Punjab
आने वाले वर्षों में पंजाब बनेगा विमानन उद्योग का केंद्र: CM Bhagwant Mann
Punjab News: पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि आने वाले समय में पंजाब विमानन क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा, क्योंकि राज्य सरकार विमानन उद्योग की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को किफायती और विश्वस्तरीय प्रशिक्षण देकर उनके सपनों को उड़ान देने के लिए बड़े प्रयास कर रही है।

आज यहां ट्रेनी पायलटों और एयरक्राफ्ट इंजीनियरों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस प्रतिष्ठित संस्था से प्रशिक्षण ले रहे सभी विद्यार्थियों से संवाद करने पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि पटियाला फ्लाइंग क्लब में 32 ट्रेनी पायलटों और पटियाला एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कॉलेज के 72 विद्यार्थियों के साथ विचार-विमर्श सत्र में शामिल होकर उन्हें बेहद खुशी हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 32 ट्रेनी पायलटों में से अधिकांश अपने परिवार की पहली पीढ़ी हैं जो विमानन क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि निजी संस्थानों में कमर्शियल पायलट बनने के लिए जहां 40 से 45 लाख रुपये तक खर्च आता है, वहीं पटियाला फ्लाइंग क्लब में लगभग 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है, जिससे फीस घटकर 22 से 25 लाख रुपये रह जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फीस में लगभग 20 लाख रुपये की कटौती से अब दुकानदारों, शिक्षकों, किसानों, क्लर्कों और सामान्य परिवारों के युवा भी पायलट बनने का सपना देख सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पटियाला एविएशन कॉम्प्लेक्स में 7 करोड़ रुपये की लागत से एक ‘एविएशन म्यूज़ियम’ स्थापित किया जा रहा है। इस संग्रहालय में मिग विमान, दूसरी पीढ़ी के हेलीकॉप्टर, सिमुलेटर और विमानन विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों और आम जनता को महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। इसका उद्देश्य स्कूली छात्रों और युवाओं को विमानन क्षेत्र के लिए प्रेरित करना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नागरिक उड्डयन विभाग की नई वेबसाइट dca.punjab.gov.in भी लॉन्च की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पटियाला स्टेट एविएशन काउंसिल, पंजाब का उद्देश्य हर बच्चे को आसमान में उड़ान भरने का सपना पूरा करने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि दशकों तक पायलट प्रशिक्षण केवल बहुत अमीर लोगों तक सीमित था, लेकिन सरकार की सहायता और सब्सिडी से पटियाला फ्लाइंग क्लब के माध्यम से इन बाधाओं को समाप्त किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पटियाला फ्लाइंग क्लब की स्थापना वर्ष 1965 में हुई थी और यह 253 एकड़ में फैला हुआ है, जिससे यह भारत के सबसे बड़े विमानन प्रशिक्षण परिसरों में से एक बन गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटियाला फ्लाइंग क्लब देश में सातवें स्थान पर है और वर्तमान में क्लब सात प्रशिक्षण विमान संचालित करता है, जिनमें पांच सिंगल-इंजन विमान, दो मल्टी-इंजन विमान और एक टेकनाम पी2006टी शामिल है, जिसे इटली से 5 करोड़ रुपये में खरीदा गया है। उन्होंने बताया कि यहां पटियाला एयरफील्ड पर नाइट लैंडिंग की सुविधा और अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रशिक्षण का अनुभव भी प्रदान किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विमानन क्षेत्र में करियर केवल पायलट बनने तक सीमित नहीं है। कई विद्यार्थी इस क्षेत्र में काम करना चाहते हैं, लेकिन पायलट बनना जरूरी नहीं होता। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पटियाला एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (AME) कॉलेज में किफायती तकनीकी शिक्षा प्रदान कर रही है, जो भारत के सबसे किफायती AME और बीएससी (ऑनर्स) कार्यक्रम संचालित करता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 3 वर्षीय बीएससी (ऑनर्स) और 3 वर्षीय DGCA-मान्यता प्राप्त AME कार्यक्रम की कुल फीस केवल 3 लाख रुपये है, जबकि अन्य राज्यों में इसी कोर्स की फीस 5 से 8 लाख रुपये तक है। उन्होंने कहा कि 33 प्रतिशत सीटें एससी और बीसी विद्यार्थियों के लिए आरक्षित हैं, ताकि सामान्य परिवारों के बच्चों को भी इस क्षेत्र में अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि पटियाला फ्लाइंग क्लब और कॉलेज से प्रशिक्षित 4,000 से अधिक पेशेवर आज बड़ी कंपनियों में कार्यरत हैं, जिन्हें औसतन 1.5 लाख रुपये मासिक शुरुआती वेतन मिल रहा है।
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उन्होंने बताया कि इंडिगो, एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, स्पाइसजेट जैसी प्रमुख एयरलाइंस, टेकनाम, बोइंग और वीएसआर एविएशन जैसी जनरल एविएशन कंपनियां, चार्टर कंपनियां, एमआरओ संस्थान और अन्य फ्लाइंग क्लब इन विद्यार्थियों को रोजगार प्रदान कर रहे हैं, जहां वे फ्लाइट इंस्ट्रक्टर के रूप में भी कार्य करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से प्रगतिशील और खुशहाल पंजाब का निर्माण समय की आवश्यकता है।
Punjab: शक्ति हेल्पडेस्क से बच्चों को सुरक्षा, स्कूलों में चला मान सरकार का जागरूकता अभियान
विद्यार्थियों को उज्ज्वल और खुशहाल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि वे आने वाले समय में जीवन की नई ऊंचाइयों को छुएंगे। उन्होंने युवाओं से जमीन से जुड़े रहने और कड़ी मेहनत में विश्वास रखने की अपील की, क्योंकि यही सफलता की एकमात्र कुंजी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस धरती पर प्रगति और समृद्धि की अपार संभावनाएं हैं और युवाओं को अपनी अलग पहचान बनाने तथा समाज में अपनी छाप छोड़ने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
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अमृतसर सीमा के पास 27 किलो हेरोइन बरामद, BSF और पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता मिली है। अमृतसर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन के दौरान 27 किलो हेरोइन की बड़ी खेप बरामद की है।
मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी कि पाकिस्तान में बैठे तस्करों ने ड्रोन की मदद से अमृतसर के घरिंडा क्षेत्र में नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप भेजी है। सूचना मिलते ही बीएसएफ और पंजाब पुलिस की टीमें सक्रिय हो गईं और सीमावर्ती इलाके में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया।
तलाशी के दौरान पुल मोरां के पास संदिग्ध स्थान की घेराबंदी कर जांच की गई, जहां से 27 किलो हेरोइन बरामद हुई। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई के साथ सीमा पार से नशा तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया गया है।
सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह खेप किसके लिए भेजी गई थी और इस नेटवर्क से जुड़े स्थानीय तस्कर कौन हैं। साथ ही ड्रोन के जरिए नशे की तस्करी करने वाले सीमा पार बैठे तस्करों के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि इससे दो दिन पहले भी अमृतसर के अजनाला-रामदास क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने हथियार तस्करी के एक बड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। उस कार्रवाई के दौरान 25 पिस्तौल, एक AK-47 राइफल, 360 जिंदा कारतूस, 47 मैगजीन और एक बुलेटप्रूफ जैकेट बरामद की गई थी।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन गतिविधियों और तस्करी के प्रयासों को रोकने के लिए लगातार तलाशी और निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशा और हथियार तस्करी से मुक्त बनाने के लिए ऐसी कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी।
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पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई, विदेशी हैंडलरों से जुड़े गैंगस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़
पंजाब पुलिस को संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता मिली है। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) अमृतसर और काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर ने एक केंद्रीय एजेंसी के साथ संयुक्त अभियान चलाकर विदेशों में बैठे हैंडलरों से जुड़े एक गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गैंग के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन विदेशी अत्याधुनिक पिस्तौल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार इन हथियारों का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में किया जाना था।
इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब के पुलिस महानिदेशक Gaurav Yadav ने बताया कि मामले में एसएसओसी अमृतसर थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी विदेशों में बैठे गैंगस्टरों के निर्देश पर काम कर रहे थे। ये गैंगस्टर पंजाब में गैंगवार, फिरौती, हत्या और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अपने नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका हथियारों की सप्लाई करना, उन्हें विभिन्न स्थानों तक पहुंचाना और आपराधिक वारदातों में सहयोग करना थी।
जांच के दौरान यह भी पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी अमृतसर में हुए एक हत्या मामले और बटाला में हत्या के प्रयास के एक मामले में भी वांछित थे। पुलिस इन मामलों में भी आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
पंजाब पुलिस का कहना है कि मॉड्यूल से जुड़े अन्य सदस्यों, सहयोगियों और विदेशों में बैठे हैंडलरों की पहचान के लिए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। साथ ही इस संगठित अपराध सिंडिकेट की पूरी कार्यप्रणाली और इसके आपराधिक नेटवर्क को उजागर करने के प्रयास जारी हैं।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करने वाले गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
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महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर 290 सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान के लिए रवाना
Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee की ओर से आज सुबह अमृतसर स्थित एसजीपीसी मुख्यालय से सिख श्रद्धालुओं का एक जत्था शेर-ए-पंजाब Maharaja Ranjit Singh की बरसी के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए रवाना किया गया। श्रद्धालुओं को धार्मिक अरदास के बाद खालसाई जयकारों और शुभकामनाओं के साथ विदाई दी गई।
एसजीपीसी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस वर्ष कुल 302 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा के लिए भेजे गए थे, जिनमें से 290 श्रद्धालुओं को पाकिस्तान का वीजा जारी किया गया। वीजा प्राप्त सभी श्रद्धालु आज जत्थे के साथ पाकिस्तान के लिए रवाना हुए।
एसजीपीसी अधिकारियों के मुताबिक यह धार्मिक यात्रा 9 दिनों की होगी। इस दौरान श्रद्धालु पाकिस्तान में स्थित विभिन्न ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले गुरुद्वारों के दर्शन करेंगे। जत्था अपनी यात्रा पूरी करने के बाद 30 जून को भारत लौटेगा।
श्रद्धालुओं में इस यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई श्रद्धालु पहली बार पाकिस्तान में स्थित पवित्र गुरुधामों के दर्शन करने जा रहे हैं। उन्होंने इसे अपने जीवन का एक विशेष और भावुक अवसर बताया।
रवाना होने से पहले बड़ी संख्या में संगत ने जत्थे को शुभकामनाएं दीं और उनकी सुरक्षित, सफल एवं सुखद यात्रा के लिए अरदास की। श्रद्धालुओं ने भी गुरु घर के दर्शनों का अवसर मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए यात्रा को यादगार बताया।
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