Punjab
Punjab News: मान सरकार का “रंगला पंजाब अब ‘स्वच्छ पंजाब’ भी: देश के टॉप राज्यों में हुआ शामिल
Punjab News: पंजाब ने वर्ष 2025 के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में सराहनीय प्रदर्शन किया है। भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा कराए गए स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर निगम बठिंडा ने स्वच्छ शहर का पुरस्कार प्राप्त किया है। इसी प्रकार 25 यू.एल.बीज़ को कूड़ा मुक्त स्टार-1, 01 यू.एल.बी को कूड़ा मुक्त स्टार-3, 46 यू.एल.बीज़ को वाटर+ के रूप में, 53 यू.एल.बीज़ को ओडीएफ++ के रूप में, 43 यू.एल.बीज़ को ओडीएफ+ के रूप में तथा 22 यू.एल.बीज़ को ओडीएफ के रूप में प्रमाणित किया गया है।
पंजाब ने राज्य की विरासत (लीगेसी) ठोस अपशिष्ट के निपटारे के अंतर्गत 131 यू.एल.बीज़ में पुराने कचरे का प्रबंधन किया है
पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा चालू वर्ष के दौरान स्थानीय सरकार विभाग की ओर से की गई पहलों का विवरण देते हुए बताया कि पंजाब ने राज्य की विरासत (लीगेसी) ठोस अपशिष्ट के निपटारे के अंतर्गत 131 यू.एल.बीज़ में पुराने कचरे का प्रबंधन किया है। इसके तहत कुल 84.09 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे में से 40.78 लाख मीट्रिक टन का निपटारा पहले ही किया जा चुका है, जबकि शेष 43.31 लाख मीट्रिक टन ठोस अपशिष्ट (35 यू.एल.बीज़) का निपटारा अप्रैल 2027 तक करने की योजना तैयार की गई है।
डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान ताजा ठोस अपशिष्ट के प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसके तहत यू.एल.बीज़ द्वारा घर-घर से कचरा संग्रहण, स्रोत पर पृथक्करण तथा प्रोसेसिंग को बेहतर बनाया गया। उन्होंने बताया कि कुल 4008 टीपीडी ठोस अपशिष्ट में से 3243 टीपीडी (81 प्रतिशत) गीले कचरे को खाद और बायो-मीथेनाइजेशन के माध्यम से तथा सूखे कचरे को चैनलाइजेशन द्वारा प्रोसेस किया जा रहा है, जिसे कबाड़ डीलरों और कचरा संग्रहकर्ताओं द्वारा पुनर्चक्रित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कचरा संग्रहण एवं परिवहन के लिए 9812 ट्राइसाइकिल और 3162 यांत्रिक वाहन तैनात किए गए हैं। कचरे की प्रोसेसिंग हेतु 8436 कंपोस्ट पिट (एरोबिक हनीकॉम्ब) तथा 276 मटीरियल रिकवरी फैसिलिटीज़ स्थापित की गई हैं।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि स्मार्ट सिटीज़ मिशन के तहत लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और सुल्तानपुर लोधी के विभिन्न प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं। लुधियाना स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत 769.18 करोड़ रुपये के 71 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं, जबकि 138.05 करोड़ रुपये के 08 प्रोजेक्ट विकासाधीन हैं। अमृतसर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 580 करोड़ रुपये के 19 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं तथा 245 करोड़ रुपये के 10 प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं। इसी प्रकार जालंधर स्मार्ट सिटी के 771.57 करोड़ रुपये के 56 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं और 162.88 करोड़ रुपये के 04 प्रोजेक्ट विकासाधीन हैं। सुल्तानपुर लोधी स्मार्ट सिटी के अंतर्गत 29.57 करोड़ रुपये के 06 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं तथा 136.28 करोड़ रुपये के 14 प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं। इसके अतिरिक्त मार्च 2022 से पंजाब सरकार द्वारा पी.आई.डी.बी के माध्यम से उपलब्ध कराए गए फंड से 166 यू.एल.बीज़ में 850 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे के कार्य किए गए हैं। साथ ही एम.सी. फंडों से 166 यू.एल.बीज़ में 1700 करोड़ रुपये के विकास कार्य तथा 05 नगर निगमों एवं 49 नगर परिषदों में 450 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए हैं।
1200 पुराने डीज़ल ऑटो रिक्शों को नए इलेक्ट्रिक ऑटो से बदला गया है
डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि पवित्र शहर अमृतसर में वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से ऑटो-रिक्शा पुनर्जीवन (RAAHI) योजना के तहत 1200 पुराने डीज़ल ऑटो रिक्शों को नए इलेक्ट्रिक ऑटो से बदला गया है। इसके अतिरिक्त महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए महिला लाभार्थियों को 90 प्रतिशत सब्सिडी पर 200 पिंक ई-ऑटो भी प्रदान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के बड़े शहरों में शून्य उत्सर्जन के साथ कुशल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए अमृतसर (100), जालंधर (97), लुधियाना (100), पटियाला (50) तथा एस.ए.एस. नगर (मोहाली) क्लस्टर (100) के लिए कुल 447 ई-बसें खरीदी जा रही हैं, जिससे सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सुधार होगा और निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी।
डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि स्थानीय सरकार विभाग द्वारा सेवाओं की डोर-स्टेप डिलीवरी सफलतापूर्वक शुरू की गई है, जिससे नागरिकों की सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि प्रमुख नगर निगम सेवाओं को सरकारी कार्यालयों में गए बिना सुलभ बनाया गया है।
स्थानीय निकाय मंत्री ने आगे बताया कि 16 अमृत कस्बों और सुल्तानपुर लोधी के लिए जल आपूर्ति एवं सीवरेज नेटवर्क का जीआईएस-आधारित डिजिटलीकरण कार्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि ‘पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (SASCI) 2024-25’ योजना के अंतर्गत 32 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही 103 यू.एल.बीज़ के लिए सीवरेज मैपिंग तथा 105 यू.एल.बीज़ के लिए जल आपूर्ति मैपिंग को अंतिम रूप दे दिया गया है।
Punjab
आप पंजाब ने पंजाब के विधायकों पर “भेड़-बकरी” वाली टिप्पणी के लिए भाजपा की निंदा की, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की माफी की मांग
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने सोशल मीडिया पर भाजपा नेता द्वारा पंजाब के चुने हुए विधायकों की तुलना “भेड़-बकरियों” से करने वाली विवादित टिप्पणी की सख्त शब्दों में निंदा की। आप नेताओं ने इस बयान को न केवल चुने हुए प्रतिनिधियों का बल्कि पंजाब के लगभग तीन करोड़ लोगों के लोकतांत्रिक जनादेश का भी घोर अपमान बताया है।
आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि आप के सभी विधायक और मंत्री पार्टी लीडरशिप और पंजाब के लोगों के साथ एकजुट हैं। हाल के गुमराह करने वाली मुहिम का जिक्र करते हुए, धालीवाल ने कहा कि आप विधायक मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ दिल्ली गए थे ताकि सरकार के काम के लिए अपनी एकता और समर्थन की पुष्टि की है। उन्होंने भाजपा नेता के ट्वीट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे “शर्मनाक, अपमानजनक और लोगों के चुने हुए प्रतिनिधियों की गरिमा का अपमान” बताया।
धालीवाल ने ऐलान किया कि ‘आप’ इस तरह की भद्दी भाषा के इस्तेमाल के विरुद्ध पंजाब विधानसभा के स्पीकर के पास आधिकारिक शिकायत करेगी। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की टिप्पणियां भाजपा की पंजाब विरोधी सोच को दिखाते हैं और चेतावनी दी कि पंजाब के लोग इस तरह के घमंड का मुंहतोड़ जवाब देंगे।
धालीवाल ने दावा किया कि पंजाब के लोग भाजपा के राजनीतिक दबदबे को चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीत के अभियान को पूरी तरह से रोकेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाबी भाजपा के घमंड और पंजाब विरोधी सोच के खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे और चेतावनी दी कि आने वाले चुनावों में पार्टी को कड़ा राजनीतिक सबक सिखाया जाएगा।
धालीवाल ने कहा कि पंजाब का इतिहास अन्याय के खिलाफ लड़ने का रहा है और वह एक बार फिर भाजपा को हराने और देशभर में एक स्पष्ट संदेश देने के लिए एकजुट होगा।
मंत्री अमन अरोड़ा ने भी इस बयान की निंदा करते हुए कहा, “भाजपा का पंजाब के चुने हुए विधायकों की तुलना पशुओं से करना बिल्कुल शर्मनाक है। आप सिर्फ नेताओं का ही अपमान नहीं कर रहे हैं, बल्कि तीन करोड़ पंजाबियों के लोकतांत्रिक जनादेश का अपमान कर रहे हैं।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तुरंत माफी मांगने की मांग की।
पंजाब की मंत्री बलजीत कौर ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों को “भेड़-बकरी” कहकर भाजपा ने पंजाब की पूरी आबादी का अपमान किया है। उन्होंने कहा, “पंजाबी इस घमंड को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे,” और पीएम मोदी से बिना किसी देरी के माफी मांगने की अपील की।
इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए, विधायक हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि यह टिप्पणी भाजपा की पंजाब विरोधी सोच को उजागर करती है और यह तीन करोड़ पंजाबियों का सीधा अपमान है। कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने आगे कहा कि ऐसी भाषा भाजपा की “घटिया सोच” को दिखाती है और कहा कि पंजाबी इस तरह की बेअदबी को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
डॉ. बलबीर सिंह, रवजोत सिंह, मोहिंदर भगत, लाल चंद कटारूचक, गुरमीत सिंह खुडियां और बरिंदर कुमार गोयल सहित कई अन्य मंत्रियों ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर टिप्पणी की निंदा की और जवाबदेही की मांग की।
आप पंजाब ने दोहराया कि चुने हुए प्रतिनिधियों का अपमान करना पंजाब के लोगों का अपमान करने जैसा है और भाजपा को भविष्य में ऐसे बयान न देने की चेतावनी दी। पार्टी ने कहा कि वह राजनीतिक हमलों की परवाह किए बिना एकजुट हैं और लोगों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
Punjab
आप पंजाब ने पंजाब के विधायकों पर “भेड़-बकरी” वाली टिप्पणी के लिए भाजपा की निंदा की, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की माफी की मांग
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने सोशल मीडिया पर भाजपा नेता द्वारा पंजाब के चुने हुए विधायकों की तुलना “भेड़-बकरियों” से करने वाली विवादित टिप्पणी की सख्त शब्दों में निंदा की। आप नेताओं ने इस बयान को न केवल चुने हुए प्रतिनिधियों का बल्कि पंजाब के लगभग तीन करोड़ लोगों के लोकतांत्रिक जनादेश का भी घोर अपमान बताया है।
आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि आप के सभी विधायक और मंत्री पार्टी लीडरशिप और पंजाब के लोगों के साथ एकजुट हैं। हाल के गुमराह करने वाली मुहिम का जिक्र करते हुए, धालीवाल ने कहा कि आप विधायक मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ दिल्ली गए थे ताकि सरकार के काम के लिए अपनी एकता और समर्थन की पुष्टि की है। उन्होंने भाजपा नेता के ट्वीट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे “शर्मनाक, अपमानजनक और लोगों के चुने हुए प्रतिनिधियों की गरिमा का अपमान” बताया।
धालीवाल ने ऐलान किया कि ‘आप’ इस तरह की भद्दी भाषा के इस्तेमाल के विरुद्ध पंजाब विधानसभा के स्पीकर के पास आधिकारिक शिकायत करेगी। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की टिप्पणियां भाजपा की पंजाब विरोधी सोच को दिखाते हैं और चेतावनी दी कि पंजाब के लोग इस तरह के घमंड का मुंहतोड़ जवाब देंगे।
धालीवाल ने दावा किया कि पंजाब के लोग भाजपा के राजनीतिक दबदबे को चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीत के अभियान को पूरी तरह से रोकेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाबी भाजपा के घमंड और पंजाब विरोधी सोच के खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे और चेतावनी दी कि आने वाले चुनावों में पार्टी को कड़ा राजनीतिक सबक सिखाया जाएगा।
धालीवाल ने कहा कि पंजाब का इतिहास अन्याय के खिलाफ लड़ने का रहा है और वह एक बार फिर भाजपा को हराने और देशभर में एक स्पष्ट संदेश देने के लिए एकजुट होगा।
मंत्री अमन अरोड़ा ने भी इस बयान की निंदा करते हुए कहा, “भाजपा का पंजाब के चुने हुए विधायकों की तुलना पशुओं से करना बिल्कुल शर्मनाक है। आप सिर्फ नेताओं का ही अपमान नहीं कर रहे हैं, बल्कि तीन करोड़ पंजाबियों के लोकतांत्रिक जनादेश का अपमान कर रहे हैं।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तुरंत माफी मांगने की मांग की।
पंजाब की मंत्री बलजीत कौर ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों को “भेड़-बकरी” कहकर भाजपा ने पंजाब की पूरी आबादी का अपमान किया है। उन्होंने कहा, “पंजाबी इस घमंड को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे,” और पीएम मोदी से बिना किसी देरी के माफी मांगने की अपील की।
इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए, विधायक हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि यह टिप्पणी भाजपा की पंजाब विरोधी सोच को उजागर करती है और यह तीन करोड़ पंजाबियों का सीधा अपमान है। कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने आगे कहा कि ऐसी भाषा भाजपा की “घटिया सोच” को दिखाती है और कहा कि पंजाबी इस तरह की बेअदबी को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
डॉ. बलबीर सिंह, रवजोत सिंह, मोहिंदर भगत, लाल चंद कटारूचक, गुरमीत सिंह खुडियां और बरिंदर कुमार गोयल सहित कई अन्य मंत्रियों ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर टिप्पणी की निंदा की और जवाबदेही की मांग की।
आप पंजाब ने दोहराया कि चुने हुए प्रतिनिधियों का अपमान करना पंजाब के लोगों का अपमान करने जैसा है और भाजपा को भविष्य में ऐसे बयान न देने की चेतावनी दी। पार्टी ने कहा कि वह राजनीतिक हमलों की परवाह किए बिना एकजुट हैं और लोगों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
National
पंजाब में बेअदबी विरोधी कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री आनंदपुर साहिब से ‘शुक्राना यात्रा’ का किया नेतृत्व
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद पूरे उत्साह के साथ ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू की। कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस की मौजूदगी में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह यात्रा परमात्मा का शुक्राना करने के लिए की जा रही है, जिसने उन्हें बेअदबी के मामलों में सख्त सजा की व्यवस्था करने वाला जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) एक्ट 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का अवसर बख्शा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जिस पवित्र धरती पर खालसा पंथ प्रकट हुआ था, उससे ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू हुई है। बेअदबी रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की पवित्र जिम्मेदारी हमें बख्शने के लिए गुरु साहिब के चरणों में शुक्राना किया जा रहा है। पंजाब की शांति और ‘सर्बत्त के भला’ के लिए अरदासें जारी रहेंगी।”
पवित्र तख्त साहिब में माथा टेकते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मेरा रोम-रोम परमात्मा का ऋणी है कि उसने मुझे जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) एक्ट 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का अवसर बख्शा। हम भाग्यशाली हैं कि हमें इस ऐतिहासिक कानून को पास करने की जिम्मेदारी मिली, जो भविष्य में बेअदबी की घटनाओं को खत्म करने में मददगार होगा।”उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी एक गहरी साजिश का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य पंजाब की शांति, भाईचारक साझ और एकता को तोड़ना था। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह एक्ट यह सुनिश्चित करता है कि इस अक्षम्य अपराध के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को माफ नहीं किया जाएगा और इस घिनौने अपराध के दोषियों को अनुकरणीय सजा दी जाएगी। यह कानून निवारक के रूप में काम करेगा और भविष्य में कोई भी ऐसा गुनाह करने की हिम्मत नहीं करेगा।”
सिखों की श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के साथ आध्यात्मिक साझ पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता के समान हैं और इसकी पवित्रता की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। दुनिया भर के लोग इस ऐतिहासिक कदम पर खुशी प्रकट कर रहे हैं और धन्यवाद कर रहे हैं।” शुक्राना यात्रा के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब के बाद वे 9 मई तक तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, श्री दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में नतमस्तक होंगे। उन्होंने अत्यधिक गर्मी के बावजूद यहां एकत्रित हुए लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि “इस यात्रा का एकमात्र मंतव्य इस महत्वपूर्ण एक्ट को पास करने के लिए ताकत और बख्शने के लिए परमात्मा का शुक्राना करना है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम तो एक माध्यम हैं, जिसे गुरु साहिब ने यह पवित्र जिम्मेदारी निभाने के लिए चुना है। मैं इस एक्ट को पास करने वाला कोई नहीं हूं। गुरु साहिब ने खुद यह सेवा मुझसे ली है। परमात्मा ऐसी सेवा सिर्फ उन्हीं को सौंपता है, जिन्हें उसने खुद चुना होता है। मैं गुरु साहिब का एक विनम्र सेवक हूं, जिसे यह कार्य सौंपा गया है।” उन्होंने आगे कहा कि समाज के सभी वर्गों के लोग लंबे समय से बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे कानून की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस एक्ट का एकमात्र उद्देश्य पिछली सरकारों की लापरवाही के कारण लोगों की अशांत हुई भावनाओं को शांत करना है। इस कानून के पीछे कोई भी राजनीतिक मंतव्य नहीं है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दुनिया भर के लोग इस पहल के लिए हमारा धन्यवाद करने के लिए रोजाना फोन कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्ति इस एक्ट का विरोध सिर्फ इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनके राजनीतिक आका नाखुश हैं। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग अपने निजी हितों के लिए इस पवित्र मुद्दे पर भी राजनीति कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि उन्हें जल्दी अपने गुनाहों के नतीजे भुगतने पड़ेंगे।” लोकसभा सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के साथ मिलकर छोटे साहिबजादों को उनके शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि देने के मामले की सदन में सफलतापूर्वक पैरवी की थी। उन्होंने कहा कि पूरा पंजाब उस समय को शोक के महीने के रूप में मनाता है क्योंकि छोटे साहिबजादों को जालिम शासकों ने जिंदा नींव में चिनवा दिया था। मुझसे पहले 190 से अधिक सांसदों ने पंजाब का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन उनमें से किसी ने भी संसद में यह मुद्दा नहीं उठाया।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे साहिबजादों की शहादत आने वाली पीढ़ियों को अत्याचार, बेइंसाफी और दमन के खिलाफ जूझने के लिए प्रेरित करती रहेगी। श्री आनंदपुर साहिब के ऐतिहासिक महत्व का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “इस पवित्र धरती पर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने 13 अप्रैल 1699 को खालसा पंथ प्रकट किया था, जो इतिहास को नया मोड़ देने वाली घटना थी। इसी दिन हमारी सरकार ने बेअदबी के खिलाफ ऐतिहासिक कानून पास किया है।”मुख्यमंत्री ने यह भी चेताया कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350 साला शहीदी दिवस के अवसर पर पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र श्री आनंदपुर साहिब में बुलाया गया। उन्होंने कहा कि इतिहास में यह पहला अवसर है, जब पंजाब विधानसभा गुरु साहिब के चरणों में नतमस्तक हुई। इस विशेष सत्र के दौरान विधानसभा ने अमृतसर, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया।”
पंजाब में सिखी के आध्यात्मिक महत्व को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सिखों के पांच तख्तों में से तीन – श्री अकाल तख्त साहिब (अमृतसर), श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो) और तख्त श्री केसगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) – पंजाब में पड़ते हैं। उन्होंने कहा, “लोगों की लंबे समय से लटकती मांग को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने इन शहरों को पवित्र शहर का दर्जा दिया है। इन शहरों के समग्र विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी और इस कार्य के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है।”
यात्रा के दौरान कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और कई अन्य हस्तियां भी मौजूद थीं।
-
Religious2 years agoकब है तुलसी विवाह? इस दिन तुलसी माता का विवाह करने से मिलेगा लाभ
-
Religious2 years agoजानिए गोवर्धन पूजा का महत्व, कौनसा समय रहेगा पूजा के लिए सही
-
Religious2 years agoआखिर क्यों लिखा जाता है घर के बाहर शुभ लाभ, जानिए क्या है इन चिह्न का मतलब
-
Religious2 years agoपैरों के निशान, बनावट, रंग, साइज से पता लागए की आप कितने है भागयशाली
-
Punjab2 years agoपंजाब में अमरूद के बगीचे के मुआवजे के घोटाले में ED ने 26 स्थानों पर छापे मारे
-
Chandigarh2 years agoChandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?
-
Punjab2 years agoLudhiana में पुलिस स्टेशन के पास शव मिला। एक आदमी सड़क के बीच में पड़ा था; पास में कपड़ों से भरा एक बोरे भी मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी
-
Religious2 years agoजानिए दीपावली में वाले दिन आखिर कितने जलाने चाहिए दीये ? और क्यों जलाने चाहिए दिये |