व्यापारियों की समस्याओं को सुनेंगे। जिन समस्याओं का समाधान मौके पर हो सकता है, उन्हें वहीं निपटाया जाएगा।

यह निर्णय पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को पंजाब भवन में पंजाब राज्य व्यापारी आयोग (पीएसटीसी) की एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया। बैठक का मकसद व्यापारी समुदाय के साथ संबंधों को और मजबूत करने, शिकायत निवारण व्यवस्था को बेहतर बनाने व जिला स्तर पर तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित था।

इस दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जिला व्यापार समिति के अध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापारियों से सक्रिय रूप से जुड़ें और जमीनी स्तर के मुद्दों पर फीडबैक लें। मंत्री ने कहा, विशेष शिविरों के दौरान जिला स्तर पर हल हो सकने वाले मुद्दों को व्यवस्थित रूप से दस्तावेजी रूप में दर्ज किया जाए और शीघ्र समाधान के लिए पंजाब राज्य व्यापारी आयोग को भेजा जाए।
चीमा ने कहा कि हमारा उद्देश्य एक मजबूत तीन स्तरीय व्यवस्था स्थापित करना है जो व्यापारी समुदाय को सीधे प्रशासन से जोड़ती है, ताकि पंजाब के प्रत्येक व्यापारी को समय पर सहायता मिल सके और उनकी चिंताओं का पता लगाकर उनका समाधान किया जा सके।

बैठक में पीएसटीसी के उप चेयरमैन अनिल ठाकुर, वित्तीय आयुक्त कराधान अजीत बालाजी जोशी और कराधान आयुक्त जतिंदर जोरवाल शामिल हुए। इस विचार-विमर्श के दौरान व्यापार समितियों के तकनीकी सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया। वित्तीय आयुक्त कराधान अजीत बालाजी जोशी और कराधान आयुक्त जतिंदर जोरवाल ने जीएसटी फाइलिंग से संबंधित प्रमुख तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी, जिसका उद्देश्य जिला समिति सदस्यों को नियामक आवश्यकताओं का पालन करने में व्यापारियों की सहायता के लिए आवश्यक जानकारी से लैस करना है।

इस पहल के पीछे व्यापक दृष्टिकोण को दोहराते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह तीन-स्तरीय व्यवस्था पंजाब में व्यापार के लिए एक सुगम और जवाबदेह वातावरण सृजित करने के लिए तैयार की गई है। उन्होंने कहा, इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य हर व्यापारी की मुश्किल सुनना और उस पर समय पर कार्रवाई करना सुनिश्चित बनाना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार जिला-स्तरीय पहुंच और राज्य स्तर पर मजबूत नीति के माध्यम से एक पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल माहौल सृजित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

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Punjab News: भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने श्री गुरु रविदास जी महाराज के 649वें प्रकाश पर्व पर वर्षभर चलने वाले राज्य स्तरीय समारोहों की शुरुआत की, 2027 में ऐतिहासिक 650वें प्रकाश पर्व की तैयारियों का हुआ आगाज़

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Punjab News: श्री गुरु रविदास महाराज जी के 649वें पावन प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में आज श्री खुरालगढ़ साहिब में प्रदेश स्तरीय समागम का शुभारंभ पूर्ण धार्मिक मर्यादा एवं उत्साह के साथ श्री अखंड साहिब जी के पाठ के आरंभ के साथ किया गया। यह भव्य समागम 6 फरवरी तक चलेगा तथा इसी दिन श्री अखंड साहिब जी के भोग डाले जाएंगे। समागम के अंतिम दिन मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत सिंह मान गुरु चरणों में हाजिरी लगाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं भाईचारे की कामना करेंगे।

संत समाज भी विशेष तौर पर मौजूद रहे

इस अवसर पर तप स्थान श्री खुरालगढ़ साहिब से संत केवल सिंह, प्रधान श्री गुरु साधु संप्रदाय सोसायटी पंजाब संत निर्मल दास जी जौड़े वाले, राष्ट्रीय अध्यक्ष आदि धर्म मिशन संत सतविंदर हीरा, संत दयाल नाथ समुंदड़ा, संत जगीर सिंह नंदाचौर, धाम चानण पुरी सहौड़ा से संत धर्मपाल, तग्गड़ बराड़ा से बलकार सिंह, शेरपुर ढक्कों से संत रमेश दास, गांव चेता से संत मनप्रीत दास, ढिंगरियाँ से संत बलवंत सिंह, पंडोरी लध्धां से सतनाम सिंह, बसी मरुफ़ से संत कुलदीप सिंह के अलावा अन्य संत समाज भी विशेष तौर पर मौजूद रहे।

आज कैबिनेट मंत्रीओं हरपाल सिंह चीमा, तरुनप्रीत सिंह सौंद, हरजोत सिंह बैंस, डॉ. रवजोत सिंह और लाल चंद कटारुचक्क के अलावा डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण रौड़ी, चेयरमैन एससी कमिशन जसवीर गढ़ी, विधायक डॉ. ईशांक कुमार, संस्कृति व पर्यटन विभाग के सलाहकार दीपक बाली व अन्य शख्सियतों ने गुरु चरणों में शीश नवाया।

गुरु चरणों में शीश नवाने उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए वित्त मंत्री पंजाब हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि वर्ष 2027 में श्री गुरु रविदास महाराज जी का 650वां प्रकाश पर्व ऐतिहासिक और भव्य स्तर पर मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने 649वें प्रकाश पर्व के अवसर पर 4 फरवरी से पूरे वर्ष चलने वाले समागमों की श्रृंखला आरंभ की है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी की महान शिक्षाएं सामाजिक समरसता, समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश देती हैं, जिन्हें जन-जन तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को गुरु जी के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं से परिचित करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गुरु महाराज जी की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है तथा इसके लिए विशेष कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं।

श्री गुरु रविदास जी महाराज का जीवन और उनकी शिक्षाएं समाज को समानता, भाईचारे, प्रेम और मानव कल्याण का संदेश देती हैं

डिप्टी स्पीकर पंजाब विधानसभा जय कृष्ण सिंह रौड़ी ने कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब का ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व अत्यंत विशाल है और यहां आयोजित समागम सामाजिक एकता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी महाराज का जीवन और उनकी शिक्षाएं समाज को समानता, भाईचारे, प्रेम और मानव कल्याण का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि खुरालगढ़ साहिब में आयोजित होने वाला यह प्रदेश स्तरीय समागम सामाजिक समरसता को और मजबूत करने का सशक्त माध्यम बनेगा।

कैबिनेट मंत्री तरूणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब न केवल पंजाब बल्कि समूचे देश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का महान केंद्र है। गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाएं समाज में समानता, प्रेम और सेवा की भावना को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने कहा कि इस पावन अवसर पर संगत की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में गुरु जी के 650वें प्रकाश पर्व को लेकर पंजाब सरकार पूरा साल समागमों की श्रृंखला चला रही है।

कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि गुरु रविदास महाराज जी का जीवन संघर्ष, तपस्या और मानव कल्याण का प्रतीक है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी ने समाज को जाति, भेदभाव और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करने का संदेश दिया। उनके विचार आज के समय में और भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने संगत से गुरु जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा कि पंजाब सरकार गुरु रविदास जी की शिक्षाओं के अनुरूप समाज में समरसता, भाईचारे और समान अवसरों को बढ़ावा देने के लिए संकल्पबद्ध है।

इस अवसर पर चेयरमैन पंजाब एससी कमीशन डॉ. जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाएं सामाजिक न्याय, समानता और मानव कल्याण की सशक्त प्रेरणा हैं। गुरु जी ने अपने जीवन और वाणी के माध्यम से समाज में व्याप्त भेदभाव, ऊंच-नीच और असमानता को समाप्त करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम सब गुरु रविदास जी के विचारों को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा अनुसूचित वर्गों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान हेतु विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की जा रही हैं। ऐसे समागम समाज में एकता, भाईचारे और सद्भाव को सुदृढ़ करते हैं।

गुरु जी के विचारों को अपनाकर ही एक समतामूलक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है

विधायक चब्बेवाल डॉ. ईशांक कुमार चब्बेवाल ने कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब की पावन धरती पर आयोजित यह प्रदेश स्तरीय समागम संगत के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है। गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाएं हमें सत्य, करुणा, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि गुरु जी के विचारों को अपनाकर ही एक समतामूलक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है। इस प्रकार के आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है, जो समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।

इस मौक़े पर अध्यक्ष एससी विंग पंजाब गुरप्रीत सिंह जी.पी., डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन, पर्यटन विभाग के डायरेक्टर संजीव तिवाड़ी, एसएसपी संदीप कुमार मलिक, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) निकास कुमार, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (सामान्य) अमरबीर कौर भुल्लर, नगर निगम कमिश्नर ज्योति बाला, एसडीएम मुकेरियां ओएशी मंडल, एसडीएम गढ़शंकर संजीव कुमार, एसडीएम दसूहा कंवलजीत सिंह, एसडीएम टांडा लवप्रीत सिंह, सहायक कमिश्नर परमप्रीत सिंह के अलावा अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने गुरु महाराज जी के चरणों में शीश नवाकर प्रदेश की शांति, खुशहाली और तरक्की की कामना की।

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भगवंत सिंह मान सरकार ने Punjab के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने हेतु निवेश अभियान को और तेज किया

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पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मुंबई में चल रहे निवेश रोडशो के दूसरे दिन को और अधिक गति प्रदान की. प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 के हिस्से के रूप में, राज्य ने युवाओं के लिए निवेश को रोजगार के अवसरों में बदलने पर विशेष जोर दिया. विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को मजबूत बनाने और उन्हें बड़े उद्योगों में परिवर्तित करने की रणनीतियां पेश की गईं. इन प्रयासों से पंजाब को युवा-केंद्रित औद्योगिक विकास और उद्यमिता-आधारित अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है.

प्रमुख उद्योगों के साथ उच्च-स्तरीय चर्चाएं

दिन की शुरुआत सनातन टेक्सटाइल और महिंद्रा ग्रुप जैसे प्रमुख कंपनियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकों से हुई. इनमें कपड़ा, ऑटोमोटिव, कृषि उपकरण, रक्षा उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण जैसे क्षेत्रों में संभावित निवेश पर गहन विचार-विमर्श किया गया. पंजाब के कुशल श्रमिकों, मजबूत औद्योगिक ढांचे और स्थिर नीतियों का लाभ उठाते हुए मौजूदा परियोजनाओं के विस्तार और नए निवेश की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित रहा.

सीएक्सओ राउंडटेबल: एमएसएमई को सशक्त बनाना
दिन का मुख्य आकर्षण सीएक्सओ राउंडटेबल रहा, जिसमें प्रमुख निजी इक्विटी फर्मों और वित्तीय संस्थाओं ने भाग लिया. बेयरिंग प्राइवेट इक्विटी इंडिया, जेएम फाइनेंशियल, एवेंडस वेल्थ मैनेजमेंट, नियो वेल्थ, ओकेएस एसेट मैनेजमेंट, अल्वारेज एंड मार्सल तथा थिंक लॉ जैसी संस्थाओं के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए.

बैठक में एमएसएमई को वैश्विक स्तर के बड़े उद्यमों में बदलने के लिए वित्तीय सहायता, पूंजी निवेश और रणनीतिक मार्गदर्शन पर चर्चा हुई. इन्वेस्ट पंजाब के सीईओ ने राज्य के सुधार-आधारित शासन, फास्टट्रैक सिंगल-विंडो सिस्टम और समयबद्ध अनुमतियों पर प्रस्तुति दी, जबकि निवेश प्रोत्साहन सचिव ने नीतिगत स्थिरता और निवेशक सुविधा की प्रतिबद्धता को उजागर किया. सत्र इंटरैक्टिव चर्चा और नेटवर्किंग लंच के साथ समाप्त हुआ.

लॉजिस्टिक्स और अन्य क्षेत्रों में साझेदारियांरा
राउंडटेबल के बाद, प्रतिनिधिमंडल ने यूएई की डीपी वर्ल्ड के साथ लॉजिस्टिक्स, रेल-कनेक्टेड टर्मिनलों और बहुविध परिवहन ढांचे पर बातचीत की, ताकि पंजाब की निर्यात क्षमता बढ़ाई जा सके. इसके अलावा एवेन्यू सुपरमार्ट्स, यूपीएल लिमिटेड और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स मैनेजमेंट के साथ संगठित खुदरा, कृषि इनपुट, खाद्य प्रणाली तथा खेल शिक्षा जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ. इन चर्चाओं ने विनिर्माण, सेवाएं, कृषि-व्यापार और उभरते उद्योगों में पंजाब की विविध संभावनाओं को सामने लाया.

निवेश इंडिया की भागीदारी और भविष्य की योजनाएं
इन्वेस्ट इंडिया के प्रतिनिधि ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जो राज्य में घरेलू व वैश्विक निवेश को बढ़ावा देने में सहायक होगा. मुंबई रोडशो निवेशकों और उद्योग जगत के लिए मजबूत मंच साबित हो रहा है, जहां उन्हें 2026 सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण दिया गया. ये प्रयास पंजाब को स्थिर, निवेश-अनुकूल वातावरण में व्यवसाय विस्तार, अनुसंधान और वैश्विक बाजार एकीकरण के लिए तैयार दिखाते हैं.

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